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खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। शनि-रवि की रात अज्ञात चोरों ने दुकान को निशाना बना धावा बोल दिया। वहां से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए।
मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ।
सूत्रों की मानें तो शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे के आसपास चोरों ने दुकान में एंट्री की थी। चोरों को शायद पता था कि रविवार को दुकान नहीं खुलेगी, इसलिए उनके पास भागने के लिए पूरा एक दिन और एक रात का वक्त था।
वारदात की खबर मिलते ही खम्हारडीह पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया जा रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और दूसरे सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अब दुकान के आसपास के इलाकों और चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने का रास्ता पता चल सके।
घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच
सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र स्थित किलोल पार्क के पास 10 अप्रैल की सुबह टीबी रोग विशेषज्ञ वरिष्ठ डॉक्टर के साथ हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लूट की साजिश किसी पेशेवर गैंग ने नहीं, बल्कि फरियादी डॉक्टर की करीबी महिला मित्र आलिया खान ने ही रची थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड महिला और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
श्यामला हिल्स पुलिस के अनुसार, फरियादी डॉक्टर मनोज वर्मा रोज सुबह साइकिलिंग के लिए निकलते थे और हाथ में करीब 11 तोले का सोने का कड़ा पहनते थे। इसी बात ने आरोपी महिला आलिया खान को लालच में डाल दिया। डॉक्टर की परिचित होने के कारण वह उनकी दिनचर्या, रूट और आदतों से भली-भांति वाकिफ थी। उसने इसी जानकारी का फायदा उठाकर अपने साथियों के साथ लूट की साजिश रची।
करीबी महिला मित्र निकली साजिश की मास्टरमाइंड
पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया कि इस अपराध के पीछे मुख्य साजिशकर्ता आलिया खान थी, जो डॉक्टर की जान-पहचान की महिला मित्र थी. आलिया को डॉक्टर के काफी करीब माना जाता था और उसे डॉक्टर के पास मौजूद कीमती सामानों के साथ-साथ उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों की भी पूरी जानकारी थी. पैसे के लालच में आकर आलिया ने कई साथियों के साथ मिलकर लूट की एक साजिश रची. उसने लुटेरों को डॉक्टर की सटीक जगह और उनके कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसके आधार पर अपराधियों ने इस अपराध को अंजाम दिया।
दो आरोपी गिरफ्तार दो की तलाश जारी
तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने इस मामले की मुख्य मास्टरमाइंड आलिया खान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूटे गए सोने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. हालांकि इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है. यह मामला उन अपराधों का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जो सामाजिक विश्वास और रिश्तों की बुनियाद के भीतर ही पनपते हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले डॉक्टर की रेकी की और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। घटना वाले दिन बदमाश सुनसान इलाके में पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही डॉक्टर पॉलीटेक्निक रोड से किलोल पार्क के पास पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद उनके ऊपर मिर्च पाउडर फेंका गया, जिससे वे असहाय हो गए और बदमाश सोने का कड़ा लूटकर फरार हो गए।
वारदात का तरीका
जैसे ही डॉक्टर वहां पहुंचे, अरशान खान ने उनका पीछा करते हुए साइकिल को टक्कर मारी, जिससे वे गिर पड़े। इसके बाद उसके दो साथियों ने डॉक्टर की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और सोने का कड़ा लूटकर फरार हो गए। तीनों आरोपी बाइक पर मौके से भाग निकले।
CCTV से खुला राज
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। जांच आगे बढ़ने पर शक की सुई सीधे आलिया खान पर जा टिकी। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने साजिश कबूल कर ली और अपने साथी अरशान का नाम उजागर किया।
एनजीओ चलाती है आरोपित
27 वर्षीय आलिया खान तलैया इलाके की निवासी है और खुद को समाज सेविका बताते हुए एक NGO चलाती है। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात डॉक्टर से मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी। इसके बाद उसने योजनाबद्ध तरीके से उनकी निजी जानकारी जुटाई। पुलिस रिकॉर्ड में आलिया के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला भी दर्ज है।
वहीं, 22 वर्षीय अरशान खान, टीला जमालपुरा का रहने वाला है और उसका भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। उसी ने वारदात के दौरान डॉक्टर का पीछा कर उन्हें गिराया और साथियों के साथ लूट को अंजाम दिया।
पुलिस का यह कहना
जोन-3 के प्रभारी डीसीपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल लूट कांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। जांच के दौरान शक आलिया खान पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने साजिश कबूल कर ली और अपने साथी अरशान खान का नाम भी बताया। पुलिस ने आलिया खान (27), निवासी तलैया, और अरशान खान (22), निवासी टीला जमालपुरा, को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया गया है कि आलिया खुद को समाजसेविका बताकर एक एनजीओ संचालित करती है और कुछ महीने पहले सुबह की सैर के दौरान उसकी डॉक्टर से पहचान हुई थी। उसने धीरे-धीरे उनकी निजी जानकारी जुटाई और वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आलिया के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा।
]]>राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र स्थित किलोल पार्क के पास 10 अप्रैल की सुबह टीबी रोग विशेषज्ञ वरिष्ठ डॉक्टर के साथ हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लूट की साजिश किसी पेशेवर गैंग ने नहीं, बल्कि फरियादी डॉक्टर की करीबी महिला मित्र आलिया खान ने ही रची थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड महिला और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
श्यामला हिल्स पुलिस के अनुसार, फरियादी डॉक्टर मनोज वर्मा रोज सुबह साइकिलिंग के लिए निकलते थे और हाथ में करीब 11 तोले का सोने का कड़ा पहनते थे। इसी बात ने आरोपी महिला आलिया खान को लालच में डाल दिया। डॉक्टर की परिचित होने के कारण वह उनकी दिनचर्या, रूट और आदतों से भली-भांति वाकिफ थी। उसने इसी जानकारी का फायदा उठाकर अपने साथियों के साथ लूट की साजिश रची।
करीबी महिला मित्र निकली साजिश की मास्टरमाइंड
पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया कि इस अपराध के पीछे मुख्य साजिशकर्ता आलिया खान थी, जो डॉक्टर की जान-पहचान की महिला मित्र थी. आलिया को डॉक्टर के काफी करीब माना जाता था और उसे डॉक्टर के पास मौजूद कीमती सामानों के साथ-साथ उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों की भी पूरी जानकारी थी. पैसे के लालच में आकर आलिया ने कई साथियों के साथ मिलकर लूट की एक साजिश रची. उसने लुटेरों को डॉक्टर की सटीक जगह और उनके कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसके आधार पर अपराधियों ने इस अपराध को अंजाम दिया।
दो आरोपी गिरफ्तार दो की तलाश जारी
तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने इस मामले की मुख्य मास्टरमाइंड आलिया खान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूटे गए सोने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. हालांकि इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है. यह मामला उन अपराधों का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जो सामाजिक विश्वास और रिश्तों की बुनियाद के भीतर ही पनपते हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले डॉक्टर की रेकी की और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। घटना वाले दिन बदमाश सुनसान इलाके में पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही डॉक्टर पॉलीटेक्निक रोड से किलोल पार्क के पास पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद उनके ऊपर मिर्च पाउडर फेंका गया, जिससे वे असहाय हो गए और बदमाश सोने का कड़ा लूटकर फरार हो गए।
वारदात का तरीका
जैसे ही डॉक्टर वहां पहुंचे, अरशान खान ने उनका पीछा करते हुए साइकिल को टक्कर मारी, जिससे वे गिर पड़े। इसके बाद उसके दो साथियों ने डॉक्टर की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और सोने का कड़ा लूटकर फरार हो गए। तीनों आरोपी बाइक पर मौके से भाग निकले।
CCTV से खुला राज
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। जांच आगे बढ़ने पर शक की सुई सीधे आलिया खान पर जा टिकी। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने साजिश कबूल कर ली और अपने साथी अरशान का नाम उजागर किया।
एनजीओ चलाती है आरोपित
27 वर्षीय आलिया खान तलैया इलाके की निवासी है और खुद को समाज सेविका बताते हुए एक NGO चलाती है। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात डॉक्टर से मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी। इसके बाद उसने योजनाबद्ध तरीके से उनकी निजी जानकारी जुटाई। पुलिस रिकॉर्ड में आलिया के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला भी दर्ज है।
वहीं, 22 वर्षीय अरशान खान, टीला जमालपुरा का रहने वाला है और उसका भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। उसी ने वारदात के दौरान डॉक्टर का पीछा कर उन्हें गिराया और साथियों के साथ लूट को अंजाम दिया।
पुलिस का यह कहना
जोन-3 के प्रभारी डीसीपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल लूट कांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। जांच के दौरान शक आलिया खान पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने साजिश कबूल कर ली और अपने साथी अरशान खान का नाम भी बताया। पुलिस ने आलिया खान (27), निवासी तलैया, और अरशान खान (22), निवासी टीला जमालपुरा, को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया गया है कि आलिया खुद को समाजसेविका बताकर एक एनजीओ संचालित करती है और कुछ महीने पहले सुबह की सैर के दौरान उसकी डॉक्टर से पहचान हुई थी। उसने धीरे-धीरे उनकी निजी जानकारी जुटाई और वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आलिया के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा।
]]>एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंसूर पुत्र बहादुर अली पटेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम कालियादेह भैरवगढ़ ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डायल 112 पर सूचना दी कि सात अज्ञात बदमाशों द्वारा साधु के वेश में उसकी कार रोककर मारपीट एवं लूटपाट की गई। पटेल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हीना बी व दो बच्चों के साथ अपनी कार क्रमांक एमपी 09 जेडवी से कालियादेह से होते हुए इंदौर जा रहा था। पंवासा ओवरब्रिज पार कर नीमनवासा मोड़ पर पहुंचने पर अचानक छह व्यक्ति जिनमें चार साधु के वेश में थे हाईवे पर कार के सामने आ गए।
गाड़ी रोकते ही सभी ने कार को घेर लिया और चारों साधु वेशधारी व्यक्ति धमकाने लगे कि पैसे व जेवर दे दो, नहीं तो भस्म कर देंगे। सभी आरोपितों ने पटेल व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए जबरदस्ती सोने की दो अंगूठियां एवं पांच हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद कार क्रमांक डीएल 2 सीएएक्स में बैठकर फरार हो गए। भागते समय उन्होंने पटेल को धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पटेल ने पंवासा थाने में केस दर्ज करवाया।
नरवर टीआई ने आधे घंटे में किया गिरफ्तार
कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही वायरलैस सेट पर जानकारी दी गई थी। नरवर टीआई बल्लू मंडलोई व टीम देवास रोड पर पालखंदा में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर कार को घेरकर उसमें सवार सात बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने पर नागझिरी व पंवासा पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।
यह बदमाश पकड़े गए
बदमाशों ने अपने नाम अलीनाथ पुत्र धर्मवीर नाथ उम्र 20 वर्ष निवासी मंगल कॉलोनी देहा बस्ती, करनाल रुरल, हरियाणा, मगन पुत्र दिलीप नाथ उम 19 वर्ष निवासी धर्मपुरा कालोनी, नजफगढ़, दिल्ली, अरुण नाथ पुत्र मीणा नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी आरके कॉलोनी मुर्यला, जिला सोनीपत, हरियाणा, राजेश पुत्र ऋषिपाल नाथ उम्र 41 वर्ष निवासी धर्मपुरा एक्स नजफगढ़, साउथ वेस्ट दिल्ली, रूमालनाथ पुत्र फूलनाथ उम्र 60 वर्ष निवासी लाल मंदिर के पास, रंगपुरी पहाड़ी नाला कैंप, थाना बसंतकुंज, दिल्ली, बिरजू नाथ पुत्र मिश्री नाथ, उम्र 45 वर्ष निवासी इन्द्रा विकास कालोनी, थाना मुखर्जी नगर, दिल्ली, राकेश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी नंद नगरी, साहिबाबाद बताए हैं।
यहां भी की वारदातें
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शाजापुर के लालघाटी, घटिया थाना क्षेत्र के जैथल, देवास में भी करना स्वीकार किया है। सभी बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के है। दो बदमाश बिरजूनाथ व अलीनाथ के खिलाफ थाना मोती नगर दिल्ली व करनाल सदल हरियाणा में केस दर्ज हैं।
]]>गया का रहने वाला है आकाश दास
जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास को गया, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया। बाकी का सोना अन्य सदस्यों को बांटना बताया है।
यह जगहों पर की है बैंक डकैती
वह बैंक डकैती का शातिर मास्टरमाइंड है। उसने साल 2011 से 2025 तक सासाराम, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ सहित अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती को वारदात को अंजाम दिया है। वह विगत 18 जून को जमानत पर रायगढ़ जेल से रिहा हुआ था। इसके दो माह बाद ही अपने साथियों के साथ खितौला बैंक डकैती को अंजाम दिया।
3 राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
मामले में जबलपुर पुलिस आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था।
बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
जबलपुर पुलिस दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है।
बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार
जबलपुर एसपी ने बताया कि गैंग के सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को बिहार पुलिस की मदद से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। उसी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उसके रुकने के लिए डोभी में व्यवस्था की गई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दबिश देकर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
11 अगस्त को हुई थी लूट
गौरतलब है कि खितौला थानान्तर्गत स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सोमवार 11 अगस्त की सुबह 8.50 बजे हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन युवकों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। लॉकर में रखे लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे। आरोपी युवकों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने जांच के बाद बैंक डकैती में शामिल तीन स्थानीय और एक दमोह निवासी युवक को गिरफ्तार किया था।
जेल में हुई थी प्लानिंग
दरअसल, पाटन निवासी रईस मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ रायगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी दोस्ती डकैती के आरोप में जेल में बंद बिहार गैंग से हुई थी। जेल में ही रईस और बिहार गैंग के सदस्यों ने बैंक डकैती की योजना तैयार की थी।
दोस्त के नाम पर बाइक फायनेंस करवाई
रईस ने अपने साथी हेमराज के नाम पर नई मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। जिनका उपयोग घटना में किया गया। बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार गैंग के पांचों आरोपी इंद्राना स्थित मकान में पहुंचे थे। रईस और हेमराज ने उन्हें सुरक्षित दमोह तक पहुंचाया था। दमोह में रईस के साथी विकास चक्रवर्ती ने उनके खाने की व्यवस्था ढाबे में करवाई और कोलकाता एक्सप्रेस से झारखंड जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की।
राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना
राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं। वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं। आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
इंद्रजीत ने बताया राजेश दास का ठिकाना एमपी पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है।
एमपी पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को पकड़ा। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया।
आपस में बांटा सोना-पैसा, खेत में छिपाया
आरोपी ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है।
बिहार का हार्डकोर डकैत, 12 शहरों में केस आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं।
वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी।
हथियारबंद बदमाशों ने की थी बैंक में वारदात
11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग गए थे। मामले में पाटन उडना निवासी रईस लोधी, हेमराज सिंह, इंद्राना निवासी सोनू बर्मन और दमोह निवासी विकास चक्रवर्ती की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है।
आरोपियों ने बताया था बिहार भेजा सोना
पुलिस पूछताछ में आरोपी रहीस सिंह ने बताया था कि सारा गोल्ड बिहार के रहने वाले साथियों के पास छिपा दिया है। डेढ़ लाख अपने पास रखे थे। इनका प्लान था कि सोना लेकर कुछ लोग बिहार में छिपे रहेंगे। मौका पाकर हम बिहार जाएंगे और वहां बंटवारा कर लेंगे। आरोपी के बयान के आधार पर एमपी पुलिस ने बिहार पुलिस को अलर्ट किया था और तभी से बिहार एसटीएफ आरोपियों को तलाश कर रही थी।
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गया का रहने वाला है आकाश दास
जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास को गया, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया। बाकी का सोना अन्य सदस्यों को बांटना बताया है।
यह जगहों पर की है बैंक डकैती
वह बैंक डकैती का शातिर मास्टरमाइंड है। उसने साल 2011 से 2025 तक सासाराम, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ सहित अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती को वारदात को अंजाम दिया है। वह विगत 18 जून को जमानत पर रायगढ़ जेल से रिहा हुआ था। इसके दो माह बाद ही अपने साथियों के साथ खितौला बैंक डकैती को अंजाम दिया।
3 राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
मामले में जबलपुर पुलिस आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था।
बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
जबलपुर पुलिस दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है।
बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार
जबलपुर एसपी ने बताया कि गैंग के सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को बिहार पुलिस की मदद से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। उसी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उसके रुकने के लिए डोभी में व्यवस्था की गई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दबिश देकर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
11 अगस्त को हुई थी लूट
गौरतलब है कि खितौला थानान्तर्गत स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सोमवार 11 अगस्त की सुबह 8.50 बजे हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन युवकों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। लॉकर में रखे लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे। आरोपी युवकों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने जांच के बाद बैंक डकैती में शामिल तीन स्थानीय और एक दमोह निवासी युवक को गिरफ्तार किया था।
जेल में हुई थी प्लानिंग
दरअसल, पाटन निवासी रईस मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ रायगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी दोस्ती डकैती के आरोप में जेल में बंद बिहार गैंग से हुई थी। जेल में ही रईस और बिहार गैंग के सदस्यों ने बैंक डकैती की योजना तैयार की थी।
दोस्त के नाम पर बाइक फायनेंस करवाई
रईस ने अपने साथी हेमराज के नाम पर नई मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। जिनका उपयोग घटना में किया गया। बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार गैंग के पांचों आरोपी इंद्राना स्थित मकान में पहुंचे थे। रईस और हेमराज ने उन्हें सुरक्षित दमोह तक पहुंचाया था। दमोह में रईस के साथी विकास चक्रवर्ती ने उनके खाने की व्यवस्था ढाबे में करवाई और कोलकाता एक्सप्रेस से झारखंड जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की।
राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना
राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं। वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं। आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
इंद्रजीत ने बताया राजेश दास का ठिकाना एमपी पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है।
एमपी पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को पकड़ा। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया।
आपस में बांटा सोना-पैसा, खेत में छिपाया
आरोपी ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है।
बिहार का हार्डकोर डकैत, 12 शहरों में केस आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं।
वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी।
हथियारबंद बदमाशों ने की थी बैंक में वारदात
11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग गए थे। मामले में पाटन उडना निवासी रईस लोधी, हेमराज सिंह, इंद्राना निवासी सोनू बर्मन और दमोह निवासी विकास चक्रवर्ती की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है।
आरोपियों ने बताया था बिहार भेजा सोना
पुलिस पूछताछ में आरोपी रहीस सिंह ने बताया था कि सारा गोल्ड बिहार के रहने वाले साथियों के पास छिपा दिया है। डेढ़ लाख अपने पास रखे थे। इनका प्लान था कि सोना लेकर कुछ लोग बिहार में छिपे रहेंगे। मौका पाकर हम बिहार जाएंगे और वहां बंटवारा कर लेंगे। आरोपी के बयान के आधार पर एमपी पुलिस ने बिहार पुलिस को अलर्ट किया था और तभी से बिहार एसटीएफ आरोपियों को तलाश कर रही थी।
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इंदौर शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार रेसकोर्स रोड पर लूट की बड़ी वारदात की घटना सामने आई है। दो बदमाशों ने यहां चाकू अड़ाकर चार लोगों से सोने के आभूषण लूट लिए। सोने के आभूषण लाखों रुपये कीमत के बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद तुकोगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अब इस मामले में सीसीटीवी कैमरे खंगालकर बदमाशों की तलाश में जुट गई है। व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना से कई सवाल खड़े होने लगे हैं। बदमाश लोगों को धमका रहे थे कि अगर वे गहने नहीं देते तो उन्हें चाकू मार देंगे। घबराए लोगों ने अपने गहने उतारकर उन्हें दे दिए। जिसे लेकर वे फरार हो गए।
कॉलोनियों में घुसे चोर, घरों से लाखों के आभूषण चुराए
रात्रि गश्त और नाकाबंदी के बाद भी नकाबपोश बदमाश सूने घरों में घुस गए। पाश कॉलोनियों से चोर लाखों रुपये कीमती आभूषण, नकदी, लेपटाप व अन्य सामान चुराकर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर अलग-अलग घरों में दस्तक देते नजर आ रहे हैं। वारदात की शुरुआत राऊ थाना अंतर्गत साईं रायल पाल्म कालोनी में हुई है। फरियादी राशी सोलंकी सात नवंबर को रात करीब आठ बजे पति नवनीतसिंह सोलंकी के साथ पैतृक निवास सुदामा नगर गई थीं।
महंगी शराब की बोतलें भी चुरा ली
शनिवार सुबह सवा आठ बजे पड़ोसी जेके सोनी ने कॉल कर बताया घर का दरवाजा खुला हुआ है। राशी और नवनीत घर आए तो पता चला घर में चोरी हुई है। पांच अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। चोर सोने के आभूषण,नकदी और महंगी शराब की बोतलें चुरा कर ले गए। राशी और नवनीत सरकारी शिक्षक हैं। उन्होंने थाने में शिकायत की। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट पहुंचे और चोरों के फिंगर प्रिंट जुटाए।
पुलिस ने कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो चार चोर नजर आए दो दो-दो की टुकड़ी बनाकर चोरी कर रहे थे। चोरों ने कई घरों के दरवाजों पर दस्तक दी थी। जिन घरों में ताले नहीं लगे उनको छोड़ दिया। सीसीटीवी की जांच कर रहे हैं।
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15 लाख रुपये निकाले थे
सोमवार दोपहर करीब 1.25 बजे पोस्ट आफिस कर्मचारी श्यामसिंह ठाकुर स्टेट बैंक आफ इंडिया की मोती बंगला शाखा से 15 लाख रुपये लेकर बाहर निकला। इसमें से 12 लाख रुपये उसने कंधे पर चमड़े के बैग में रखे थे, जबकि बैग में जगह नहीं होने के कारण 100-100 के नोट में 3 लाख रुपये एक थैली में डालकर हाथ में लेकर जा रहा था।
बाइक पर सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर बैग छीना
बैंक के ठीक सामने LIC आफिस में कर्मचारी की बाइक खड़ी थी, जिसको लेने के लिए वह जैसे ही सड़क पार करने लगा इंदिरा गांधी चौराहा की ओर से लाल रंग की बाइक पर सवार दो युवक आए। सड़क के बीच ही पल्सर पर पीछे बैठे युवक ने झपट्टा मारकर कर्मचारी के हाथ से रुपये से भरी थैली छीनी और तेजी से बाइक भगा दी। कर्मचारी उनके पीछे दौड़ा और शोर मचाया, परन्तु बदमाश गलियों में ओझल हो गए। कर्मचारी श्यामसिंह ने बताया कि बाइक चला रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना था, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति का चेहरा खुला हुआ था। घटना से वे घबरा गए थे। ठाकुर ने बताया कि उन्होंने ट्रेजरार को सूचना दी, जिसके बाद पोस्ट मास्टर व ट्रेजरार मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी।
खंगाले सीसीटीवी कैमरे
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर सीएसपी दीशेष अग्रवाल, टीआई कोतवाली अजय गुर्जर सहित पुलिस बल पहुंचा और फरियादी से चर्चा की। पुलिसकर्मियों ने आसपास के आफिस एवं भवनों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। साथ ही बैंक के कैमरे भी खंगाले गए। सीसीटीवी कैमरों में बाइक सवार भागते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। टीआई गुर्जर ने बताया कि आरोपितों के तलाश में टीमें लगी हुई हैं।
बेखौफ बदमाश, भीड़ में वारदात
मोती बंगला स्थित स्टेट बैंक की शाखा संकरे रास्ते पर है। यहां पूरे दिन भीड़ और रास्ता जाम जैसे हालात रहते हैं। यहीं एलआयसी कार्यालय सहित अन्य भवनों में कार्यालय हैं। पास की गली में दो बड़ी बैंक भी है। ऐसी जगह पर दोपहर में कई लोगों की मौजूदगी में हुई वारदात से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बैंक के पास ही सघन रहवासी क्षेत्र भी है, जिससे यहां कार्यालयों में कार्यरत लोगों के साथ रहवासी भी सकते में आ गए।
दोनों युवाओं ने इस मामले को लेकर आयोध्यानगर थाना पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामला ऐशबाग थाने पहुंचा और पूरी जांच के बाद ऐशबाग पुलिस ने प्रेमिका समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। वहीं इस मामले में उनका साथ देने वाले अन्य दो नाबालिगों को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
मामले की जांच कर रहे एएसआइ संजय ओझा ने बताया कि निजामुद्दीन नगर निवासी अमित कुमार शर्मा पेशे से क्रिकेटर हैं। करीब चार महीने पहले अमित की खुशी उर्फ देवी वर्मा से दोस्ती हुई थी। 20 अक्टूबर को खुशी की नाबालिग दोस्त ने अमित को फोन कर खुशी की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी।
अमित अपने दोस्त आशीष कुमार को लेकर ऐशबाग स्थित उसके रूम पहुंचा तो वहां पहले से मो. कैफ और आरिश खान समेत तीन लड़के मौजूद थे। उन्होंने अमित और उसके दोस्त से पहले अभद्रता की और फिर खुशी व उसकी नाबालिग दोस्त के साथ दोनों युवकों को अगवाकर परवलिया ले गए। यहां उन्होंने एटीएम, यूपीआइ और नगद के माध्यम से करीब 20 हजार रुपये लूटे और फिर दोनों के आइफोन समेत तीन कीमती फोन भी लूटकर भाग गए थे।
]]>ग्वालियर में एक कबाड़ा व्यापारी के घर मंगलवार – बुधवार की दरमियानी रात 3 बजे बदमाशों ने डकैती डाली। छत के रास्ते घर में घुसे बदमाशों ने पूरे परिवार को पहले तो बंधक बनाया, इसके बाद सभी को अलग-अलग कमरों में बंद कर पूरे घर में लूटपाट की।
घटना ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के किशनबाग की है। यहां रहने वाले शाकिर खान के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 से 3 बजे वे परिवार के साथ घर में सो रहे थे। घर में पांच नकाबपोश बदमाश घुस आए। बदमाशों ने उनके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। पत्नी रुखसार और बच्ची को भी रस्सी से बांध दिया।
घर से 4 लाख रुपए कैश और गहने लूटकर ले गए। बदमाशों के जाने पर व्यापारी ने परिजनों को जानकारी दी। परिवार के लोग व्यापारी के घर पहुंचे और उन्हें, उनकी पत्नी और बच्ची की रस्सियां खोलीं।
एक बदमाश ने पकड़ा, दूसरे ने कट्टा अड़ाया
पुलिस पूछताछ में कारोबारी शाकिर खान ने बताया कि बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे थे, इस बीच वे टॉयलेट करने के लिए उठे, सबसे पहले एक बदमाश ने उन्हें पकड़ लिया। दूसरे बदमाश ने कट्टा अड़ा दिया। तीसरे बदमाश ने पूछा- पैसे कहां रखे हैं। डर की वजह से उन्हें बता दिया कि पैसे घर में इस जगह रखे हैं। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें, पत्नी और बच्ची को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया।
शाकिर का कहना है कि जो पैसे बदमाश ले गए, वो पत्ती के उठाए थे। दिवाली के चलते कबाड़ की खरीद और बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही थी, इसी के कारण उन्हें कबाड़ा खरीदने के लिए और भी पैसों की जरूरत थी।
पुलिस बोली- मामला संदिग्ध लग रहा है, जांच की जा रही है
बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि थाने का बल और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पूछताछ में जो घटनाक्रम कबाड़ा कारोबारी बता रहा है, वो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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