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नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने केपी शर्मा ओली को नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी। मोदी ने ट्वीट कर लिखा केपी शर्मा ओली को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में आपकी नियुक्ति पर बधाई। हम अपने दोनों देशों के बीच मैत्री के गहरे बंधन को और मजबूत करने तथा अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को और बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल शुक्रवार को निचले सदन में विश्वास मत हार गए थे। सीपीएन-यूएमएल ने तीन जुलाई को नेपाली कांग्रेस के साथ गठबंधन करके दहल की गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।
ओली के नेतृत्व में भारत-नेपाल संबंधों में रही है खटास
इससे पहले ओली 11 अक्टूबर, 2015 से 3 अगस्त, 2016 तक देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं.इस दौरान नई दिल्ली के साथ काठमांडू के संबंध तनावपूर्ण थे. इसके बाद उन्होंने 5 फरवरी 2018 से 13 मई, 2021 तक पीएम रहे थे. अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ओली ने नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए सार्वजनिक रूप से भारत की आलोचना की थी और भारत पर उनकी सरकार को गिराने का आरोप लगाया था.
नेपाल में जब संविधान लागू हुआ था तब वहां हिंसक प्रदर्शन हुआ था. ओली ने इस विरोध के पीछे भारत का हाथ बताया था. उनके समय में नेपाल के नक्शे में भारतीय क्षेत्रों को दिखाया गया था. जिसके बाद दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे.
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