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सारिका ने बताया कि आज (बुधवार) मध्यरात्रि के बाद लगभग 1 बजे ये दोनो ग्रह पूर्वी आकाश में जोड़ी बनाते ही उदित होंगे , इसके बाद इस जोड़ी को खाली आंखों से अथवा टेलिस्काप से देखा जा सकता है । धीरे-धीरे ये आगे बढ़ते हुये स्वतंत्रता दिवस की सुबह सबेरे सूर्यादय की लालिमा आने तक दिखाई देंगे । इसमे बृहस्पति की चमक माईनस 2.2 और मंगल की चमक 0.8 मैग्नीटयूड होगी । इस जोड़ी के पीछे वृषभ तारामंडल होगा ।
सारिका ने बताया कि जोड़ी बनाते इन ग्रहों में मंगल पृथ्वी से लगभग 22 करोड़ किमी से अधिक दूर होगा तो बृहस्पति 80 करोड़ किमी से अधिक दूर होगा । दूरी में इतना अंतर होते हुये भी पृथ्वी से देखने पर इनका कोण इस प्रकार होगा कि वे जोड़ी के रूप मे एक दूसरे मे समाते दिखेंगे ।
सारिका ने बताया कि पूर्णिमा के चंद्रमा की आकाश में चौड़ाई लगभग 0.5 डिग्री दिखती है, आज जोड़ी बनाते इन ग्रहों के बीच की दूरी सिर्फ 0.3 डिग्री रह जायेगी जो कि चंद्रमा की चौड़ाई से भी कम होगी ।
चूकिये मत इस घटना को देखने से क्योंकि अगली बार बृहस्पति और मंगल के इतने करीब होने की घटना 1 दिसम्बर 2033 को होगी ।
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