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सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त के 1500 रुपए उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए हैँ। ये राशि मोहन यादव ने एमपी के खंडवा की तहसील पंधाना से भेजे हैं। आपके मोबाइल पर मैसेज भी आया होगा। अगर नहीं तो ladli behna yojana portal पर जाकर आप खाते का अपडेट देख सकती हैं।
इस बार इनके नहीं आएंगे 1500 रुपए
हालांकि 14 फरवरी को उन लाड़ली बहनों के खाते में पैसे नहीं आएंगे, जिनके नाम से पूरे दस्तावेज नहीं हैं। उनके बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या समग्र आईडी डिलीट हो गई या फिर उनकी आयु 60 से पार हो चुकी है।
255 करोड़ का भूमिपूजन और 354 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया
255 करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का भूमि पूजन किया और 354 करोड़ के 11 पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 252 करोड़ की लागत से बनने वाले खंडवा नगर निगम के सीवरेज प्रोजेक्ट के साथ-साथ 2.90 करोड़ की लागत से बनने वाले पंधाना बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और 'रैन बसेरा' के निर्माण का भूमि पूजन किया।
क्या है लाडली बहनों के लिए पात्रता?
मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों
विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी
आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो।
महिला का स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है, संयुक्त खाता मान्य नहीं होगा
महिला के स्वयं के बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी सक्रिय होना चाहिए
समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई होना चाहिए
कैसे चेक करें खाता?
लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की भुगतान स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प चुनें। फिर रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी भरने के बाद नवीनतम स्टेटस दिखाई देगा।
लाड़ली बहना योजना के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स
समग्र पोर्टल द्वारा जारी परिवार आईडी अथवा सदस्य आईडी
UIDAI द्वारा जारी फोटो आईडी
समग्र पोर्टल में दर्ज मोबाइल नंबर
लाडली बहना योजना के लिए अपात्र हैं ये महिलाएं
जिनके स्वयं/परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो।
जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो।
जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्डल/ स्थानीय निकाय में नियमित/स्थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो।
नए रजिस्ट्रेशन कब होंगे शुरू?
महिलाओं के बीच यह सवाल बना हुआ है कि लाड़ली बहना योजना के नए रजिस्ट्रेशन (Ladli Behna Yojana) कब शुरू होंगे। यहां बता दें कि 2023 से नए फॉर्म भरने की प्रक्रिया बंद है और इस बार भी कोई अपडेट नहीं है। अधिकारियों के अनुसार नए रजिस्ट्रेशन की योजना फिलहाल शुरू नहीं होगी।
अब हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 की जगह 15 सौ रुपए री राशि ही डाली जाएगी। 1 करोड़ 26 लाख 36 हजार महिलाओं के खाते में 1587 करोड़ रुपए एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का नाम 'देवी सुभद्रा योजना' किए जाने का ऐलान भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में हुए भाई दूज कार्यक्रम के दो दिन पहले इसके संकेत दिए थे। अपने संबोधन के दौरान लाड़ली बहना योजना को सुभद्रा योजना कहा था, बाद में उसमें सुधार किया था।
हालांकि महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने योजना का नाम बदलने की जानकारी से इनकार किया।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज 12 नवंबर को सिवनी जिले से लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी करेंगे। इस महीने से महिलाओं को 250 रुपये ज्यादा यानी 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे। साल 2023 में योजना की शुरुआत के बाद लंबे समय से लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की बात की जा रही थी। यहां तक कि कई बार विपक्ष इसे लेकर सरकार पर हमला भी बोल चुका था। अब मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल से योजना का पैसा 1500 रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त से जुड़ी हर अपडेट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ..
बिना eKYC नहीं मिलेगा लाडली बहना योजना का लाभ, ऐसे करें तुरंत
लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त बस कुछ ही देर में खाते में आने वाली है। सीएम मोहन यादव सिवनी से आज 1500 रुपये की राशि खातों में ट्रांसफर करेंगे। अगर आपने ई-केवाईसी नहीं कराई है तो समग्र पोर्टल या लाडली बहना योजना के पोर्टल पर जाकर तुंरत इस काम को कर लें। पोर्टल पर आपको ई-केवाईसी का विकल्प दिखेगा। यहां क्लिक कर आप इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।
लाडली बहना योजना: आज से मिलेंगे 1500 रुपये, जानें अब कब बढ़ेंगे पैसे
लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त के रूप में आज महिलाओं के खाते में 1500-1500 रुपये आने वाले हैं। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि अगली बार पैसा कब बढ़ेगा तो बता दें कि अगले वित्त वर्ष में इसमें 500 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार की योजना 2028 तक इस राशि को 3000 रुपये करना है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस है। महिलाओं को गांव और शहर में स्वरोजगार चलाने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा।
सरकार अब तक इस योजना में 29 किस्तों में 44 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है। इस योजना की शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जून 2023 में की गई थी।
सीएम श्रीकृष्ण-सुभद्रा का कई बार कर चुके हैं जिक्र दिवाली के बाद भाईदूज पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस तरह श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है।
श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना को संबोधन में सुभद्रा योजना कहा था, जिसे बाद में सुधार लिया।
बताया जा रहा है कि इस योजना का नाम लाड़ली बहना की बजाय देवी सुभद्रा योजना करने को लेकर कई महीने तक मंथन किया गया। इसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने योजना का नाम बदलने की बात नहीं कही है।
लाडली बहनों को कब-कब मिले अलग से 250 रुपये
रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रुपये की राशि का सीधा ट्रांसफर लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।
किस जिले में कितने लाभार्थी
जिला लाभार्थी
जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848
बालाघाट 3 लाख 47 हजार 816
उज्जैन 3 लाख 40 हजार 203
मुरैना 3 लाख 33 हजार 821
छतरपुर 3 लाख 24 हजार 454
खरगोन 3 लाख 13 हजार 741
भोपाल 3 लाख 9 हजार 20
ग्वालियर 3 लाख 5 हजार 969
राजगढ़ 2 लाख 95 हजार 459
शिवपुरी 2 लाख 87 हजार 943
देवास 2 लाख 85 हजार 496
विदिशा 2 लाख 74 हजार 946
भिंड 2 लाख 72 हजार 343
बेतुल 2 लाख 71 हजार 474
लाडली बहना योजना की लिस्ट में नाम कैसे चेक करें
आज लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी होने वाली है। आज खाते में 1250 के बजाय 1500 रुपये हर महीने आने वाले हैं। आपका लिस्ट में नाम है या नहीं, इसके लिए आपको पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in में जाना होगा। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक कर अपने समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से चेक कर सकते हैं।
लाडली बहना योजना के सबसे ज्यादा लाभार्थी कहां, देखें टॉप-5 जिले
जिला लाभार्थी
इंदौर 4 लाख 40 हजार 723
सागर 4 लाख 19 हजार 903
रीवा 4 लाख 3 हजार 182
छिंदवाड़ा 3 लाख 90 हजार 311
धार 3 लाख 82 हजार 41
क्या बदलने वाला है लाडली बहना योजना का नाम?
आज लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त आज जारी होने जा रही है। इस बीच ऐसी चर्चा है कि लाडली बहना योजना का नाम बदलकर सुभद्रा योजना किया जा सकता है। माना जा रहा है कि सीएम आज इसे लेकर ऐलान कर सकते हैं।
कितने बजे आएगी लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त
लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त ट्रांसफर करने का कार्यक्रम आज राज्य के सिवनी जिले में होने जा रहा है। सीएम मोहन यादव यहीं से सिंगल क्लिक के माध्यम से महिलाओं के खाते में पैसा भेजेंगे। जानकारी के मुताबिक यह कार्यक्रम दोपहर बाद ही होगा।
लाडली बहना योजना का लाभ कैसे सरेंडर करें
सरकार की वेरिफिकेशन के बाद अगर यह पाया जाता है कि अपात्र होने के बावजूद भी लाभ लिया जा रहा है तो हो सकता है कि प्रशासन की ओर से वसूली भी की जाए। ऐसे में बेहतर यही होगा कि खुद ही सरेंडर कर दें। लाडली बहना योजना का लाभ सरेंडर करने का तरीका बहुत ही आसान है। इसकी पूरी प्रक्रिया आप 'लाडली बहना योजना सरेंडर कैसे करें' पर क्लिक करके जान सकते हैं।
]]>भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रदेश में नारी सशक्तिकरण का अभियान द्रुतगति जारी है। प्रदेश की लाड़ली बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया हुआ वादा 12 नवम्बर 2025 को पूरा होने जा रहा है। एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी हुई राशि उनके खाते में अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में 1500 रूपये देने की शुरूआत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल पर प्रदेश की लाड़ली बहनों ने अपने भैया मोहन के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि वे ठीक उसी प्रकार हमारा ध्यान रख रहे हैं, जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा का ध्यान रखा था।
प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को कुल 29 किस्तों में नियमित आर्थिक सहायता राशि का अंतरण किया गया है।
रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। योजना से महिलाएं न केवल अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं, बल्कि बैंकिंग में प्रणाली से भी सीधे जुड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का सीधा लाभ मिल रहा है। योजना की अब तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।
लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417 और जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 महिलाओं को लाभ मिला है। योजना के तहत बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, और मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 बहनों को लाभ मिला है। छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, और बेतुल में 2 लाख 71 हजार 474 लाभार्थी पंजीकृत हुई हैं।
सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है। बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, तथा नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 लाभार्थी महिलाओं को योजना की राशि प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की भावना को सशक्त किया है। महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, और छोटे व्यापार के लिए पूंजी के रूप में किया है।
लाड़ली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है बल्कि परिवारिक निर्णयों में भी उनकी भूमिका को भी सुदृढ़ कर रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का व्यापक प्रभाव अब प्रदेश के हर कोने में देखा जा सकता है। गाँवों से लेकर शहरों तक महिलाएँ “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा रही हैं।
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प्रदेश में लाड़ली बहना को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता मिलेगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में इसे शामिल करके प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे वित्त विभाग ने स्वीकृति दे दी है। इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र व्यक्ति के पास आवास बनाने के लिए भूखंड है तो उसे अनुदान दिया जाएगा।
योजना पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की अगली बैठक में हो सकता है। विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की वे हितग्राही जिनके पास स्वयं के आवास नहीं हैं, उनके लिए योजना लागू करने की घोषणा की थी। भाजपा ने संकल्प पत्र में भी इसे शामिल किया है।
एक के स्थान पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता
चूंकि, बहुत सी लाड़ली बहनें प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में भी आती हैं, इसलिए इस संकल्प को केंद्र सरकार की योजना के साथ क्रियान्वित करने के साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में सरकार एक लाख रुपये के स्थान पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता देना प्रस्तावित किया है। इतनी ही राशि केंद्र सरकार भी देगी।
शहरी क्षेत्र में इनको प्राथमिकता
शहरी क्षेत्र के वे परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के पात्र होंगे, जिनके पास कहीं स्वयं का पक्का आवास नहीं है। प्रधानमंत्री स्वनिधि, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के हितग्राहियों के साथ सफाई कर्मचारी, श्रमिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
छिन्दवाडा
कलेक्टर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव 10 अगस्त 2024 को प्रदेश के श्योपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम से प्रदेश की लाडली बहनों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1900 करोड़ रुपए की राशि अंतरित करेंगे। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों को मिलाकर लगभग 25000 स्थानों पर लाडली बहनों के लिए रक्षाबंधन उत्सव सह आभार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 10 अगस्त को छिंदवाड़ा जिले की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में भी रक्षाबंधन सह आभार कार्यक्रम का अयोजन उत्सव के रूप में किया जाए। जिला स्तर पर भी एक भव्य कार्यक्रम आयोजन की व्यवस्था एडीएम, नगर निगम आयुक्त और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास करें। सभी स्थानों पर लाडली बहनों को शामिल करने के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी ससम्मान आमंत्रित किया जाए।
रक्षाबंधन सह आभार कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी स्थानों पर लाडली बहनों द्वारा राखी बांधने, सावन उत्सव गीत, सेल्फी पॉइंट, लाडली बहनों को उपहार, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाडली बहनों के उद्बोधन की व्यवस्था की जाए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सभी कार्यक्रम स्थलों पर पौधरोपण भी किया जाए। उन्होंने प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम और मुख्यमंत्री जी के लाइव प्रसारण की व्यवस्था सभी स्थानों पर कराने और सभी की फोटो-वीडियोग्राफी सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित स्थानीय निकायों को दिए। कलेक्टर सिंह आज कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में आगामी 10 अगस्त को लाडली बहनों के लिए आयोजित रक्षाबंधन उत्सव सह आभार कार्यक्रम, हर घर तिरंगा अभियान और जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियों के संबंध में जिले के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। बैठक में जिला मुख्यालय के अधिकारी सभाकक्ष से शामिल हुए जबकि जिले के अन्य सभी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल थे।
कलेक्टर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी की मंशा के अनुरूप विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 11 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जायेगा। जिले में हर घर तिरंगा अभियान पूरी गरिमा के साथ झंडा संहिता का पालन करते हुए मनाया जाए। जिले के प्रत्येक घर में तिरंगा झंडा लहराए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्थानीय निकाय झंडों की आवश्यकता का आंकलन कर उपलब्धता की व्यवस्था बना लें। पिछले वर्ष के झंडे भी उपयोग में लाए जा सकते हैं। झंडा संहिता में हुए संशोधन के अनुसार तिरंगा झंडा घरों में किसी भी समय फहराया जा सकता है, लेकिन झंडा साफ सुथरा और अच्छी तरह से प्रेस किया हुआ होना चाहिए। कटा-फटा या मैला झंडा किसी भी हालत में उपयोग में ना लाया जाए, इस संबंध में आमजन को जागरूक भी करें। ऐसे झंडे विधिवत गड्ढा खोदकर जमीन में गड़ाकर डिस्पोज किए जाने चाहिए।
उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिले में 12 से 14 अगस्त तक तिरंगा रैली, तिरंगा यात्रा, तिरंगा मैराथन, शहीदों की स्मृति में उन्हें सम्मान देने के लिए शिला फलकम कार्यक्रम, सेल्फी विथ तिरंगा, कैनवास, हस्ताक्षर अभियान, तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगे पर केंद्रित निबंध, भाषण, चित्रकला, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि विविध गतिविधियों का आयोजन गरिमामय ढंग से सुनिश्चित कराने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं सभी जनपदों और नगरीय निकायों को दिए हैं। इन सभी कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने और विभिन्न एनजीओ, सामाजिक संगठनों सहित समाज के हर वर्ग को शामिल कर उत्सव के रूप में मनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी 26 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर भी भगवान कृष्ण की जीवन कथा पर केंद्रित विविध आयोजन कराने के लिए निर्देशित किया है।
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