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कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि कर दी है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि हमले में 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें हवाई अड्डे के कर्मचारी और यात्री शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में हवाई अड्डे की सुविधाओं और राजनयिक मिशनों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।
इंडियन एंबेसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'कुवैत स्थित भारतीय दूतावास आज कुवैत के हवाई अड्डे पर हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त करता है। दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है और कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर मृतक के परिवार और घटना में घायल हुए लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए समन्वय स्थापित किए हुए है।'
कुवैत ने जताई कड़ी नाराजगी
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से उनकी जमीन पर क्रूर हमले किए हैं। ईरान के इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। बयान के अनुसार, इन हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
कुवैती विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान के इन हमलों को पूरी तरह खारिज करता है। इस तरह की घटनाएं ना केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 2026 के सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का भी उल्लंघन हैं। कुवैत की संप्रभुता, सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा रेड लाइन है, जिसे किसी भी हालत में पार नहीं किया जा सकता।
कुवैत देगा ईरान को जवाब!
कुवैत सरकार ने इन हमलों का जवाब देने के लिए संभावित उपायों पर विचार करने की बात कही है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर ध्यान देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है। कुवैती रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।
कुवैत पर हमलों के समय ही बुधवार सुबह को बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी चेतावनी सायरन बजाए जाने की जानकारी दी है। गृह मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को एक चेतावनी सायरन बजाया गया जिसमें नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सुरक्षा संबंधी आधिकारिक निर्देशों को पालन करते हुए करीब सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई।
]]>कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि कर दी है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि हमले में 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें हवाई अड्डे के कर्मचारी और यात्री शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में हवाई अड्डे की सुविधाओं और राजनयिक मिशनों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।
इंडियन एंबेसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'कुवैत स्थित भारतीय दूतावास आज कुवैत के हवाई अड्डे पर हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त करता है। दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है और कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर मृतक के परिवार और घटना में घायल हुए लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए समन्वय स्थापित किए हुए है।'
कुवैत ने जताई कड़ी नाराजगी
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से उनकी जमीन पर क्रूर हमले किए हैं। ईरान के इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। बयान के अनुसार, इन हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
कुवैती विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान के इन हमलों को पूरी तरह खारिज करता है। इस तरह की घटनाएं ना केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 2026 के सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का भी उल्लंघन हैं। कुवैत की संप्रभुता, सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा रेड लाइन है, जिसे किसी भी हालत में पार नहीं किया जा सकता।
कुवैत देगा ईरान को जवाब!
कुवैत सरकार ने इन हमलों का जवाब देने के लिए संभावित उपायों पर विचार करने की बात कही है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर ध्यान देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है। कुवैती रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।
कुवैत पर हमलों के समय ही बुधवार सुबह को बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी चेतावनी सायरन बजाए जाने की जानकारी दी है। गृह मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को एक चेतावनी सायरन बजाया गया जिसमें नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सुरक्षा संबंधी आधिकारिक निर्देशों को पालन करते हुए करीब सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई।
]]>खबर के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी टेलीविजन पर दिए गए एक बयान में कहा कि जहाज फारस की खाड़ी के उत्तर में एक मिसाइल से टकराया था और अभी उसमें आग लगी हुई है। हालांकि, इस घटना की अभी अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरी तरह से कब्जा किया हुआ है और चीनी जहाज के अलावा किसी को भी वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी हुई है। इससे पहले भी ईरान ने कई अन्य तेल टैंकरों पर भी हमला किया था।
इससे पहले, ईरान ने गुरुवार सुबह इजरायली और अमेरिकी बेस पर हमलों की एक नई लहर शुरू की और धमकी दी कि अमेरिका को हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला करने का बहुत पछतावा होगा। एक धार्मिक नेता ने ट्रंप का खून मांगा, जबकि इजरायल ने कहा कि उसने तेहरान पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू कर दिया है। इजरायल ने कई आने वाले मिसाइल हमलों की घोषणा की और तेल अवीव और यरुशलम में हवाई सायरन बजाए गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि और हमलों में अमेरिकी बेस को भी निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरान के समर्थन वाले हिज्बुल्लाह मिलिटेंट ग्रुप पर टारगेटेड हमले किए, जो ईरान की राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की एक बड़ी लहर है, लेकिन उसने ज्यादा जानकारी नहीं दी। थोड़ी देर बाद तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए।
बता दें कि अमेरिकी नेवी ने मंगलवार रात हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS डेना को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए, जिसे ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को समुद्र में ज़ुल्म बताया। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को युद्ध शुरू किया है, जिसमें ईरान की लीडरशिप को टारगेट किया गया और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला गया। अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा लोग, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। इसने दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट डाली है, इंटरनेशनल शिपिंग में रुकावट डाली है और मिडिल ईस्ट में लाखों यात्री फंस गए हैं।
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इजरायल पर अचानक 180 से ज्यादा मिसाइलें दागकर ईरान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. ईरान के इस कदम से पूरा मिडिल ईस्ट जंग के मुहाने पर खड़ा हो गया है. चिंता की बात यह है कि इजरायल ने अब तक ईरान पर कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है, जिससे इजरायल के मंसूबों का पता नहीं चल पा रहा है.
इजरायल पर किये गये मिसाइल अटैक को ईरान भले ही दुनिया के सामने बड़े एक्शन के तौर पर पेश कर रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि ईरानी हमले से इजरायल को कुछ खास नुकसान नहीं पहुंचा है. इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर दिया. इन हमलों में सिर्फ एक शख्स की मौत हुई और वह भी इजरायली नहीं, बल्कि फिलिस्तीनी नागरिक था.
जेरिको शहर में आकर लगी मिसाइल
ईरानी मिसाइल से जिस शख्स की मौत हुई उसका नाम समेह अल-असाली था, जो पेशे से मजदूर असाली की मौत फिलिस्तीन के जेरिको शहर के पास पश्चिमी तट के नुइमा गांव में हुई. जिस समय (रात) उसे मिसाइल लगी, वह सड़क पर टहल रहा था. दरअसल, जेरिको, फिलिस्तीन के पश्चिमी तट पर स्थित एक शहर है. जेरिको जॉर्डन घाटी में बसा है, जिसके पूर्व में जॉर्डन नदी और पश्चिम में यरुशलम है.
चार फिलिस्तीनी घायल भी हुए
जेरिको के गवर्नर हुसैन हमायल ने एजेंसी को बताया कि रॉकेट के टुकड़ा सीधे फिलिस्तीनी मजदूर के ऊपर गिर गया, जिसमें गाजा पट्टी के जबालिया का रहने वाले समेह अल-असाली की मौत हो गई. रॉकेट के कुछ टुकड़े लगने से 4 फिलिस्तीनी घायल भी हो गए. जानकारी के मुताबिक तीन बच्चों का पिता अल-असली गाजा के उन हजारों मजदूरों में से एक था, जिनके पास इजरायली वर्क परमिट था.
इजरायली राजदूत ने हमले पर क्या कहा?
बता दें कि ईरान के हमले के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रेवेन अजार इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें अजार ने कहा कि ईरान ने 181 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें प्रत्येक में 700 से 1,000 किलोग्राम तक विस्फोटक भरा हुआ था और उससे बड़ा नुकसान हो सकता था.
हमले के बाद जो बाइडेन ने क्या कहा?
ईरान के मिसाइल अटैक के बाद दोनों मुल्कों में तनाव कम करने के लिए G7 देश एक आपात बैठक कर चुके हैं. इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह इजरायल का साथ दे रहे हैं, लेकिन अगर इजरायल ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करता है तो अमेरिका इसमें उसका साथ नहीं देगा.
कैसे फेल हुईं ईरान की मिसाइलें?
इजरायल का दावा है कि ईरान की 181 मिसाइलों में से 90 फीसदी फेल हो गईं. इसकी वजह इजरायल के 3-3 सुरक्षा चक्र हैं, जो कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं. जिन्होंने एक बार फिर अपना लोहा साबित कर दिया है. पहला मिसाइल डिफेंस सिस्टम आयरन डोम है. जो 152 किलो मीटर के दायरे में और 12 किलो मीटर ऊंचाई के अंदर आने वाले रॉकेट को मार गिराता है. दूसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम डेविड्स स्लिंग है, जिसकी रेंज 301 किलो मीटर है. जो 49 किलो मीटर की ऊंचाई के अंदर आने वाले खतरे को तबाह करने की क्षमता रखता है. तीसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम द एरो सिस्टम है. जो पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर ही मिसाइल को ध्वस्त कर देता है. इस तरह इजरायल के तीन-तीन सुरक्षा चक्र ने उसे एक बार फिर बचा लिया.
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