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श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि चार नवीन श्रम संहिताओं में स्वास्थ्य, दुर्घटना बीमा और व्यावसायिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को जड़ से उन्मूलन के लिये ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस रोडमैप के पाँच प्रमुख स्तंभ होंगे कानूनी सहायता, पुनर्वास, कौशल विकास, जनजागरूकता और प्रशासनिक संवेदनशीलता। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को बंधुआ और बाल श्रम मुक्त बनाना है। यह बात श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में कही।
श्रम मंत्री पटेल ने कहा कि बंधुआ मजदूर की स्पष्ट परिभाषा तय करना आसान नहीं है, लेकिन यह अवश्य तय किया जा सकता है कि किन परिस्थितियों में कोई मजदूर बंधुआ बनता है। प्रवासी मजदूर होना, अशिक्षा, कानून की जानकारी का अभाव, नशे की लत, मानसिक रूप से कमजोर स्थिति, बाल श्रम और परंपरागत व्यवसायों से जुड़ी तात्कालिक आवश्यकताएं ये सभी बंधुआ श्रम के प्रमुख कारण हैं।
मंत्री पटेल ने बताया कि बारूद से जुड़े कारखानों को मध्यप्रदेश में अत्यंत खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। उद्योगों का वर्गीकरण खतरनाक और अति-खतरनाक श्रेणियों में किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। श्रम मंत्री श्रह पटेल ने स्पष्ट किया कि आज संकल्प करने का दिन है कि आने वाले समय में हम यह कह सकें कि मध्यप्रदेश में न कोई बाल मजदूर है और न कोई बंधुआ मजदूर। उन्होंने कहा कि हुनर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी को मजदूरी के कारण बंधुआ न बनाया जाए और न ही किसी बच्चे से उसका बचपन छीना जाए।
एआई युग में श्रम कानूनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में सचिव, श्रम विभाग रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में आज एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक बड़ा परिवर्तनकारी तत्व बनकर उभरा है। तकनीकी बदलाव हमेशा टूल के रूप में आए हैं, लेकिन एआई में सोचने की क्षमता होने के कारण यह कार्यबल और रोजगार के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि नियम निर्माण के दौरान जोखिमों को कैसे कम किया जाए, इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें चार नवीन श्रम संहिताओं पर चर्चा कर एक बेहतर और समावेशी समाज की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा तीन संस्थानों को श्रम स्टार रेटिंग में उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मान प्रदान किया गया। कार्यशाला में श्रमायुक्त मती तन्वी हुड्डा ने स्वागत भाषण देते हुए माननीय अतिथियों का अभिनंदन किया।
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा स्टेट एक्शन प्लान (SAP) पर आधारित प्रस्तुति लॉलीचैन पी. जोसेफ, बाल संरक्षण विशेषज्ञ, यूनिसेफ भोपाल द्वारा दी गई। कार्यशाला में यूनीसेफ एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन श्रम संहिताओं की जागरूकता करना एवं उनके प्रावधानों से अवगत कराना था। कार्यशाला में लगभग 200 प्रतिभागियों के रूप में विभिन्न जिलों से श्रम अधिकारी/ कर्मचारी श्रमिक संगठन/यूनियन नियोजन एवं NGOs से सहभागिता दी गई।
इसके साथ-साथ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत राज्य कार्य योजना का विमोचन श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया गया। श्रम अधिनियमों के मापदंडों के अनुपालन संबंधी नवीन अवधारणा श्रम स्टार रेटिंग के सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। कार्यशाला में वाचकों द्वारा चार नवीन श्रम संहिताओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रतिभागियों द्वारा समूह चर्चा एवं शंका समाधान सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए मांग सुझाव दिए गए।
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मंत्री श्री पटेल की इस विजिट में क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल, क्रिस्प के संचालक, श्री अमोल वैद्य, श्रमोदय आईटीआई के प्रिंसिपल श्री एस. एस. मिश्रा के साथ अन्य स्टॉफ भी मौजूद था। इस दौरान श्रमोदय आईटीआई के विकास कार्यों, गतिविधियों पर आधारित एक लघु-फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। डॉ. श्रीकांत पाटिल ने माननीय मंत्री जी को आईटीआई के बारे में जानकारी देते हुए संस्थान में संचालित सभी ट्रेड्स की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान को लेकर भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया व उन्होंने गोकलदास एक्स्पोर्ट्स अचारपुरा और मारुती जैसे संस्थान में छात्रों के प्लेसमेंट की जानकारी भी साझा की।
श्रमोदय आईटीआई में विभिन्न ट्रेड्स जैसे टेक्निशियन (मेकाट्रॉनिक्स), इलेक्ट्रिशियन, एडवांस सीएनसी मशीनिंग, फैशन डिजाइन और टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), वेल्डर, इंटीरियर डिजाइन और डेकोरेशन और सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेंट उपलब्ध हैं। इन कोर्सेज़ में छात्रों को इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कंप्यूटराइज्ड कंट्रोल सिस्टम्स, फैशन ट्रेंड्स, स्मार्ट डिवाइसेस, वेल्डिंग तकनीकों, और इंटीरियर डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण छात्रों को आधुनिक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावसायिक कौशल और विशेषज्ञता प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनने में सक्षम बनाता है।
श्री पटेल ने विजिट के दौरान आईटीआई में प्रदेश के विभिन्न जिलों (बलाघाट, छतरपुर, छिंदवाडा, बैतूल, भिंड ग्वालियर, पन्ना व अन्य) से आए अध्ययनरत छात्रों से बातचीत की, जहां उन्होंने छात्रों से उनके ट्रेड्स के अध्ययन और तकनीकी प्रशिक्षण के अनुभव के बारे में विस्तार से चर्चा की। श्री पटेल ने छात्रों से उनके विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे, जैसे कि वे किस प्रकार के उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, वे किस तकनीक पर काम कर रहे हैं, और उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जाना। उन्होंने यह भी जानने का प्रयास किया कि उद्योग जगत में अपनी योग्यता को लेकर छात्र कितने आश्वस्त महसूस करते हैं।
छात्रों के साथ संवाद करते समय उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वे अपने कौशल और ज्ञान को कैसे और बेहतर बना सकते हैं और उन्हें सफलता की दिशा में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने इस दौरान छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी।
इसके बाद मंत्री श्री पटेल ने संस्थान की अत्याधुनिक और उन्नत सुविधाओं का निरीक्षण किया और उसकी सराहना की। उन्होंने संस्थान में मौजूद उच्च गुणवत्ता के उपकरणों, तकनीकी प्रयोगशालाओं, और प्रशिक्षण सुविधाओं की प्रशंसा की, जो छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उन्नत तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की आधुनिक सुविधाएं छात्रों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं और उन्हें एक प्रतिस्पर्धी माहौल में सफल होने के लिए सशक्त बनाती हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कैंपस में छात्रों के साथ "अशोक" का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
मंत्री श्री पटेल ने संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें निरंतर सीखने और अपने कौशल को सुधारने की प्रेरणा दी। उन्होंने शिक्षकों की भी सराहना की, जो छात्रों को नवीनतम तकनीकों और ज्ञान से परिचित कराने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
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