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ममता बनर्जी का मजाक बनाने के आरोपी एक शख्स को राहत देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने मुकदमा ही खारिज कर दिया है। बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम और अन्य नेताओं का मजाक बनाने के आरोप में कोई ऐसा पुख्ता सबूत नहीं मिला है कि केस चलाया जाए। जस्टिस अजय कुमार गुप्ता ने केस की सुनवाई करते हुए कहा, 'केस डायरी और उपलब्ध सबूतों की विस्तार से जांच करने के बाद आरोपी के खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई मामला नहीं बनता। बिना किसी सबूत के ही चार्जशीट भर दाखिल कर देने से केस आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। यही नहीं यदि केस चलाया भी जाए तो इस बात की संभावना बहुत कम है कि आरोपी के खिलाफ कोई चीज साबित हो सकेगी। इसके अलावा ऐसा करना आरोपी के खिलाफ पूर्वाग्रह रखना और उसका उत्पीड़न करने जैसा होगा।'
अदालत ने कहा कि जब कोई सबूत ही नहीं है और केस चलने लायक नहीं है तो फिर मामले की आगे सुनवाई क्यों की जाए। बेहतर होगा कि केस को ही खत्म कर दिया जाए। दरअसल आरोपी के खिलाफ ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं का मजाक उड़ाने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसी के खिलाफ आरोपी ने सेक्शन 482 के तहत अदालत का रुख किया था और कहा था कि मेरे खिलाफ दर्ज केस को खत्म किया जाए। आरोपी का कहना था कि उसने यूट्यूब पर कोई बात कही थी और उसी के आधार पर साजिश रचते हुए कुछ लोगों ने उन्हें फंसा दिया। आरोपी ने कहा कि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि किसी का अपमान किया जाए। उस पर इस आरोप में केस दर्ज हुआ था कि उसकी टिप्पणी से सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा है।
आरोपी ने कहा कि मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं। मेरा उस कृत्य में कोई रोल ही नहीं है, जिसके आधार पर मेरे ऊपर केस दर्ज किया गया है। आरोपी ने कहा कि मेरा उत्पीड़न करने के उद्देश्य से फर्जी केस दायर किया गया है। इस पर बेंच ने सहमति जताई और कहा कि यदि इस केस को आगे बढ़ाया गया तो यह याची का उत्पीड़न होगा। यही नहीं आरोपी आरोपी का कहना था कि बिना पर्याप्त जांच के ही अधिकारी ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मेरे ऊपर आरोप लगाया कि मैंने सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जबकि ऐसा कुछ भी मेरी ओर से कहा भी नहीं गया था।
]]>ममता बनर्जी की पार्टी ने रायगंज, बागदा, रानाघाट दक्षिण व माणिकतल्ला विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है। रायगंज से टीएमसी उम्मीदवार कृष्ण कल्याणी ने 50,077 वोट से जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के मानस कुमार घोष को मात दी। बागदा से टीएमसी के राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर की बेटी मधुपर्णा ठाकुर ने भाजपा के बिनय कुमार बिश्वास को 33,455 वोटों से हराया। यहां पर टीएमसी को आठ साल बाद जीत मिली है। रानाघाट दक्षिण से मुकुट मणि अधिकारी ने भाजपा उम्मीदवार मनोज कुमार बिश्वास को 39,048 वोटों से हराया। वहीं, माणिकतल्ला में सुदीप्ति पांडेय ने भाजपा उम्मीदवार कल्याण चौबे को 62, 312 वोटों से शिकस्त दी।
भाजपा ने साल 2021 के विधानसभा चुनाव में रानाघाट दक्षिण, बागदा और रायगंज से जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में तीनों विधायक पाला बदलकर टीएमसी में वापस चले गए थे। तीनों सीटों के विधायक, कल्याणी, अधिकारी और बिश्वजीत दास ने टीमएसी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा के कार्तिक चंद्र पॉल के हाथों लोकसभ चुनाव में शिकस्त का सामना करने वाली कल्याणी को रायगंज से फिर से उम्मीदवार बनाया गया था। वहीं, भाजपा के जगन्नाथ सरकार ने रानाघाट लोकसभा सीट पर हारने वाले अधिकारी इस बार रानाघाट दक्षिणी विधानसभा सीट से मैदान में थे। माणिकतल्ला सीट 2021 में टीएमसी ने ही जीती थी, लेकिन ममता सरकार के पूर्व मंत्री सदन पांडेय की फरवरी 2022 में मौत के बाद यह सीट खाली थी।
अयोध्या के बाद एक और धर्मनगरी में BJP की हार, नाराजगी पड़ रही भारी?
उपचुनावों में मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा के नेताओं ने आत्मनिरीक्षण की बात कही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी सरकार पर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि टीमएसी ने निष्पक्ष चुनाव नहीं होने दिया। चुनाव के दौरान बहुत सारी अनियमितताएं थीं। सत्ताधारी पार्टी ने लोगों को डराने का काम किया। वहीं, टीएमसी ने भी भाजपा पर पलटवार किया। टीमएसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भी बंगाल के लोगों ने भाजपा को रिजेक्ट कर दिया था। अब उपचुनावों में एक बार फिर ऐसा हो चुका है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव न कराने की बातें कहना, अपनी खुद की कमियों को छिपाना है।
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