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मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को दो मामले में आंशिक राहत दी है. हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए पासपोर्ट रिन्यू कराने और विदेश जाने की अनुमति प्रदान की है. जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कहा कि विशेष परिस्थिति में उन्हें यह राहत दी जा रही है.
इस शर्त पर जीतू पटवारी को मिली आंशिक राहत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जीतू पटवारी के मामले में कहा है कि पासपोर्ट और वीजा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जीतू पटवारी यह अंडरटेकिंग देंगे कि अदालत द्वारा दी गई अनुमति व स्वतंत्रता का वे दुरुपयोग नहीं करेंगे. एकलपीठ ने यह अनुमति दो महीने यानी 30 अगस्त तक के लिए दी है. पटवारी ने उनके खिलाफ दर्ज दो एफआईआर निरस्त करने के लिए आवेदन पेश किया था.
दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर होने का मामला
दरअसल, जीतू पटवारी झाबुआ में पूर्व विधायक विक्रांत भूरिया के साथ दुष्कर्म पीड़िता एक आदिवासी युवती के घर पहुंच थे. इस दौरान दुष्कर्म पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर हो गई थी. इसकी के चलने जीतू पटवारी पर एफआईआर दर्ज की गई थी. इसी तरह एक अन्य एफआईआर पूर्व मंत्री इमरती देवी पर अशोभनीय टिप्पणी के कारण दर्ज हुई थी.
दरअसल, मई 2024 में जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए इमरती देवी के नाम के साथ उनपर विवादित टिप्पणी की थी. उनके इस बयान पर इमरती देवी की शिकायत पर 3 मई 2024 को ग्वालियर के डबरा थाने में आईपीसी और एसटीएससी एक्ट के प्रविधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज हुई थी.
जीतू पटवारी ने बेटी के कॉन्वोकेशन का दिया हवाला
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर से इन मामलों में अंतरिम आवेदन पेश कर कहा गया कि उनकी बेटी यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) में पढ़ती है. उनकी बेटी के कॉलेज में कॉन्वोकेशन होना है, जिसमें पिता का भी रहना अनिवार्य है. इसलिए उन्हें पासपोर्ट रिन्यू कराने और विदेश जाने की अनुमति प्रदान की जाए. न्यायालय ने इस विशेष परिस्थिति के मद्देनजर उन्हें आशिंक राहत प्रदान करते हुए आदेश जारी कर दिया है.
हालांकि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने साफ कहा है कि जीतू पटवारी यह अंडरटेकिंग देंगे कि अदालत द्वारा दी गई अनुमति व स्वतंत्रता का वे दुरुपयोग नहीं करेंगे.
]]>सीहोर जिले के आष्टा में मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा के शव घर पर फंदे से लटके मिले हैं. पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. बीते 5 दिसंबर को ही मनोज परमार के आष्टा और इंदौर के मकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे थे. कई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए थे. मनोज परमार उस समय सुर्ख़ियों में आये थे जब कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' में उनके बच्चों की टीम ने राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी.
मनोज और उनकी पत्नी की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 'X' पर लिखा, ''मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी. लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने व उसकी पत्नी ने आज सुबह आत्म हत्या कर ली. मैं इस प्रकरण में ED डायरेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं.''
आष्टा पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. फिलहाल मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिए गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
जीतू पटवारी पहुंचे आष्टा, परिजनों से की चर्चा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे आष्टा मृतक पति पत्नी के पुत्र जतिन परमार और भाई राजेश परमार से की चर्चा। कारोबारी के बेटे जतिन परमार ने ईडी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और भाजपा ज्वाइन करने के आरोप लगाए है।
सामने आया 6 पन्नों का सुसाइड नोट, प्रधानमंत्री सहित 17 लोगों को भेजा
खुदकुशी करने से पहले व्यापारी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, संसद में नेता प्रतिपक्ष सहित 17 लोगों के नाम 6 पेज का सुसाइड नोट छोड़ गया है। इसमें 6 बिंदुओं में उसने पूरा घनाक्रम लिखा है, जिसकी वजह से उसे खुदकुशी करने पर मजबूर होना पड़ा। सुसाइड नोट में जांच एजेंसी के अधिकारी द्वारा दबाव बनाकर भाजपा में शामिल होने की बात लिखी गई है।
पोस्टमार्टम करने सीहोर से पहुंचे डॉक्टर
इधर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीहोर से चिकित्सकों की टीम पोस्टमार्टम के लिए आष्टा पहुंची। आष्टा के डॉक्टर की टीम भी पोस्टमार्टम किया।
दिग्विजय सिंह ने किया पोस्ट
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि आष्टा सिहोर के मनोज परमार को बिना कारण ED ने परेशान किया जा रहा था. मनोज परमार के बच्चों ने राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा के समय गुल्लक भेंट की थी. मनोज के घर पर ED के Astt Director भोपाल संजीत कुमार साहू ने रेड की थी. मनोज अनुसार उस पर रेड इसलिए डाली गई क्योंकि वह कांग्रेस का समर्थक है. मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी, लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने और उसकी पत्नी ने सुबह आत्म हत्या कर ली. मैं इस प्रकरण में Director ED से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं.
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