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पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक हुई
भोपाल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, जनपद एवं जिला पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कई जिलों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। जिन स्थानों पर पोर्टल पर अपडेट शेष हैं, वहां शीघ्र फील्ड निरीक्षण एवं पोर्टल अद्यतन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी भवनों की प्रगति समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करें। मनरेगा अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री पटेल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से आरबीआई स्तर की तकनीकी अड़चनें दूर कर एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं।
मंत्री पटेल ने ग्राम रोजगार सहायकों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तर पर लंबित वेतन एवं सेवा संबंधी मामलों की सूची तैयार कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप-यंत्रियों से संबंधित वेतन, नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मंत्री पटेल ने कहा कि EPF/NPS जैसे मुद्दों पर श्रम मंत्रालय एवं वित्त विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त कर नीति स्तर पर आवश्यक सुधार शीघ्र किए जाएंगे।
बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी पोर्टल अपडेट, भुगतान प्रक्रियाएं और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दे समय-सीमा में करें, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे। मंत्री पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जाएं। उप-यंत्रियों के ज्ञापन बिंदुओं पर विभागीय समन्वय स्थापित कर नीति सुधार किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक बिंदु की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद, संचालक पंचायत छोटे सिंह एवं मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह और अधिकारी उपस्थित रहे।
]]>केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने श्री पटेल को पत्र लिखकर डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश की तारीफ़ करते हुए राज्य में संचालित समस्त वॉटरशेड परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया था। अपने पत्र में उन्होंने इन परियोजनाओं से किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलने के साथ-साथ भूमि क्षरण की समस्या का समाधान होने की बात लिखी थी। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने इसके जरिए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलने की संभावना भी जताई थी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने पत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री श्री चौहान को आश्वस्त किया कि राज्य में वॉटरशेड परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा।
मध्यप्रदेश को 8 अतिरिक्त वॉटरशेड परियोजनाओं की स्वीकृति
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के तहत मध्यप्रदेश को जल संसाधन प्रबंधन और कृषि सुधार के लिए 8 अतिरिक्त वॉटरशेड परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 39,632 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र सिंचित होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 के तहत, वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक देशभर में वॉटरशेड विकास घटक को लागू किया जा रहा है। अब तक भूमि संसाधन विभाग ने 1150 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे 50.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिल रहा है। मध्यप्रदेश को पूर्व में 85 परियोजनाओं के लिए 1121.27 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें 5.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र शामिल था। मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से इन परियोजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, जिससे राज्य के किसानों को सतत सिंचाई सुविधाएं और आजीविका के नए अवसर मिल सकेंगे।
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मध्य प्रदेश में चल रही बाबा बागेश्वर की हिंदू एकता पदयात्रा जहां हर दिन बड़ा रूप लेती जा रही है, वही अपार जनसमर्थन के बीच अब देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग भी तेज हो गई है. इस यात्रा के मुखिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री इस मांग को खुद उठा रहे हैं तो उनकी इस मांग के समर्थन में भी लोग आ रहे हैं.
इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में एमपी सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बाबा बागेश्वर की मांग के पक्ष में खड़े हो गए हैं. दमोह पहुंचे मंत्री प्रहलाद पटेल ने उनकी इस यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है.
बाबा बागेश्वर की यात्रा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बड़ी यात्रा करार दिया है. उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री बड़े संत हैं. उनके अनुयायी भी बहुत हैं. सनातनी होने के नाते वो यात्रा से खुश हैं. हिंदू राष्ट्र की मांग पर पटेल ने साफ कहा कि यदि हमारे साधु संत ऐसी मांग करते हैं तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए बल्कि हर हिंदू को गर्व होना चाहिए.
ओरछा तक जाएगी बाबा की यात्रा
दरअसल, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पिछले कुछ दिनों से 'हिंदू एकता यात्रा' पर हैं. मध्य प्रदेश में चल रही इस यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं. यह यात्रा बागेश्वर धाम से ओरछा तक जाएगी.
जगह-जगह यात्रा का स्वागत
बाबा बागेश्वर की इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है. उनकी हिंदू एकता यात्रा जहां से भी गुजर रही है, वहां घरों के सामने लोग फूलों की वर्षा कर रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने को लोग यात्रा मार्ग पर बेताब दिखाई देते हैं. इस यात्रा में जगह-जगह महिलाएं उनकी आरती कर रही हैं तो यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए खाने पीने की भी व्यवस्था की जा रही है. इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है.
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