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राजधानी के कालीबाड़ी स्थित बंगाली मंदिर पूजा पंडाल में माता की भव्य आरती की गई. देवी मां के मुख खोलने के पश्चात बंगाली आरती से पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद लगभग 100 मातृ शक्तियों ने धूप दान लेकर ढ़ाकी के साथ मां दुर्गा की पूजा की, जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्त शामिल हुए.
महिलाओं ने पूजा एवं मां दुर्गा के आह्वान के दौरान उल्लू की ध्वनि निकालकर मां दुर्गा के जयकारे लगाए. मान्यता है कि जैसे शंख की ध्वनि को पवित्र माना जाता है, वैसे ही बंगाली समाज में जब भी कोई शुभ कार्य किया जाता है, तब समाज की महिलाएं उल्लू की ध्वनि निकालकर जयकारे लगाती हैं. मां दुर्गा के साथ-साथ भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी, स्वामी कार्तिकेय और देवी सरस्वती की भी विधिवत पूजा-अर्चना की गई. पंडाल को रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स से सजाया गया है. संध्या आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा. बता दें कि राजधानी रायपुर के काली बाड़ी स्थित बंगाली माता दुर्गा मंदिर में पिछले कई वर्षों से मां दुर्गा विराजती हैं. बंगाली वेशभूषा में महिलाएं यहां पूजा-अर्चना करती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त माता दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
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