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शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जिंसी चौराहे के आसपास की सड़कों का नए मास्टर प्लान के मुताबिक चौड़ीकरण होना है। यहां की सड़कें 79 फीट चौड़ी की जाएंगी। जिंसी चौराहे से रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा और नेमीनाथ चौराहे से जिंसी चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। हाल ही में नगर निगम ने लोगों को मकान खुद हटाने के नोटिस दिए हैं और अब लगातार विरोध बढ़ रहा है। रहवासी दोनों ही सड़कों के चौड़ीकरण का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क की चौड़ाई में हमारे मकान और दुकानें लगभग समाप्त हो जाएंगे। नेताओं और अधिकारियों को इस पर विचार करना चाहिए। इससे हजारों लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा और पूरे क्षेत्र की संस्कृति का नुकसान होगा।
लंबे समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ला का घर भी इसी क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण व्यावहारिक होना चाहिए। लगभग 80 फीट सड़क चौड़ी की जा रही है। इसमें तो पूरा क्षेत्र ही बर्बाद हो जाएगा। यह कारोबार का मुख्य क्षेत्र है। पूरा बाजार ही समाप्त हो जाएगा। हमने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की है, हमें उम्मीद है कि इसे सोच समझकर ही अमल में लाया जाएगा। गौरतलब है कि यह क्षेत्र मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र में आता है।
200 साल पुराने मकान बाजार, नक्शे भी पास
इस क्षेत्र में अधिकतर मकान 100 से 200 साल पुराने हैं। सभी ने होलकरों के समय यहां की जमीनों के सौदे किए थे और बाद में नगर निगम के अस्तित्व में आने पर नक्शे पास करवाए। इसके बाद मास्टर प्लान आया और उसमें इस क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण की बात तय की गई। रहवासियों का कहना है कि हमारे घर और दुकान का एक इंच भी अवैध नहीं है। बिना मुआवजा दिए इस तरह से तोड़फोड़ करना और हमारे रोजगार खत्म करना बिल्कुल गलत है। हम इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन करते रहेंगे।
60 फीट के लिए रहवासी राजी
क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर रहवासी सड़कों को 60 फीट तक चौड़ी करने के लिए राजी हैं। दुकानदारों का भी कहना है कि इससे हमारी दुकानों का कुछ हिस्सा बच जाएगा और हमें व्यापार करने के लिए जगह मिल जाएगी। यदि पूरी दुकानें ही खत्म हो गई तो हम क्या करेंगे। हमारे पूरे परिवार इन दुकानों की आय पर ही जीवित हैं।
ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक
यह शहर के मध्य क्षेत्र में आता है इसलिए ट्रैफिक का दबाव यहां पर सबसे अधिक है। जाम की समस्या से निपटने के लिए यहां पर ट्रैफिक पुलिस के द्वारा कई बार विशेष टीमें भी लगाई जाती हैं। शाम को 6 बजे बाद बिना ट्रैफिक जाम में फंसे यहां से गाड़ी निकालना लगभग असंभव सा रहता है। नगर निगम और प्रशासन को उम्मीद है कि सड़कों के चौड़ीकरण के बाद में यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।
1835 में घर खरीदा था, आजादी के बाद निगम से नक्शा पास करवाया
रहवासी गोविंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1835 में होलकर शासन में यह घर खरीदा था। उस समय होलकरों के नियमों के मुताबिक रजिस्ट्री करवाई गई थी। बाद में देश आजाद हुआ और नगर निगम बना। हमने पूरे घर का नक्शा पास करवाया। अब सड़क चौड़ीकरण में हमारी पूरी दुकानें टूट रही हैं। पहले यह सड़क 40 फीट चौड़ी होना थी, बाद में इसे 60 फीट करने का कहा गया और अब 80 फीट चौड़ीकरण का प्रस्ताव आया है। इस तरह तो हमारे व्यापार पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
महापौर ने माइक्रो सर्वे करवाने का कहा
हमने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से अपनी बात रखी है। उन्होंने क्षेत्र में माइक्रो सर्वे करवाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि उसके बाद ही यहां पर काम शुरू होगा। रहवासियों की पूरी मदद की जाएगी।
– शंकर नागवानी, रहवासी
आंदोलन जारी रहेगा
क्षेत्र के लगभग सभी नेता हमारे साथ आंदोलन में खड़े हैं। हमें जब तक न्याय नहीं मिलेगा हम आंदोलन करते रहेंगे। यह सब हमारी पुश्तैनी संपत्तियां हैं। हम किसी कीमत पर इन्हें बर्बाद नहीं होने देंगे।
– संजय खानविलकर, रहवासी
रहवासियों से बातचीत जारी
हम रहवासियों की परेशानी में उनके साथ खड़े हैं। उनकी बात हमने महापौर और अधिकारियों तक पहुंचाई है। रहवासियों से लगातार संवाद हो रहा है। जल्द बीच का कोई रास्ता जरूर निकलेगा।
– भावना मिश्रा, पार्षद
भोपाल में शिक्षा विभाग में उप सचिव आईएएस मंजूषा राय के घर में शुक्रवार को कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंच गए। इस दौरान बाउंड्रीवॉल और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। महिला अफसर ने कहा कि 40 गुंडे बाहर खड़े कर दिए। प्रॉपर्टी का विवाद है तो सिविल कोर्ट में आओ।
मामला दानिशकुंज कॉलोनी में शुक्रवार का है। विवाद 1800 स्क्वायर फीट जमीन पर बने मकान के एग्रीमेंट, नामांतरण और रजिस्ट्री से जुड़ा है। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। लेकिन उनके हटने के बाद में उन्होंने जेसीबी लगाकर मकान को तोड़ना शुरू कर दिया।
पुलिस से नहीं मिल रहा सहयोग
41 लाख रुपए में किया था एग्रीमेंट महिला अफसर राय ने बताया कि 2010 में मकान का 41 लाख रुपए एग्रीमेंट किया था। पूरा पेमेंट बैंक अकाउंट से किया। इसके बाद भी जब-जब जरूरत पड़ी, लाखों रुपए लिए। संबंधित के नाम नामांतरण नहीं होने की वजह से रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। वहीं, साल 2011 से परिवार समेत मकान में रह रहे हैं। जरूरत पड़ने पर यहां दो कमरे भी बनवाए।
दूसरे के नाम पर करा दी रजिस्ट्री महिला ने बताया कि इसी बीच हितेश बटेजा नामक व्यक्ति के जरिए 17 मार्च-2025 में नामांतरण करा दिया। 10 जून में रजिस्ट्री करा दी। इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। शुक्रवार को 40 से ज्यादा गुंडे घर पहुंचे और घर में तोड़फोड़ की। गुंडे घर के बाहर ही बैठ गए।
पति के नाम से कराया था एग्रीमेंट आईएएस राय ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है। इसमें कहा है कि मकान नंबर-595 दानिश कुंज में रंजना अहमद से पति विक्रांत प्रवीण राय ने 16 दिसंबर-10 में 41 लाख रु में विक्रय अनुबंध कर क्रय किया था। यह डुप्लेक्स मकान है। रंजना अहमद की मृत्यु के बाद उसके पुत्र सईद फरीद अहमद परिवर्तित नाम रिदित अरोड़ा को शेष बची हुई राशि मकान के एवज में अपने स्वयं के खाते से एवं मेरे पति के बचत खाते से भुगतान की गई।
दो बार नामांतरण आवेदन खारिज 2021 में रिदित अरोड़ा द्वारा नायब तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण के लिए दो बार आवेदन लगाए गए थे। जिन्हें दस्तावेज के अभाव में खारिज कर दिया था। रिदित अरोड़ा की सहमति से पारिवारिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए हमारे द्वारा उक्त संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण कार्य भी कराया था। इसका भुगतान मैंने अपने स्वयं के खाते से किया था।
कोर्ट में विचाराधीन है प्रकरण बाद में 17 मार्च 2025 में उक्त संपत्ति पर रंजना अहमद के पुत्र रिदित अरोड़ा का नामांतरण अतिरिक्त तहसीलदार कोलार ने किया और 10 जून में उक्त संपत्ति का विक्रय अरोड़ा ने मोना बटेजा पति हितेश बटेजा को कर दिया। हमारे संज्ञान में उक्त रजिस्ट्री और नामांतरण के आने के पश्चात कोलार एसडीएम कोर्ट में नामांतरण के विरुद्ध अपील की गई। तहसीलदार कोर्ट में मोना बटेजा के पक्ष में नामांतरण न हो, इस संबंध में आपत्ति भी लगाई गई। प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है।
एसडीएम-तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई उन्होंने कहा कि हमारे सभी रिकॉर्ड में इसी मकान का नाम दर्ज है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई गई है। इस मामले में प्रशासनिक अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, बटेजा से चर्चा नहीं हो पाई।
]]>भोपाल के ड्रग्स तस्कर यासीन अहमद के अवैध वेयरहाउस पर मध्यप्रदेश सरकार का बुलडोजर चला। जिसके लिए एक दर्जन जेसीबी और 200 जवानों का पुलिस बल मौजूद हैं। यह पूरी कार्रवाई शहर के आनंद नगर कोकता में हो रही है। यह जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई है।
पुलिस और प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ आनंद नगर कोकता पहुंची। यहां ड्रग्स तस्कर यासीन का वेयरहाउस और गोट फार्म है। प्रशासन ने अवैध वेयरहाउस पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई देखने लोग पहुंचे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्रग्स तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन लिया गया है। यासीन और शाहवर मछली के अवैध ठिकानों पर बुलडोचर चलाया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 90 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा कर रखा था। प्रशासन की टीम ने छह अवैध संपत्ति को चिन्हित किया था, जिस पर बुधवार को कार्रवाई की गई है।
भोपाल में ड्रग्स तस्करी, अपहरण, मारपीट और महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों में फंसे यासीन मछली और शाहवर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। दोनों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया। बुधवार को 15 से 20 जेसीबी और 200 जवानों का पुलिस बल बिलखरिया थाना क्षेत्र के आनंद नगर कोकता पहुंचा। पुलिस ने जिला प्रशासन से यासीन और शाहवर के परिवार की संपत्ति की जानकारी मांगी थी। रिपोर्ट में कई अवैध कब्जे की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि करीब 10 दिन पहले क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि यासीन मछली के पास ड्रग्स है। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसका पीछाकर गिरफ्तार किया। इस दौरान यासीन के पास से एक ग्राम ड्रग्स और एक पिस्टल मिली। पूछताछ में उसने अपने चाचा शाहवर का नाम बताया, शाहवर के पास से भी दो ग्राम ड्रग्स बरामद हुई। वहीं जांच के दौरान यासीन के मोबाइल में कई आपत्तिजनक वीडियो, हथियारों की तस्वीरें और युवकों की पिटाई के क्लिप मिले थे। फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम यासीन मछली से पूछताछ में जुटी हुई है।
दरअसल, भोपाल क्राइम ब्रांच ने शहर के शाही दरबार के सामने से ड्रग्स तस्कर यासीन अहमद को गिरफ्तार किया था। यासीन अहमद को जिस स्कॉर्पियो के साथ गिरफ्तार किया था, उस वीआईपी स्कॉर्पियो पर विधानसभा का पास लगा था। यासीन के पासा से एक पिस्टल और 14 ग्राम एमडी ग्रग्स जब्त किया था। इस मामले में यासीन अहमद पर धोखाधड़ी का प्रकरण बनाया है।
शाहवर पर दुष्कर्म का मामला दर्ज
इधर, यासीन के चाचा शाहवर मछली पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि 2018 में शाहवर ने दुष्कर्म किया था और वीडियो भी बनाया था। वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए लगातार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देता था। जिस लड़की से साथ दरिंदगी करता था, वह 2018 में नाबालिग थी। यासीन पर पीड़िता को धमकाने का केस दर्ज है।
पहले से दर्ज है कई केस
यासीन मछली पहले से ही ड्रग्स तस्करी, अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, अड़ीबाजी, छेड़छाड़ और धमकी जैसे कई गंभीर मामलों में आरोपी है। 27 जुलाई को कोहेफिजा थाना में यासीन के खिलाफ अपहरण और लूट का केस दर्ज किया गया था। तलैया थाना में भी यासीन के खिलाफ मारपीट और धमकाने का प्रकरण है। निशातपुरा थाने में कुछ महीने पहले एक युवती ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी देने का मामला भी दर्ज कराया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच यासीन को हिरासत में लेकर ड्रग्स तस्करी के मामले में पूछताछ कर रही है।
क्राइम ब्रांच ने किया था गिरफ्तार
दरअसल, करीब 10 दिन पहले क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि यासीन मछली के पास ड्रग्स है। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसका पीछाकर गिरफ्तार किया। इस दौरान यासीन के पास से एक ग्राम ड्रग्स और एक पिस्टल मिली। पूछताछ में उसने अपने चाचा शाहवर का नाम बताया, शाहवर के पास से भी दो ग्राम ड्रग्स बरामद हुई। वहीं जांच के दौरान यासीन के मोबाइल में कई आपत्तिजनक वीडियो, हथियारों की तस्वीरें और युवकों की पिटाई के क्लिप मिले थे।
शाहवर पर दुष्कर्म का केस दर्ज
ड्रग्स तस्कर यासीन अहमद के चाचा व आरोपी शाहवर पर एक नाबालिग से दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया है। महिला थाने पहुंचकर एक 25 वर्षीय युवती ने शाहवर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। युवती ने बताया कि मामला साल 2018 का है, उस वक्त युवती की उम्र 17 साल थी। भोपाल के एक हुक्का लाउंज में उसके दोस्त की मदद से शाहवर से मुलाकात हुई थी। उसने पंजाबी बाग में एक रूम पर लेकर दुष्कर्म किया था।
]]>खरगौन शहर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में हुए अवैध निर्माण पर 85 मकान मालिकों को अतिक्रमण हटाने के लिये नोटिस जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि खरगौन में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की 132 के.व्ही. से लेकर 220 के.व्ही. तक की छह प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों के समीप मानव जीवन के लिये घातक और विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है।
ट्रांसमिशन लाइनो की प्रतिबंधित सीमा में हुये निर्माण
खरगौन के अनेक क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनो के प्रतिबंधित सीमा में अनाधिकृत निर्माण किये गये है, जिनमें विद्युत मानकों के अनुरूप न्यूनतम सुरक्षा दूरी का उल्लंघन किया गया है। यहां के ओंकार दत्त रेजिडेंसी, निमरानी, द्वारका धाम कॉलोनी, साकेत नगर, जेतपुरा, यमुना नगर कॉलोनी, खरगोन मोतीपुरा, हिंगलाज नगर, स्मार्ट पार्क टाउनशिप, माँ रेवा विन्यास कॉलोनी, पानवा एवं भीलगांव आदि क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन और निर्माण के बीच बेहद कम क्लियरेंस पाया गया है। यह अति उच्च वोल्टेज की बिजली से जुड़े संभावित करंट, स्पार्किंग, और अग्निकांड जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न कर सकता है।
इन ट्रांसमिशन लाइनों के समीप हुये निर्माण
खरगौन जिले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की छह ट्रांसमिशन लाइने हैं जिनके समीप विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध निर्माण कर लिये गये हैं। इन ट्रांसमिशन लाइनों में 132 के.व्ही. भीकनगांव-खरगोन डी.पी. लाइन, 132 के.व्ही. बिस्टन-लिलो लाइन, 132 के.व्ही. निमरानी-कसरावद लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-छैःगांव लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-ओंकारेश्वर लाइन एवं 220 के.व्ही. महेश्वर-पीथमपुर लाईन शामिल हैं।
जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, 132 के.व्ही. या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है, ताकि हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके।
600 से 950 गुना अधिक रहता है ट्रांसमिशन लाइनों से जान का खतरा
आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है लेकिन इससे भी कहीं अधिक खतरनाक होती हैं। शहर भर में क्रियाशील एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 के.व्ही. (यानी 132,000 वोल्ट) एवं 220 के.व्ही. (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है। यह घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 के.व्ही. की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है।
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]]>गुडी रेंज के नाहरमाल, हीरापुर गांव में वन विभाग ने कार्रवाई का प्लान बनाया है। यहां वन विभाग की 10 हजार एकड़ जमीन पर खेती हो रही है। यहां माफिया ने जंगल काटकर खेत तैयार कर लिए हैं। करीब 4 साल से फसलों की बोनी कर रहे हैं। पहले भी कार्रवाई के लिए दबिश दी गई थी। इस दौरान अतिक्रमणकारी हमलावर हो गए। इसी महीने कार्रवाई के दौरान दो वनकर्मी घायल हो गए थे।
ग्रामीण बोले-पुराने अतिक्रमण पर भी एक्शन हो मौके पर कलेक्टर अनूप सिंह, एसपी मनोज कुमार राय भी पहुंचे। उन्होंने जंगल में अतिक्रमण क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान नाहरमाल के ग्रामीणों ने बताया कि जहां कार्रवाई हो रही है, यह नया अतिक्रमण है। पुराने अतिक्रमण में कार्रवाई होनी चाहिए।
ये जानने के बाद कलेक्टर और एसपी पुराने क्षेत्र में पहुंचे। डीएफओ से कहा कि आधी मशीनरी पुराने क्षेत्र टाकलखेड़ा तरफ मूव करें। यहां फसलों को जेसीबी से नष्ट किया जा रहा है। अतिक्रमण प्रभावित जमीन पर मशीनों से खंती खोदकर गड्ढे किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि गड्ढे खोदने से जमीन टूट जाएगी। माफिया को अगली बार फसल बोवनी में दिक्कत होगी तो वे जंगल छोड़कर भाग जाएंगे।
खंडवा एसडीएम ने दिया ब्लास्टिंग का सुझाव कार्रवाई के दौरान खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों को सुझाव दिया कि खंती खोदने से ज्यादा कुछ नहीं होगा। बारिश के समय पानी के बहाव में जमीन फिर समतल हो जाएगी। बेहतर होगा कि 50-50 मीटर पर जिलेटिन लगाकर ब्लास्टिंग किया जाए।
ब्लास्टिंग से गड्ढा बड़ा होगा तो भू माफिया को ज्यादा नुकसान होगा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि ये सुझाव अच्छा है। इस पर विचार कर शासन स्तर पर मार्गदर्शन लेंगे।
]]>राजनीतिक जमीन तलाश में सरकारी जमीन पर कब्जा
दोनों नेता संजय यादव और त्रिलोक कुशवाह जौरा में अपने लिए राजनीतिक जमीन तलाश करने पहुंचे थे, जिसके लिए उन्होंने यहां अपने मकान भी बनवाए, लेकिन इस बीच सरकारी जमीन पर ही कब्जा कर लिया। इस जमीन की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये आंकी गई है, जमीन तीनों के घरों के सामने थी, जहां शौचालय, पार्क टिनशेड व पक्के फर्श कराकर खुद के उपयोग में लेना शुरू कर दिया गया था।
प्रदेश सरकार अतिक्रमण हटाओ अभियान
गौरतलब रहे कि शहरों की सुन्दरता बनाने और सुगम यातायात बनाने के लिए प्रदेश सरकार अतिक्रमण हटाओ अभियान को जोर दे रही है। फिर भी लोग मान नहीं रहे हैंं। प्रशासन के बार-बार नोटिस देने के बावजूद भी लोगों ने जब अतिक्रमण नहीं हटाया तो प्रशासन सख्त हुआ और अतिक्रमण हटाने की कारवाई की। उरई शहर में प्रांतीय खण्ड लोक निर्माण विभाग द्वारा पुराना एनएच-25 में सोनी मन्दिर इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास से शहीद भगत सिंह चौराहा तक अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। इस दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सहायक अभियंता नंद किशोर, अवर अभियंता इंदल सिंह, कर अधीक्षक गणेश प्रसाद और भारी पुलिस मौजूद रही।
कार्यवाही के दौरान व्यापारी नेता भी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई बड़ी सिफारिश भी आयीं, लेकिन प्रशासन ने किसी की एक न सुनी और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलता रहा। गौरतलब रहे कि शहरी भाग में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है, जहां पर जगह जगह अस्थाई अतिक्रमण भी है। जिसको लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटि मजिस्ट्रेट अजीत कुमार जायसवाल की अगुवाई में पालिका की टीम व कोतवाली फोर्स द्वारा कड़ी कार्यवाही की गई।
इस दौरान कई बार मौके पर भवन स्वामियों ने पीडब्ल्यूडी द्वारा अतिक्रमण हटाने का विरोध भी किया, लेकिन कार्यवाही नहीं रुकी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़े वाहनों एवं जेसीबी का इंतजाम किया गया था। प्रशासन ने इलाहाबाद बैंक तिराहे से लेकर घण्टाघर तक यातायात बन्द करके फिर अतिक्रमण की कार्यवाही अमल में लायी। इस दौरान वाहनों का आवागमन डायवर्जन किया गया। छोटे-बड़े वाहन सारे मौनी मंदिर होते हुए स्टेशन रोड के लिए रवाना किए गए और कोतवाली के पास से लेकर मौनी मंदिर होते हुए रामनगर झांसी बाईपास की ओर डायवर्ट किए गए। अतिक्रमण की कार्यवाही की लोगों को भनक तक नहीं लगी, इस कार्यवाही के दौरान लोगों की भारी भीड़ खड़ी रही खड़े। खड़े लोग अपने अतिक्रमण हटाने कार्रवाई मोबाइल में कैद करते नजर आए।
भारी फोर्स रहा मौजूद
सीओ सिटी उमेश कुमार पाण्डे की मौजूदगी में भारी पुलिस फोर्स इस दौरान मौजूद रहा। महिला पुलिस एवं कोतवाली पुलिस में फोर्स यातायात पुलिस अपनी अपनी व्यवस्थाएं संभलते नजर आए।
थाना निशातपुरा पुलिस ने 35 लाख रुपये की JCB मशीन चोर को गिरफ्तार कर JCB की बरामद। आरोपी मांगीलाल तंवर स्वयं JCB आपरेटर है जो 3 महीने पहले उसी मशीन को करता था ऑपरेट।आरोपी मांगीलाल तंवर मशीन चुराकर राजस्थान राज्य मे बैचने की फिराक मे था पर पुलिस ने बार्डर पार करने से पहले ही उसे पकड़ लिया। अशोक विहार बैंक कॉलोनी में रहने वाले रईस खान ने 2 सितंबर को थाना निशातपुरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जेसीबी एमपी 04 डीबी 2552 जो कल रात वंदना डायगोनीस्ट एलेक्जर ग्रीन के पास न्यू जेल रोड के पीछे से कोई चुरा ले गया है जिसकी जानकारी उन्हें उनके ड्राइवर ने दी है।
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल मार्ग के सड़कों एवं दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल गए जिसके आधार पर पुलिस राजगढ़ हाईवे रोड पर आम लोगों से सूचना एकत्रित करते हुए सोनकच्छ टोल नाके के पास पहुंची जहां पुलिस को पता चला की जेसीबी मशीन पहाड़ी के पीछे खड़ी है। पुलिस सोनकच्छ टोल प्लाजा के थोड़ी आगे पहाड़ी के पीछे पहुंची जहां एक लड़का जेसीबी मशीन के अंदर बैठा दिखा जो पुलिस को देख भागने लगा जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा।
सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस सोनकच्छ टोल नाका तक जा पहुंची। वहां पूछताछ में पता चला कि एक युवक ने जेसीबी मशीन सोनकच्छ में पहाड़ी के पास खड़ी की है। मौके पर पुलिस के पहुंचने पर एक युवक जेसीबी मशीन से उतरकर भागने लगा। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसकी पहचान ग्राम कायरी थाना छापीहेड़ा जिला राजगढ़ निवासी 20 वर्षीय मांगीलाल तंवर के रूप में हुई।
उसने पुलिस को बताया कि तीन माह पहले तक वह इसी मशीन को चलाता था। उसका इरादा चोरी की जेसीबी को राजस्थान ले जाकर बेचने का था। वारदात के बाद पुलिस और टोल प्लाजा की निगाह से बचने के लिए वह सोनकच्छ की पहाड़ी के पीछे मशीन लेकर खड़ा था, ताकि रात के अंधेरे में गांव के कच्चे रास्तों से होकर राजस्थान की सीमा में दाखिल हो सके। लेकिन उसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
आरोपी ने अपना नाम मांगीलाल तंवर (20) निवासी ग्राम कायरी जिला राजगढ़ बताया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो जेसीबी मशीन का ऑपरेटर है जो 2 दिन पहले जेल रोड करोंद से रात करीब 12:30 बजे जेसीबी मशीन चोरी कर ले गया था और राजस्थान बेचने ले जा रहा था पुलिस से बचने के लिए सोनकच्छ की पहाड़ी के पीछे गाड़ी लेकर छुप गया था और अंधेरा होने पर गांव के कच्चे रास्ते से आगे जाने वाला था। चुराई हुई जेसीबी मशीन आरोपी तीन महीने पहले ऑपरेट करता था। पुलिस आरोपी से अन्य चोरी के प्रकरण के संबंध में पूछताछ कर रही है।
]]>दरअसल, भिंड जिले के फूप कस्बे में फोकटी माता का मंदिर है। यह मनोकामना पूर्ती मंदिर पूरे नगर में काफी प्रसिद्ध है। यहां लोग अपनी मनोकामना मांगते हैं और पूरी होने पर मन्नत स्वरूप दान भी देते हैं। ऐसी ही एक मनोकामना पूरी होने पर भक्तों द्वारा माता के मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा और शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया था। जिसके पूर्ण होने पर मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
जेसीबी से तैयार की गई खीर व सब्जी
मंदिर में बड़ी संख्या में भोजन प्रसादी ग्रहण करने के लिए लोग पहुंचने लगे। इनकी आपूर्ती के लिए भारी मात्रा में भोजन भी बनाया जाना था। इसके लिए आयोजकों ने लोगों को हटाकर जेसीबी का इस्तेमाल किया। भोजन भी भारी मात्रा को देखते हुए इस ट्रिक को अपनाया गया। यहां जेसीबी को कढ़ाई में चलाया गया, ताकि सब्जी और खीर अच्छी तरह से पक जाए। यही नहीं इसे वहां मौजूद लोगों को परोसा भी गया। कथावाचक पंडित प्रशांत महाराज ने पहले तो श्रद्धालुओं को भागवत के प्रसादी का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा का आयोजन किया जाता है, वहां नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त हो जाती है। आमजनों को आत्म बल की प्राप्ति होती है।
100 क्विंटल आटे से बने मालपुआ
भंडारे और प्रसादी के दिन बड़ी मात्रा में सब्जी व खीर तैयार की गई। इसके साथ ही मालपुए भी बनवाए गए। कार्यक्रम में 100 क्विंटल से भी अधिक आटे के मालपुए बनाए गए। प्रसादी को ग्रहण करने के लिए आसपास के सभी गांवों से लोग कथास्थल पर पहुंचे थे।
वीडियो हो रहा वायरल
जेसीबी से खाना तैयार होने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जेसीबी से तैयार होते हुए खाने के लिए लोगों में अचरज भी देखा जा रहा है। वहीं कुछ लोग लोग इस भंडारे की प्रशंसा करते हुए नजर तो कुछ साफ सफाई पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं।
]]>वापस लौटी टीम
बता दें कि हरियाणा के टॉप गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर अक्षय पलड़ा का मकान गांव की पंचायती जमीन पर बना हुआ है। इसको अवैध करार देते हुए आज पंचायती विभाग के आदेशों के अनुसार जिला प्रशासन पुलिस के दलबल के साथ गांव पलड़ा में बने मकान को जमींदोज करने पहुंची। लेकिन जिला प्रशासन की टीम के पास मकान को गिराने के लिए कोई भी बंदोबस्त नहीं था। काफी घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी जिला प्रशासन सड़कों पर घूमकर जेसीबी मशीन का बंदोबस्त नहीं कर पाई और वापिस लौट आई।
गैंगस्टर के खौफ से नहीं दी JCB
इस घटना को देखकर ऐसा लग रहा है कि गैंगस्टर अक्षय पलड़ा का मकान गिराने का नाम सुनते ही किसी भी जेसीबी मालिक और चालक ने ये जहमत नहीं उठाई कि वो उसका मकान तोड़ सके। अक्षय पलड़ा का मकान को तोड़ने गए ग्राम सचिव विकास ने बताया कि आज हम यहां पर कब्जा कार्रवाई करने आए थे। लेकिन जेसीबी नहीं मिली तो वापिस जा रहे है।