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राज्यसभा चुनावों के कारण राजधानी भोपाल में नेताओं की चहलपहल बढ़ गई है। भाजपा के राज्यसभा चुनाव के दोनों प्रत्याशी आज शनिवार को विधिवत नामांकन दाखिल कर रहे हैं। इसको लेकर शुक्रवार शाम ही पार्टी ने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा द्वारा दोनों प्रत्याशियों के लिए नामांकन फॉर्म के 4-4 सेट तैयार करवाए गए हैं। एक सेट में 10 विधायकों को प्रस्तावक बनाया गया है। इस प्रकार कुल आठ सेट में 80 विधायकों को प्रस्तावक बनाया गया है। इधर कांग्रेस में राज्यसभा उम्मीदवार बनाई गईं मीनाक्षी नटराजन का कई नेता विरोध कर रहे हैं। इसे देखते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने तो अपनी मंशा भी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि पार्टी हमें उम्मीदवार दे तो तीसरी सीट भी जीतेंगे।
बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में नामांकन की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली है। दोनों प्रत्याशी तरुण चुघ व रजनीश अग्रवाल शनिवार सुबह पार्टी मुख्यालय से नामांकन दाखिल करने जाएंगे। इसके लिए सभी विधायकों को प्रदेश कार्यालय में सुबह 8 बजे उपस्थित होने को कहा गया है।
कैलाश के बड़े बोले- कहा तीसरी सीट भी जिताएंगे
राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के बाद अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि पार्टी अगर तीसरा उम्मीदवार देगी तो उसे भी जिता लेंगे। इंदौर में भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन के दौरान ये बड़े बोले मंत्री कैलाश के थे।
उन्होंने पार्टी का आभार जताते हुए कहा, पार्टी ने बड़े नेताओं को टिकट दिया है। दोनों हमेशा पर्दे के पीछे रहते हुए काम करते रहे हैं। ये मप्र के लिए सौभाग्य है कि दिल्ली के बड़े नेता को यहां से टिकट मिला है। उन्होंने कहा, ये दोनों सीटें तो हम जीतेंगे ही।
कांग्रेस ने राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया
गौरतलब है कि कांग्रेस ने राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम पर एमपी कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता सहमत नहीं हैं। ऐसे में पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ गई है। कांग्रेस की इस भीतरघात का बीजेपी फायदा उठाने की जुगत में है। एमपी में पार्टी में मचे इस घमासान से विधायकों में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ते जा रहा है।
]]>नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 और 17 अप्रैल को आयोजित होने वाली कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए विषय विशेषज्ञ, अनुभवी अधिकारी और शहरी नियोजन के जानकार अपने नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे। यह आयोजन प्रदेश के नगरीय निकायों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा।
कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शहरी सुधार से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से निकायों की खाली भूमि के आर्थिक उपयोग (लैंड मोनेटाइजेशन), शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) के पुन: उपयोग की संभावनाओं, संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) संग्रहण में सुधार और लीज रेंट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही, कार्यप्रणाली में आधुनिकता और पारदर्शिता लाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित टूल्स, जैसे यूसीएफ, एईबीएएस और स्पैरो के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुगम और उत्तरदायी बनाया जा सके।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण विभिन्न नगर निकायों द्वारा सफलतापूर्वक अपनाई जा रही सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का आदान-प्रदान होगा। इसके माध्यम से अन्य निकायों को सफल आर्थिक और प्रशासनिक मॉडलों को समझने और उन्हें अपने स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि शहरी विकास की परियोजनाओं को भी नई ऊर्जा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से स्थानीय निकायों के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मध्यप्रदेश के उन सभी नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे जिनकी जनसंख्या एक लाख से अधिक है। इसके साथ ही, विभाग के नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs) को भी इस आयोजन का हिस्सा बनाया गया है, ताकि वे अपने सेवा काल के शुरुआती दौर में ही शहरी प्रबंधन की आधुनिक बारीकियों और वित्तीय अनुशासन से परिचित हो सकें। यह कार्यशाला प्रदेश के शहरी नियोजन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगी।
]]>गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान विवाद बढ़ गया। उद्योगपति अदाणी का नाम लिए जाने पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की।
इसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे प्रस्तुत करेंगे। बहस तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इसके बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया।
सात बार स्थगित हुई कार्रवाई
स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया।
मुख्यमंत्री ने मांगी माफी
हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही।
आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 19, 2026
भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग
इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों का कर्तव्य राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना। विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी।
जांच में मिले ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया
राजेंद्र शुक्ल ने सदन में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में मरीजों के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया पाए गए।
मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े केंद्रों में अवैध गतिविधियां सामने आ रही है। वे खंडवा जिले के मदरसे में 20 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए जाने के सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब बाहर के लोग आकर मदरसा में काम करने लगे है। उनकी गतिविधियां कई बार संदिग्ध रहती है। वे अवैध गतिविधियां भी कर रहे हैं। मदरसा में जो लोग पढ़ाते है। उन सब की जानकारी सरकार को हासिल करना चाहिए। सरकार को मदरसों की गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करुंगा, ताकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मदरसे चल रहे है। उसे लेकर एक नीति बनना चाहिए। विजयवर्गीय ने अन्य सवालों के जवाब भी दिए।
विजयवर्गीय सोमवार को सिटी बस कार्यालय में शहरी विकास से जुड़ी बैठक में शमिल होने गए थे। वहां पर उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की। आपको बता दें कि खंडवा के जुबेर उसके एक साथी को मालेगांव पुलिस ने नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के पास दस लाख रुपये के नकली नोट मिले। पुलिस को पता चला कि जुबेर खंडवा के पैठियां गांव के मदरसे में रहता है। बाद में खंडवा पुलिस ने मदरसे पर छापा मारा तो वहां पर भी एक बैग में नकली नोट बरामद हुए। बैग में पांच-पांच सौ के नकली नोट बरामद हुए थे। मदरसे से बीस लाख के नकली नोट मिले।
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व्यस्त दिनचर्या के चलते हुए थकान
बॉम्बे अस्पताल के उप निदेशक राहुल पाराशर ने बताया, ''मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पिछले चार-पांच दिनों से व्यस्त दिनचर्या के कारण अत्यधिक थकान महसूस कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया था. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्राथमिक जांच और परीक्षण किए गए हैं, अब उनकी हालत स्थिर है.''
उन्होंने कहा कि, ''विजयवर्गीय फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में एक वार्ड में आराम कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है. उन्हें जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है, हालांकि रात होते-होते विजयवर्गीय को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया थकान के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है वह घर पर आराम कर रहे हैं.'' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, मंत्री बिल्कुल ठीक हैं आप लोग निश्चिंत रहें और बॉम्बे हॉस्पिटल की तरफ ना जाएं.
डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह
कैलाश विजयवर्गीय के नजदीकी सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंत्री कई दिनों से लगातार दौरे कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें थकान हुई है. इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है, अब वह घर पर ही आराम कर रहे हैं.
कैलाश विजयवर्गीय का सियासी करियर
कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग है. उन्होंने इंदौर से अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने वर्ष 1975 में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र पॉलिटिक्स में प्रवेश किया. 1983 में वह पहली बार नगर पालिक निगम इंदौर के पार्षद बने. 2000 में उन्हें इंदौर पालिक नगर निगम का महापौर बनाया गया था. इसके बाद से उनका राजनीतिक करियर चमकता गया. 1990 में पहली बार विधायक बने. कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चाओं में रहते हैं.
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राहुल गांधी के जातिगत जनगणना के सवाल पर हमला बोलते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ''वह छोटी बुद्धि के हैं उन्हें समझ नहीं आएगा कि जातिगत जनगणना सबकी होगी. हिंदू की भी होगी मुस्लिम की भी होगी. मुस्लिम केवल मुस्लिम से नहीं जाना जाएगा. ये पठान कौन है, अंसारी कौन है, लोहार कौन है. चालीस जातियां है, मुस्लिम समाज में उनकी भी जाति गिनी जाएगी. ऐसा नहीं के सीधा के सीधा अल्पसंख्यक के नाम से आरक्षण ले ले. सबकी जाति गणना होगी. अभी उन्हें समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी ने जो निर्णय लिया तो उसके पीछे उन्होंने एक बहुत अच्छी रणनीति के लिए काम किया''.
वहीं पाकिस्तानी सांसद के भड़काऊ बयान के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ''सेना के चीफ युद्ध में यदि जिंदा रहे तो नमाज पढ़ेंगे. युद्ध होगा तो पाकिस्तान 24 घंटे में साफ हो सकता है. वह हमारी क्षमता है, हमारी क्षमता का आंकलन अभी पाकिस्तान को नहीं है, इसलिए वह बड़ी-बड़ी बाते करते हैं. जो दहाड़ते हैं बेकार में, वह कुछ नहीं कर पाते और जो चुप रहते हैं, वह काम करते हैं''.
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कहा, ''भारत ने कभी नहीं कहा कि हम लाहौर में जाकर झंडा गाड़ेंगे. युद्ध होगा जब बताएंगे उन्हें. भारत की क्षमता का पता नहीं उन्हें वह बस लंबी-लंबी बात कर रहे हैं. जब युद्ध हुआ तो 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान का नक्शा मिट जाएगा. बड़ी बड़ी बात करने वाले किस कब्र होंगे उन्हें ढूंढना पड़ेगा''.
कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अभी युद्ध की कोई जरूरत नहीं वाले बयान पर उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया तो मंच पर ही अधिकारी को थप्पड़ मार देते हैं. उनकी उम्र बहुत हो गई है और ऐसी उम्र के लोग ऐसी बहकी बहकी बातें कर सकते हैं.
भोपाल लव जिहाद मामले पर कहा, ''यह षडयंत्र काफी दिनों से भोपाल में हो रहा है. भोपाल में हर रोज एक हिन्दू लड़की मुस्लिम नवजवानों का शिकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है. भोपाल नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से कह रहा हूं कि वे नेतागीरी कर रहे हैं, साथ-साथ वह यह भी देखें लव जिहाद के माध्यम से समाज के अंदर विषमता का जहर कौन फैला रहा है, उसकी भी चिंता करें चाहे सांसद हो या विधायक''.
]]>यह गांधी देश के लिए नकारात्मक- विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, उन गांधी को तो हम भी मानते हैं, उनका पूरा सम्मान करते हैं। यह गांधी देश के लिए कहीं ना कहीं नकारात्मक है। जिस तरह से विदेशों में जाकर राहुल गांधी भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, यह दुर्भाग्यजनक है। आपातकाल में कांग्रेस ने क्या किया है। देश के लोगों के साथ यह हम सभी जानते हैं।
वक्फ बोर्ड की सच्चाई अब पूरा देश समझ चुका
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, वक्फ बोर्ड की सच्चाई अब पूरा देश समझ चुका है। वक्फ बोर्ड के नाम पर कुछ लोग जमीन की खरीद फरोख्त का काम किया करते थे। अब ये नहीं चलेगा। मुस्लिम लोग भी इस बात को समझ चुके हैं।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसक घटनाओं पर कैलाश विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। विजयवर्गीय ने कहा कि, ममता बनर्जी को हिंदुओं की तनिक भी चिंता नहीं है। ममता बनर्जी को बस चिंता है तो अपनी कुर्सी की।
अंबेडकर जयंती पर देशभर में 10 दिवसीय कार्यक्रम
बता दें कि बीजेपी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर देशभर में 10 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। राजनांदगांव में भी एक ऐसा ही कार्यक्रम है। राजनांदगांव के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैलाश विजयवर्गीय छत्तीसगढ़ पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पर उनका बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
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इंदौर में गुरुवार रात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि, योगी जी ने सही कहा है बंटोगे तो कटोगे। आने वाले 25 साल बाद हमारे बच्चों के लिए बहुत खतरा है। जिस प्रकार देश की डेमोग्राफी बदल रही है।
दरअसल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुरुवार रात बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती द्वारा आयोजित सादगी गरबा महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मैं फिर कह रहा हूं आने वाले 25 साल बाद हमारे बच्चो के लिए बहुत खतरा है। जिस प्रकार देश की डेमोग्राफी बदल रही है, और जिस प्रकार कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण की नीति के कारण देश में अशांति फैलाने वाले लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। इसलिए बहुत जरूरी है की हम सनातन धर्म के साथ चले।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि, योगी जी ने सही कहा है “बंटोगे तो कटोगे” और हरियाणा की जानता ने बता दिया नहीं बाटेंगे। इसलिए आप सब से भी निवेदन हैं, गंभीरता के साथ विचार करें, चिंतन करें हमारे धर्म, हमारी परंपरा, हमारी आध्यात्मिक शक्ति, हमारे धर्म गुरु और हमारे धर्म ग्रंथ विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्व को शांति का मार्ग कोई दिखा सकता है तो वह भारत हैं। ये कट्टरवाद ने सारे दुनियां में युद्ध के माध्यम से अशांति और अराजकता फैला दी हैं।
दो महीनें पहले कहा था- 30 साल बाद देश में गृहयुद्ध की स्थिति
मंत्री विजयवर्गीय ने लगभग 2 महीने पहले सामाजिक समरसता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था की मैं कुछ दिन पहले एक मिलिट्री के रिटायर ऑफिसर के साथ बैठा था, उन्होंने कहा की 30 साल बाद देश के अंदर गृह युद्ध प्रारंभ हो जाएगा। जिस प्रकार से हमारे देश की डेमोग्राफी बदल रही है उस पर हमें विचार करना चाहिए। हिंदू शब्द कैसे मजबूत हो इसके लिए हमें काम करना होगा। होली, दीपावली, राखी, भगवान परशुराम, महाराणा प्रताप हम सब के हैं। महाराणा प्रताप ने हिंदू समाज को बचाने के लिए मुगलों के सामने संघर्ष किया। देश के त्योहार सभी धर्म के त्योहार है, हमे हमारी सोच बदलना होगी।
विजयवर्गीय ने आगे कहा था कि अंग्रेजों ने एक ही काम किया है फूट डालो और राज करो। अंग्रेज चले गए लेकिन देश में कुछ लोग ऐसे है जो अंग्रेजों का प्रतिनिधित्व करते हैं और फूट डालो और राज करो की नीति पर काम करते हैं। वो भी सिर्फ कुर्सी के लिए। उनको कुर्सी चाहिए। आज के समय पर कुछ लोग समाज को जाति के आधार पर बांट रहे हैं। देश ताकतवर बने इसके लिए समाज को ताकतवर बनाना जरूरी है। समाज ताकतवर बने इसके लिए जातिवाद के बंधन से मुक्त होना पड़ेगा।
]]>इंदौर शहर में ब्रा पहनकर घूमने वाली सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस वीडियो पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि समाज को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर लड़की को भी अपनी गलती का अहसास हुआ है।
दरअसल, मिनी मुंबई के नाम से मशहूर इंदौर शहर का एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लड़की रील शूट करने के लिए शहर के पॉश इलाके में ब्रा पहनकर घूम रही थी। उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी है। लोग कई तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। कई लोग उसको संस्कार सीखा रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह मामला मेरे भी संज्ञान में आया है। जिसके खिलाफ कुछ महिला संगठन पुलिस कमिश्नर को इस संबंध में ज्ञापन देंगी। इंदौर सांस्कृतिक विरासत का शहर है, जिसमें इस तरह की अभद्रता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक स्वतंत्र देश है। जिसमें सभी को पहनने, खाने और पीने की छूट है, लेकिन यह फंडामेंटल राइट्स का दुरुपयोग है। इसलिए इसमें प्रशासन को कार्रवाई करना चाहिए और समाज को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं दूसरी ओर इंदौर पुलिस का कहना है कि कुछ हिंदू संगठनों ने एक लड़की का अश्लील वीडियो वायरल होने की शिकायत की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उस लड़की के घर का भी पता लगा रही है।
लड़की वीडियो बनाकर बताया पता
लोगों के कमेंट आने के बाद लड़की ने एक और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। जिसमें वह बोल रही है कि मानती हूं कि वो कपड़े नॉर्मल नहीं थे, पर ऐसे कपड़े तो बहुत सी लड़कियां पहनती हैं। मैंने कुछ एक्स्ट्रा नहीं किया है। मैं दिखने में ऐसी लगती हूं तो मैंने वो वीडियो अपलोड कर दिया। उसका कहना है कि मुझे लगता है कि सौ-दो सौ चैनलों पर और आऊंगी। मैं एक वीक तक आती रहूंगी। इस तरह मैं ट्रेंडिंग में बनी रहूंगी। मुझे उससे कोई दिक्कत नहीं है। आप में से जिसका भी कोई फैमिली मेंबर या कोई आपका रिश्तेदार जिसने पुलिस में शिकायत की है तो वह पुलिस को मेरा एड्रेस बता दे। वो मुझसे आकर मिल सकते हैं।
विवाद बढ़ने पर मांगी माफी
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद लड़की ने एक और वीडियो बनाकर माफी मांगी है। उसने वीडियो में कहा है कि वह अपनी गलती मानती है। भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं करेगी। युवती ने यह भी कहा कि उसका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था। उसने सुसाइड की भी बात कही है।
]]>मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) के एमजी रोड इलाके में आज बुधवार (25 सितंबर) की सुबह बीजेपी नेता रहे मोनू कल्याणे की पत्नी ने आत्महत्या कर ली. मोनू कल्याणे की तीन महीने पहले जून में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका की पहचान दीपिका कल्याणे(28) पति मोनू कल्याणे के रूप में हुई है.
पुलिस ने कहा, आज सुबह करीब 9 बजे दीपिका कल्याणे के परिजन उन्हें मृत अवस्था में एमवाय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे. वहीं परिजनों ने बताया कि दीपिका का शव कमरे में फंदे से लटका मिला. पुलिस का कहना है कि आज ही उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा.
कैलाश विजयवर्गीय के करीबी थे मोनू कल्याणे
फिलहाल पुलिस अभी घर में छानबीन कर रही है, लेकिन अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. बता दें मोनू कल्याणे को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) का बेहद करीबी माना जाता था. मोनू विधानसभा इंदौर-3 की राजनीति में अच्छी खासी दखल रखते थे.
जून में हुई थी मोनू की हत्या
23 जून की सुबह मोनू किसी रैली की तैयारी के बाद घर लौट रहे थे. इसी दौरान दो हमलावर बाइक से आए और मोनू से बात करने लगे. इसी बीच बाइक पर पीछे बैठे अर्जुन ने मोनू पर गोलियां चला दीं. ऐसी जानकारी भी सामने आई थी कि मोनू के अलावा उसके दोस्तों पर भी गोली चलाई गई थी, लेकिन वे बच निकले थे. इसके बाद घायल मोनू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
वहीं इंदौर पुलिस ने दोनों आरोपियों को 30 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया था. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगायी गयी थी. पुलिस की टीमों ने उज्जैन, मंदसौर, इंदौर, भोपाल, विदिशा सहित कई स्थानों पर छानबीन की, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई.
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