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इजरायल की ख्याति अपने दुश्मनों से चुनकर बदला लेने वाले मुल्क के तौर पर रही है। बीते साल 7 अक्टूबर को हमास ने उस पर ऐसा हमला बोला था कि 1200 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 250 लोग अगवा कर लिए गए थे। बीते कई दशकों के इतिहास में इजरायल पर यह सबसे भीषण हमला था। इसके बाद से माना जा रहा था कि हमास से जंग में इजरायल पहले जैसा ताकतवर नहीं रहा। लेकिन मंगलवार को इजरायल ने जो किया, उससे फिलिस्तीन समेत उसके समर्थक देशों में हड़कंप मच गया है। उसने एक तरफ हमास के सुप्रीम नेता इस्माइल हानियेह को ईरान के अंदर घुसकर मार डाला तो वहीं हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर फवाद शुक्र को लेबनान के बेरूत में मार गिराया।
इजरायल ने दावा किया है कि फवाद शुक्र ही गोलान हाइट्स में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें फुटबॉल ग्राउंड में खेल रहे 12 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। इजरायल का कहना है कि बेरूत में एयरस्ट्राइक के दौरान उसे मार गिराया गया। वहीं हिजबुल्लाह का कहना है कि अभी पता नहीं है कि फवाद शुक्र कहां है और उसकी क्या स्थिति है। लेकिन उसने यह जरूर मान लिया है कि इजरायल ने जिस इमारत पर हमला बोला, उसमें ही फवाद शुक्र मौजूद था। वहीं ईरान की राजधानी तेहरान में हमास नेता इस्माइल को मार डाला गया। उसके साथ ही एक सुरक्षाकर्मी भी मारा गया है।
हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा कि महान जिहादी कमांडर फवाद शुक्र उसी इमारत में मौजूद थे, जिसमें यहूदी दुश्मन ने अटैक किया। बता दें कि हमास के मुखिया के मारे जाने के बाद तुर्की, ईरान जैसे इस्लामिक देशों ने इजरायल पर भड़ास निकाली है। ईरान ने कहा कि हम इस्माइल के खून को बेकार नहीं जाने देंगे। वहीं तुर्की ने कहा कि हम इस शर्मनाक हत्या की निंदा करते हैं। इस तरह बीते 9 महीनों से जारी जंग में यह पहला मौका माना जा रहा है, जब इजरायल ने एक साथ अपने दो दुश्मनों का खात्मा किया है।
दरअसल इजरायल गाजा पट्टी के अलावा लेबनान से हिजबुल्लाह के हमलों का भी सामना कर रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहे थे कि कैसे वह दो मोर्चे पर लड़ सकेगा। अब इजरायल ने ईरान से लेकर लेबनान तक अपने दुश्मनों का जिस तरह से खात्मा किया है, उससे जंग में उसका हौसला बढ़ेगा। इजरायल का कहना है कि फवाद शुक्र हिजबुल्लाह के टॉप कमांडरों में से एक था और वह ग्रुप के चीफ हसन नसरुल्लाह का राइट हैंड था। वहीं हमास का इस्माइल तो करीब एक दशक तक गाजा की सरकार का मुखिया भी था।
फुआद की मौत पर इजराइल ने खुशी जताई
इजराइली सेना के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा कि फुआद फुटबॉल ग्राउंड पर किए गए हमले और कई अन्य इजराइली नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार था। उन्होंने फुआद को हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह का राइट हैंड बताया।
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक नब्बे के दशक में हिजबुल्लाह ने इजराइल के 3 सैनिकों को मार दिया था और उसके शव को साथ लेकर चले गए थे। फुआद इस घटना में शामिल था।
रिपोर्ट के मुताबिक फुआद हिजबुल्लाह के शीर्ष कमांडर इमाद मुगनीह का वारिस था। मुगनीह को 2008 में सीरिया में कार बम विस्फोट में मार दिया था। हिजबुल्लाह ने इसका इल्जाम इजराइल पर लगाया था।
इजराइली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि फुआद ने कई इजराइलियों का खून किया था। हमने इसका बदला ले लिया। हमारे सैनिक इजराइलियों के हत्यारों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ़कर मार देंगे।
अमेरिका ने फुआद पर रखा था बड़ा इनाम
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक फुआद को अल-हज्ज मोहसिन के नाम से भी जाना जाता है। 1983 में बेरूत में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बैरकों पर हुई बमबारी में उसका बड़ा रोल था। इसमें 241 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और 128 घायल हुए थे।
फुआद को 2019 में अमेरिका ने इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित किया था। उसके बारे में जानकारी देने पर अमेरिका ने 5 मिलियन डॉलर (करीब 42 करोड़) का इनाम रखा था।
लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकाने पर इजराइली हमले के बाद अमेरिका ने कहा कि इजराइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है।
24 दिन पहले हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 200 रॉकेट दागे थे
7 जुलाई को हिजबुल्लाह ने इजराइल पर बड़ा हमला किया था। AP की रिपोर्ट के मुताबिक हिजबुल्लाह ने 200 से ज्यादा रॉकेट दागे थे। इसके अलावा करीब 20 ड्रोन्स से भी हमला किया गया। हमले में इजराइल के कई मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया था। इजराइली सेना ने कहा कि कुछ मिसाइलें लेबनान से उनके इलाके में गिरीं। इनमें से कई को रोक दिया गया।
हिजबुल्लाह ने यह हमला अपने एक टॉप कमांडर की मौत का बदला लेने के लिए किया था। दरअसल, इजराइल ने दक्षिण लेबनान के टायरे शहर पर हमला किया था। इसमें हिजबुल्लाह का टॉप कमांडर मुहम्मद निमाह नासिर (हज्ज अबू निमाह) मारा गया था। हिजबुल्लाह ने भी कमांडर की मौत की पुष्टि की थी।
कौन है हिजबुल्लाह संगठन?
हिजबुल्लाह शब्द का अर्थ पार्टी ऑफ गॉड है। यह संगठन खुद को शिया इस्लामिक पॉलिटिकिल, मिलिट्री और सोशल आर्गनाइजेशन बताता है। हिजबुल्लाह लेबनान का ताकतवर ग्रुप है। अमेरिका और कई देशों ने इसे आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है।
1980 की शुरुआत में लेबनान पर इजराइल के कब्जे के दौरान इसे ईरान की मदद से बनाया गया था। 1960-70 के दशक में लेबनान में इस्लाम की वापसी के दौरान इसने धीमे-धीमे जड़ें जमानी शुरू कर दी थीं।
ऐसे तो हमास सुन्नी फिलिस्तीनी संगठन है, जबकि ईरान के सपोर्ट वाला हिजबुल्लाह शिया लेबनानी पार्टी है। लेकिन इजराइल के मुद्दे पर दोनों संगठन एकजुट रहते हैं। 2020 और 2023 के बीच, दोनों गुटों ने इजराइल के साथ UAE और बहरीन के बीच समझौते का विरोध किया था।
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इजराइली सेना ने गाज़ा के एक स्कूल पर हवाई हमला किया। इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई और 75 से अधिक लोग घायल हो गए। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्कूल संयुक्त राष्ट्र (UN) का था, जिसमें शरणार्थियों को रखा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इज़राइली सेना ने पहले स्कूल को चारों ओर से घेर लिया और फिर हमला किया।
इमारत के मलबे में कई स्कूली बच्चे दबे
इस हमले से स्कूल की इमारत ढह गई, जिसमें वहां रह रहे बच्चे दब गए। स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे हुए हैं और अब तक दो बच्चों को बचाया जा चुका है। एक लड़की के हाथ में गंभीर चोट आई है, जबकि दूसरे बच्चे के चेहरे और सिर पर कई चोटें हैं। संयुक्त राष्ट्र की बचाव टीम के अनुसार, पिछले महीने भी इज़राइली सेना ने एक स्कूल को निशाना बनाया था। पहले इस स्कूल को एक सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था, लेकिन अब इसे आतंकवादियों का ठिकाना बताया गया है।
मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। 50 घायल लोगों का इलाज चल रहा है। हमले से बचने के लिए सैकड़ों शरणार्थी स्कूल के आसपास के क्षेत्र से पलायन कर चुके हैं। पिछले महीने के हमले में भी 40 से अधिक लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। इजराइल और हमास के बीच पिछले 9 महीनों से युद्ध जारी है, जिसमें अब तक 38 हजार फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14,500 बच्चे शामिल हैं।
नौ महीने से जारी युद्ध में 38 हजार फिलिस्तीनियों की मौत
इजराइल हमास जंग की वह से गाजा की लगभग 80% जनता बेघर हो चुकी है। यह युद्ध अब गाजा के राफा शहर तक पहुंच चुका है। इजराइल का कहना है कि उसने अब तक हमास की 24 बटालियनों को नष्ट कर दिया है, लेकिन अभी भी 4 बटालियन राफा में छिपी हुई हैं। इजराइली सेना ने मंगलवार को राफा इलाके में टैंकों के साथ प्रवेश किया और इजिप्ट के साथ लगी गाजा की सीमा पर कब्जा कर लिया है।