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साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ आस्था का सुपर हाईटेक मेला होने वाला है। जिसकी तैयारियां पुलिस महकमे द्वारा अभी से ही शुरू कर दी गई है। सबसे खास बात यह है कि सिंहस्थ मेले का पूरा क्राउड मैनेजमेंट ही एआइ तकनीक के जरिए किया जाएगा। भीड़ प्रबंधन के लिए एआई इनेबल कैमरा, आरएफआईडी रिस्टबैंड, ड्रोन सर्विलांस और मोबाइल एप ट्रैकिंग जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। सिंहस्थ महाकुंभ मेला में पहली बार साइबर मॉनिटरिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी।
साइबर यूनिट डिजिटल माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों से लेकर ऑनलाइन ठगी की कोशिशों पर नियंत्रण का काम करेंगी। साथ ही इस यूनिट द्वारा सोशल मीडिया कंटेंट और डिजिटल गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। वहीं मोबाइल नेटवर्क बाधित नहीं हो इसके लिए अस्थायी मोबाइल टॉवर, हाई- स्पीड डेटा कनेक्टिविटी की योजना गई है।
यूपी का दल जल्द आएगा उज्जैन
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर यूपी का एक दल जल्द उज्जैन का दौरा करने वाला है। जिसके दौरे में प्रबंधन की बारीकियां समझी जाएंगी। दल में वह अधिकारी शामिल होंगे जिन्होंने प्रयागराज महाकुंभ मेले में महत्वपूर्ण जिमेदारियां निभाई है। बता दें, इससे पहले डीजीपी कैलाश मकवाना ने भी अधिकारियों की बैठक लेकर महाकुंभ में तकनीकी मदद लेने पर जोर दिया था।
]]>65 करोड़ श्रद्धालुओं के किसी एक स्थान पर जुटने का इतिहास में और कोई उदाहरण नहीं दिखाई देता। सनातन के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था, दृढ़ निश्चय और विश्वास का ही यह फल है कि संगम तट पर इतना विशाल जनसमूह 45 दिनों में एकत्र हो गया। यदि इस संख्या की दुनिया भर के देशों की आबादी से तुलना की जाए तो कई देशों की आबादी इसमें समा जाएगी। उदाहरण के तौर पर अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां अब तक आ चुके हैं। यही नहीं, जापान की 5 गुनी आबादी, यूके की 10 गुनी से ज्यादा आबादी और फ्रांस की 15 गुनी से ज्यादा आबादी ने यहां आकर त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगा ली है।
देश की लगभग आधी आबादी ने लगाई डुबकी
तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित इस महाकुम्भ में संख्या के लिहाज से भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। यदि देश की कुल जनसंख्या से स्नानार्थियों की तुलना की जाए तो इसके अनुसार भी लगभग 50 प्रतिशत भारत ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा ली है। वहीं अगर सनातन धर्मावलंबियों की बात करें तो देश के 60 प्रतिशत से ज्यादा और दुनिया के करीब 55 प्रतिशत सनातनी श्रद्धालुओं ने पावन स्नान कर लिया है। 45 दिन तक चले इस आयोजन में श्रद्धा की डुबकी लगाने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु जुटे हैं। 73 देशों के राजनयिकों के साथ भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत तमाम देशों के अतिथि यहां अमृत स्नान करने पहुंचे। यही नहीं, मां जानकी के मायके नेपाल के 50 लाख से अधिक लोग अब तक त्रिवेणी के पवित्र जल में स्नान कर महाकुम्भ के साक्षी बन चुके हैं। इसके अलावा इटली, फ्रांस, यूके, पुर्तगाल, अमेरिका, इजराइल, ईरान, मॉरीसस समेत दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं।
सीएम योगी की उम्मीदों के पार पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा
मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर के भी पार पहुंच गया है, जिसकी महाकुम्भ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुम्भ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या सीएम योगी के अनुमान से भी आगे निकल गई। बीती 11 फरवरी को ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया, जबकि 22 फरवरी को यह संख्या 60 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई। महाशिवरात्रि पर 65 करोड़ की संख्या पारकर इसने नया कीर्तिमान बना दिया।
]]>प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 ने इतिहास रच दिया है। 13 जनवरी से शुरू हुए इस विराट समागम में अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। महाकुंभ के इस आयोजन का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि पूरी दुनिया में केवल भारत और चीन की जनसंख्या ही इस संख्या से अधिक है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से महाकुंभ ने अपनी दिव्यता और भव्यता से दुनिया को आकर्षित किया है। सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेगी, जो अब सच साबित हो चुका है। शुरुआत में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, जो 11 फरवरी को ही पूरा हो गया था। 14 फरवरी तक यह संख्या 50 करोड़ को पार कर गई है, और आगामी स्नान पर्वों के साथ यह संख्या 55 से 60 करोड़ तक जा सकती है।
यूएस सेंसस ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया के 200 से अधिक राष्ट्रों में जनसंख्या के दृष्टिकोण से टॉप 10 देशों में क्रमश: भारत (1,41,93,16,933), चीन (1,40,71,81,209), अमेरिका (34,20,34,432), इंडोनेशिया (28,35,87,097), पाकिस्तान (25,70,47,044), नाइजीरिया (24,27,94,751), ब्राजील (22,13,59,387), बांग्लादेश (17,01,83,916), रूस (14,01,34,279) और मैक्सिको (13,17,41,347) शामिल हैं. वहीं महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब तक की (50 करोड़) हो चुकी है. अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस और मैक्सिको की जनसंख्या इससे कहीं पीछे है.
सीएम योगी ने अनुमान जताया था कि इस बार कुंभ में लोगों की संख्या का नया रिकॉर्ड बनेगा. शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया था. उनका यह आकलन बीते 11 फरवरी को ही सच साबित हो गया था. वहीं शुक्रवार 14 फरवरी को यह संख्या 50 करोड़ के ऊपर पहुंच चुकी है. अभी महाकुंभ में 12 दिन और एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं. स्नान करने वालों की यह संख्या 55 से 60 करोड़ के ऊपर जा सकती है.
विभिन्न स्नान पर्वों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
अब तक के कुल श्रद्धालुओं की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया था. एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई थी. इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी. माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पावन स्नान किया था.
दुनिया के प्रमुख देशों की जनसंख्या से अधिक श्रद्धालु ने लगाई डुबकी
यूएस सेंसस ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के टॉप 10 देशों की जनसंख्या में केवल भारत और चीन की जनसंख्या महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या से अधिक है। भारत की जनसंख्या 1.41 अरब और चीन की 1.40 अरब है, जबकि अमेरिका (34.2 करोड़), पाकिस्तान (25.7 करोड़), नाइजीरिया (24.3 करोड़) जैसे देशों की जनसंख्या महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से काफी कम है।
पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
महाकुंभ के दौरान विभिन्न स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई थी, वहीं पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया था। बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और माघी पूर्णिमा पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पावन स्नान किया।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की संख्या
महाकुंभ में अभी 12 दिन और एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष है, जिसमें और श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए पहुंच सकते हैं। इस बार के महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से कहीं अधिक रही है, जो एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड है।
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प्रयागराज में इन दिनों दिव्य और भव्य महाकुंभ मेला चल रहा है. इस हफ्ते शनिवार और रविवार को भारी के भीड़ आने का अनुमान जताया जा रहा है, जिसे देखते हुए मेला प्रशासन ने सभी पास को रद्द कर दिया है. पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया है. इसी के साथ-साथ प्रशासन ने प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन बंद करने की भी घोषणा की है. मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से सीख लेते हुए प्रशासन जरूरी सावधानियां बरत रहा हैं.
महाकुंभ मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में जाने के लिए जारी पास को रविवार और शनिवार के लिए रद्द कर दिया है. भारी भीड़ की आशंका के चलते 15 और 16 फरवरी को पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन भी घोषित किया गया है. इस दौरान किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. गाड़ियों को नजदीकी पार्किंग में पार्क करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन मेला क्षेत्र में बनी पार्किंग में गाड़ियां पार्क नहीं होगीं.
16 फरवरी तक संगम स्टेशन बंद
इस संदर्भ में मेला प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी कर दिया. कुंभ मेले में सुगम व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है. वहीं, रेलवे ने भी भारी भीड़ को देखते हुए संगम स्टेशन 16 फरवरी तक बंद करने का ऐलान किया है. भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में रेलवे ने जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है. दरअसल, वीकेंड की वजह से महाकुंभ नगर में शुक्रवार की सुबह से काफी संख्या में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है.
पुलिस ने कई जगह पार्किंग स्थल बनाए
बता दें कि शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ महाकुंभ में पहुंच रही है, इस वजह से कुंभ में भीड़ और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. वहीं दूरदराज़ से आने वाले श्रद्धालु भी अपनी गाड़ियां लेकर महाकुंभ में आना चाहते हैं, जिस वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी भी हो रही है, पुलिस ने भीड़ को देखते हुए कई जगह पार्किंग स्थल बनाए हैं. जहां उन गाड़ियों को रोका जाता है और उसके बाद श्रद्धालु पैदल या ई-रिक्शा या शटल बसों से ही महाकुंभ में आकर संगम स्नान कर सकते हैं. भीड़ के चलते संगम के आसपास के इलाके भी जाम हो गए हैं.
महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन
महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे 15, 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली और वाराणसी (प्रयागराज के रास्ते) के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन नंबर 02252/02251 चलाएगा. उत्तर रेलवे द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वंदे भारत स्पेशल ट्रेन संख्या 02252 सुबह 5.30 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी. वह 12.00 बजे प्रयागराज पहुंचेगी. इसके बाद 14.20 बजे वाराणसी पहुंचेगी. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा कि वापसी के लिए ट्रेन नंबर 02251 वाराणसी से 15:15 बजे चलेगी. ये ट्रेन 17.20 बजे प्रयागराज से रवाना होगी और उसी दिन 23.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी.
वीकेंड पर भारी भीड़ पहुंचने का अनुमान
महाकुंभ स्नान के लिए संगम स्टेशन पर पहुंची रही भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन को बंद करने का निर्णय लिया है. यह स्टेशन संगम के सबसे नजदीक है. यहां 16 फरवरी तक सभी तरह की एंट्री और एग्जिट पर रोक लगा दी है. बता दें कि माघ पूर्णिमा से पहले उमड़ी भीड़ के चलते 9 फरवरी को ही प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन 14 फरवरी तक के लिए बंद किया गया था, जिसे बढ़कर अब 16 फरवरी तक कर दिया गया है.
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विश्व की अमूर्त धरोहर महाकुंभ में अभी तक 48 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम पहले ही बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब पहले से घोषित चार विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी।
पहले दिन 14 फरवरी को संगम क्षेत्र में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ गंगा तट पर 10 किमी लंबाई में सफाई करेंगे। कुंभ-2019 में 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। अपने ही इस रिकॉर्ड को तोड़कर मील का नया पत्थर गढ़ा जाना है।
इसके अगले दिन 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान को रफ्तार देंगे। रिकॉर्ड की शृंखला में ही 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1000 ई-रिक्शा चलाने का रिकॉर्ड भी बनेगा।
13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यह अपने आप में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. महाकुंभ 2025 को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किया गया है. अब यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है. अब तक किसी भी धर्म में 31 दिनों में 48 करोड़ श्रद्धालु कहीं नहीं जुटे हैं. यह अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. इसी के साथ अगले 4 दिनों में 4 और भी विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहे हैं.
रिकॉर्ड एक, 15 हजार कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान : 14 फरवरी को 15000 कर्मचारी गंगा घाट पर 10 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाएंगे. गंगा घाटों पर कर्मियों की तैनाती की गई है. कुंभ 2019 में भी 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. अब इस रिकॉर्ड को तोड़कर प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण नया इतिहास रचेगा.
रिकॉर्ड दो, नदी की जलधारा में सफाई करेंगे 300 कर्मी : 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाएंगे. यह भी नया कीर्तिमान होगा. नदी की जलधारा में एक साथ सफाई कर्मी सफाई अभियान के लिए उतरेंगे.
रिकॉर्ड तीन, त्रिवेणी मार्ग पर चलेंगे 1001 ई-रिक्शा : 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1001 ई-रिक्शा चलाकर भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा.
रिकॉर्ड चार, 10 हजार लोग देंगे अपने हाथों की छाप : मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि 17 फरवरी को 10000 लोगों के हाथ के छाप ( हैंड प्रिंट) लेने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा. चारों रिकॉर्ड बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं. अगले 4 दिनों में यह सभी रिकॉर्ड बनेंगे. लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनेंगे.
साल 2019 में लगे अर्ध कुंभ में भी कई विश्व रिकॉर्ड बने थे. एक स्थान पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को एकत्र करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके अलावा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी चित्रकला प्रतियोगिता को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था.
2019 में भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की 3 सदस्यीय टीम ने संगम नगरी का दौरा किया था. 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 4 दिन तक आयोजित की गई चित्रकला प्रतियोगिता में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे. कुंभ के दौरान 7000 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने एक हाथ की छाप लगाई थी. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिया गया था. इससे पहले यह रिकॉर्ड सियोल में 4675 लोगों ने बनाया था.
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प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'ये नया उत्तर प्रदेश है. 25 करोड़ की आबादी है और कल तक 50 करोड़ लोग प्रयागराज में डुबकी लगा चुके हैं.' इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा.
महाकुंभ में माघ पूर्णिमा का स्नान जारी है। संगम से 15 किमी तक चारों तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ है। प्रशासन के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक 1.83 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। अनुमान है कि आज 2.5 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। श्रद्धालु पर हेलिकॉप्टर से 25 क्विंटल फूल बरसाए गए। काटजू रोड पर मस्जिद के बाहर जुटे नमाजियों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की।
प्रयागराज जाने वाले रास्तों में भीषण जाम के बाद ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया गया है। शहर में वाहनों की एंट्री बंद है। मेला क्षेत्र में भी कोई भी वाहन नहीं चलेगा। ऐसे में श्रद्धालुओं को संगम पहुंचने के लिए 8 से 10 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। प्रशासन पार्किंग से शटल बसें चला रहा है। हालांकि यह बेहद सीमित हैं।
संगम पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। वहां लोगों को रुकने नहीं दे रहे हैं, ताकि भीड़ न बढ़ पाए। ज्यादातर लोगों को बाकी घाटों पर स्नान के लिए भेजा जा रहा है।
भीड़ कंट्रोल के लिए पहली बार मेले में 15 जिलों के डीएम, 20 IAS और 85 PCS अफसर तैनात किए गए हैं। काटजू रोड पर अब्दुल्लाह मस्जिद में उमड़े नमाजियों ने श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए।
इधर, लखनऊ में सीएम योगी सुबह 4 बजे से मुख्यमंत्री आवास पर बने वॉर रूम से महाकुंभ की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीजी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और कई सीनियर अफसर भी हैं।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, माघ पूर्णिमा स्नान का मुहूर्त शाम 7.22 मिनट तक रहेगा। महाकुंभ मेले से भीड़ जल्दी बाहर निकल जाए, इसलिए लेटे हनुमान मंदिर, अक्षयवट और डिजिटल महाकुंभ सेंटर को बंद कर दिया गया है। आज महाकुंभ में कल्पवास भी खत्म हो जाएगा। संगम स्नान के बाद करीब 10 लाख कल्पवासी घर लौटेंगे।
महाकुंभ का आज 31वां दिन है। इससे पहले 4 स्नान पर्व हो चुके हैं। 13 जनवरी से अब तक करीब 46 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। अब 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर आखिरी स्नान पर्व होगा।
माघ पूर्णिमा के स्नान से जुड़े अपडेट्स
आज 190 ट्रेनें चलाई गईं, 9.46 लाख लोगों ने यात्रा की
रेलवे की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, आज 12 फरवरी को दोपहर 3 बजे तक यात्रियों की सुविधा के लिए 190 ट्रेनें चलाई गईं। कुल 9.46 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। इससे पहले 11 फरवरी को 343 गाड़ियां चलाई गईं। 14.69 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की।
मुस्लिमों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की, खाने-पीने का सामान दिया
प्रयागराज में काटजू रोड स्थित अब्दुल्लाह मस्जिद के बाहर जुटे नमाजियों ने माघी पूर्णिमा का स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। खाने पीने का सामान देकर श्रद्धालुओं को विदा किया। सोशल एक्टिविस्ट हसीब अहमद की अगुवाई में कई जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
विदेशी श्रद्धालु ने कहा- गंगा में डुबकी लगाना अविश्वसनीय अनुभव था
संगम स्नान के बाद विदेशी श्रद्धालु ने कहा- गंगा में पवित्र डुबकी लगाना एक अविश्वसनीय अनुभव था। यह अद्भुत है और हम यहां जो महसूस कर रहे हैं उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
]]>महाकुंभ के चलते प्रयागराज और आसपास के सभी होटलों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। मेरठ से प्रयागराज जाने वाले रास्ते पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट में भी लोगों की भारी संख्या देखी गई। ढाबों में सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा ग्राहक पहुंच रहे हैं, जिससे इन व्यवसायियों की आमदनी में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
हाईवे और उससे जुड़े मार्गों पर हजारों की संख्या में अस्थायी दुकानें भी लग गई हैं। सड़क किनारे पानी की बोतल, चाय-नाश्ता, खाने-पीने की चीजें बेचने वाले छोटे व्यापारियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। कई छोटे व्यापारी इसे अपने लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर मान रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें, कई जगह ईंधन खत्म
प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से महाकुंभ में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की खपत कई गुना बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर तो ईंधन खत्म होने की नौबत आ गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेरठ निवासी उमेश शर्मा, जो परिवार सहित प्रयागराज जा रहे थे, उन्होंने बताया कि हाईवे पर एक पेट्रोल पंप पर 45 मिनट तक लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पेट्रोल नहीं मिल सका।
ऑटो, ई-रिक्शा और बोट वालों ने यात्रियों की मजबूरी का उठाया फायदा
महाकुंभ में भीड़ बढ़ने के कारण प्रयागराज में स्थानीय परिवहन सेवा महंगी हो गई है। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने मनमाने किराए वसूले। जहां सामान्य दिनों में 10 से 20 रुपये किराया लिया जाता था, वहीं अब श्रद्धालुओं से 100 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सबसे ज्यादा लूट बाइक सवारों ने मचाई। संगम से करीब 2 किलोमीटर पहले ही यातायात बंद कर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ा। इस मौके का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को बाइक से संगम तक छोड़ने के लिए 1000 रुपये प्रति सवारी वसूले। एक बाइक पर दो सवारियों को ले जाकर 2000 रुपये तक की कमाई की जा रही है। संगम तट पर नाविकों ने भी श्रद्धालुओं की मजबूरी का लाभ उठाया। सामान्य दिनों में जो नाव किराया 50-100 रुपये था, वह अब 500 रुपये तक पहुंच गया है। श्रद्धालु इस मनमानी से काफी परेशान नजर आए।
पुलिस की तत्परता की सराहना
भारी भीड़ के बावजूद प्रयागराज पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी की लोग सराहना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने इस बार काफी बेहतर व्यवस्था की है। मेरठ के शहर क्षेत्र से सौरभ खाटू और उनके साथ आए लोगों ने बताया कि पुलिस हर जगह गाइड कर रही है और श्रद्धालुओं की मदद कर रही है। जिन लोगों को रास्ते की जानकारी नहीं थी, उन्हें पुलिसकर्मी सही दिशा दिखा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। शहर में कई स्थानों से प्रवेश मार्गी पर बड़ी बड़ी निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी के साथ की गई है। हालांकि, कुछ जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाई हुई, लेकिन कुल मिलाकर पुलिस व्यवस्था संतोषजनक रही।
विपक्ष को बताया सनातन विरोधी
महाकुंभ में स्नान करने आए कई श्रद्धालुओं ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उनका कहना था कि कुछ नेता लगातार सनातन धर्म को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि महाकुंभ केवल हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए रोजगार और आस्था का बड़ा केंद्र है। कई मुस्लिम दुकानदारों, होटल मालिकों, नाविकों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। मेरठ निवासी रामकिशन ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए ऐसे बयान देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि महाकुंभ सभी के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।
]]>इसके बावजूद, संगम की रेती पर चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है। लाखों श्रद्धालु प्रतापगढ़ से होकर प्रयागराज पहुंच रहे हैं, और उनके यात्रा मार्गों पर भी भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भदोही हाइवे पर कुछ राहत मिली है, वहीं वाराणसी-प्रयागराज NH 19 पर सुबह के समय जाम की स्थिति सामान्य है, लेकिन दोपहर बाद यहां वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
6 घंटे का रास्ता 24 घंटे में हो रहा पूरा
मध्य प्रदेश के जबलपुर से लेकर प्रयागराज तक के 350 किमी के रूट पर भारी जाम की स्थिति बन गई है। नेशनल हाईवे-30 पर लाखों वाहन फंसे हुए हैं, और श्रद्धालु रेंगते हुए महाकुंभ पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जबलपुर से प्रयागराज का रास्ता पहले 5 से 6 घंटे में तय हो जाता था, लेकिन अब यह समय बढ़कर 24 घंटे से ज्यादा हो चुका है। जाम की सबसे खराब स्थिति रीवा के आसपास देखी जा रही है, जहां वाहनों की लंबी कतारें और ट्रैफिक की भारी भीड़ बनी हुई है। प्रशासन द्वारा रास्ते को साफ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जाम की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलने की भी स्थिति आ रही है। महाकुंभ के इस अंतिम चरण में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है, लेकिन यातायात की समस्या निश्चित रूप से उनके यात्रा अनुभव को प्रभावित कर रही है।
काशी और अयोध्या में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
महाकुंभ के कारण काशी में भी भीड़ का दृश्य देखने को मिल रहा है। काशी आने वाली हर सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें हैं, और यहां तक कि एक मिनट में 40 नाव घाट से निकल रही हैं। 3 से 9 फरवरी तक, 35 लाख से ज्यादा श्रद्धालु काशी पहुंचे। अयोध्या में भी महाकुंभ के बाद रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है।
प्रयागराज में 43 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई
महाकुंभ के 29वें दिन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर उमड़ी। 9 फरवरी तक, कुल 43 करोड़ 57 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, जिसमें 10 लाख कल्पवासी और 53 लाख 75 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं के लिए यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन हो रहा है।
प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर में प्रवेश करने से पहले 10 से 15 किलोमीटर पहले कूलिंग ऑफ एरिया बनाए हैं, ताकि शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन की कड़ी मेहनत के बावजूद, श्रद्धालुओं का उत्साह थमा नहीं है, और वे अपने आस्थावान उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं।
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प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ और लोगों की मौत के बाद यूपी-एमपी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है. मध्यप्रदेश से महाकुंभ की ओर जाने वाली गाड़ियों को यूपी-एमपी बॉर्डर पर रीवा जिले के चाकघाट के पास रोक दिया गया है. यहां स्थानीय प्रशासन की तरफ से व्यवथाएं की जा रही हैं.
सीएम ने की संयम रखने की अपील मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सीएम ने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण रीवा के चाकघाट में हजारों श्रद्धालुओं के वाहन रुके हुए हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने वहां खाने-पीने, ठहरने और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की है।
'प्रयागराज महाकुंभ: आज मौनी अमावस्या के महापर्व पर तीर्थराज प्रयाग में देश-विदेश से पधारे करोड़ों श्रद्धालु पवित्र स्नान करने पहुंच रहे हैं. स्नान पर्व को दृष्टिगत रखते हुए रीवा जिले अंतर्गत मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश की सीमा पर श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रयागराज में भीड़ अधिक होने के कारण आज रीवा जिले के चाकघाट थाना अंतर्गत सीमा पर हजारों श्रद्धालुओं के वाहन सीमा पर रुके हुए हैं. हमारे पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, जो वहां सभी श्रद्धालुओं के खाने-पीने से लेकर ठहरने की समुचित व्यवस्था का ध्यान रख रहे हैं, साथ ही स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए डॉक्टरों की टीम को भी मौके पर उपलब्ध कराया गया है. मैं सभी श्रद्धालुओं से अपील करता हूं कि प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें एवं संयम बनाए रखें.'
बता दें कि महाकुंभ के दौरान बुधवार की अलसुबह संगम पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें 10 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है. तमाम घायल भी हुए हैं. मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए उमड़े थे.
12 वर्षों के बाद आयोजित होने वाले महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी को हुई और यह 26 फरवरी तक चलेगा. मेले की मेजबानी कर रही यूपी सरकार को उम्मीद है कि दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम में कुल 40 करोड़ तीर्थयात्री आएंगे.
त्रिवेणी संगम – गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम – हिंदुओं द्वारा सबसे पवित्र माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान और विशेष रूप से मौनी अमावस्या जैसी विशेष स्नान तिथियों पर इसमें डुबकी लगाने से लोगों के पाप धुल जाते हैं और उन्हें 'मोक्ष' या मोक्ष मिलता है. इस वर्ष 144 वर्षों के बाद 'त्रिवेणी योग' नामक एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, जो इस दिन के आध्यात्मिक महत्व को और भी बढ़ा देता है.
एमपी में 15 किमी लंबा जाम लगा एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया, अभी सिर्फ रीवा तरफ जाने वाला ट्रैफिक क्लीयर है। रीवा साइड के वाहन निकल रहे हैं। प्रयागराज साइड जाने वाले वाहन रोके गए हैं। मप्र की तरफ करीब 15 किलोमीटर तक वाहनों का जाम लगा है। यूपी के एरिया में कितना लंबा जाम है ये पता नहीं।रीवा जिले के चाकघाट के पास रुके श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय लोग भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
रीवा के रमाशंकर सिंह पटेल ने बताया के यहां रोके गए श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय लोग भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। वहीं, श्रद्धालुओं का कहना है कि सुबह 5 बजे से उन्हें यहां रोका गया है। प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
पुलिस के 50 जवान मौके पर तैनात चाकघाट पर जिला पुलिस बल तैनात है। इनमें दो डीएसपी और पुलिस के 50 जवान व्यवस्था में लगाए गए हैं। गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था के लिए चोरहटा, रायपुर, मनगवां सहित चार थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस हाईवे पर पेट्रोलिंग कर रही है। अतिरिक्त पुलिस बल के साथ ही अतिरिक्त कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई है। अधिकारियों के मुताबिक प्रयागराज जाने वाली की गाड़ियों को एक लेन में खड़ा किया गया है, जबकि इस रूट से जाने वाली अन्य गाड़ियों को दूसरी लेन से निकाला जा रहा है।
तीन एंबुलेंस तैनात, मेडिकल टीम अलर्ट प्रशासन का दावा है कि चाकघाट में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ दवाओं की व्यवस्था की गई है। तीन एंबुलेंस खड़ी कराकर सीएचसी त्योंथर और चाकघाट में मेडिकल टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रियों के रुकने के लिए चाकघाट मंडी, हाईवे ट्रीट और बस स्टैण्ड में तीन होल्डिंग स्पेस बनाए गए हैं। यहां पर्याप्त शेड, सर्दी के हिसाब से बिस्तर, रजाई, गद्दों की व्यवस्था की गई है। ठंड से बचाने के लिए अलाव का इंतजाम भी किया गया है।
टेंट और मैरिज गार्डन में ठहरने के इंतजाम चाकघाट नगर परिषद के अध्यक्ष विभव जायसवाल ने बताया कि श्रृद्धालुओं के लिए पहले से टेंट लगाए गए थे, जहां पानी, शौचालय और विश्राम की व्यवस्था थी। लेकिन, संगम पर हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिषद की ओर से हाईवे पर बड़ा टेंट लगवाया गया है। एक मैरिज गार्डन में भी लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। लोगों को भोजन पेयजल का इंतजाम कराया है। स्थानीय लोग श्रृद्धालुओं, वाहन चालकों के भोजन, पानी का प्रबंध कर रहे हैं। इस मुसीबत के समय में सब एक-दूसरे के साथ हैं।
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महाकुंभ 2025 में अरुण गोविल
महाकुंभ में पहुंचकर अरुण गोविल और उनकी पत्नी श्रीलेखा गोविल ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई. दोनों के साथ कई और लोगों को भी देखा गया. अरुण ने सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें शेयर की है. इसके साथ उन्होंने लिखा- सनातन संस्कृति का महोत्सव, आस्था का महायज्ञ, एकता, समता, धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक तथा राष्ट्रीय एकता और समरसता को समर्पित विश्व का सबसे बड़ा महासमागम महाकुंभ 2025, प्रयागराज में आज पवित्र त्रिवेणी संगम में पावन स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती सभी का कल्याण करें.
लगे जय श्री राम के नारे
संगम में डुबकी लगाने के साथ-साथ अरुण गोविल ने श्रद्धालुओं की सेवा भी की. उन्होंने महाकुंभ में आए भक्तों में प्रसाद बांटा. इसका वीडियो भी एक्टर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो में प्रसाद वितरण करते हुए अरुण गोविल को देखा जा सकता है. भक्त एक-एक करके उनसे प्रसाद ले रहे हैं. तो वहीं कुछ लोग उनका वीडियो बनाते हुए 'जय श्री राम' के नारे भी लगा रहे हैं. वीडियो के कैप्शन में अरुण ने लिखा- 'प्रसाद वितरण करते हुए… इस्कॉन- महाकुंभ, प्रयागराज.'
अरुण गोविल से पहले बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर, अविनाश तिवारी, ममता कुलकर्णी, सिंगर गुरु रंधावा और कोरियोग्राफर रेमो डीसूजा और उनकी पत्नी लिजेल समेत अन्य महाकुंभ 2025 में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. सभी के फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर छाए थे.
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