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जरा सोचिए… आप पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरवाने पहुंचते हैं. उसी वक्त कार में कोई तकनीकी खामी सामने आती है. ऐसे में जहां तेल भरवाया जा रहा है वहीं बगल में आपकी कार की सर्विस भी हो जाए. न लाइन की टेंशन, न वर्कशॉप खोजने की भागदौड़. आम आदमी के इसी जरूरत को देखते हुए मारुति सुजुकी ने ऐसा कदम उठाया है, जो गाड़ी मालिकों की रोजमर्रा की परेशानी को काफी हद तक कम कर सकता है. अब सर्विस सेंटर खोजने की भी जरूरत नहीं होगी आपकी कार सीधे पेट्रोल पंप पर ही सर्विस हो जाएगी.
जी हां, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी अपने ग्राहकों की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. कंपनी ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत अब चुनिंदा इंडियन ऑयल पेट्रोल पंपों पर ही मारुति कारों की सर्विसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी. इस पहल का मकसद कार सर्विसिंग को आसान, तेज और हर जगह सुलभ बनाना है, खासकर उन इलाकों में जहां अधिकृत वर्कशॉप कम हैं.
मारुति सुजुकी और इंडियन ऑयल के बीच हुए समझौता के तहत देशभर के चुनिंदा इंडियन ऑयल आउटलेट्स पर मारुति सुजुकी के सर्विस प्वाइंट्स बनाए जाएंगे. यहां ग्राहकों को रेगुलर मेंटेनेंस, छोटे-मोटे रिपेयर और जरूरत पड़ने पर बड़ी सर्विसिंग की सुविधा भी मिलेगी. इससे कार मालिकों को अलग-अलग जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की भी बचत होगी.
यह नया कदम मारुति सुजुकी के पहले से मजबूत आफ्टर-सेल्स नेटवर्क को और बेहतर बनाएगा. फिलहाल कंपनी के पास देशभर में 2,882 शहरों में 5,780 से ज्यादा सर्विस टचप्वाइंट्स हैं. पेट्रोल पंपों पर सर्विस शुरू होने से यह नेटवर्क और भी ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचेगा.
क्या कहती है कंपनी?
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सर्विस राम सुरेश अकेला ने कहा कि, "कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों के लिए कार सर्विसिंग को जितना हो सके उतना आसान बनाना है. इंडियन ऑयल जैसी भरोसेमंद कंपनी के साथ साझेदारी से उन जगहों तक सर्विस पहुंचाई जा सकेगी, जहां ग्राहक रोजाना आते-जाते हैं. यह कदम मोबिलिटी और एनर्जी सेक्टर को एक साथ जोड़ने की दिशा में अहम है."
वहीं इंडियन ऑयल के मार्केटिंग डायरेक्टर सौमित्र पी. श्रीवास्तव ने कहा कि, "कंपनी अपने पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए वैल्यू एडेड सर्विस पर लगातार काम कर रही है. देशभर में 41,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों के नेटवर्क के साथ इंडियन ऑयल जरूरी सेवाओं को ग्राहकों के और करीब लाने पर काम कर रही है. मारुति सुजुकी के साथ यह साझेदारी इसी सोच का हिस्सा है."
इस साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब ग्राहकों को फ्यूल भरवाने और कार सर्विस कराने के लिए अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा. एक ही लोकेशन पर दोनों काम हो जाने से समय और मेहनत दोनों बचेंगे. खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले कार मालिकों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है.
]]>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 22 सितंबर से लागू हुए जीएसटी सुधारों से घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काफी फायदा हुआ है और गाड़ियों की बिक्री दोगुनी होकर 7 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बाजार के जानकारों का कहना है कि 22 सितंबर से जीएसटी लागू होने के बाद से दीपावली तक पूरी वाहन इंडस्ट्री की रिटेल बिक्री 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स के बीच रही है।
उन्होंने एक मीडिया आर्टिकल को पोस्ट करते हुए लिखा, एक महीने पहले लागू हुए जीएसटी 2.0 से ऑटो इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिला है और कारों की बिक्री दोगुनी से भी अधिक होकर 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स तक पहुंच गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि दीपावली की खरीदारी के दौरान ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर भी मांग में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इसमें प्रीमियम उत्पादों और इंस्टेंट डिलीवरी सर्विसेज ने ग्रोथ को बढ़ाने का काम किया। त्योहारी खर्च बड़े शहरों से आगे छोटे शहरों में भी दिखाई दिया।
जीएसटी में कटौती और त्योहारी मांग के कारण कंपनियों ने बिक्री के रिकॉर्ड आंकड़े पेश किए हैं। टाटा मोटर्स ने कहा कि उसने नवरात्रि से लेकर दीपावली तक के 30 दिनों के दौरान एक लाख से अधिक गाड़ियों की डिलीवरी दी है। इस दौरान कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है।
फेस्टिव सीजन में बेच डाली 4.50 लाख कारें; विदेश में भी बढ़ी डिमांड
नवरात्रि से लेकर दिवाली तक ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की, जिसमें देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने सबसे आगे रहकर झंडा गाड़ दिया। मारुति सुजुकी ने इस फेस्टिव सीजन में कुल 3.25 लाख वाहनों की रिटेल बिक्री (Retail Sales) की और लगभग 4.50 लाख गाड़ियों की बुकिंग दर्ज की। इन आंकड़ों ने साबित कर दिया कि भारतीय ग्राहक नई गाड़ी खरीदने के लिए किस कदर उत्सुक थे।
कार बिक्री में इस ऐतिहासिक वृद्धि के पीछे दो प्रमुख कारक थे, जिन्होंने एक आदर्श माहौल बनाया।
जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत कारों पर टैक्स दरों में कमी आने से कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतें घट गईं। इससे जो ग्राहक पहले खरीदी टाल रहे थे, उत्साह के साथ शोरूम पहुंचे और जमकर खरीदारी की।
कंपनियों और बैंकों द्वारा दिए गए आकर्षक लोन और फाइनेंस विकल्पों ने भी खरीदारों के लिए कार खरीदना आसान बना दिया।
अनुमान बताते हैं कि नवरात्रि से दिवाली के बीच बिक्री में पिछले साल की तुलना में 15 से 35 प्रतिशत तक की तेज उछाल आई है। एसयूवी (SUV) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की डिमांड खास तौर पर जोरदार रही।
| कंपनी | रिटेल बिक्री (Navratri-Diwali) | सालाना वृद्धि (YoY) | खास बात |
|---|---|---|---|
| मारुति सुजुकी | 3.25 लाख यूनिट्स | 50% से अधिक | 4.50 लाख बुकिंग का रिकॉर्ड। |
| टाटा मोटर्स | 1 लाख यूनिट से ज्यादा | ~33% | अकेले धनतेरस पर रिकॉर्ड डिलीवरी। |
| हुंडई | लगभग 75,000 यूनिट | ~30% | डेली डिलीवरी औसतन 2,500 यूनिट। |
टाटा मोटर्स के लिए यह सीजन अभूतपूर्व रहा। कंपनी ने 1 लाख से ज्यादा गाड़ियों की डिलीवरी दी, जिसमें से एसयूवी ने मुख्य भूमिका निभाई।
नेक्सन (Nexon): 38,000 यूनिट्स से अधिक बिकी, जिसमें 73% YoY वृद्धि हुई।
पंच (Punch): लगभग 32,000 यूनिट्स बिकी, 29% YoY वृद्धि दर्ज की गई।
इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): टाटा के ईवी पोर्टफोलियो ने 10,000 से ज्यादा डिलीवरी दी, जो दिखाता है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।
सिर्फ धनतेरस के एक दिन में 51,000 से ज्यादा गाड़ियों ने नए मालिकों का घर सजाया, जो एक दिन की बिक्री का नया रिकॉर्ड है।
बेशक कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि केवल 'पुल-फॉरवर्ड डिमांड' (यानी जिन ग्राहकों ने पहले खरीदना टाल दिया था, उन्होंने अब ख़रीदा है) का परिणाम हो सकती है, लेकिन यह आंकड़े बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। इस बड़ी बिक्री ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को वित्त वर्ष के शेष महीनों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है।
इस 'फेस्टिव बोनांजा' में सिर्फ मारुति ही नहीं, बल्कि अन्य बड़ी कंपनियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
मारुति सुजुकी की भी पॉजिशन मजबूत रही है और कंपनी ने मार्केट लीडर का खिताब बनाए रखा है।
इंडस्ट्री बॉडी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, जीएसटी दरों में कटौती और स्थानीय या स्वदेशी उत्पादों की जोरदार मांग के चलते, 2025 में दीपावली की बिक्री रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। दीपावली पर व्यापार में आई तेजी से लॉजिस्टिक्स, परिवहन, खुदरा सहायता, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 50 लाख लोगों के लिए अस्थायी रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
]]>स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की निरंतर मांग और ग्रामीण बाजारों में कारों की बिक्री बढ़ने से साल 2024 में रिकॉर्ड 43 लाख वाहन बिके। इसके साथ ही, वाहन उद्योग ने 2023 में बिके 41.1 लाख गाड़ियों की बिक्री के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। बीते साल मारुति सुजुकी, ह्यूंडई, टाटा मोटर्स, टोयोटा किर्लोस्कर और किआ जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपनी अब तक की सबसे ऊंची सालाना बिक्री दर्ज की। मारुति सुजुकी इंडिया लि. के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा, 2023 में 41,09,000 लाख वाहन बिके थे। इस आधार पर 2024 में 4.5 से 4.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
मारुति ने छह साल बाद तोड़ा रिकॉर्ड
मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कंपनी ने इससे पहले 2018 में रिकॉर्ड 17,51,919 वाहन बेचे थे। ह्यूंडई मोटर इंडिया ने भी 2024 में रिकॉर्ड 6,05,433 वाहन बेचे। टाटा मोटर्स के लिए बिक्री के लिहाज से यह लगातार चौथा सबसे बेहतर साल रहा। इस दौरान कंपनी ने 5.65 लाख गाड़ियां बेचीं। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 3,26,329 इकाई के साथ अपनी अबतक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की। किआ इंडिया ने भी छह बिक्री वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 2,55,038 वाहन बेचे।
| मारुति सुजुकी की टॉप सेलिंग कार 2024 | ||
| नं | मॉडल | यूनिट |
| 1 | वैगनआर | 1.98 लाख |
| 2 | अर्टिगा | 1.90 लाख |
| 3 | ब्रेजा | 1.88 लाख |
| 4 | स्विफ्ट | 1.73 लाख |
| 5 | बलेनो | 1.72 लाख |
| 6 | डिजायर | 1.68 लाख |
| 7 | फ्रोंक्स | 1.56 लाख |
लग्जरी वाहनों में गिरावट
लग्जरी सेगमेंट में जर्मन कंपनी ऑडी की कारों की खुदरा बिक्री 2024 में पूरे साल के दौरान एक साल पहले की तुलना में 26.6 फीसदी घटकर 5,816 इकाई रह गई। कंपनी ने 2023 में कुल 7,931 वाहन बेचे थे।
दोपहिया-वाणिज्यिक वाहनों में भी उछाल
दिसंबर, 2024 में दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी तेजी दर्ज की गई। सुजुकी मोटरसाइकिल के दोपहिया वाहनों की बिक्री 22 फीसदी बढ़कर 96,804 इकाई पहुंच गई। बजाज ऑटो ने दोपहिया व वाणिज्यिक समेत 3,23,125 वाहन बेचे। वीई कमर्शियल व्हीकल लि. ने 8,324 वाणिज्यिक वाहन बेचे। दिसंबर, 2023 में यह आंकड़ा 8,026 था।
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने जनवरी 2025 से अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने का एलान कर दिया है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग को दी जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2025 से कंपनी की कारों को खरीदने 4% तक महंगा हो जाएगा। कंपनी का कहना है कि कारों को तैयार करने एक्स्ट्रा कॉस्ट और अधिक ऑपरेशन कॉस्ट के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला करना पड़ रहा है। इस खबर के आने के बाद से कंपनी के शेयर्स में भी उछाल देखने को मिल रहा है।
मारुति सुजुकी इंडिया नवंबर 2024 में सबसे ज्यादा कार बेचने वाली कंपनी रही। कंपनी ने बीते महीने घरेलू बाजार में कुल 1,52,898 यूनिट की बिक्री की। जबकि नवंबर 2023 में ये आंकड़ा 1,41,489 यूनिट था। वहीं, कंपनी ने पिछले महीने 28,633 यूनिट एक्सपोर्ट भी कीं। कुल मिलाकर कंपनी को ओवरऑल सेल्स 1,81,531 यूनिट की रही। नवंबर 2023 में कंपनी ने कुल 1,64,439 यूनिट बेची थीं। यानी सालाना आधार पर उसे 10.39% की ग्रोथ मिली। बता दें कि कंपनी एरिना और नेक्सा डीलरशिप की मदद से कुल 17 मॉडल बेचती है।
हुंडई कार भी 25 हजार तक होंगी महंगी
हुंडई मोटर इंडिया भी जनवरी 2025 को अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देने जा रही है। कंपनी ने हाल ही में प्राइस हाइक की घोषणा की है। हुंडई अपने सभी मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करने वाली है। जानकारी के मुताबिक कंपनी 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी कर सकती है। कंपनी की तरफ से इस प्राइस हाइक का कारण इनपुट लागत में बढ़ोतरी, प्रतिकूल विनिमय दर और लॉजिस्टिक में ज्यादा खर्च बताया जा रहा है।
निसान का कार भी 2% महंगी होंगी
निसान मोटर इंडिया ने हाल ही में देश के अंदर 5 लाख यूनिट की सेल्स का माइल स्टोन पार किया है। कंपनी के लिए उसकी ऑल न्यू मैग्नाइट फेसलिफ्ट का भारतीय बाजार के साथ देश के बाहर भी पसंद किया जा रहा है। अब कंपनी अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने वाली है। कंपनी अपनी कारों की कीमतों में 2% तक का इजाफा करने वाली है। नई कीमतें जनवरी 2025 से लागू हो सकती है।
BMW भी कारों का महंगा करेगी
जनवरी 2025 से कारों की कीमतों में इजाफा करने वाली लिस्ट में अब BMW इंडिया का नाम भी शामिल है। कंपनी ने पुष्टि की है कि वो जनवरी 2025 से अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगा। कंपनी अगले साल से अपनी कारों पर वैरिएंट के हिसाब से 3% तक इजाफा करने वाली है। कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि, इसका कारण हायर ऑपरेशनल कॉस्ट हो सकती है। BMW भारतीय बजार में 2 सीरीज ग्रैन कूप, 3 सीरीज LWB, 5 सीरीज, 7 सीरीज, X1, X3, X5, X7 और M340i जैसी कारों की एक सीरीज बेचती है, जिनमें से सभी देश में लोकली तौर पर प्रोडक्शन करते हैं।
मर्सिडीज-बेंज भी बढ़ा रही कीमतें
2025 शुरू होने से पहले ही मर्सिडीज-बेंज ने आधिकारिक तौर पर कारों की कीमतों में इजाफा करने का एलान कर दिया है। कंपनी 1 जनवरी, 2025 से अपने मॉडल रेंज में कीमतों में बढ़ोतरी की करेगी। कंपनी हायर ऑपरेशनल कॉस्ट के चलते कीमतों में 3% तक का इजाफा करेगी। कंपनी के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी मटेरियल की बढ़ती लागत, मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशनेरी) के दबाव और लॉजिस्टिक्स खर्चों के कारण की जा रही है। जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट में वृद्धि हुई है।
रेलवे के जरिए वाहन आपूर्ति का हिस्सा 2014-15 में पांच प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 21.5 प्रतिशत हो गया।
देश की सबसे बड़ी कार व निर्माता कंपनी ने 2014-15 में रेलवे के जरिए 65,700 इकाइयों की आपूर्ति की थी जो 2023-24 में बढ़कर 4,47,750 इकाई हो गई।
ताकेउची ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2030-31 तक हमारी उत्पादन क्षमता करीब दोगुना होकर 20 लाख इकाई से 40 लाख इकाई हो जाएगी। हम अगले सात से आठ वर्षों करीब 35 प्रतिशत वाहनों की आपूर्ति रेलवे से करने की योजना बना रहे हैं।’’
मारुति सुजुकी ने अभी तक भारतीय रेलवे के जरिए 20 लाख से अधिक गाड़ियां भेजी हैं। वह रेलवे के जरिए 450 से अधिक शहरों में 20 जगहों पर गाड़ियां पहुंचाती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष की शुरुआत में पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के तहत मारुति सुजुकी की गुजरात सुविधा में देश की पहली ‘ऑटोमोबाइल इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ का उद्घाटन किया था।
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