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मध्यप्रदेश में ग्वालियर के ऊपर से गुजर रही मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से फिर से जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश हुई है और श्योपुर और सतना जिलों में तो लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगह बाढ़ के हालात बन गए हैं। रविवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों में बारिश हुई है। वहीं इस बीच रविवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 29 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी है।
इन जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने रविवार को अगले 24 घंटों (सोमवार सुबह 8.30 बजे तक ) के लिए जो ताजा बुलेटिन जारी किया है उसमें 29 जिलो में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में अथिभारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह जिलों में भारी बारिश की संभावना के कारण येलो अलर्ट जारी किया है।
अगले 48 घंटों में बनेगा नया सिस्टम
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी मध्यप्रदेश में अलग अलग सिस्टम एक्टिव होने से अच्छी बारिश हो रही है और ये सिलसिला अगले दो-तीन तक जारी रहेगा। मौसमी प्रणालियों की बात की जाए तो उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ समुद्र तल से बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज और उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। तो वहीं अगले 48 घंटों के दौरान ओड़िशा-पश्चिम बंगाल के तटों से दूर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
उफान पर नदिया बाढ़ के हालत
बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश सीधी में हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण डिंडौरी और मंडला में नर्मदा नदी का रौद्र रूप नजर आ रहा है। श्योपुर में कूनो नदी में बाढ़ के कारण गांवों में पानी भर गया है और गांवों में फंसे लोगों को एनडीईआरएफ की टीम ने वोट से रेस्क्यू किया है।
दैनिक मौसम रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार को दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और उडुपी के तटीय जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ‘‘भारी से बहुत भारी बारिश'' होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी बारिश'' हो सकती है। बयान में कहा गया है कि अगले दो दिनों तक तट पर ऐसी ही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है और उसके बाद धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम हो जाएगी। हालांकि, हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तरी कर्नाटक के अंदरुनी क्षेत्रों में बेलगावी जिले में तीन और चार जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की गति की हवा चलने के साथ ‘‘भारी से बहुत भारी बारिश'' होने की संभावना है।
धारवाड़ में भी ‘‘भारी वर्षा'' होने की संभावना है। पूर्वानुमान अवधि के दौरान बीदर, बागलकोट, गडग, हावेरी, कलबुर्गी, कोप्पल, रायचूर, विजयपुरा और यादगीर में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी कर्नाटक के अंदरुनी हिस्सों में, तीन और चार जुलाई को चिकमगलुरु, हसन, शिवमोग्गा और कोडागु में ‘‘भारी से बहुत भारी वर्षा'' होने की संभावना है, जबकि तीन जुलाई को कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी वर्षा'' का अनुमान है। बल्लारी, बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, चामराजनगर, चिक्कबल्लापुरा, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, कोलार, मांड्या, मैसूर, रामनगर, तुमकुरु और विजयनगर सहित अन्य जिलों में अधिकांश दिनों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ‘‘हल्की से मध्यम बारिश'' होने की संभावना है। सात जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की तीव्रता कम होने की उम्मीद है।
हालांकि, कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ‘‘हल्की से मध्यम बारिश'' कम से कम नौ जुलाई तक जारी रह सकती है। बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में आमतौर पर बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। बेंगलुरू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने निवासियों, खासकर बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने और स्थानीय परामर्शों का पालन करने की सलाह दी है। बेंगलुरू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख एन पुवियारसन ने कहा कि विभाग स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और नियमित अपडेट जारी करेगा।
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पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पंजाब, उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा देखने को मिला, जबकि सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल में भी घना कोहरा छाया रहा। वहीं, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में हल्की बारिश हुई। पहाड़ी राज्यों में पांच फरवरी तक बारिश जारी रहने वाली है। कई जगह बर्फबारी भी होगी। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तीन से पांच फरवरी के बीच हल्की बारिश होगी।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले दो दिनों के दौरान मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो जाएगी। उत्तर पश्चिम भारत में अगले चार से पांच दिनों के दौरान तापमान दो से तीन डिग्री और बढ़ने वाला है। पश्चिमी भारत के राज्यों में दो दिनों के बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट होगी। मध्य भारत में भी तापमान दो से तीन डिग्री तापमान गिरेगा। कोहरे की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में दो फरवरी को घना कोहरा देखने को मिलेगा, जबकि बिहार, ओडिशा, असम, मेघालय में तीन फरवरी तक कोहरे की स्थिति रहने वाली है।
]]>अगले सात दिन कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिम विक्षोभ की वजह से 30 जनवरी से 5 फरवरी तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
01 फरवरी से 5 फरवरी के बीच उत्तराखंड और 31 जनवरी से 5 फरवरी के बीच पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में बारिश का अनुमान है। 3 से 5 फरवरी के बीच उत्तर प्रदेश, राजस्थान में छिटपुट से मध्यम बारिश हो सकती है।
असम में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इस वजह से 30 और 31 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर असम, नागालैंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट
31 जनवरी को पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी हिस्सों में घना कोहरा देखने को मिलेगा।
1 फरवरी तक उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
2 फरवरी तक बिहार, ओडिशा, असम और मेघालय में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है।
अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस का इजाफा होगा।
यहां भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 30 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। 30 और 31 जनवरी को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होगी। केरल और माहे में दो फरवरी तक बरसात का सिलसिला जारी रहेगा।
पिछले 24 घंटे में कहां पड़ा घना कोहरा?
पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, सौराष्ट्र और कच्छ में घना कोहरा पड़ा। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी राजस्थान, असम और मेघालय में हल्के से मध्यम स्तर तक कोहरा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के बरेली, शाहजहांपुर, प्रयागराज, बलिया, आजमगढ़ में शून्य दृश्यता दर्ज की गई। गोरखपुर में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही।
IMD ने चेतावनी दी है कि 29 जनवरी से 1 फरवरी तक लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय रहकर मौसम तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इन दोनों विक्षोभों की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। IMD ने कहा, "दोनों पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में 29 जनवरी से 2 फरवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा/बर्फबारी हो सकती है, जबकि 30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आसपास के मैदानी इलाकों में छिटपुटबारिश होने की संभावना है।" मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस बारिश से तापमान में बहुत अधिक कमी नहीं हो सकेगी और थोड़े अंतराल के बाद फिर से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी होती रहेगी।
क्यों बढ़ रहा तापमान
मौसम विभाग के मुताबिक, दिन का तापमान मुख्य रूप से साफ आसमान की वजह से बढ़ रहा है। प्रदूषण का स्तर भी कम है और सूरज की गर्मी सतह तक पहुंच पा रही है। इससे तापमान में हालिया इजाफा हुआ है। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली बारिश और बर्फबारी से तापमान में केवल मामूली गिरावट की उम्मीद है। उन्होंने ये भी बताया कि केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के आस-पास के इलाकों में सोमवार से पूर्वोत्तर मानसून की बारिश बंद हो गई है लेकिन पूर्वी लहर के प्रभाव में 30 जनवरी से 01 फरवरी के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और 31 जनवरी को केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने बताया कि जनवरी में पूरे देश में 67% बारिश की कमी है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 76% और मध्य भारत में 95% कमी है।
मैदानी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले एक-दो दिन तक पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान में शीतलहर का दौर जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश ,बिहार, झारखंड, गंगीय बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में सुबह और रात में हल्का कोहरा से भारी कोहरा तक रह सकता है। कुछ जगहों पर भारी कोहरे का भी अलर्ट है। IMD ने 28 से 31 जनवरी तक असम, मेघायल में भी कोहरे के आसार जताए हैं।
कश्मीर में दिन में गर्मी, रात में ठंड
इस बीच,कश्मीर में शुष्क मौसम के कारण दिन में गर्मी और रात में ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने 29 जनवरी से बारिश होने का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने कहा कि श्रीनगर में रविवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे था। दक्षिण कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविरों में से एक पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात तापमान शून्य से 7 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा था। उत्तरी कश्मीर के पर्यटक स्थल गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात यह शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे था। काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे, पंपोर शहर के कोनीबल में शून्य से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे, कुपवाड़ा में शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे और कोकेरनाग में शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।मौसम विभाग ने 29 जनवरी की शाम तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान जताया है।
राजस्थान में शीतलहर जारी
हालांकि, राजस्थान के कई हिस्सों में शीतलहर का दौर जारी है जहां बीते चौबीस घंटे में सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बीते चौबीस घंटे में राज्य में अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम तापमान संगरिया और सीकर में 1.4 डिग्री सेल्सियस, लूणकरणसर में 2.7 डिग्री, नागौर में 2.8 डिग्री, करौली में 2.9 डिग्री और पिलानी में 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के एकमात्र पर्वतीय स्थल माउंट आबू में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य की राजधानी जयपुर में इस दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 26.2 डिग्री व 8.3 डिग्री रहा। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)
आरएमसी ने स्पष्ट किया कि इस मौसम के चक्रवाती तूफान में विकसित होने की उम्मीद नहीं है। विभाग के बयान में कहा गया है कि थोड़े समय के सूखे के बाद उत्तरी तमिलनाडु में बारिश वापस आ रही है। पूर्वानुमान में 27 और 28 नवंबर को 24 घंटों के भीतर 6 से 12 सेमी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। 26 नवंबर को कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में भारी बारिश की उम्मीद है, इसके बाद 27 और 28 नवंबर को पूरे उत्तरी तमिलनाडु में व्यापक रूप से भारी बारिश होगी। कुड्डालोर और रामनाथपुरम जिलों में भी 27 नवंबर को भारी बारिश होगी, जिससे इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आरएमसी ने 26 नवंबर को तमिलनाडु के छह जिलों और कराईकल क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट और चार जिलों और पुडुचेरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विल्लुपुरम और मयिलादुथुराई जिले 26 नवंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट पर हैं, जबकि तिरुवल्लूर से नागपट्टिनम सहित 10 जिले भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट पर हैं।
पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के बाद से, चेन्नई में 55 सेमी बारिश दर्ज की गई है, जो 2 प्रतिशत की मामूली कमी को दिखाता है। पूरे तमिलनाडु में 33 सेमी बारिश हुई है, जो औसत से 5 प्रतिशत अधिक है। मौसम अधिकारियों ने कहा कि 27 और 28 नवंबर को चेन्नई में भारी बारिश से बारिश की कमी दूर हो सकती है और शहर में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि, तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में भारी बारिश सांबा धान किसानों के बीच चिंता का विषय है।
वहीं मयिलादुथुराई, तंजावुर, तिरुवरुर और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश हो रही है, जिससे गंभीर बाढ़ और जल जमाव हो रहा है। पिछले दो दिनों में सेम्बनारकोइल, मयिलादुथुराई में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तिरुवरुर जिले में, नन्निलम में 59 मिमी और नीदमंगलम में 47.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश और जलभराव से इन जिलों में सांबा की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है, जहां बड़े क्षेत्रों में धान की खेती की जाती है। वहीं तमिलनाडु में 17 अक्टूबर को मानसून शुरू होने के बाद से लगातार बारिश हो रही है। राज्य भर में लगभग 90 जलाशय 60 प्रतिशत से अधिक भरे हुए हैं।
जलाशयों में वर्तमान में 143.804 टीएमसीएफटी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी है, जो उनकी कुल क्षमता 224.297 टीएमसीएफटी का 64.11 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार दर्शाता है जब भंडारण स्तर 79.514 टीएमसीएफटी (35.58 प्रतिशत) था।
महत्वपूर्ण जल स्रोत मेट्टूर जलाशय का भंडारण स्तर 62,140 टीएमसीएफटी है, जो 2023 की तुलना में 384 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह भवानीसागर जलाशय में 21,141 टीएमसीएफटी दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 210 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
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अगले सात दिनों के मौसम के बारे में बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे में दो से चार नवंबर और साउथ इंटीरियर कर्नाटक और लक्षद्वीप में दो नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, कुछ इलाकों में बिजली कड़क सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार में पांच नवंबर को तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान औसत से दो से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक मिनिमम टेम्प्रेचर औसत से ज्यादा रहेगा। इसके अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा में दो से छह डिग्री सेल्सियस तक तापमान औसत से ज्यादा रहने की संभावना है।
तीन से सात नवंबर के बीच में उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। पिछले 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में थोड़ी से गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 14-19 डिग्री सेल्सियस के बीच है। हालांकि, आने वाले दिन में आसमान पूरी तरह से क्लियर रहेगा और 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
]]>इन क्षेत्रों के अलावा, ओडिशा, कोंकण, गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, केरल, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, लक्षद्वीप और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 88 वर्षों में सबसे अधिक वर्षा हुई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार 27 जून को सुबह 8:30 बजे से शुक्रवार 28 जून को सुबह 8:30 बजे तक 228 मिमी वर्षा हुई। यह जून के महीने में दिल्ली में 24 घंटे की सबसे अधिक वर्षा है। 1936 में जून महीने में 24 घंटे में 235.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की वैज्ञानिक सोमा सेन ने शनिवार को कहा कि अगले दो दिनों में दिल्ली में भारी वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट
सेन ने कहा, "आने वाले दिनों में उत्तर भारत में बारिश बढ़ने की उम्मीद है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मॉनसून आगे बढ़ गया है और अगले 2-3 दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी छा जाएगा। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूरे मध्य भारत में भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश और असम में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कल तक पश्चिमी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बारिश बढ़ जाएगी। उत्तर भारत के राज्यों में भी भारी बारिश होगी। हमने अगले दो दिनों में दिल्ली में भारी बारिश की घोषणा की है।"
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-आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि अगले 4-5 दिनों में केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होगी। पूरे भारत में मानसून के आगे बढ़ने की स्थितियां भी अनुकूल मानी गईं।
-जबकि बारिश ने दिल्ली और अन्य उत्तर-पश्चिमी राज्यों के बढ़ते तापमान से राहत दी है, डेक्कन हेराल्ड के अनुसार भारी बारिश के कारण केरल के 9 जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल तैनात किया गया है।
– रिपोर्ट के अनुसार, केरल में बारिश जल्दी शुरू हो गई है और पिछले महीने में बारिश से संबंधित दुर्घटनाओं के कारण 11 मौतें हुई हैं।
-आईएमडी ने तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, कोंकण और गोवा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश होगी।
-आईएमडी के अनुसार, बारिश के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में हवा के तेज झोंके भी आने की संभावना है।
-उत्तर पश्चिम भारत में भीषण गर्मी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में उच्च तापमान बना हुआ है, उरई (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
-दिल्ली-चंडीगढ़-हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के कुछ इलाकों में अभी भी अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। आईएमडी का अनुमान है कि लू की स्थिति आखिरकार 23 से 25 जून के बीच समाप्त हो जाएगी। हालांकि पिछले कुछ दिनों में हल्की आंधी और हवाओं के कारण दिल्ली के तापमान में कमी आई है, लेकिन सफदरजंग में तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है।
-केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि देश में हीटवेव से 114 मौतें हुई हैं और लगभग 41,984 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं।
]]>बृहन्मुंबई नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि सोमवार की रात हुई बारिश से शहर में कोई भी बड़ा जलभराव होने की खबर नहीं है। यातायात सामान्य है। कुछ स्थानों पर आवाजाही धीमी हुई है। उप नगरीय रेल सेवाएं कुछ विलंब से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटे के भीतर द्वीपीय शहर में 37.74 मिमी, पूर्वी मुंबई में 17.13 मिमी और पश्चिमी मुंबई में 12.39 मिमी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार की सुबह आसमान बादलों से घिरा रहा, लेकिन शहर के अधिकतर हिस्सों में बारिश नहीं हुई। मालूम हो कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून की सामान्य तिथि से 2 दिन पहले 9 जून को मुंबई पहुंचा।
अगले 7 दिनों के दौरान इन राज्यों में होगी बारिश
आईएमडी के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश होने वाली है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ वर्षा होगी। इनमें से कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बरसात होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा, '10 से 14 जून के बीच पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। 10, 13 और 14 जून को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बदरा बरस सकते हैं। 11 से 14 जून तक असम, मेघालय, बंगाल और सिक्किम में और 13 और 14 जून को अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है।'
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