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उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति का असर देखने को मिला है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक दिन का डीएम, सीडीओ, एसडीएम और एसपी बनाया गया। इस दौरान बेटियों ने शिकायतों को सुन त्वरित निस्तारण भी किया।
लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप ‘मिशन शक्ति’ और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार की आठवीं की छात्रा अग्रिमा धवन ने डीएम की कुर्सी संभाली। एक दिन की डीएम अग्रिमा ने जनसुनवाई के दौरान सब्जियों के दाम कंट्रोल करने के निर्देश दिये। इसके अलावा जिले की सभी सातों तहसील क्रमश: लखीमपुर में भाव्या सिंह, गोला में स्मृति सिंह, पलिया में निधि गुप्ता, धौरहरा में अनन्या रस्तोगी, निघासन में अनुष्का पटेल, मोहम्मदी में नन्दिनी गुप्ता, मितौली में खुशबू राठौर ने सांकेतिक रूप से एसडीएम की भूमिका अदा की।
जौनपुर के डीएम दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि इंटर में जिले की टॉपर सजल गुप्ता ने डीएम की कुर्सी संभाली। उन्होंने 87 मामलों की सुनवाई कर 14 मामलों का निस्तारण किया। मिर्जापुर की डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि मेधावी छात्रा शिवांशी द्विवेदी को डीएम और लक्ष्मी रतन मौर्य को सीडीओ बनाया गया। बेटियों ने महिला संबंधी मामलों के निस्तारण में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिये।
गाजीपुर डीएम आर्यका अखौरी ने बताया कि हाईस्कूल की मेधावी छात्रा प्रियंका कुशवाहा को एक दिन का डीएम बनाया गया। उन्होंने जनता दर्शन में समस्याएं सुनकर कार्रवाई के निर्देश दिये। शामली डीएम अरविंद चौहान ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत जिले की इंटर की टॉपर आकांक्षा को डीएम बनाया गया। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों को सुनकर निस्तारण के निर्देश दिये। सीतापुर डीएम अभिषेक आनंद ने बताया कि बेटी अर्पिता सिंह को एक दिन का डीएम, प्रतीक्षा सिंह को एसपी, संध्या मिश्रा को सीडीओ बनाया गया। बेटियों ने जनसुनवाई कर समस्या का निस्तारण किया।
महाराजगंज के डीएम अनुनय झा ने बताया कि अष्टमी पर हाईस्कूल की जिले की टॉपर निधि यादव को एक दिन का डीएम बनाया गया। उन्होंने 8 शिकायतें सुनीं और एक का तुरंत निस्तारण किया। जिलाधिकारी न्यायालय का दौरा कर निधि ने मुआवजे से संबंधित मामलों को देखा। एनएच हाईवे के मुआवजे को तेजी से वितरित करने के निर्देश दिये। इसके अलावा बृजमनगंज ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। महराजगंज एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि गोल्डी को एक दिन का एसपी बनाया गया। एसपी गोल्डी ने 5 शिकायतें सुनकर दो का तुरंत निस्तारण किया। उन्होंने अधिकारियों को महिला संबंधी मामलों में लापरवाही न करने के निर्देश दिये। इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।
श्रावस्ती डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि कक्षा-12 की रश्मि कसौधन को एक दिन का डीएम, प्राची तिवारी को एडीएम और रीना को एसडीएम बनाया गया। डीएम रश्मि ने डाक फाइलों पर हस्ताक्षर किये और जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं को सुना। एसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि कक्षा-11 की मेधावी छात्रा सरिता कुमारी को एक दिन का एसपी बनाया गया। इसी विद्यालय की लक्ष्मी को एएसपी बनाया गया। एसपी सरिता ने भवानीनगर थाना को एक मामले में इंस्पेक्टर को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये। इस पर एफआईआर दर्ज की गयी।
ललितपुर डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि कक्षा-9 की बेटी शिवानी राजपूत को डीएम बनाया गया। तहसील की बेटियों को एसडीएम बनाकर जनसमस्याओं का निस्तारण कराया गया। बेटियों ने 114 जन समस्याएं सुनीं और 27 का मौके पर निस्तारण किया। झांसी डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि छात्रा अदिति साहू को डीएम बनाया गया। वहीं रामपुर डीएम जोगिंदर सिंह ने बताया कि कक्षा 10 की मेधावी कामिनी गंगवार को एक दिन का डीएम बनाया गया। उन्होंने जनसुनवाई की। ब्लॉक का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति जानी और अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। कासगंज डीएम मेधा रूपम ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत टॉपर भूमिका को एक दिन की डीएम बनाया गया। डीएम भूमिका ने संपूर्ण समाधान दिवस पर तहसील कासगंज में लोगों की समस्याएं सुनकर निस्तारण किया।
लखीमपुर खीरी में कन्या पूजन शक्ति वंदन समारोह हुआ। इसमें परिषदीय विद्यालयों की 1100 बेटियों का कन्या पूजन किया गया। उन्हें उपहार से भरा बैग (टिफिन, बोतल, स्टील की प्लेट, दीवार घड़ी एवं एनीमिया चार्ट) भेंट किया गया। 6 माह की 11 बालिकाओं को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इन बेटियों को गर्म कपड़े और हाइजीन किट भी प्रदान की गई। डीएम शक्ति नागपाल ने कहा कि कन्याओं को मदद की नहीं बल्कि मौके की जरूरत है। इसी तरह गोंडा में “शक्ति सारथी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत 1000 पिंक कलर के ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इनका उपयोग 90 फीसदी से अधिक महिलाओं द्वारा किया जाएगा। डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में 108 कन्याओं का पूजन और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 9 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
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यूपी में चल रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 7,500 छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारी बनाया जाएगा. इसके लिए हर जिले से 100-100 छात्राओं का चयन किया जाएगा. इसके जरिए उनमें जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता का विकास किया जाएगा.
यूपी के कैबिनेट मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव देना और उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व गुणों का विकास करना है. चयनित बालिकाएं डीएम, सीडीओ, बीएसए, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, डीआईओएस जैसे पदों पर एक दिन के लिए कार्य करेंगी. कासगंज की टॉपर भूमिका और संभल की शालू पहले ही इस योजना के तहत एक दिन की जिलाधिकारी बन चुकी हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया. सरकार का यह प्रयास बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में उनके योगदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
छात्राओं में आएगा लीडरशिप का भाव
उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया में उन बालिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अपनी निपुणता के लिए जानी जाती हैं और जिनमें लीडरशिप के गुण निखर कर सामने आ रहे हैं. इस कार्यक्रम में सभी जाति, वर्ग और श्रेणियों की बालिकाओं को समान अवसर प्रदान किया जाएगा. मिशन शक्ति के माध्यम से सरकार की यह पहल उन बालिकाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो अपनी नेतृत्व क्षमताओं को पहचानना चाहती हैं और समाज में बदलाव लाने की आकांक्षा रखती हैं.
छात्राएं करेंगी लोगों की समस्याओं का निस्तारण
इस योजना के तहत चुनी गईं छात्राएं एक दिन के लिए सरकारी अधिकारियों की भूमिका निभाएंगी. वे न सिर्फ लोगों की समस्याओं की सुनवाई करेंगी, बल्कि उनके निस्तारण में भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगी. यह अनुभव उन्हें निर्णय लेने की क्षमता और सामर्थ्य को निखारने में मदद करेगा, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा.
शालू-भूमिका बन चुकी हैं एक दिन की डीएम
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद संभल जिले के बहजोई स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा शालू और कासगंज जिले की टॉपर छात्रा कुमारी भूमिका को एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से जिलाधिकारी बनाया जा चुका है. इस दौरान शालू ने मिशन शक्ति की बैठक का सफलतापूर्वक संचालन किया, अधिकारियों का परिचय लिया और मिशन शक्ति के कार्यों की रूपरेखा पर निर्देश दिए थे तो कासगंज की टॉपर भूमिका ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-5 के तहत कासगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक दिन का जिलाधिकारी बन जनसमस्याओं की सुनवाई की और उनके समाधान के निर्देश दिए.
इन छात्राओं को भी मिल चुका है अवसर
इसी तरह से चित्रकूट स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा मनोरमा पटेल को भी एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) बनाया गया था. मनोरमा ने इस दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और विभिन्न मामलों की समीक्षा की. इसके अलावा केजीबीवी की बालिकाओं को मुख्य विकास अधिकारी, जिला पिछड़ा एवं कल्याण अधिकारी और खंड विकास अधिकारी के रूप में भी एक दिन का अधिकारी बनने का अवसर मिल चुका है. बता दें कि चित्रकूट जनपद के पारो नाम की छात्रा को भी एक दिन का बीएसए (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) बनाया गया था, जिस दौरान पारो ने भी इन बालिकाओं की तरह विभागीय सुनवाई जैसे कार्यों का निर्वहन किया और उनके समाधान के निर्देश दिए.
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