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उद्योग मंत्री ने ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक, रिसदा से रिसदी, दर्री बैराज से बरमपुर चौक सहित हरदी बाजार-तरदा-इमलीछापर मार्ग के निर्माण का किया भूमिपूजन
सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात
रायपुर
कोरबा जिले के स्थापना दिवस और सुशासन तिहार के अवसर पर आज जिलेवासियों को बेहतर आवागमन की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दर्री बैराज के मेजर ध्यानचंद चौक में आयोजित कार्यक्रम में 29 करोड़ 42 लाख 96 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक (सीमेंट कंक्रीटीकरण, लंबाई 2.84 किमी), रिसदा चौक से रिसदी चौक (लंबाई 2.90 किमी), 83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से दर्री बैराज से बरमपुर चौक (सीमेंट कांक्रीटीकरण, लंबाई 7.96 किमी) तथा 230 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की लागत से हरदी बाजार -तरदा-सर्वमंगला-इमलीछापर (कुल लंबाई 27.19 किमी, शेष निर्माण 13.74 किमी) सीमेंट कंक्रीट मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात
इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि आज शुभ दिन है कि कोरबा वासियों की बहुप्रतीक्षित सड़कों की माँग पूरी हो रही है। भूमिपूजन के साथ ही सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा और जिले में सड़कों का जाल बिछने के साथ आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया था और आज भूमिपूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
मंत्री देवांगन ने जिले के विकास और बेहतर आवागमन के लिए सड़कों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन मार्गों के बनने से यातायात का दबाव कम होगा, आवागमन सुगम होगा तथा कई मार्गों की दूरी भी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगरीय निकाय मंत्री के सहयोग से जिले के विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने बताया कि डीएमएफ राशि से जिले में अधोसंरचना से जुड़े अनेक कार्यकृसड़क, पुल-पुलिया, आंगनबाड़ी भवन, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र भवनकृस्वीकृत किए गए हैं। साथ ही मानदेय आधारित शिक्षकों की नियुक्ति, स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती, प्रतिभावान विद्यार्थियों को कोचिंग, स्कूली विद्यार्थियों को नाश्ता प्रदान करने जैसी योजनाएँ भी संचालित हैं। शहर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए 36 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को विकास की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश को आर्थिक मजबूती मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ गरीब कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चल रही हैं। डीएमएफ का अधिकार जिलों को देकर खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों से सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपये, रामलला दर्शन योजना, तथा प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री एवं अधिकारी सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री लगातार चौपाल लगाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। मंत्री देवांगन ने समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंत्री देवांगन कोरबा जिले के सर्वांगीण विकास के लिए न केवल संकल्पित हैं, बल्कि उसे धरातल पर उतार भी रहे हैं। सभी 67 वार्डों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले की किसी भी सड़क पर कहीं भी गड्ढा न रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण से जिलेवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।
निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि आज जिले के लिए अत्यंत खुशी और सौभाग्य का दिन है। यह केवल सड़क का भूमिपूजन नहीं, बल्कि बेहतर आवागमन एवं मजबूत भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ की 30 प्रतिशत राशि आवागमन सुधारने में व्यय की जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की भी यह सोच है कि जिले की सभी सड़कें सर्वाेत्तम स्थिति में रहें और यहाँ से बाहर निकलने वाले यात्रियों को भी उत्कृष्ट मार्ग उपलब्ध हों।
लोक निर्माण विभाग के ईई जी आर जांगड़े ने स्वीकृत सड़को की जानकारी दी और सभी निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की बात कही। इस अवसर पर पार्षद अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, सीमा कँवर, राधा महंत, कल्याणी यादव, प्रीति शर्मा, अजय चंद्रा, राजकुमार साहू, सम्मत रतन सिंह कँवर,एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
]]>उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम के कार्यों की समीक्षा
रायपुर
वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुये कहा है कि मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के परिणाम स्वरूप हो रही डामर की अनुपलब्धता के कारण सड़कों के डामरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे, जबकि राशि स्वीकृत कर निविदा आदि की कार्यवाही बहुत पहले की पूरी कर ली गई है, अतः उच्च स्तर पर चर्चा कर वैकल्पिक रास्ता निकाले तथा सड़कों की दशा सुधारें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात से पूर्व नालों एवं नालियों का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करायें, विकास कार्याे में अपेक्षित गति लायें तथा जिन निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्याे में लापरवाही दिखाई जा रही है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें।
उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा में आयोजित विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर नगर एवं बालको जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन तीनों जोन के 28 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित अन्य वार्ड पार्षद उपस्थित थे। वर्षा ऋतु के आगमन एवं सड़कों का डामरीकरण कार्य न हो पाने को गंभीरता लेते हुये उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि बरसात आने में अब ज्यादा दिन नहीं है, निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों के डामरीकरण की स्वीकृति बहुत पहले प्राप्त हो चुकी है, निविदा आदि की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है, कार्यादेश भी दिये जा चुके हैं किन्तु मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण हर जगह डामर की अनुपलब्धता बनी हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कोरबा में भी सड़कों का डामरीकरण कार्य रूका हुआ है, उन्होंने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि वे उच्च स्तर पर चर्चा करें तथा वैकल्पिक रास्ता निकालकर शहर की सड़कों को सुधारें ताकि आगामी बरसात में शहर वासियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पडे़। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्येा की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें।
उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
वार्डवार समीक्षा की, कार्याे में तेजी लाने दिये निर्देश
बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर शुक्ल नगर एवं बालको जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों, जिला खनिज न्यास मद, अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये।
पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा
बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवंागन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त तीनों जोन के 28 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।
समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें।
इस दौरान पार्षद व एम.आई.सी.सदस्य हितानंद अग्रवाल, चन्द्रलोक सिंह, अजय गोंड़, चन्द्रकली जायसवाल, ममता यादव, पंकज देवंागन, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, धनकुमारी गर्ग, अब्दुल रहमान, सुनीता चौहान, वर्षा दिनेश वैष्णव, सिमरनजीत कौर, सत्येन्द्र दुबे, सीमा कंवर, चंदा देवी, चेतन सिंह मैत्री, मंगलराम बंदे, तरूण सिंह राठौर, रजत खुंटे, अपर आयुक्य विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, पवन वर्मा, एन.के.नाथ, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर आदि के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।
]]>डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की।
बैठक में मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव दिनेश नाग, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए।
खनिज संपदा से जनकल्याण की नई उड़ान वर्ष 2026-27 के लिए विकास का खाका तैयार
कलेक्टर सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें खनिज क्षेत्रों के सतत विकास और प्रभावित समुदायों के कल्याण के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तीन चरणों में एक व्यापक बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5 विकास खंडों के 782 गाँवों को कवर कर आगामी पाँच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जो एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में जिले की सभी परियोजनाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और फंड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।वर्ष 2026-27 के लिए 70 प्रतिशत राशि सीधे तौर पर उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के लिए आवंटित की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये के बजट से 16 पीएम स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 67.18 करोड़ रुपये से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल संकट के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंपों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एंटी-स्मॉग गन और सघन वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुरूप, इन सभी प्रयासों का मुख्य लक्ष्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थायी और आत्मनिर्भर आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।
]]>उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
सुभाष ब्लाक सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन विविध 02 स्थानों पर भवनों के निर्माण का किया गया भूमिपूजन
रायपुर
शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन
आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।
उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड
महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।
सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
]]>उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने स्टेडियम के पीछे निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का किया शुभारंभ
रायपुर
प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने शानिवार को कहा कि हमारा कोरबा शहर तेजी के साथ बदल रहा है, तेजी के साथ संवर रहा है तथा शहर को नित नई उपलब्धियॉं प्राप्त हो रही है। उन्होने कहा कि नगर निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है, एक और प्रमाण है, उन्होने कहा कि कोरबा के खिलाडि़यों, रायफल शूटिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने वाले यहॉं के युवाओं, बच्चों व शूटिंग प्रेमियों को रायफल शूटिंग रेंज की यह बड़ी सौगात देने के लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय व सभापति नूतन सिंह ठाकुर को बधाई एवं साधुवाद देता हूॅं।
बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है कोरबा रायफल शूटिंग रेंज – उद्योग मंत्री
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा टीपीनगर स्थित प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई है, यहॉं उल्लेखनीय है कि निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर जो कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव भी हैं, के द्वारा आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के समक्ष प्रस्ताव रखा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया जाये, इस प्रस्ताव पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सहर्ष सहमति दी तथा कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया। शनिवार को आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का विधिवत शुभारंभ किया गया, उद्योग मंत्री देवांगन ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया एवं फीता काटा तथा रायफल्स की पूजा अर्चना की एवं रायफल से शूटिंग कर शूटिंग रंेज का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के विकास व खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये विशेष रूचि ले रहे हैं तथा हमारा देश खेलों के क्षेत्र में नित नई उपलब्धियॉं अर्जित कर रहा है, उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में जनजातीय बालक एवं बालिका क्रीड़ा परिषद के निर्माण हेतु 10-10 करोड़ रूपये की स्वीकृत दी है। उन्होने आगे कहा कि जहॉं तक नगर निगम कोरबा का प्रश्न है तो निगम ने अपने मूलभूत दायित्वों के सफल निर्वहन एवं निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ कोरबा में खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये व्यापक पैमाने पर कार्य किये हैं, जिससे हर कोई परिचित है। उन्हेाने कहा कि जब मैं महापौर था तो हाकी के जादूगर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की प्रतिमा स्थापित की गई है तथा उस चौक का नाम मेजर ध्यानचंद चौक किया गया था, स्टेडियम के समीप स्वीमिंग पूल निर्मित हुआ था तथा ओपन थियेटर घंटाघर मैदान को संरक्षित किया गया, जहॉं पर नित नई क्रीडा गतिविधियॉं आज संचालित हो रहा है। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना से रायफल शूटिंग के खिलाडि़यों को एक बड़ी सुविधा मिल चुकी है, वे यहॉं पर प्रेक्टिस कर सकेंगे तथा नेशनल व इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुये कोरबा जिला व छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेगे। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी को शूटिंग रेंज के विकास के लिये, यहॉं पर आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के लिये, जो भी आवश्यक होगा वह सहयोग निश्चित रूप से दिया जायेगा।
हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई, आज उद्योग मंत्री देवांगन ने इसका शुभारंभ किया, यह हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण है, हमें इस बात की विशेष खुशी है कि हमारे आयुक्त आशुतोष पाण्डेय खेलों में विशेष रूचि रखते हैं तथा खेलों के विकास हेतु जो भी सुझाव उनके समक्ष रखें जाते हैं, उस पर वे पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करते हैं। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि कोरबा में खेल सुविधाओं की वृद्धि हेतु निगम ने उल्लेखनीय कार्य किये हैं, कोरबा रायफल शूटिंग रेंज के विकास हेतु एवं यहॉं पर बेहतर व अत्याधुनिक सुविधायें मुहैया कराने के लिये जो भी प्रस्ताव सामने लाया जायेगा, उस पर निश्चित रूप से काम होगा।
इस अवसर पर सभापति एवं कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव नूतन सिंह ठाकुर एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
कोरबा शहर के खिलाडि़यों शूटिंग प्रेमियों के लिये बड़ा तोहफा
कोरबा में खेलों के विकास में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नौशाद खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में खेलों के विकास एवं खेल सुविधायें मुहैया कराने में नगर पालिक निगम कोरबा की सदैव महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसी कड़ी में आज कोरबा रायफल शूटिंग रंेज की यह सौगात भी शहर को मिल चुकी है, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री देवांगन, महापौर श्रीमती राजपूत व आयुक्त पाण्डेय को साधुवाद देता हूॅं। उन्होने कहा कि रायफल शूटिंग के खिलाड़ी यहॉं पर प्रेक्टिस करेंगे.
बर्षो से उपेक्षित स्थल आज सुव्यवस्थित शूटिंग रेंज से हुआ सुसज्जित
टी.पी.नगर स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे जिस स्थल पर शूटिंग रेंज स्थापित किया गया, वह स्थान बर्षो से उपेक्षित पड़ा था, कचरे का ढेर लगा था, वहॉं पर असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी रहती थी, वह उपेक्षित पड़ा स्थल निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के प्रयास से आज सुव्यवस्थित रायफल शूटिंग रेंज के रूप में सुसज्जित हो चुका है, स्टेडियम के पीछे कबाड़ से भरा हाल कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी व इंडोर शूटिंग रेंज में तब्दील हो चुका है।
उत्कृष्ट खिलाडि़यों का हुआ सम्मान
इस मौके पर उद्योग मंत्री देवंागन, महापौर श्रीमती राजपूत व अन्य अतिथियों ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों का सम्मान किया। रायफल शूटिंग में श्रुति यादव, यामिनी बोर्डे, पीयूष सिंह, अजीत आनंद, आकाश सराफ व कोच नीरज निखिल, बास्केट बाल में आयुष्मान तनोजिया, कृष्णा कुशवाहा, फुटबाल में यामिनी प्रजापति, अभिषेक साव, व्हालीबाल में नंदा सिंह, हर्षू श्रीवास्तव, स्वीमिंग में पीयूष चन्द्रा, साराह ग्रेब्रियल, बॉक्सिंग जूनियर में अर्पित दुबे, गुलशन बोरकर, गौरी कर्ष, एच.डी.राय, इश्हाक कुजूर, विभा मिश्रा, बॉक्सिंग सीनियर में राजेश्वरी लहरे, अनय अग्रवाल, पूजा मिश्रा, हर्ष यादव, रोनिश कुुजूर आदि खिलाडी सम्मानित हुये।
इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, पार्षद मथुरा बाई चंद्रा, मुकुंद सिंह कंवर, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नौशाद खान, कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के अध्यक्ष महेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रंजन प्रसाद, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, नरेन्द्र मेहता, डॉ.विकास चन्द्रा, डॉ.जितेन्द्र कुमार, लक्ष्मी चौहान, उत्तम आदिले, संतोष केंवट, तारकेश्वर मिश्रा, रवि साही, सुरेन्द्र राजवाडे़, मंटू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, अधिवक्ता रवि शर्मा, महेश्वर सिंह, सुमित सिंह, आदि के साथ विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ीगण व अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।
]]>उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने स्टेडियम के पीछे निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का किया शुभारंभ
रायपुर
प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने शानिवार को कहा कि हमारा कोरबा शहर तेजी के साथ बदल रहा है, तेजी के साथ संवर रहा है तथा शहर को नित नई उपलब्धियॉं प्राप्त हो रही है। उन्होने कहा कि नगर निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है, एक और प्रमाण है, उन्होने कहा कि कोरबा के खिलाडि़यों, रायफल शूटिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने वाले यहॉं के युवाओं, बच्चों व शूटिंग प्रेमियों को रायफल शूटिंग रेंज की यह बड़ी सौगात देने के लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय व सभापति नूतन सिंह ठाकुर को बधाई एवं साधुवाद देता हूॅं।
बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है कोरबा रायफल शूटिंग रेंज – उद्योग मंत्री
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा टीपीनगर स्थित प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई है, यहॉं उल्लेखनीय है कि निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर जो कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव भी हैं, के द्वारा आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के समक्ष प्रस्ताव रखा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया जाये, इस प्रस्ताव पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सहर्ष सहमति दी तथा कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया। शनिवार को आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का विधिवत शुभारंभ किया गया, उद्योग मंत्री देवांगन ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया एवं फीता काटा तथा रायफल्स की पूजा अर्चना की एवं रायफल से शूटिंग कर शूटिंग रंेज का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के विकास व खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये विशेष रूचि ले रहे हैं तथा हमारा देश खेलों के क्षेत्र में नित नई उपलब्धियॉं अर्जित कर रहा है, उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में जनजातीय बालक एवं बालिका क्रीड़ा परिषद के निर्माण हेतु 10-10 करोड़ रूपये की स्वीकृत दी है। उन्होने आगे कहा कि जहॉं तक नगर निगम कोरबा का प्रश्न है तो निगम ने अपने मूलभूत दायित्वों के सफल निर्वहन एवं निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ कोरबा में खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये व्यापक पैमाने पर कार्य किये हैं, जिससे हर कोई परिचित है। उन्हेाने कहा कि जब मैं महापौर था तो हाकी के जादूगर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की प्रतिमा स्थापित की गई है तथा उस चौक का नाम मेजर ध्यानचंद चौक किया गया था, स्टेडियम के समीप स्वीमिंग पूल निर्मित हुआ था तथा ओपन थियेटर घंटाघर मैदान को संरक्षित किया गया, जहॉं पर नित नई क्रीडा गतिविधियॉं आज संचालित हो रहा है। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना से रायफल शूटिंग के खिलाडि़यों को एक बड़ी सुविधा मिल चुकी है, वे यहॉं पर प्रेक्टिस कर सकेंगे तथा नेशनल व इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुये कोरबा जिला व छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेगे। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी को शूटिंग रेंज के विकास के लिये, यहॉं पर आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के लिये, जो भी आवश्यक होगा वह सहयोग निश्चित रूप से दिया जायेगा।
हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई, आज उद्योग मंत्री देवांगन ने इसका शुभारंभ किया, यह हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण है, हमें इस बात की विशेष खुशी है कि हमारे आयुक्त आशुतोष पाण्डेय खेलों में विशेष रूचि रखते हैं तथा खेलों के विकास हेतु जो भी सुझाव उनके समक्ष रखें जाते हैं, उस पर वे पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करते हैं। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि कोरबा में खेल सुविधाओं की वृद्धि हेतु निगम ने उल्लेखनीय कार्य किये हैं, कोरबा रायफल शूटिंग रेंज के विकास हेतु एवं यहॉं पर बेहतर व अत्याधुनिक सुविधायें मुहैया कराने के लिये जो भी प्रस्ताव सामने लाया जायेगा, उस पर निश्चित रूप से काम होगा।
इस अवसर पर सभापति एवं कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव नूतन सिंह ठाकुर एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
कोरबा शहर के खिलाडि़यों शूटिंग प्रेमियों के लिये बड़ा तोहफा
कोरबा में खेलों के विकास में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नौशाद खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में खेलों के विकास एवं खेल सुविधायें मुहैया कराने में नगर पालिक निगम कोरबा की सदैव महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसी कड़ी में आज कोरबा रायफल शूटिंग रंेज की यह सौगात भी शहर को मिल चुकी है, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री देवांगन, महापौर श्रीमती राजपूत व आयुक्त पाण्डेय को साधुवाद देता हूॅं। उन्होने कहा कि रायफल शूटिंग के खिलाड़ी यहॉं पर प्रेक्टिस करेंगे.
बर्षो से उपेक्षित स्थल आज सुव्यवस्थित शूटिंग रेंज से हुआ सुसज्जित
टी.पी.नगर स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे जिस स्थल पर शूटिंग रेंज स्थापित किया गया, वह स्थान बर्षो से उपेक्षित पड़ा था, कचरे का ढेर लगा था, वहॉं पर असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी रहती थी, वह उपेक्षित पड़ा स्थल निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के प्रयास से आज सुव्यवस्थित रायफल शूटिंग रेंज के रूप में सुसज्जित हो चुका है, स्टेडियम के पीछे कबाड़ से भरा हाल कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी व इंडोर शूटिंग रेंज में तब्दील हो चुका है।
उत्कृष्ट खिलाडि़यों का हुआ सम्मान
इस मौके पर उद्योग मंत्री देवंागन, महापौर श्रीमती राजपूत व अन्य अतिथियों ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों का सम्मान किया। रायफल शूटिंग में श्रुति यादव, यामिनी बोर्डे, पीयूष सिंह, अजीत आनंद, आकाश सराफ व कोच नीरज निखिल, बास्केट बाल में आयुष्मान तनोजिया, कृष्णा कुशवाहा, फुटबाल में यामिनी प्रजापति, अभिषेक साव, व्हालीबाल में नंदा सिंह, हर्षू श्रीवास्तव, स्वीमिंग में पीयूष चन्द्रा, साराह ग्रेब्रियल, बॉक्सिंग जूनियर में अर्पित दुबे, गुलशन बोरकर, गौरी कर्ष, एच.डी.राय, इश्हाक कुजूर, विभा मिश्रा, बॉक्सिंग सीनियर में राजेश्वरी लहरे, अनय अग्रवाल, पूजा मिश्रा, हर्ष यादव, रोनिश कुुजूर आदि खिलाडी सम्मानित हुये।
इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, पार्षद मथुरा बाई चंद्रा, मुकुंद सिंह कंवर, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नौशाद खान, कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के अध्यक्ष महेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रंजन प्रसाद, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, नरेन्द्र मेहता, डॉ.विकास चन्द्रा, डॉ.जितेन्द्र कुमार, लक्ष्मी चौहान, उत्तम आदिले, संतोष केंवट, तारकेश्वर मिश्रा, रवि साही, सुरेन्द्र राजवाडे़, मंटू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, अधिवक्ता रवि शर्मा, महेश्वर सिंह, सुमित सिंह, आदि के साथ विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ीगण व अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।
]]>बैठक में वेदांता प्रबंधन के चीफ हेड ऑफ ऑपरेशन सुशील बेहरा ने घटना से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान बॉयलर विशेषज्ञ गुंजन शुक्ला ने हादसे की प्रारंभिक संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मंत्री देवांगन ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जाँच पूरी सतर्कता और सूक्ष्मता से की जाए तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार और दुर्घटना में दिव्यांग होने की स्थिति में पेंशन जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने श्रमिकों के ईएसआईसी और पीएफ से संबंधित जानकारी भी ली। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और मुख्यमंत्री स्वयं घटना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
अस्पताल में उपचार करा रहे घायल मजदूरों से मिले उद्योग मंत्री
उद्योग, श्रम, वाणिज्य, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना में घायल मजदूरों से मुलाकात की, जो रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एपेक्स हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल तथा जिंदल–फोर्टिस हॉस्पिटल पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना, परिजनों से चर्चा की और शासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी। मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतर और निरंतर उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि कंपनी के मुआवजे के अतिरिक्त प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक आप पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते, आपका उपचार सतत रूप से चलता रहेगा।
डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा
खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्राथमिकता से होंगे कार्य
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट कोरबा सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा के विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित शासी परिषद के सदस्यगण अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
डीएमएफ से होगा कोरबा जिला का अतिरिक्त विकास : मंत्री लखनलाल देवांगन
बैठक के दौरान डीएमएफ मद से संचालित कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। अपने उद्बोधन में मंत्री देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अन्य योजनाओं के साथ-साथ डीएमएफ मद से भी कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अनुमोदित कार्यों में स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएँ, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने डीएमएफ के माध्यम से पीवीटीजी समुदाय के लिए प्राथमिकता से विकास कार्य संचालित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया।
मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करें, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करें। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वयपूर्वक कार्य कर जिले के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्र होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांधों से उत्पन्न समस्याओं के समाधान तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने की आवश्यकता बताई।
विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल ने कहा कि डीएमएफ राशि से जिले में महत्वपूर्ण विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जिला होने के कारण कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन तथा कृषि क्षेत्र में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ के तहत बनाए गए निर्माण पोर्टल को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने जिले में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए इंजीनियरों की भर्ती को उपयोगी कदम बताया। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार से आमजन को हो रहे लाभों का उल्लेख किया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बैठक के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक है। शासन द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन कर उन्हें इस वित्तीय वर्ष से लागू किया गया है। उन्होंने बैठक के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य खनन के दुष्प्रभावों को कम करना और प्रभावित लोगों की आजीविका एवं जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने डीएमएफ के कार्यों को पारदर्शिता के साथ करने, निर्माण पोर्टल के माध्यम से डीएमएफ सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी मिलने के संबंध में बताया। डीएमएफ नियमों के तहत 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण पर व्यय किया जाएगा तथा 30 प्रतिशत राशि अन्य आधारभूत संरचनाओं पर व्यय की जाएगी। जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिसके अनुसार 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। इससे डीएमएफ की बड़ी राशि कोरबा जिले के प्रभावित क्षेत्रों में व्यय होगी।
उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सहयोग से खनन प्रभावित परिवारों का विस्तृत बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर एक वर्ष की पर्सपेक्टिव योजना तैयार होगी। आंकड़ों के अनुसार एसईसीएल की विभिन्न खदानों से प्रभावित 20,069 परिवारों और 4,102 विस्थापित परिवारों के कल्याण हेतु योजनाएँ बनाई जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति के विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र, जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर शासन को विस्तृत जानकारी भेज दी गई है तथा स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने गौण खनिज राजस्व के उपयोग, प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों के चिन्हांकन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण एवं नगरीय विकास और अधोसंरचना को दी गई प्राथमिकता के संबंध में भी जानकारी दी।
डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विशेष निधियों के अनुमोदन के साथ-साथ खनन प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के निर्धारण, प्रभावित परिवारों एवं विस्थापित परिवारों की सूची के अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। इसके अलावा एंडोमेंट फंड के गठन तथा पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव, शासी परिषद ने डीएमएफ अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई के चयन, प्रशासनिक व्यय के अनुमोदन तथा वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों की स्वीकृति, खनन प्रभावित क्षेत्रों में व्यक्तियों के चिन्हांकन एवं संबंधित विभागीय कार्यों के अनुमोदन, वार्षिक प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2023-24 तथा 2025-26) के अनुमोदन का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बैठक में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए वेबसाइट, वेब पोर्टल, डाटा प्रबंधन प्रणाली, डॉक्यूमेंट्री एवं वेबपेज निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति, जीजीवी के साथ एमओयू, वीसी रूम एवं स्टोरेज संरचना निर्माण, थर्ड पार्टी ऑडिट तथा टोल-फ्री नंबर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
]]>राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रूपए से अधिक निवेश प्रस्ताव
भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया-जिससे राजस्व 20 प्रतिशत बढ़ा*
श्रमिक आवास एवं ई-रिक्शा की राशि 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए कर दी गई
अगले वर्ष से श्रमिकों के 200 बच्चों को उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला हेतु अभिनव पहल
रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 01 हजार 823 करोड़ 87 लाख 69 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 01 हजार 567 करोड़ 86 लाख 79 हजार रूपए, श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ 90 हजार रूपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश मंे नई औद्यागिक नीति लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
उद्योग विभाग
उद्योेग मंत्री देवांगन नेे कहा कि इस बजट में सरकार द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को बजट में रुपए 1750 करोड़ आबंटित किया गया है। इसमें रूपए 652 करोड़ उद्योगों को अनुदान हेतु तथा औद्योगिक प्रयोजन हेतु भू-अर्जन, भूमि विकास तथा औद्योगिक अधोसंरचना विकास के लिए लगभग रूपए 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक भूमि आबंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राजस्व में भी 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है।
इन सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य द्वारा 140 से अधिक निवेशकों को इन्विटेशन टू इन्वेस्ट जारी किया गया है। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, बीपीओ तथा क्लीन एनर्जी जैसे विविध और उभरते हुए क्षेत्रों के निवेश शामिल हैं, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री देवांगन नेे कहा कि विगत एक वर्ष में 951 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके द्वारा रु 8000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया एवं हमारी सरकार आने के बाद लगभग 45000 से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए। राज्य में बस्तर से सरगुजा तक 23 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों एवं पार्कों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 4 फ्लेटेड फैक्ट्री अधोसंरचना है। राज्य शासन सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस दिशा में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उनके जीवन को सरल करने की दृष्टि से बिलासपुर जिले में 2 कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माणाधीन है, जिसके लिए बजट में रुपए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की दृष्टि से अधोसंरचना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान औद्योगिक विकास नीति में किया गया है। इससे राज्य केन औद्योगिक अधोसंरचना विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री के पहल पर स्टार्ट-अप मिशन के लिए रूपए 100 करोड़ का प्रावधान बजट के अंतर्गत किया है।
श्रम विभाग
मंत्री देवांगन सदन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में श्रम विभाग छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिये वर्ष 2026-27 के बजट में कुल रुपये 128 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से लगभग 3 करोड़ अधिक है। श्रमिक बच्चों को उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षा की अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में 96 श्रमिकों के बच्चों को 6वीं क्लास में डी.पी.एस. राजकुुमार कॉलेज, कांगेर वैली एकेडमी में निःशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला देने की घोषणा की थी, इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा उपकर के माध्यम से संकलित राशि से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिये उपलब्ध निधि से 60 प्रवर्ग में पंजीकृत 32.58 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित 31 योजनाओं के क्रियान्वयन में वर्ष 2025 में लगभग रूपये 387 करोड़ से अधिक राशि कल्याणकारी योजनाओं में व्यय किया गया है। वर्ष 2026-27 में पंजीकृत 02.01 लाख संगठित श्रमिकों के लिये 14 योजनाओं हेतु बजट में राज्य शासन के अनुदान हेतु रुपये 06 करोड़ प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग के मुख्य दायित्व विभिन्न श्रम कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत श्रमिकों के हित संरक्षण किया जाना है, जिसके पालन हेतु श्रमायुक्त संगठन में रुपये 30 करोड़ 63 लाख का बजट प्रावधान किया गया है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। संचालनालय द्वारा कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखानों का लायसेंस नवीनीकरण, आनसाइट आपात योजना एवं कारखाना भवनों के नक्शे आदि का निराकरण भी आनलाईन ही किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल हाईजिन लैब हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 05 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026-27 हेतु कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए रुपये 76 करोड़ 38 लाख का प्रावधान किया गया है।
वाणिज्यक कर (आबकारी) विभाग
मंत्री देवांगन नेे कहा कि विभागीय दक्षता बढ़ाने हमने इस वित्तीय वर्ष में 10 जिला अधिकारी, 85 आबकारी उपनिरीक्षक की भर्ती की है तथा 200 आबकारी आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। वर्ष 2024-25 हेतु निर्धारित किये गये 10500 करोड़ (दस हजार पांच सौ करोड़) आबकारी राजस्व लक्ष्य के विरूद्ध 10145 करोड़ (दस हजार एक सौ पैतालीस करोड़) का आबकारी राजस्व अर्जित किया गया जो कि इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित आबकारी राजस्व 8430 करोड़ (आठ हजार चार सौ तीस करोड़) की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है तथा राज्य के कुल कर राजस्व प्राप्ति का लगभग 11 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त नीति एवं विभागीय कार्ययोजना से आबकारी राजस्व में सुनिश्चित वृद्धि परिलक्षित हुई है। अतः आबकारी विभाग के लिये वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 12000 करोड़ (बारह हजार करोड़) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके विरूद्ध 28 फरवरी, 2026 तक रूपये 9660.00 करोड़ (नौ हजार छः सौ साठ करोड़) का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो कि कुल राजस्व लक्ष्य का 80.50 प्रतिशत है।
मंत्री देवांगन नेे कहा कि वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग में प्रशासनिक सुविधा एवं दक्षता हेतु नवा रायपुर में पृथक कम्पोजिट कार्यालय भवन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। कम्पोजिट कार्यालय भवन में आबकारी मुख्यालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट ब्रेवरेज कारपोरेशन लिमिटेड, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता कार्यालय, राज्य आबकारी प्रशिक्षण संस्थान, रासायनिक प्रयोगशाला एवं समान प्रांगण में प्रशिक्षु कर्मचारियों हेतु छात्रावास एवं प्रशिक्षण स्थल का निर्माण प्रस्तावित है। आबकारी विभाग के कम्पोजिट कार्यालय भवन निर्माण हेतु बजट में 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
]]>श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा आज प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है।
विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिको को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।
मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।
श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।
कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा।
देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।
शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी, जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर अपर श्रम आयुक्त एस एल जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके, प्रभारी संचालक ओद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे.
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