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भारतीय समाज में हर घर में बेटियों को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यही कारण है कि उसके जन्म लेते ही, हर कोई कह उठता है, लक्ष्मी आई है… आजकल अस्पताल से घर पहुंचने पर इस नवजात लक्ष्मी और इसे जन्म देने वाली मां का स्वागत ढोल-नगाड़ों के साथ किया जाता है, गृहप्रवेश का यह तरीका धूमधाम से मनाया जाने लगा है। इस बीच मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना लक्ष्मी स्वरूप बेटी के साथ घर में पहुंच जाते हैं 1.43 लाख रुपए। अगर आपके यहां भी आज हुआ है बेटी का जन्म तो जरूर जानें क्या है मध्य प्रदेश सरकार की यह खास योजना, कैसे कर सकते हैं आवेदन और किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत, कैसे आपकी बेटी को मिलेगा 1.43 लाख रुपए का लाभ…
यहां जानें लाडली लक्ष्मी योजना क्या है
मध्य प्रदेश में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के साथ ही, उनके भविष्य को संवारने में मदद के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojana) लॉन्च की थी। इस योजना के तहत बेटियों को अलग-अलग चरणों में आर्थिक मदद दी जाती है। बेटियों को लखपति बनाने के उद्देश्य के लिए छठी क्लास में एडमिशन लेने से 21 साल की उम्र तक प्रदेश सरकार की ओर से कुल 1,43,000 रुपए दिए जाने का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग में संचालित की जा रही इस योजना के तहत पहले 1,18,000 रुपए दिए जाते थे, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1,43,000 रुपए कर दिया गया। वर्तमान में लाडली बहना योजना के तहत यही बढ़ी हुई राशि मिल रही है।
मुख्यमंत्री Ladli Laxmi Yojana के प्रमुख उद्देश्य
Ladli Laxmi Yojana के लाभ क्या-क्या
बेटी के नाम से 1,43,000 रुपए का प्रमाण पत्र दिया जाएगा
क्लास – स्कॉलरशिप (रुपए)
छठी में प्रवेश पर – 2000
9वीं में प्रवेश – 4000
11वीं में प्रवेश – 6000
12वीं में प्रवेश – 6000
ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन (न्यूनतम 2 साल) 25,000 (2 किस्तों में कोर्स के पहले और आखिरी साल में)21 साल की उम्र होने पर 1,00,000 रुपए
नोट: 1 लाख रुपए की राशि तभी मिलेगी, अगर बेटी 12वीं की परीक्षा देगी या अगर शादी हो गई है तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत शादी की उम्र के नियम का पालन किया गया हो।
Ladli Laxmi Yojana के लिए कौन कर सकता है आवेदन जानें पात्रता शर्तें
सामान्य स्थिति
1 जनवरी 2006 या उसके बाद जन्मी बेटियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
बेटी का पंजीकरण पास के आंगनवाड़ी केंद्र में कराना अनिवार्य है।
बेटी के माता-पिता मूल रूप से मध्य प्रदेश निवासी होने चाहिएं
माता-पिता इनकम टैक्स न भरते हों।
माता-पिता की 2 या उससे कम संतान होनी चाहिए, दूसरी संतान के बाद परिवार नियोजन अपनाया गया हो, तभी इस योजना का लाभ मिल सकता है।
पहली संतान अगर बेटी होती है, तो बिना परिवार नियोजन के भी लाभ मिलेगा जबकि दूसरी संतान से जन्मीं बेटी को लाभ मिलने के लिए परिवार नियोजन अपनाना अनिवार्य है, तभी योजना का लाभ लिया जा सकेगा।
विशेष परिस्थितियों में
जिस परिवार में अधिकतम 2 संतान हैं और माता या पिता का निधन हो गया है तो बच्ची के जन्म के 5 साल तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
अगर महिला या पुरुष दूसरी शादी करते हैं तो पहले से 2 बच्चे हैं तो फिर लाभ नहीं मिलेगा
अगर पहली प्रसूति में ही एक साथ 3 बच्चियां होती हैं, तो तीनों को ही लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा
जेल में बंद महिला कैदियों या दुष्कर्म पीड़िता की बेटियों को भी योजना के तहत लाभ मिलेगा
अगर स्वास्थ्य कारण से परिवार नियोजन नहीं हुआ है तो, 1 साल की जगह 2 साल तक आवेदन स्वीकार करने का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है।
देरी से मिले आवेदनों पर फैसला लेने का अधिकार जिला कलेक्टर के पास होगा।
अनाथालय में प्रवेश के 1 साल में और बालिका की उम्र 5 वर्ष पूर्ण होने से पूर्व या गोद लेने वाले माता-पिता द्वारा गोद लेने के 1 साल के अंदर आवेदन करना होगा।
कैसे मिलेगा लाडली लक्ष्मी योजना का पैसा
लाडली लक्ष्मी योजना का पैसा चरणबद्ध तरीके से बेटी के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। यह पैसा DBT के माध्यम से भेजा जाएगा।
Ladli Laxmi Yojana के लिए कैसे करें आवेदन, जानें स्टेप बाय स्टेप
1 – मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना के लिए आप पोर्टल ladlilaxmi.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं
पोर्टल पर आपको ऊपर दायीं ओर 'आवेदन करें' का विकल्प दिखेगा, इस पर क्लिक करें
अब लाडली लक्ष्मी योजना की पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट खुल जाएगी
नीचे स्वघोषणा को तीनों प्वाइंट को पढ़कर टिक करें और 'आगे बढ़ें' पर क्लिक करें
2 – अब अपने समग्र आईडी की जानकारी देनी होगी (Ladli Laxmi Yojana)
सबसे पहले लाडली बेटी की समग्र आईडी भरिए
फिर परिवार यानी माता-पिता की समग्र आईडी भरिए
अब पहली बेटी या दूसरी बेटी या जुड़वां बेटियों के लिए आवेदन कर रहे हैं, उस बॉक्स का चयन करें
समग्र से जानकारी प्राप्त करें ऑप्शन पर क्लिक करें
3- इसके बाद परिवार की पूरी जानकारी भरें
फिर मांगा गया अन्य विवरण भरें और आगे बढ़ें
अब जरूरी दस्तावेज को अपलोड करें
आप नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, CSC या लोक सेवा केंद्र जाकर भी ऑनलाइन फॉर्म भरवा सकते हैं।
Ladli Laxmi Yojana के लिए क्या हैं जरूरी दस्तावेज
बालिका का माता-पिता के साथ फोटो
मूल निवासी/स्थानीय/माता या पिता मतदाता पहचान पत्र/परिवार का राशन कार्ड का प्रमाण पत्र
बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
बालिका का टीकाकरण कार्ड
योजना के लिए समग्र में eKYC करने का तरीका
आप Ladli Laxmi Yojana के पोर्टल https://ladlilaxmi.mp.gov.in/ पर जाएं
यहां आपको 'समग्र में e-KYC कैसे करें', पर क्लिक करें, समग्र पोर्टल खुल जाएगा
हालांकि आपको उस सुविधा केंद्र जाना होगा, जहां बायोमेट्रिक डिवाइस इंस्टॉल हो
अब अपना समग्र आईडी भरें और कैप्चा कोड भरें, खोजें पर क्लिक करें
अब समग्र आईडी और मोबाइल नंबर खुल जाएगा, ओटीपी के लिए क्लिक करें
मोबाइल पर आए OTP को भरें और सेव करें
फिर आधार का विकल्प चुनकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा करें
कैसे चेक करें लाडली लक्ष्मी योजना पोर्टल पर अपना प्रोफाइल
सबसे पहले Ladli Laxmi Yojana के पोर्टल पर जाएं
यहां आपको 'लाडली प्रोफाइल' का विकल्प दिखेगा
अपना लाडली रजिस्ट्रेशन नंबर भरें और OTP प्राप्त करें पर क्लिक करें
अब नीचे बॉक्स में ओटीपी भरें और आगे बढ़ें पर क्लिक करें
इसके बाद आपकी पूरी जानकारी सामने आ जाएगी
लाडली लक्ष्मी योजना का प्रमाण पत्र कैसे देखें, कैसे करें डाउनलोड?
लाडली लक्ष्मी योजना का Certificate डाउनलोड करने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना के पोर्टल पर जाएं
यहां आपको 'प्रमाण पत्र' नाम का बटन दिखेगा, क्लिक करें
अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी नंबर भरें
कैप्चा कोड लिखें और देखें पर क्लिक करें
सर्टिफिकेट डाउनलोड का विकल्प आ जाएगा
लाडली लक्ष्मी योजना से जुड़े अन्य सवाल (FAQs)
मुख्यमंत्री Ladli Laxmi Yojana की शुरुआत कब हुई थी?
बता दें कि मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना, मध्य प्रदेश सरकार की योजना है, जो साल 2007 में शुरू की गई थी। इसके बाद से समय-समय पर इसमें बदलाव होते रहे हैं।
मध्य प्रदेश के बाहर के नागरिकों को मिलेगा Ladli Laxmi Yojana का लाभ?
नहीं, Ladli Laxmi Yojana का लाभ सिर्फ उन्हें बेटियों को मिलेगा, जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश के नागरिक हैं।
क्या लाडली लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन कैंसिल भी हो सकता है?
हां, अगर वेरिफिकेशन में पाया जाता है कि दी गई जानकारी सही नहीं है, तो लाडली लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
लाडली लक्ष्मी योजना में कितनी किस्तों में आता है पैसा?
Ladli Laxmi Yojana के तहत कुल 7 किस्तों में पैसा ट्रांसफर होता है। बेटी के खाते में कुल 1,43,000 रुपये भेजे जाते हैं।
अगर पहली बेटी और फिर जुड़वां बेटियां हों जाएं तो तीनों को मिलेगा क्या Ladli Laxmi Yojana का लाभ मिलेगा?
हां, अगर पहली या दूसरी बार जुड़वां बेटियां होती हैं, तो सभी को लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा। अगर पहली बार एक साथ 3 बेटियां होती हैं तो तीनों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
]]>योजना के तहत राज्य सरकार अलग-अलग शैक्षणिक स्तर के हिसाब से बच्चियों को कुल 1 लाख 43 हजार रुपए देती है, लेकिन सिर्फ 20 फीसदी छात्राएं ही ग्रेजुएशन के अंतिम साल तक पहुंच पा रही हैं. हालांकि विभागीय मंत्री ने कहा कि इसमें बढोत्तरी हो रही है.
क्या है लाड़ली लक्ष्मी योजना, कैसे मिलता है लाभ
मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार ने 2007 में मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू की थी. योजना के तहत 1 जनवरी 2006 और इसके बाद जन्मी बच्चियों का पंजीयन कराया गया. शर्त रखी गई कि माता-पिता दोनों मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों, उनकी दो संतानें हों और दो संतानों के बाद परिवार द्वारा नियोजन कराया गया हो. इसके साथ ही वे आयकरदाता न हों.
इस योजना में पंजीयन कराने वाली बालिकाओं को कक्षा 6वीं, 9वीं, 11वीं और 12वीं में प्रवेश लेने पर सरकार स्कॉलरशिप देती है. कक्षा 12 वीं के बाद स्नातक में प्रवेश पर 25 हजार रुपए और 21 साल की आयु पूरी होने पर 1 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान है. इसके लिए लाड़ली लक्ष्मी को वेबसाइट पर ग्रेजुएशन में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है.
2007 में पंजीयन कराने वाली 12 बच्चियां ही ग्रेजुएट
जब योजना शुरू हुई, उस दौरान 2007 में 58 हजार 73 लाड़ली लक्ष्मियों का पंजीयन कराया गया. इनमें से सिर्फ 12 लाड़लियों को ही स्नातक अंतिम साल पूरा करने पर राशि उपलब्ध कराई जा सकी. कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने लिखित जवाब दिया है. इसमें बताया गया कि इस योजना में पंजीयन कराने वाले लाड़लियों में से सिर्फ 52.33 फीसदी बच्चियां ही 6वीं तक पढ़ाई पूरी कर सकी हैं.
इनमें से सिर्फ 19.97 फीसदी बच्चियों ने 12 वीं कक्षा में एडमिशन लिया. लेकिन इसके आगे की पढ़ाई करने वाली लाड़िलयों की संख्या लगातार घटती गई. कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल कहते हैं कि स्नातक तक पहुंचने वाली लाड़ली लक्ष्मियों की संख्या सिर्फ 5.83 फीसदी और पोस्ट ग्रेजुएट तक सिर्फ 0.33 फीसदी बच्चियां ही पहुंच पाईं. बेटियों के उच्च शिक्षित होने की दशा में ये आंकड़े चिंताजनक हैं.
52.35 लाख में से 19.97 लाख पहुंची 12वीं में
विधानसभा में दी गई जानकारी में पताचला कि 2007 से 2025 के दौरान लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत प्रदेश में 52.35 लाख लाड़ली लक्ष्मियों का पंजीयन कराया गया. लेकिन साल-दर-साल बच्चियां जैसे-जैसे बड़ी हुईं और उनकी क्लास बढ़ती गई तो इन बच्चियों की संख्या कम होती चली गई.
योजना में पंजीयन कराने वाली बच्चियों में से वर्ष 2025 तक के दौरान जब 26.13 लाख बच्चियां ने कक्षा छठी में जाने की उम्र पूरी की तो इनमें से सिर्फ 13.68 लाख ने ही प्रवेश किया. यानी सिर्फ 52.35 फीसदी लक्ष्मियों ने ही एडमिशन लिया.
क्लास बढ़ते ही ऐसे घटती गई संख्या
इसके बाद कक्षा 9 कक्षा में प्रवेश लेने वाली छात्राओं का प्रतिशत घटकर 42.21 फीसदी रह गया. 11 वीं क्लॉस में एडमिशन लेने वाली छात्राओं की संख्या 24.72 फीसदी रह गई. 12 वीं क्लास में एडमिशन लेने वाली छात्राओं की संख्या 19.97 फीसदी रहा गई. स्नातक में एडमिशन लेने वाली छात्राओं का प्रतिशत सिर्फ 5.38 फीसदी रह गया. स्नातकोत्तर तक पहुंचने वाली सिर्फ 0.33 फीसदी लाड़ली लक्ष्मियां ही रह गईं.
सत्ता पक्ष व विपक्ष के अपने-अपने तर्क
कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल कहते हैं "लाड़ली लक्ष्मी की शर्तों के अनुसार जिन बच्चियों ने कक्षा 12वीं में प्रवेश लिया है, उन्हीं को एक लाख की राशि 21 वर्ष पूर्ण करने पर दी जाएगी. आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2027 में करीबन 5 हजार और 2028 में सिर्फ 40 हजार लाड़ली लक्ष्मियां को ही लाभ मिल सकेगा. सरकार ने इस योजना में बच्चियों की शैक्षणिक स्थिति पर ध्यान नहीं दिया."
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया कहती हैं "इस योजना का बेहत सकारात्मक असर दिखाई दिया है. बड़ी क्लास तक पहुंचने वाली बच्चियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. आने वाले समय में इसके और सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे."
]]>मध्यप्रदेश में बाल विवाह (Child Marriage) रोकथाम के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं. इसमें मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojana) की अहम भूमिका है. इस योजना का प्रभाव यह है कि समाज में बेटियों के प्रति नज़रिया बदल रहा है. लोग अब अपनी बेटियों की शिक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने लगे हैं. यह बाल विवाह को रोकने के लिये एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार वर्ष 2019-21 में मध्यप्रदेश में 20 से 24 वर्ष की महिलाओं में से 18 वर्ष से पहले विवाह की दर 23.1 प्रतिशत थी. यह दर पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है. NFHS-4 में वर्ष 2015-16 के दौरान यह दर 32.4 प्रतिशत थी.
लाडली लक्ष्मी योजना से आए ये सकारात्मक बदलाव
लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं के कारण बालिकाओं का स्कूल में अधिक समय तक रहना संभव हुआ है. देर से विवाह के कारण माध्यमिक शिक्षा में नामांकन में वृद्धि हुई है. विवाह और मातृत्व में देरी से, किशोर गर्भावस्था के जोखिमों में कमी आयी है, जो राज्य में मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक है.
प्रदेश में बाल विवाह न हो, इसके लिये योजना में प्रारंभ से ही यह प्रावधान है कि बालिका के 21 वर्ष पूर्ण होने पर दिया जाने वाला लाभ उस स्थिति में देय होगा, जब बालिका का विवाह 18 वर्ष से पहले न हुआ हो.
मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार, बाल विवाह की रोकथाम, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन और बालिकाओं के प्रति समाज के व्यवहार में परिवर्तन को प्रोत्साहित करना था. योजना में बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये छात्रवृत्ति के रूप में कक्षा-6वीं में 2 हजार रुपये, कक्षा-9वीं में 4 हजार, कक्षा-11वीं एवं 12वीं में 6-6 हजार की आर्थिक सहायता का प्रावधान है. बालिकाओं की उच्च शिक्षा सुनिश्चित हो सके, इसके लिये 12वीं कक्षा के बाद व्यावसायिक एवं स्नातक पाठ्यक्रम में शिक्षा प्राप्त करने के लिये 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है.
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