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शेफर इंटरनेट डे पर कार्यक्रम का आयोजन
भोपाल
शेफर इंटरनेट डे के अवसर पर मैनिट कैम्पस में सायबर क्राइम एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त संजय कुमार, विशेष अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला एवं डायरेक्टर मैनिट केके शुक्ला उपस्थित रहे। इस अवसर पर डीसीपी अपराध अखिल पटेल, एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान, मैनिट का स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बढ़ते सायबर अपराध को चिंताजनक एवं पुलिस के लिए आने वाले समय में अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बताया। साथ ही विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने तथा अनुशासित होकर जीवन पथ पर आगे बढऩे हेतु सारगर्भित मार्गदर्शन दिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला ने भोपाल शहर की यातायात व्यवस्था, एक्सीडेंट डेथ, ट्रैफिक रूल्स इत्यादि विषयों पर चर्चा करते हुए सभी से ट्रैफिक नियमों का पालन कर अपना जीवन सुरक्षित करने हेतु अपील की। उन्होंने आईटीएमएस, ई- चालान और नई तकनीक के प्रयोग के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल ने विद्यार्थियों द्वारा सायबर क्राइम और ट्रैफिक के बारे पूछे गए सवालों एवं संदेह का जवाब दिया।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान ने सायबर अपराध के प्रकार एवं उनसे बचाव हेतु व्यावहारिक जानकारी दी तथा सायबर क्राइम के बदलते ट्रेंड, गाइड लाइंस, संचार साथी ऐप्प इत्यादि विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर मैनिट संस्थान के डायेक्टर प्रो. डॉ0 केके शुक्ला ने विद्यार्थियों को सजग और सतर्क रहने हेतु तथा उक्त जागरूकता कार्यक्रम का महत्व बताया और अनुशासित बनकर जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन दिया।
भोपाल का मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) की स्थिति इस साल नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) मे फिर से गिर गई है। इंजीनियरिंग कैटेगरी में मैनिट को वर्ष 2025 में 81वां स्थान मिला है। यह पिछले चार वर्षों की तुलना में सबसे खराब स्थिति है। 2022 में मैनिट को 70वां स्थान मिला था, जबकि 2023 में यह 80वें पायदान पर पहुंचा। 2024 में सुधार दिखा और संस्थान 72वें स्थान पर आया, लेकिन 2025 में एक बार फिर यह नीचे खिसक कर 81 पर आ गया। लगातार उतार-चढ़ाव से स्पष्ट है कि मैनिट स्थायी सुधार नहीं कर पा रहा।
इसलिए गिरी रैंकिंग
विशेषज्ञों की माने तो ये संस्थान इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट व फुट प्रिंट ऑफ प्रोजेक्ट्स एंड प्रोफेशन प्रैक्टिस में पिछड़े हुए है। आसान भाषा में कहें तो ये संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में शोध में पिछड़ रहे है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक संस्थान प्रोजेक्ट्स, शोध-पत्रों और प्रोफेशनल प्रैक्टिस पर फोकस नहीं करेंगे, तब तक सुधार मुश्किल है। शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च गतिविधियों में गंभीर कमी गिरावट का कारण है।
छात्रों को डर, लगातार गिरावट
रैंकिंग में गिरावट से कैंपस प्लेसमेंट और छात्रों के आत्मविश्वास पर असर पड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य आईआईटी और एनआईटी की तुलना में मैनिट के छात्रों को प्रतिस्पर्धा में पिछडने का डर रहता है। एक समय देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में गिने जाने वाला मैनिट अब लगातार गिरावट से अपनी ब्रांड वैल्यू खो रहा है। यह न केवल संस्थान की साख को प्रभावित करता है, बल्कि नए एडमिशन और रिसर्च प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को भी कमजोर करता है।
भविष्य की चुनौती से निपटना आसान नहीं
रिसर्च और इनोवेशन पर जोर देकर ही मैनिट अपनी स्थिति को सुधार सकता है। अन्यथा प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय स्तर की रेस में और पीछे छूट सकते हैं।
इन बिंदुओं पर रैकिंग
फैकल्टी की संख्या और योग्यता
छात्र-शिक्षक अनुपात
शिक्षण सुविधाएं
पुस्तकालय, लैब्स, क्लासरूम आदि की गुणवत्ता
वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग
ये मापा जाता है
रिसर्च पब्लिकेशन्स की संख्या और गुणवत्ता
पेटेंट्स और इनोवेशन
पीएचडी छात्रों की संख्या
इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव
यह बताता है कि छात्रों का प्रदर्शन और भविष्य
पास होने वाले छात्रों की संख्या
प्लेसमेंट डेटा
उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों का प्रतिशत
स्टार्टअप्स या एंटरप्रेन्योरशिप में गए छात्र
शिक्षाविदों, नियोक्ताओं और आम जनता में उस संस्थान की क्या प्रतिष्ठा है
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भोपाल में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद चालक करीब दस मीटर तक कार के साथ घिसटता चला गया। आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घटना 7-8 सितंबर की दरमियानी रात की है। पांच दिन बाद भी पुलिस आरोपी का सुराग नहीं जुटा सकी हैइधर, परिजनों ने हिट एंड रन का केस दर्ज करने की मांग की है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है। हालांकि कमला नगर थाने की टीआई निरुपा पांडे ने बताया कि कार और कार चालक दोनों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। एक टीम मामले की जांच में जुटी है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी का रोड मैप तैयार किया जा रहा है।
बता दें कि नेहरू नगर स्थित मधुरम चौराहा रामेश्वरी गेट के पास हादसा हुआ था। युवक मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) से पीएचडी कर रहा था। अस्पताल ले जाने से पहले ही युवक की मौत हो गई थी।
राहुल सिंह (32) पुत्र जेबी सिंह निवासी आकृति ईको सिटी बावड़ियाकलां में रहते थे। राहुल के बड़े भाई अशोक सिंह ने बताया कि राहुल मैनिट से पीएचडी कर रहे थे। इससे पहले, वह M.Tec कर चुके थे। बीते शुक्रवार की रात करीब 9 बजे वह घर से दोस्त से मिलने जाने की बात कहकर निकला था। दोस्त से मुलाकात के बाद देर रात घर लौट रहा था। रामेश्वरी गेट के पास चौराहा पर सामने से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया। हम लगातार कॉल ट्राय कर रहे थे। रात करीब 1:30 बजे उसके दोस्त ने कॉल कर एक्सीडेंट की सूचना दी। जेपी अस्पताल पहुंचे, तो वहां भाई की मौत की सूचना मिली। मामले में हिट एंड रन का केस दर्ज किया जाना चाहिए।
घटना शुक्रवार रात रामेश्वरी गेट के पास चौराहे की है।
पिता रहे हैं प्रोफेसर
राहुल के पिता भोपाल के प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रोफेसर रहे हैं। दो साल पहले ही रिटायर हुए हैं। राहुल तीन भाई हैं। वह दूसरे नंबर का था। बड़ा भाई अशोक जबकि छोटा भाई सिद्धार्थ है।
पिता की तरह ही प्रोफेसर बनना चाहता था
राहुल पीएचडी के बाद पिता की तरह ही प्रोफेसर बनना चाहता था। अप्रैल महीने में उसका जन्मदिन आता था। इस साल उसने जन्मदिन को पहले परिवार के साथ फिर दोस्तों के साथ सेलिब्रेट किया था।
बड़े भाई हैं डॉक्टर
अशोक सिंह MBBS, MD हैं। भोपाल के प्रतिष्ठित एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट हैं। कोलार के एक बड़े अस्पताल समेत अन्य तीन हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करते हैं। राहुल की मौत के बाद परिवार पर गमगीन है। मां-पिता को अल सुबह के बाद बेटे की मौत की सूचना दी गई।
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