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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा होने के बाद केंद्र सरकार का निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्याप्त तेल-गैस और उर्वरक मुहैया कराने में लाचार है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "घरेलू एलपीजी सिलेंडर में 60 रुपए का इजाफा और कमर्शियल एलपीजी में 115 रुपए का मुनाफा कमाया। पहले कम अंतर्राष्ट्रीय दामों का लाभ जनता से छीना और अब महंगाई के बोझ से जनता का पसीना निकाला।
जंग होने पर 'सब चंगा सी' वाली दावेबाज मोदी सरकार, पर्याप्त तेल-गैस और उर्वरक मुहैया कराने में लाचार है।" इससे पहले, कांग्रेस ने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट से पोस्ट किया, "सरकार ने जनता को झटका दिया है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम सीधे 60 रुपए बढ़ा दिए हैं। वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए अब आपको 115 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे। पिछले 3 महीने में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 307 रुपए बढ़ गए हैं। सरकार लगातार जनता पर महंगाई का हंटर चला रही है।"
आम आदमी पार्टी ने भी एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार को घेरा। पार्टी ने 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "सरकार ने जनता को होली गिफ्ट दिया है। देश की जनता बढ़ती महंगाई से पहले ही त्रस्त है और उसके ऊपर से सरकार ने एक और बम फोड़ा है। सरकार ने घरों में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए और बढ़ा दिए हैं।"
बता दें कि तेल कंपनियों ने शनिवार को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, नई दिल्ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपए कर दी गई है, जो पहले 853 रुपए थी। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी प्रति यूनिट 114.5 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।
]]>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा "मैंने किया, मैंने बनाया" कहते रहते हैं, जबकि देश किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलता." खड़गे ने यह भी कहा कि सरदार पटेल का सम्मान कांग्रेस ने हमेशा किया है और उन्हें नेहरू-इंदिरा के साथ बराबर दर्जा दिया है.
खड़गे ने कहा, “पटेल का स्टैच्यू बनाया गया है, इसके लिए धन्यवाद, लेकिन सरदार सरोवर की नींव किसने डाली थी, यह भी याद रखना चाहिए. पांच अप्रैल 1961 को हमने इसकी शुरुआत की थी. लाखों एकड़ जमीन को पानी मिला, लोगों का जीवन सुधरा. देश किसी एक व्यक्ति से नहीं चलता. प्रधानमंत्री आते-जाते हैं, नेता आते-जाते हैं, लेकिन देश सबके प्रयासों से चलता है.”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, “मोदी साहब की आदत है – ‘मैंने किया, मैंने बनाया’. ठीक है, आपने नोटबंदी की, झूठ बोला कि दो करोड़ नौकरियां देंगे. लेकिन जो नहीं किया, उसका श्रेय क्यों लेते हैं?”
सरदार पटेल और नेहरू के रिश्ते पर बोले खड़गे
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि “पटेल चाहते थे कि पूरा कश्मीर भारत के साथ रहे, लेकिन नेहरू ने बांट दिया.” इस पर खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह कांग्रेस पर पटेल को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हैं, जबकि कांग्रेस ने हमेशा पटेल को उचित सम्मान दिया.
उन्होंने कहा, “गुजरात के दो बड़े नेता हमेशा कहते हैं कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को नज़रअंदाज़ किया, लेकिन हमने उनके और नेहरू जी के रिश्ते का पूरा इतिहास पढ़ा है. दोनों ने एक-दूसरे का सम्मान किया था.”
आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध की मांग
एक सवाल के जवाब में खड़गे ने कहा कि सरदार पटेल ने आरएसएस और जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाया था. आज अगर उसी संगठन को सरकारी कर्मचारियों से जोड़ने की अनुमति दी जा रही है, तो यह पटेल की विरासत का अपमान है.
उन्होंने कहा, “अगर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पटेल का आदर करते हैं, तो उन्हें उसी मार्ग पर चलना चाहिए. देश में जो गड़बड़ियां और लॉ एंड ऑर्डर की समस्याएं हो रही हैं, वे बीजेपी और आरएसएस की वजह से हैं. इसलिए मैं खुलकर कहता हूं कि आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.”
ब्यूरोक्रेसी और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर चिंता
एक पत्रकार ने पूछा कि क्या आज की ब्यूरोक्रेसी और लोकतांत्रिक संस्थाएं उसी विचारधारा में रंगी जा रही हैं, जिसके खिलाफ पटेल थे?
इस पर खड़गे ने कहा, “पटेल ने देश में एकता और शांति के लिए संघर्ष किया. अगर आज कोई उस एकता को तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए. देश में यूनिटी लाना उनका सपना था.”
मोदी सरकार पर तीखा तंज
खड़गे ने सरकार की नीतियों पर व्यंग्य करते हुए कहा, “जो चीज़ खत्म हो चुकी थी, उसे आप फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. इससे देश में असंतोष पैदा होगा. जैसे कोई सोए हुए सांप को फिर से छेड़े, तो परिणाम वही होगा. इसलिए इन चीज़ों को चाटने या परखने की ज़रूरत नहीं – नतीजा मृत्यु ही है. प्रधानमंत्री मोदी जो कर रहे हैं, वो देश के लिए अच्छा नहीं है.”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में खड़गे ने कहा, “देश किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलता. प्रधानमंत्री और नेता आते-जाते हैं, लेकिन देश के लिए सबको मिलकर काम करना पड़ता है. कांग्रेस ने हमेशा देश की एकता और लोकतंत्र के लिए काम किया है.”
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कांग्रेस पार्टी ने राज्य के पार्टी नेताओं के साथ लगभग छह घंटे लंबी बैठक की. इसमें पार्टी को मजबूत करने और आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों पर चर्चा हुई. बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव दीपा दासमुनि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर, सांसद प्रियंका गांधी और अन्य कई नेता मौजूद थे.
खड़गे ने पार्टी मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, 'हम 100 फीसदी जीतेंगे. खड़गे ने पार्टी की राज्य इकाई में गुटबाजी की किसी भी अफवाह को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी नेता और पूर्व केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन के साथ चुनावों की रणनीतियों पर चर्चा की है. खड़गे ने आगे कहा, 'उन्होंने आपको (कथित गुटबाजी के बारे में) बताया होगा, लेकिन उन्होंने हमारी बैठक में कुछ ऐसा बताया है जिसका मैं खुलासा नहीं करना चाहता.'
पार्टी नेता के. सुधाकरन भी इंदिरा भवन में हुई बैठक में शामिल हुए थे और उन्होंने बताया कि नेताओं ने अपनी राय साझा की और आगामी चुनावों पर चर्चा की. केपीसीसी के पूर्व प्रमुख के. सुधाकरन ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, 'हमने वर्तमान राजनीति, आगामी चुनावों और पार्टी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. हमने अपनी राय साझा की और अब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर चर्चा करके निर्णय लेगा. उसके अनुसार हम चुनावों का सामना करेंगे.'
गहन चर्चा के तुरंत बाद पार्टी नेता दीपा दासमुंशी ने भी कांग्रेस की केरल इकाई में गुटबाजी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी एकजुट है. मंगलवार को बैठक के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बात करते हुए दासमुंशी ने कहा कि इस तरह के आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा कृत्रिम रूप से गढ़े जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, 'केरल में कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है. यह एलडीएफ के लोगों और भाजपा द्वारा मानव निर्मित है. मैं गर्व से कह सकती हूं कि कोई गुटबाजी नहीं है और यहां सभी लोग एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के लिए खड़े हैं.' उन्होंने कहा कि केरल से संबंधित कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
इसमें सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भाजपा के खिलाफ विपक्ष की रणनीति भी शामिल है. उन्होंने कहा, 'आगामी चुनावों – स्थानीय निकाय चुनाव और केरल विधानसभा चुनाव – के लिए केरल में कई मुद्दे हैं. इनमें एलडीएफ और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक मुद्दे भी शामिल हैं. कई बिंदुओं पर ध्यान देने और चर्चा करने की आवश्यकता है. यह एक बहुत ही गंभीर बैठक थी.' केरल विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं, जबकि केरल में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है.
]]>एक पूर्व कांग्रेसी और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अपनी पुरानी पार्टी के वर्किंग कल्चर को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी में चाटुकारिता हावी हो चुकी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कई दावे किए। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर यहां तक कहा है कि कांग्रेस पार्टी में एक नेता को दो बार राज्यसभा जाने का मौका इसलिए मिला क्योंकि उन्हें पता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को मीट खाना बहुत पसंद और दिल्ली में किस दुकान का मटन उन्हें सबसे अच्छा लगता है।
पत्रकार आदेश रावल के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पार्टी के पतन और अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कांग्रेस में 'पीए कल्चर' हावी होने की बात भी कही है। साथ ही उन्होंने परिवारवाद और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।
गौरव वल्लभ ने कहा, ‘कांग्रेस में मैं एक ऐसे आदमी को जानता हूं जो खरगे साहब के काफी करीबी हैं। उस व्यक्ति की एक ही योग्यता है कि उसे पता है कि दिल्ली में मटन कहां अच्छा मिलता है। खरगे साहब मटन के शौकीन है। मैं तो शुद्ध शाकाहारी आदमी हूं। मैं दाल भी किसी के लिए नहीं लेकर जाऊंगा। उस व्यक्ति को यह पता है कि पुरानी दिल्ली की कौन सी दुकान पर मटन अच्छा मिलता है। वह मटन लाते-लाते दूसरी बार राज्यसभा में पहुंच गया। ना वह अक्ल से समझदार, ना ज्ञान से समझदार। योग्यता इतनी ही कि मटन कहां अच्छा मिलता है। मुझे किसी के कुछ खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में मटन राज्यसभा की योग्यता नहीं हो सकता है।’
उन्होंने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन आदेश रावल के द्वारा जम्मू-कश्मीर के प्रभारी नासिर हुसैन का नाम लेने पर उन्होंने कहा कि मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह पाता है कि कांग्रेस पार्टी में मटन लाने की योग्यता किसमें हैं।
]]>यह कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की शताब्दी का प्रतीक है, जब महात्मा गांधी ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष का पद संभाला था और ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम शुरू किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कर्नाटक सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय राज्य के लिए सम्मान लाता है। उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी ने देश को स्वतंत्रता दिलाई। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाबासाहेब बीआर अंबेडकर के कार्यकाल के दौरान संविधान अस्तित्व में आया।" उन्होंने कहा, "संविधान की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। संविधान के बिना देश में अराजकता फैल जाएगी।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "हाल ही में कई नेता महात्मा गांधी की प्रशंसा कर रहे हैं। उनका योगदान, बलिदान और काम सराहनीय है। 1924 में महात्मा गांधी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। यह पहली और आखिरी बार था जब उन्होंने इस पद को संभाला था। कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने फिर कभी इस पद को स्वीकार नहीं किया।" खड़गे ने आगे कहा कि "महात्मा गांधी ने छुआछूत के खिलाफ और देश के निर्माण के लिए नारे दिए थे। बेलगावी ने देश में सम्मान का स्थान अर्जित किया है क्योंकि यहीं पर गांधी जी ने एआईसीसी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था। यह शहर राष्ट्रीय गौरव का स्रोत है। मैं प्रतिमा के अनावरण का अवसर पाकर आभारी हूं।।"
उन्होंने यह भी घोषणा की कि मैं अपने गृहनगर कलबुर्गी में भी ऐसी ही एक प्रतिमा स्थापित करने की योजना बना रहा हूं। कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यूटी खादर ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "यह अवसर उन अनगिनत वीरों को याद करने का है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह लोगों को सामाजिक न्याय, जो हमारे संविधान और मानवता की आधारशिला है, की याद दिलाने का भी एक दुर्लभ अवसर है। यह दिन हमें एक सामंजस्यपूर्ण और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करता है।"
उन्होंने कहा, "गांधीजी के सिद्धांतों और विचारधाराओं को दरकिनार करके एक मजबूत भारत का निर्माण असंभव है। हमारी यात्रा के इस चरण में, केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ सभी नागरिकों को संविधान का पालन करके अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करना चाहिए।" उन्होंने कहा, "गांधी की विचारधाराओं को आत्मसात करना ही देशभक्ति का सबसे सच्चा रूप है। समाज में सबसे हाशिए पर पड़े लोगों को प्यार से गले लगाना उनका आदर्श था। हम नफरत से अपने बच्चों को भी नहीं जीत सकते। प्यार से हम दुनिया को जीत सकते हैं, यही महात्मा गांधी का संदेश है।"
यूटी खादर ने रामायण का हवाला देते हुए कहा, "हमें भगवान राम जैसा बेटा चाहिए, जो सत्ता का त्याग कर दे; सीता जैसी पत्नी चाहिए, जो अपने पति के साथ खड़ी हो; लक्ष्मण जैसा भाई, जो मुश्किल समय में अपने भाई का साथ दे; और भरत जैसे लोग, जो अपने भाई की वापसी का इंतजार करें। यह महात्मा गांधी का राम राज्य का सपना था।" यूटी खादर ने प्रियंका गांधी वाड्रा को संबोधित करते हुए कहा, "कर्नाटक के लोगों की ओर से मैं इस कार्यक्रम में आपका तहे दिल से स्वागत करता हूं। आप नारी शक्ति का प्रतीक हैं, न केवल कर्नाटक या भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए। हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।"
]]>कांग्रेस प्रमुख ने आज बुधवार को कहा कि साल 1952 के बाद से अब तक अनुच्छेद 67 के तहत कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया क्योंकि उपराष्ट्रपति कभी राजनीति में शामिल होते नहीं दिखते थे. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में नियमों पर राजनीति को प्राथमिकता दी गई. सभापति ने हमारे साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है.
उपराष्ट्रपति धनखड़ पर बड़ा हमला करते हुए कांग्रेस प्रमुख खरगे ने कहा कि राज्यसभा में व्यवधान की सबसे बड़ी वजह खुद सभापति ही हैं, वह सरकार के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं.
राज्यसभा में सदन के उपनेता खरगे ने कहा कि राज्यसभा के सभापति का आचरण पद की गरिमा के उलट ही रहा है. वह विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हैं और सरकार की प्रशंसा करते नजर आते हैं. उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति स्कूल के हेडमास्टर की तरह काम करते हैं. वह अनुभवी विपक्षी नेताओं को उपदेश देते हैं, यही नहीं उन्हें बोलने से रोकते भी हैं.
]]>उन्होंने आगे कहा कि मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर हम टुकड़े टुकड़ों में बाटेंगे और कन्याकुमारी से कश्मीर तक एक नहीं होंगे, तब तक हम कोई चीज हासिल नहीं कर सकते। आपका एक संगठन नहीं, देश के सभी संगठन चाहते हैं कि इस देश में संविधान को बचाना चाहिए।
संविधान बचा तो हम सब लोग बचेंगे। इसलिए हमको एक रहकर इस संविधान को बचाना होगा और हर पार्टी के लोग अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। उसके साथ ही हमको लोकतंत्र को भी बचाना है। लोकतंत्र नहीं बचेगा तो आपकी हिस्सेदारी नहीं बढ़ेगी। संविधान बाबा साहेब अंबेडकर की देन है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1922 में एक कांग्रेस के अधिवेशन में रेज्युलेशन पास किया था। उन्होंने आजादी के बाद हम सभी लोगों को वयस्क मताधिकार देंगे, उस वक्त ब्रिटिश के जमाने में सिर्फ चंद लोग वोटर्स थे।
]]>मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार में मणिपुर न तो सुरक्षित है और न ही एक रहा है। खरगे ने भाजपा सरकार पर बंटवारे की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए लिखा कि 'आपकी डबल इंजन की सरकार में न मणिपुर एक है और न ही सेफ है। मई 2023 से मणिपुर अकल्पनीय दर्द, बंटवारे और हिंसा से गुजर रहा है, जिससे इसके लोगों का भविष्य तबाह हो गया है। हम ये पूरी जिम्मेदारी से कह रहे हैं कि ऐसा लगता है कि भाजपा जानबूझकर मणिपुर को जलते रहने देना चाहती है ताकि अपने बंटवारे की राजनीति को जारी रख सके।'
.@narendramodi ji,
"" Under your double engine governments, “ना Manipur एक है, ना Manipur Safe है”
Since May 2023, it is undergoing unimaginable pain, division and simmering violence, which has destroyed the future of its people.
We are saying it with utmost responsibility that…""
— Mallikarjun Kharge (@kharge) November 17, 2024
साल 1946 में हैदराबाद के वर्वट्टी (अब कर्नाटक में है) में हैदराबाद के निजाम के कुछ सैनिक (रजाकर) घरों में आग लगा देते हैं। यह घर कांग्रेस के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का था। उस समय वह महज तीन साल के थे। घर में खरगे अपनी मां और बहन के साथ थे। उनके पिता खेत में काम कर रहे थे। इस घटना में खरगे की मां और बहन की जलकर मौत हो गई थी। इस घटना का खुलासा आज से करीब 2 साल पहले उनके बेटे प्रियांक खरगे ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान किया था। उन्होंने यह भी बताया कि इस हादसे में कैसे उनके पिता और दादा मपन्ना की जान बची।
प्रियांक ने कहा कि निजाम के रजाकारों ने पूरे इलाके में तोड़फोड़ की और लूटपाट मचाया। इस दौरान उन्होंने घरों पर हमला किया। प्रियांक के मुताबिक, जिस समय हमला हुआ उस समय उनके दादा खेतों में काम कर रहे थे। उनके एक पड़ोसी ने बताया कि रजाकारों ने उनके घर में आग लगा दी है। इतना सुनते ही वह घर की तरफ भागे। वह सिर्फ मल्लिकार्जुन खरगे को बचा सके। उनकी पत्नी और बेटी की जलकर मौत गई। खरगे के पिता उन्हें लेकर जंगल की तरफ भाग गए।
खरगे के मौसेरे भाई कल्याणी कांबले ने भी कुछ समय पहले इस घटना के बारे में चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि रजाकारों के कारण जब उनकी मां की मौत हो गई तो वह पिता मपन्ना के साथ पैदल निम्बुर के लिए निकल गए। वह करीब तीन महीने तक जंगल में भटकते रहे। इसके बाद वह अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचे।
क्या कहा है योगी ने?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने व्यक्तिगत क्षति उठाने के बाद भी हैदराबाद के निजाम के शासन में रजाकारों के इतिहास को आसानी से भुला दिया। उन्होंने दावा किया, ‘‘मल्लिकार्जुन खरगे के गांव में रजाकारों ने आग लगा दी थी तथा उनकी मां, बहन और एक रिश्तेदार उस हमले में मारी गयी थीं।’’ योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि खरगे इस तथ्य को दबा रहे हैं क्येांकि उन्हें डर है कि यदि उन्होंने निजाम की सेना द्वारा किये गये अत्याचारों के बारे में बोला तो वह मुस्लिम वोट गंवा बैठेंगे। उन्होंने कहा , ‘‘कांग्रेस इतिहास को नकारने की कोशिश कर रही है और खरगे ने वोट बैंक की राजनीति के लिए अपने परिवार के साथ जो कुछ हुआ था उसे आसानी से भुला दिया है।’’
रजाकार एक अर्धसैनिक बल था जो हैदराबाद की पूर्ववर्ती रियासत में सेवारत था। उसका प्राथमिक उद्देश्य हैदराबाद के मुस्लिम निजामों के शासन को बनाये रखना और हैदराबाद को भारत में विलय होने से रोकना था।
]]>खरने ने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु में कुछ बातें कहीं जिसका जिक्र मोदी जी ने कुछ जगहों पर किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, 'अगर उनको हमारी गारंटी पर भरोसा नहीं, मैं उनको चैलेंज करता हूं वो बेंगलुरु आएं मैं बताऊंगा कि हमने जो 5 गारंटी दी थी उसमें से कितने लागू किया, कितने लोगों तक पहुंचाया, कितना खर्च किया। जो हिसाब आपके सामने रखा हूं पूरा डिटेल वहां रखूंगा। बहस ऐसे टेबल पर हो, वो इधर और मैं उधर, नहीं तो मैं ऊधर और वो इधर। बहस करूंगा किसकी सरकार ने अच्छा का किया, किसकी सरकार ने गारंटी पहुंचाई है।'
खरगे ने पीएम मोदी पर शायरना अंदाज में भी हमला किया और कहा,'तुम्हारे वादों का कद भी तुम्हारे जैसा है, कभी भी नापकर देखो कम निकलता है।' झारखंड में बांग्लेदशी घुसपैठ को लेकर पीएम मोदी के आरोपों का जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि यदि ऐसा हो रहा है तो क्या वह गद्दी पर सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह घुसपैठ नहीं रोक सकते हैं तो गद्दी छोड़ दें। कांग्रेस चलाकर दिखाएगी।
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