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कृषि चौपाल के माध्यम से प्रदेशभर में किसान जागरूकता अभियान
भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश में नरवाई जलाने के नुकसान और नहीं जलाने के फायदों को लेकर कृषि विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप ‘कृषि चौपाल’ के माध्यम से हर विकासखंड के गांवों में किसानों को नरवाई प्रबंधन की वैज्ञानिक जानकारी दी जा रही है।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि रबी कटाई के बाद अप्रैल-मई में यह अभियान तेज कर दिया गया है। वर्तमान में मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल, चंबल और विंध्य क्षेत्र के सभी 313 विकासखंडों में ‘कृषि चौपाल’ आयोजित की जा रही हैं। बड़े स्तर पर नरवाई प्रबंधन पर चर्चा हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र, आत्मा परियोजना और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से लाइव प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।
मंत्री कंषाना ने कहा कि नरवाई जलाने के कई दुष्परिणाम हैं। इसे जलाने से मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है। लगभग 1 टन नरवाई जलाने से 5.5 किलो नाइट्रोजन, 2.3 किलो फॉस्फोरस, 25 किलो पोटाश व 400 किलो कार्बनिक पदार्थ जल जाते हैं, जिससे मित्र कीट मर जाते हैं। पर्यावरण व स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। धुएं से जहरीली गैसें बढ़ती हैं, जिससे सांस व आंखों के रोग होते हैं। दृश्यता घटने से सड़क हादसे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देश पर नरवाई जलाना दंडनीय अपराध है और जुर्माने का प्रावधान है।
मंत्री कंषाना ने कहा कि नरवाई नहीं जलाने के फायदे हैं। इसे खेतों में मिलाने से भूमि की सेहत सुधरती है। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर से नरवाई खेत में मिलाने पर जैविक कार्बन बढ़ता है, पानी रोकने की क्षमता 30 प्रतिशत बढ़ती है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होती है। स्ट्रॉ बेलर से गट्ठर बनाकर गोशाला, पेपर मिल, बायो-सीएनजी प्लांट को बेचा जा सकता है। पराली को खेत में मिलाने से अगली फसल में 20 प्रतिशत यूरिया कम लगती है। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री कंषाना ने अपील की है कि किसान ‘कृषि चौपाल’ में अवश्य भाग लें और ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ से मशीनों के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि “नरवाई खेत का सोना है, इसे जलाएं नहीं, अपनाएं।” अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर या ‘एमपी किसान ऐप’ पर संपर्क कर सकते हैं।
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पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती के लिए नरवाई प्रबंधन को किया जा रहा है मजबूत
भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कल्याण समृद्धि और खुशहाली के लिए अनेक प्रयास किया जा रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस सहित किसानों को 2625 रूपये प्रति किंवटल की राशि मिलेगी।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती के लिए नरवाई प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में धारा 163 के तहत नरवाई जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके तहत ढाई हजार रुपए से लेकर 15 हजार हजार रुपए तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। पराली प्रबंधन यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर और सुपर सीडर पर अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। किसानों को विभिन्न माध्यमों से पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026 में सरसों उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की है। इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बाजार मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे प्रदान की जायेगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 में किसानों के लिए उड़द की सरकारी खरीद पर 600 रुपके प्रति क्विंटल का बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्प 7800 रुपये प्रति किंवटल है जिसमें 600 रूपये अतिरिक्त बोनस सहित किसानों को 8400 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा।
मंत्री कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा लगभग 55 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाना है। प्रदेश में पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीज और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेटेलाइट और ड्रोन सर्वे द्वारा फसलों की निगरानी की जा रही है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट का विस्तार और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे है।
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पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती के लिए नरवाई प्रबंधन को किया जा रहा है मजबूत
भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कल्याण समृद्धि और खुशहाली के लिए अनेक प्रयास किया जा रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस सहित किसानों को 2625 रूपये प्रति किंवटल की राशि मिलेगी।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती के लिए नरवाई प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में धारा 163 के तहत नरवाई जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके तहत ढाई हजार रुपए से लेकर 15 हजार हजार रुपए तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। पराली प्रबंधन यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर और सुपर सीडर पर अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। किसानों को विभिन्न माध्यमों से पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026 में सरसों उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की है। इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बाजार मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे प्रदान की जायेगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 में किसानों के लिए उड़द की सरकारी खरीद पर 600 रुपके प्रति क्विंटल का बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्प 7800 रुपये प्रति किंवटल है जिसमें 600 रूपये अतिरिक्त बोनस सहित किसानों को 8400 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा।
मंत्री कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा लगभग 55 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाना है। प्रदेश में पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीज और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेटेलाइट और ड्रोन सर्वे द्वारा फसलों की निगरानी की जा रही है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट का विस्तार और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे है।
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भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान की राहत राशि देने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाएगा।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि जिन-जिन जिलों में वर्षा और ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सर्वे कार्य पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत राशि का भुगतान समय पर किया जा सके। मंत्री कंषाना ने आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें तथा स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करें। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को शीघ्र राहत प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी किसान कल्याण के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
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भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना का देवास जिले की तहसील कन्नौज के ग्राम ननासा में भावान्तर भुगतान योजना से लाभान्वित किसानों ने स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। भावान्तर योजना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका सीधा लाभ किसानों तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना का देवास जिले की तहसील कन्नौज के ग्राम ननासा में भावान्तर भुगतान योजना से लाभान्वित किसानों ने स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। भावान्तर योजना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका सीधा लाभ किसानों तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री कंषाना
किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें : कृषि मंत्री कंषाना
भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि आगामी 3 मई को मंदसौर में एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मालवांचल सहित प्रदेश में कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। सरकार द्वारा उन्नत फसलों और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप प्रदान कर बिजली के बिल के बोझ से मुक्त करने के लिए भी कार्य कर रही है। किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें। इस उद्देश्य से कृषि पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है।
मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी संभागों में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों का उद्देश्य किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित नवीनतम जानकारी और तकनीक से अवगत कराना है। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार ने अगले तीन साल में प्रत्येक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को ऊर्जादाता बनने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है और किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
मंत्री कंषाना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। 'मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन में अब कृषि से जुड़े विभागों की योजनाएं एक मंच पर समन्वित रूप से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हरसंभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौ-पालकों की आय बढ़ाने के साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है।
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किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री कंषाना
किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें : कृषि मंत्री कंषाना
भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि आगामी 3 मई को मंदसौर में एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मालवांचल सहित प्रदेश में कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। सरकार द्वारा उन्नत फसलों और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप प्रदान कर बिजली के बिल के बोझ से मुक्त करने के लिए भी कार्य कर रही है। किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें। इस उद्देश्य से कृषि पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है।
मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी संभागों में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों का उद्देश्य किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित नवीनतम जानकारी और तकनीक से अवगत कराना है। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार ने अगले तीन साल में प्रत्येक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को ऊर्जादाता बनने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है और किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
मंत्री कंषाना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। 'मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन में अब कृषि से जुड़े विभागों की योजनाएं एक मंच पर समन्वित रूप से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हरसंभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौ-पालकों की आय बढ़ाने के साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है।
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