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तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। वजह चुनावी जीत नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपये की दौलत है। AIADMK की विधायक लीमा रोज मार्टिन को राज्य का सबसे अमीर विधायक बताया गया है। उनकी घोषित कुल संपत्ति इतनी ज्यादा है कि बड़े-बड़े उद्योगपति भी पीछे छूट जाएं। ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लीमा रोज मार्टिन ने चुनावी हलफनामे में करीब 5,863 करोड़ रुपये की नेटवर्थ घोषित की है। वह तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले की ललगुड़ी सीट से AIADMK के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनी हैं।
लीमा रोज ने इस चुनाव में करीब 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी को 2739 वोटों से हराया। दिलचस्प बात यह है कि यह उनका पहला चुनाव था और पहली ही बार में वह राज्य की सबसे चर्चित नेताओं में शामिल हो गईं।
कौन हैं लीमा रोज मार्टिन?
लीमा रोज तमिलनाडु के कोयंबटूर की रहने वाली हैं। उनके पति सैंटियागो मार्टिन देशभर में “लॉटरी किंग” के नाम से मशहूर हैं। परिवार की संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनके कारोबारी साम्राज्य से जुड़ा हुआ बताया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, लीमा रोज की घोषित संपत्ति अभिनेता विजय से भी करीब 9 गुना ज्यादा है। विजय की पार्टी TVK ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन संपत्ति के मामले में लीमा रोज उनसे काफी आगे निकल गईं। विजय ने अपनी कुल संपत्ति करीब 648 करोड़ रुपये बताई है।
परिवार के पास कितनी संपत्ति?
हलफनामे के मुताबिक, लीमा रोज के नाम पर करीब 139 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और लगभग 910 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं, उनके पति सैंटियागो मार्टिन ने 3262 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 887 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। उनके बेटे जोस डेसन मार्टिन के पास भी सैकड़ों करोड़ की संपत्ति है। बेटे ने करीब 225 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 439 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है।
सोना, चांदी और हीरे का बड़ा कलेक्शन
लीमा रोज के पास भारी मात्रा में सोना, चांदी और हीरे भी हैं। हलफनामे के अनुसार, उनके पास 19 हजार ग्राम से ज्यादा सोना, 1.31 लाख ग्राम से ज्यादा चांदी और 1217 कैरेट हीरे हैं। इसके अलावा प्लैटिनम भी घोषित किया गया है। परिवार के पास लग्जरी गाड़ियों का भी बड़ा बेड़ा है। लीमा रोज ने अपने नाम पर 10 गाड़ियां बताई हैं, जबकि उनके पति के पास BMW, Lexus जैसी महंगी गाड़ियों समेत कई वाहन हैं।
सिर्फ छठी पास हैं लीमा रोज
सबसे दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों-अरबों की मालकिन लीमा रोज की शैक्षणिक योग्यता सिर्फ छठी पास बताई गई है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी शिक्षा Class 6 तक बताई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इस बार राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK पहली बार चुनाव लड़कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई, लेकिन बहुमत से अभी दूर है। ऐसे माहौल में लीमा रोज मार्टिन की संपत्ति ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है।
बिल लाएं कि माननीय के बच्चे भी सरकारी स्कूल में जाएं
राजस्थान की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी भोपाल में हुए इस सम्मेलन के सबसे युवा विधायक हैं. छात्र राजनीति से सीधे चुनाव के मैदान में उतरे रवीन्द्र की विधानसभा का इलाका अंतर्राष्ट्रीय बार्डर से सटा हुआ है. रवीन्द्र ने सरकारी स्कूलों की बेहतरी से लेकर विधायकों के शिक्षित होने का मु्द्दा उठाया. उन्होंने कहा कि क्यों ना ऐसा बिल लाया जाए कि जो जनप्रतिनिधि हैं, उनके बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ें।
भाटी ने कहा कि छत्तीसगढ के विधायक छत्तीसगढ में ये मंग करें, मध्य प्रदेश के विधायक मध्य प्रदेश में ये बिल लाएं. भारत को विकसित करना है तो गरीब का बेटा ही सरकारी स्कूल में क्यों पढ़े. भाटी ने सवाल किया कि यहां कितने माननीय सदस्य हैं जो अपने गांव के स्कूल में जाकर ये देखते होंगे कि स्कूल में कितने मास्टर हाजिरी दे रहे हैं और कितने गैर हाजिर हैं? यहां बैठे कितने विधायकों की किसी बिल को में लाने में भूमिका थी।
भाटी ने कहा, हैरत की बात ये है कि हमें सरपंच पढ़े लिखे चाहिए, लेकिन विधायक नहीं. उन्होंने सवाल किया कि 1947 से 2047 तक विकसित भारत क्या इन जनप्रतिनिधियों के भरोसे बन पाएगा?
विधायक बोले- मैं परवाह नहीं करता कौन नाराज होगा, फ्री बीज़ बंद होनी चाहिए
मध्य प्रदेश के अटेर से कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सामने ये संकट भी रहता है कि आपने ऐसा बोला तो महिलाएँ नाराज़ हो जाएंगी. ये वर्ग नाराज हो जाएगा. मैं इसकी परवाह नहीं करता. जो सही है वो कहता हूं. और जो कहता हूं उससे मुकरता नहीं हूं. कटारे ने कहा कि आप किसी महिला के खाते में दस हजार रुपए डालकर भी उसे कैसे सशक्त बना देंगे? वह सशक्त होगी जब उसे रोजगार दीजिएगा, स्किल सिखाइए।
कटारे ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही होनी चाहिए. ज्यूडिशियरी की भी जवाबदेही होनी चाहिए. हमारी जवाबदेही है, पांच साल अच्छा काम करेंगे तो पांच साल बाद फिर मौका मिलेगा नहीं तो चले जाएंगे. उन्होंने कहा कि मैंने गूगल से फैक्ट चेक किया कि मध्य प्रदेश के 230 विधायकों की औसत आयु 58 वर्ष है. युवाओं को और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
टिकट महिला पुरुष देखकर नहीं दी जाती, जेंडर की लड़ाई छोड़ के आएं
छत्तीसगढ़ की बीजेपी विधायक भावना बोहरा ने जेंडर का मुद्दा उठाया और कहा कि राजनीति में जेंडर को लेकर महिला जनप्रतिनिधियों को अपना आकलन नहीं करना चाहिए. टिकट मिलती है तो महिला या पुरुष देखकर नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण अपनी जगह है. लेकिन आप किसी से कम नहीं हैं, ये मानकर आगे बढ़ें. और सबसे जरूरी बात आप डमी ना बन जाएं. नेतृत्व करने की आपकी क्षमता से आप आगे बढ़ेंगी. परिवार की दखलंदाजी नहीं होना चाहिए।
नशेड़ियों और अवैध धंधों के लिए फोन नहीं करूंगा: गुरवीर सिंह
वहीं राजस्थान के सादुलशहर से बीजेपी विधायक गुरवीर सिंह ने एक और गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखी है, जो युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, और वह है नशाखोरी। दरअसल गुरवीर सिंह का क्षेत्र पाकिस्तान सीमा पर है, जहां से ड्रोन के जरिए लगातार नशा गिराया जाता है। उन्होंने बताया है कि पैसे के लालच में युवा भटक जाते हैं, जिसका नुकसान गुजरात, पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर तक देखने को मिलता है। उन्होंने चिंता जताई है कि उनके क्षेत्र में 16-17 साल के बच्चे इंजेक्शन या मेडिकेटेड नशे से अपनी जान गंवा रहे हैं।
गुरवीर सिंह ने कहा कि “मैं जब विधायक बना था तो सादुलशहर की जनता के सामने पहला संकल्प गुरुद्वारा ग्रंथ साहिब के सामने लिया था कि मैं जब तक सेवा में हूं मेरा एक भी फोन किसी नशेड़ी या अवैध धंधे के लिए नहीं जाएगा। मैं उस संकल्प पर बिल्कुल अटल हूं।”
दरअसल गुरवीर सिंह ने उन परिवारों के दर्द को भी साझा किया है, जिन्होंने अपने बच्चों को नशे की वजह से खोया है। उन्होंने कहा है कि अक्सर उन्हें ऐसे फोन आते हैं, जहां विवाहित लड़कों की पत्नियां और माता-पिता मदद मांगते हैं। सूचना मिलते ही सरकार और पुलिस की तरफ से कठोर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया है कि केंद्र सरकार की ओर से एक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, और एयरफोर्स स्टेशन ड्रोन को निष्क्रिय करने पर काम कर रहे हैं, जिससे जल्द ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर नशे के खिलाफ मिलकर काम करें।
हर चुनाव लोकतंत्र की मंडी लगती है: सिद्धार्थ कुशवाह
वहीं मध्य प्रदेश के सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाह ने लोकतंत्र के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि कई बार ऐसा लगता है कि क्या 2047 तक हमारा लोकतंत्र बचेगा भी या नहीं। जिस तरह हर चुनाव में लोकतंत्र की मंडी लगाई जाती है और चुनाव जीतने के लिए असाधारण प्रयास किए जाते हैं, उसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि आने वाले चुनावों में क्या होगा।
कुशवाह ने देश के पहले वोटर, हिमाचल के शिक्षक नेगी जी का जिक्र करते हुए कहा है कि जब करोड़ों लोग वोट डालते हैं, तो वे क्या सोचकर वोट डाल रहे हैं। आज राजनीतिक दल चुनाव लड़ने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, तो आने वाले समय में क्या होगा? क्या यह लोकतंत्र व्यवसाय के रास्ते पर चल रहा है? उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने बहुत सारे जनप्रतिनिधियों को देखा है, जो हैं तो जनसेवा में, लेकिन उनका पूरा समय अपने कारोबार को खड़ा करने में लगा रहता है। घंटे-दो घंटे छोड़कर उनका पूरा ध्यान खुद को स्थापित करने में लगा रहता है, बजाय जनता की सेवा के।
]]>होली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में हुडदंगियों पर लगाम लगाने पुलिस प्रशासन लगातार नशे के कारोबारियों और शांति व्यवस्था भंग करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं शांति पूर्ण और सौहार्द्र पूर्ण ढंग से होली का त्योहार सम्पन्न हो सके, इसके लिए दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने एक नई पहल की है।
विधायक रिकेश सेन ने होली के दिन हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने पर 21 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ऐसा करने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं। बता दें कि रिकेश सेन इसी तरह अपने अलग-अलग तरह के योजनाओं के लिए चर्चा में बने रहते हैं। वहीं शांति से होली का पर्व मनाने नई पहल की है। उन्होंने हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने की अपील लोगों से की है। वीडियो भेजने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्हें विधायक 21 हजार देकर सम्मानित करेंगे।
विधायक सेन ने साफ कहा है कि हुड़दंग मचाने वालों की खैर नहीं होगी। महिलाओं, बहनों को छेड़ने पर भी तुरंत पुलिस या विधायक कार्यालय में सूचना दें। आरोपियों को पुलिस सबक सिखाएगी। हुड़दंग मचाने वालों को साल दो साल जमानत मिलना मुश्किल होगा।
]]>छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से अवैध जीरा गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद और खनिज विभाग के अधिकारी के बीच विवाद सामने आया है. मानपुर इलाके में बिना वैध दस्तावेज के जीरा गिट्टी का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया. इस दौरान भाजपा पार्षद ने कार्रवाई न करते हुए जब्ती कार्रवाई न करने की मांग की. लेकिन अधिकारी के न मानने पर पार्षद ने विधायक और जिला अध्यक्ष से फोन पर बात कराई जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद को खनिज अधिकारी की विधायक से फोन पर बात कराते हुए देखा जा सकता है. वहीं खनिज अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, “मैं गाड़ी छोड़ नहीं सकता, केवल इतना कर सकता हूं कि जो गाड़ी एक महीने में छूटती है, उसे 15 दिन में छोड़ दिया जाए.” इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी कहा कि “सीएम से भी शिकायत कर लीजिए, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ूंगा.
]]>मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महाकाल दर्शन और राज्योत्सव पर की गई टिप्पणी पर राजनीति गरमा गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को महाकाल के दर्शन पर आपत्ति है। यही हेलीकॉप्टर हज पर जाता तो उस पर फूल बरसाते।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी पर जुबानी प्रहार करते हुए कहा, ‘जीतू पटवारी को यह सताने लगा है कि मध्यप्रदेश उत्सव क्यों मना रहा है? प्रदेश के हर जिले में उत्सव क्यों मन रहें है ड्रोन क्यों उड़ रहे है लाखो लोग उत्सव में क्यों शामिल हो रहे है। यही हेलीकॉप्टर हज जाते तो जीतू पटवारी पुष्प वर्षा कर रहे होते। मरती हुई कांग्रेस अभी भी महाकाल की महिमा नहीं समझ पा रही। महाकाल की यात्रा पर तुम्हें खर्च दिखता है हज यात्रा जाने में आनंद दिखता है। कांग्रेस की यही दृष्टि गलत है। उनकी इसी कुदृष्टि की वजह से सनातनी और हिंदुस्तानी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़कर आएंगे।’
उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल, सोनिया या प्रियंका समेत चाहे कोई भी हों, उनसे कहना चाहूंगा कि संघ का विरोध करने वाले इनके पूर्वज जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी से पूछ लो, तुम्हारे पुरखों ने 3-3 प्रतिबंध लगाया। तो भी संघ का बाल भी बांका नहीं कर पाए। आज संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। हिन्दुस्तान का जयघोष कर रहा है, कह रहा है कि हिन्दुस्तान दुनिया का विश्वगुरु बनने जा रहा है। खड़गे फालतू के सपने देखना बंद करें। आरएसएस की भावना का सम्मान करना सीखो। अपने नेताओं से आतंकवादियों की जय बोलने की प्रेरणा मत लो। संघ जैसे राष्ट्रवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात करो।’
]]>29 जुलाई को नौकरानी सुमन ने पूर्व कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में पता चला कि यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर है और उसे घर में असुरक्षित तरीके से रखा गया था। इस लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद उर्फ रज्जू यादव दास हनुमान गोशाला में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। दोनों की नजदीकियां सब्जी दुकान के पास बैठने के दौरान बढ़ीं, जहां सुमन का परिवार दुकान लगाता था। जब सुमन की मां को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने उसकी शादी कटनी निवासी एक युवक से तय कर दी।
इसके बाद सुमन और अरविंद के बीच तनाव गहराता गया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उसे दो बार मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए दबाव बनाया। 28 जुलाई को सुमन की मां ने अरविंद का दिया दूसरा मोबाइल भी जब्त कर लिया। इसके बाद घर में विवाद हुआ और सुमन पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव काफी बढ़ गया।
मां की सख्ती, प्रेमी का दबाव और तय विवाह की उलझनों के बीच मानसिक तनाव में सुमन ने अगले दिन खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर चित्रकूट पुलिस ने अरविंद की भूमिका की पुष्टि की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 107 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने एक ओर प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी पर लापरवाही से शस्त्र रखने को लेकर मामला दर्ज कर अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान युवती सुमन और पूर्व विधायक के घर के कई सदस्यों के फिंगर प्रिंट की जांच कराई थी। गौर करने वाली बात यह कि मृतका की मां ने पुलिस से कहा था कि सुमन को दो माह पूर्व दिमागी बुखार आया था जिससे वह परेशान थी।
]]>ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित हैं फ्लैट
नए 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे, जिसमें सौर ऊर्जा पैनल और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। प्रदेशभर के विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाओं युक्त नए आवास बनाने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। अरेरा हिल्स पर 159 करोड़ रुपए की लागत से ये सर्वसुविधायुक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे।
67 साल पहले बना था विश्रामगृह
1958 यानी, करीब 67 साल पहले बने विश्रामगृह में वर्तमान समय के हिसाब विधायकों की शिकायत थी कि इन भवनों में बारिश का पानी टपकने और कई जगह प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए 10 महीने पहले सरकार ने विधायकों को नए विश्रामगृह बनाने का फैसला किया था।
सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन
सोमवार को (आज) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस नए प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि इसे दो से तीन साल में पूरा करने की योजना है। नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं। यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे।
‘विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं’
भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नए दौर के नए समय में मध्य प्रदेश लगातार बढ़ रहा है. यह विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं, विधायकों के कार्यालय भी आधुनिक होना चाहिए. पहले चरण में 102 आवास बनाए जा रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में भी आधुनिक विधायक विश्राम गृह बनेंगे.
विधायक विश्राम गृह भी अच्छा बनना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज GPT और गूगल का जमाना है। ऐसे में सारे संसाधनों के साथ जब विधायक अपनी विधानसभा में बैठेंगे और विधानसभा में काम करने आएंगे, तो इस सारे तंत्र का और व्यवस्थाओं का लाभ भी लेंगे। इसलिए भोपाल में विधायक विश्राम गृह भी अच्छा होना चाहिए। हमने अपने बजट में 5 लाख रुपए देकर विधायकों के कार्यालय से आवास तक व्यवस्था बनाने की बात कही थी। हमारे बीच में नवाचार का सिलसिला कम नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह भवन 1958 में बने थे। आज नए दौर का भारत है, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हमने कल स्पेन की मंत्री का शॉल भेंट कर स्वागत किया, तो उन्होंने बड़े अचंभे से कहा कि आपके यहां महिलाएं घूंघट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के रोजगार के लिए प्रबंध कर रहे हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि ये विश्राम गृह नहीं, बल्कि सेवा ग्रह बनेगा। विजन डॉक्यूमेंट में हमारी पार्टी ने इसे शामिल किया था। दूसरे दलों की सरकारें लंबे समय रहीं, लेकिन विकास के मामले में आप सिंहावलोकन करेंगे तो शेर आगे बढ़ने के लिए एक बार पीछे मुड़कर देखता है। हम आजादी की सौवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे है, तो सिंहावलोकन जरूरी है।
तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ें विधायक वरना पीछे रह जाएंगे
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में कंप्यूटराइजेशन हो रहा है। तकनीक से जुड़कर विधायक नहीं चले, तो पीछे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब हम पहली बार विधायक बने, तो 1989 से 2000 तक बस से आते थे। उस समय रोडवेज में आगे की सीट रिजर्व रहती थी। हम इंदौर से बस से पांच घंटे में भोपाल पहुंचते थे।
उस समय कोई होता नहीं था। उस समय चार-पांच विधायकों के बीच एक कर्मचारी होता था। आज जमाना बदल गया है। आज सोशल मीडिया के लिए अलग स्टाफ है। गनमैन हर विधायक के पास है। आज समय की आवश्यकता के अनुसार नए आवास ग्रह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस बार एमपी के 8 शहर स्वच्छता में अवॉर्ड लेकर आए।
विधायक दायित्व का निर्वहन कर सकें इसलिए जरुरत पूरी हो
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, वह दायित्व का ठीक से निर्वहन कर सके, इसलिए उसकी आवश्यकता की पूर्ति होनी चाहिए। विधायक विश्राम गृह बहुत पुराना हो गया है। मैं भी एक आवास में रहता था, आज फोटो देखने पर पता चला कि वह 1958 में बना था। मेरा जन्म 1957 में हुआ था यानी उस समय मेरी घुटनों के बल चलने की स्थिति रही होगी।
उन्होंने कहा कि ये प्रकल्प पूरा होगा तो विधायक और यहां काम के लिए आई जनता को बहुत प्रसन्नता होगी। हमारा राज्य काफी बड़ा और बड़ी आबादी वाला है। राज्य को नई ऊंचाइयां देने के लिए नई चुनौतियां हैं मुख्यमंत्री जी प्रदेश को नई ऊंचाई देने के लिए लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री जी के सामने कई प्रकल्प हैं, ऐसे समय में उन्होंने विधायक विश्राम गृह को स्वीकृति दी।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में नए नवाचार किए गए हैं। आने वाले समय में ई विधानसभा में तब्दील हो जाएगी, तो विधायकों को काम में आसानी होगी। विधायक विश्राम गृह के दूसरे चरण का काम भी जल्दी शुरू होगा
18 महीने में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह
PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह 66 साल पुराना है। इसलिए नए विश्राम गृह की जरूरत महसूस हो रही थी, जहां विधायक सरकार के संकल्पों को गढ़ सकें। केवल 18 माह में ये विधायक विश्राम गृह बनकर तैयार होगा। ये अग्नि रोधी, भूकंप रोधी होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए आवास बनाने के लिए भूमिपूजन में आज सब एकत्रित हैं। इसकी बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एमपी में इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। मप्र उन राज्यों में जाना जाता है जहां पिछले कुछ सालों में सकारात्मक बदलाव हुआ है। स्वच्छता मध्य प्रदेश में जन आंदोलन बना। अब ये गति और तेज हो रही है। इस बार जब अहमदाबाद पहले नंबर पर आया, तब भोपाल दूसरे स्थान पर और जबलपुर पांचवें स्थान पर आया है।
शॉपिंग कॉम्पलेक्स टूटेगा नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं।
यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे। इस खंड में अभी 19 विधायकों को रूम अलॉट हैं, जो खाली होंगे। पुराना पारिवारिक खंड अभी पूरा आवंटित है। जिन खंडों को तोड़कर काम शुरू होगा। नए आवास ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर होंगे। सौर ऊर्जा पैनल होंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।
14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे
नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। कुल निर्मित क्षेत्र 36943 वर्ग मीटर (397654.50 वर्ग फीट) रहेगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है।
पेड़ नहीं हटेंगे
100 साल पुराने बरगद और पीपल के पेड़ ब्लॉक ए और बी के सामने सुरक्षित रहेंगे। परिसर में बच्चों का पार्क, पुलिस कंट्रोल रूम, फॉर्मल गार्डन, जनरल पार्किंग और इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन भी होंगे।
नए फ्लैट्स में क्या होगी खासियत
इस खंड में अभी 19 विधायकों को रूम अलॉट हैं, जो खाली होंगे। पुराना पारिवारिक खंड अभी पूरा आवंटित है। जिन खंडों को तोड़कर काम शुरू होगा। नए आवास ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर होंगे। सौर ऊर्जा पैनल होंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। 14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे। नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है।
100 साल पुराने पेड़ों का क्या होगा
पेड़ नहीं हटेंगे … 100 साल पुराने बरगद और पीपल के पेड़ ब्लॉक ए और बी के सामने सुरक्षित रहेंगे। परिसर में बच्चों का पार्क, पुलिस कंट्रोल रूम, फॉर्मल गार्डन, जनरल पार्किंग और इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन भी होंगे।
नए आवासों में यह सुविधाएं रहेंगी
प्रत्येक आवास स्वतंत्र हैं। इनमें प्राकृतिक वायु एवं प्रकाश और निजता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक सर्वसुविधायुक्त आवास में विधायकों के लिए कार्यालय, निजी स्टाफ, पीएसओ कक्ष एवं तीन बेडरूम का फर्नीचर सहित प्रावधान है। जिम एवं योग केंद्र एवं 80 व्यक्तियों के लिए आगंतुक कक्ष का प्रावधान है। 102 वाहनों की कवर्ड पार्किंग एवं 148 वाहनों की खुले में पार्किंग की व्यवस्था है। परियोजना में सोलर ऊर्जा प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरा, सिक्योरिटी, एसी, कार्गो लिफ्ट एवं पावर बैकअप का प्रावधान है। 3 स्टार रेटिंग के बराबर की सुविधाएं रहेंगी। व्यवस्था। दिव्यांगजनों के लिए रेंप और निर्माण क्षेत्र में आने वाले वृक्षों को अन्य स्थान पर स्थानान्तरित करने का प्रावधान है।
]]>पुलिस को यह सफलता शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे मिली जब वह छिंदवाड़ा जिले के तामिया पहुंची। आरोपी ने फिरौती की मांग भी की थी। रायसेन के एसपी पंकज कुमार पांडे ने बताया कि एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसकी निशानदेही पर बच्चे का पता चला। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
दस टीमों ने चलाया था सर्च ऑपरेशन
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की सतर्कता और तेजी काबिले तारीफ रही। IG, DIG, SP पंकज कुमार पांडे और एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे के नेतृत्व में कुल 10 टीमें बनाई गईं थीं, जो लगातार छानबीन में लगी थीं। बेगमगंज में जैसे ही बच्चा सकुशल वापस लाया गया, परिवार और स्थानीय लोगों ने खुश होकर उसका स्वागत किया।
डॉग स्क्वॉड और ड्रोन से हुई तलाशी, सीसीटीवी भी खंगाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस की कई टीमें गठित कीं. इन टीमों में खोजी कुत्ते और अत्याधुनिक ड्रोन भी शामिल रहे, जो पालोहा गांव और उसके आसपास के सघन जंगलों और खेत-खलिहानों में बच्चे की तलाश की. पुलिस ने घर के आस-पास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दिव्यम को आखिरी बार सुबह 11:02 बजे घर के पिछले आंगन में देखा गया था. यह फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बना. पुलिस ने घर के लगभग 15 नौकरों और आस-पड़ोस के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी थी.
200 किमी दूर, छिंदवाड़ा के तामिया से बच्चे को बरामद किया
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने क्षेत्र के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर नाकाबंदी कर दी और वाहनों की सघन तलाशी ली. साइबर सेल की टीम भी सक्रिय किया, फोन कॉल डिटेल तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी करते हुए सुराग तलाश किया. विधायक देवेंद्र पटेल और उनका परिवार इस घटना से गहरे सदमे में था. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द उनके पोते को ढूंढ निकालने की अपील की थी. स्थानीय लोग भी बच्चे की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे थे. तभी पुलिस को सफलता मिली. करीब 200 किमी दूर बच्चे को अपहरणकर्ताओं से सकुशल बरामद करा लिया गया. पुलिस का कहना है कि यह अपहरण फिरौती के लिए किया गया था.
कैसे हुआ अपहरण: CCTV में मिला सुराग
गुरुवार की सुबह दिव्यम को घर के आंगन में सेब खाते हुए अंतिम बार सुबह 11:02 बजे देखा गया था। वह विधायक के चचेरे भाई के बेटे योगेंद्र पटेल का बेटा है। इसके बाद से वह अचानक लापता हो गया। परिवार ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई। घर में लगे CCTV कैमरे की फुटेज से अपहरण की पुष्टि हुई।
डॉग स्क्वॉड और ड्रोन से हुई सघन सर्चिंग
बेगमगंज, सिलवानी और गैरतगंज थाने की पुलिस टीमें लगातार सर्च अभियान में जुटी रहीं। इस दौरान पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और ड्रोन कैमरे की भी मदद ली। विधायक देवेंद्र पटेल भी खुद मौके पर पहुंचे और पूरी रात अपने पोते की तलाश में लगे रहे।
देवेंद्र पटेल का सफर
देवेंद्र पटेल रायसेन जिले के सिलवानी विधानसभा से कांग्रेस विधायक हैं। उनका राजनीतिक सफर 2000 में कृषि मंडी चुनाव से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने पहली बार जीत दर्ज की। 2005 में वे दोबारा मंडी प्रतिनिधि चुने गए। 2008 में उन्होंने उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा और रामपाल सिंह राजपूत को हराकर विधायक बने। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हुए और जिलाध्यक्ष का पद भी संभाला।
आरोपी से होगी कड़ी पूछताछ
एसपी पंकज पांडे ने बताया कि आरोपी ने फिरौती की मांग की थी और इस आधार पर IPC की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि अपहरण की साजिश किस स्तर तक फैली थी और इसमें कौन-कौन शामिल थे।
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मध्यप्रदेश के रायसेन जिले की सिलवानी सीट से कांग्रेस के विधायक देवेंद्र पटेल के दो साल का पोता रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया है. बताया जा रहा है कि घर से ही उसका अपहरण हो गया है. जैसे ही इसकी जानकारी मिली हड़कंप मच गया है. बच्चे की पतासाजी के लिए पुलिस की टीम जुट गई है.
अपहृत बच्चे का नाम दिव्यम पटेल है और वह विधायक पटेल के चचेरे भाई के बेटे योगेंद्र पटेल का बेटा है.दिव्यम पटेल जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर बेगमगंज तहसील के ग्राम पलोहा स्थित अपने घर से गुरुवार को रहस्यमय ढंग से सुबह 11 बजे से गायब है.
पुलिस अधीक्षक पंकज पांडे ने बताया कि अपहरण की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस ने गुमशुदगी और अपहरण की धाराओं के तहत प्रकरण दर्जकर सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है.
एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि जब बच्चे के गायब होने की बात सामने आई उस समय घर पर केवल महिलाएं थीं.उन्होंने बताया कि परिवार में करीब 15 नौकर काम करते हैं. परिवार के सदस्यों के साथ ही नौकरों से भी सख्ती से पूछताछ की जा रही है.
11 बजे तक आंगन में खेल रहा था
पुलिस के मुताबिक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में बच्चा सुबह 11बजकर दो मिनट तक घर के आंगन में पीछे दिख रहा है लेकिन उसके बाद फिर वो कहीं भी नजर नहीं आया.अधिकारियों के मुताबिक जिले के विभिन्न थानों की पुलिस की टीमें आसपास के इलाकों में बच्चे का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं और इस अभियान में श्वान दस्तों के अलावा ड्रोन की भी मदद ली जा रही है.
तीन थानों की पुलिस सर्चिंग में जुटी शिकायत के बाद से ही बेगमगंज, सिलवानी और गैरतगंज थाने की पुलिस टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। पुलिस बच्चे को खोजने के लिए ड्रोन कैमरे और डॉग स्क्वॉड की मदद भी ले रही है। सूचना के बाद विधायक देवेंद्र पटेल भी मौके पर पहुंचे और तलाश में जुट गए। शाम तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
मामले में रायसेन एसपी पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि बालक के लापता होने की सूचना के बाद से ही तीन थानों की पुलिस सहित एसडीओपी मौके पर पहुंचे हैं। टीम आसपास के क्षेत्र में तलाश कर रही है। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।।
विधायक देवेंद्र पटेल का राजनीतिक सफर सिलवानी विधानसभा से वर्तमान विधायक देवेंद्र पटेल ने अपनी राजनीतिक यात्रा वर्ष 2000 में कृषि मंडी के चुनाव से शुरू की। वे 2005 में दूसरी बार मंडी प्रतिनिधि चुने गए। 2008 में उमा भारती के नेतृत्व वाली भारतीय जनशक्ति पार्टी से विधानसभा का चुनाव लड़ा और रामपाल सिंह राजपूत को हराकर विधायक बने। पटेल कांग्रेस जिलाध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं और वर्तमान में कांग्रेस से सिलवानी के विधायक हैं।
]]>उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने सदन की गरिमा और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एक विधायक ने पान मसाला खाकर सदन के हॉल में थूक दिया. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और इसे अनुशासनहीनता करार दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ' मैंने वीडियो में देख लिया है कि यह किसने किया, लेकिन किसी सदस्य का नाम नहीं लूंगा '
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आज की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले इसी मामले पर अपनी नाराजगी भी जताई. विधानसभा अध्यक्ष ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि सदन में इस तरह की हरकत बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, 'आज सुबह मुझे सूचना मिली कि हमारे विधानसभा के हाल में किसी माननीय सदस्य ने पान मसाला खाकर वहीं थूक दिया. मैं आया और उसे साफ करवाया. मैंने वीडियो में देख लिया है कि यह किसने किया, लेकिन मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता.' विधानसभाअध्यक्ष सतीश महाना ने आगे कहा कि विधानसभा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि 403 विधायकों और उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की है. इसे स्वच्छ और गरिमामय बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है.
स्वयं आकर बताएं, वरना बुलवाना पड़ेगा :
विधानसभा अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि ' जिसने यह कृत्य किया है, उसकी पहचान हो चुकी है. यदि वह स्वयं आगे आकर अपनी गलती स्वीकार कर लेता है तो ठीक, अन्यथा मुझे उसे बुलवाना पड़ेगा.' अध्यक्ष ने सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई विधायक अपने साथी को इस तरह की हरकत करते देखे, तो उसे तुरंत ऐसा करने से रोके. उन्होंने कहा "यह सदन हम सबकी मर्यादा और उत्तर प्रदेश की जनता की आस्था का केंद्र है. इसे साफ-सुथरा और सम्मानजनक बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है.
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