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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ड्रीम प्रोजेक्ट केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ किया । यह परियोजना बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी। बांदा सहित यूपी के चार जिलों के लगभग 2.51 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता सिंचाई मंडल बांदा श्याम जी चौबे ने बताया कि बांदा और पैलानी में केन नदी पर दो नए बैराज बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में यहां केन नहर प्रणाली से 87 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। इस परियोजना के माध्यम से इसे बढ़ाकर लगभग दो लाख हेक्टेयर किया जाएगा। इससे बांदा के किसान खुशहाल होंगे।
अन्य जिलों को भी लाभ
परियोजना से महोबा, झांसी और ललितपुर के हजारों हेक्टेयर भूमि को भी सिंचित किया जाएगा। महोबा में 37 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। झांसी में 17 हजार हेक्टेयर भूमि संचित होगी। जबकि ललितपुर में 3 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा।
पुराने बांधों का होगा जीर्णोद्धार
बुंदेलखंड के ऐतिहासिक बांधों का पुनर्निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है। बरुआ सागर बांध जो 300 साल पहले 1700 में निर्मित हुआ था, अब जीर्णोद्धार होगा। बरियारपुर वियर 1906 में बना था, इसका भी पुनर्निर्माण कराई जाने की योजना है। पारीक्षा वियर 1910 में निर्मित हुआ था इसे नए रूप में संवारा जाएगा। इसी तरह परियोजना के तहत यूपी में 21 किमी लंबी लिंक चैनल बनाई जाएगी। इसके लिए 271 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
2030 तक पूरा होगा सपना
बांदा और पैलानी में दो बैराज बनाए जाएंगे। इनमें करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका निर्माण कार्य जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। योगी सरकार ने परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा महोबा में 510 करोड़ रुपये की लागत से 15 बांध और तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य भी मार्च 2028 तक पूरा किया जाएगा।
]]>प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बुधवार को खजुराहो में केन-बेतवा लिंक परियोजना के शिलान्यास के साथ विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसके पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया एवं उनके नाम से डाक टिकट तथा सिक्का जारी किया।
प्रधानमंत्री जी ने स्टेज पर जाते हुए उपस्थित जनसमूह का अभिवादन किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंन्द्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान, श्री सीआर पाटिल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, केन्द्रीय मंत्री श्री वीरेन्द्र खटीक, पूर्व केंन्द्रीय मंत्री व सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवडा, श्री राजेन्द्र शुक्ला, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, श्री राकेश सिंह, तुलसीराम सिलावाट, श्री ऐंदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला एवं दिलीप अहिरवार उपस्थित रहे।
]]>दौधन बांध एवं लिंक नहर के भू-अर्जन एवं पुनर्विस्थापन हेतु 1150 करोड़ रुपए शीघ्र होंगे जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल से भेंट, कान्ह और गंभीर नदियों को जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से उनके कार्यालय में सौजन्य भेंट कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में नदी जोड़ो परियोजनाओं, विशेषकर केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री पाटिल को बताया कि मध्यप्रदेश राज्य नदी-जोड़ो अभियान में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश संयुक्त रूप से महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम कर रहे हैं, जो विश्व में अपने प्रकार की अद्वितीय परियोजना है। मध्यप्रदेश में इस परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के 10 जिलों को सिंचाई और पेयजल आपूर्ति की सुविधा प्राप्त होगी। बुंदेलखंड एक ऐसा क्षेत्र है जिसने कभी भी अपनी संप्रभुता दिल्ली सल्तनत अथवा मुगल शासकों के अधीन नहीं की परंतु पानी के अभाव में दुर्भाग्यवश यह क्षेत्र संसाधनहीन हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा परियोजना के माध्यम से इस क्षेत्र का चहुमुखी विकास होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री ने राज्य को दौधन बांध एवं लिंक नहर के भू-अर्जन एवं पुनर्विस्थापन के लिये केन्द्र से प्राप्त होने वाली शेष 1150 करोड़ रूपए की राशि शीघ्र जारी करवाने को आश्वस्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुरोध किया कि स्वीकृत केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत वर्तमान में प्रावधानित दमोह- पन्ना उद्वहन सिंचाई योजना से 90,100 हैक्टेयर सिंचाई के स्थान पर लगभग 2,50,000 हैक्टेयर की मध्यप्रदेश की पत्ने एवं ब्यरमा सिंचाई परियोजना को शामिल किया जाना उचित होगा। इस संबंध में संशोधित डीपीआर राज्य शासन द्वारा भेजी जा रही है, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्थान के साथ भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 70,000 करोड़ रुपए की पार्वती-कालीसिंध चंबल परियोजना के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जो समीपवर्ती राज्यों के साथ नदियां जोड़ने के अलावा अन्तर्राज्यीय नदियों को जोड़ने पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि कान्ह और गंभीर नदियों को जोड़ने का प्रारंभिक तौर पर प्रस्ताव बनाया जा रहा है, जिसे केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 21 में से 17 योजनाएं सबसे पहले पूर्ण कर ली गई हैं। इसके लिए केंद्रीय मंत्री पाटिल ने प्रदेश सरकार की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ पर्व के संबंध में घाट निर्माण और नदी सफाई से संबंधित प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री पाटिल को दिए।
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