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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना (Mukhyamantri Teerth Darshan Yojana) का लाभ पाने के लिए अब 22 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को राज्य के बाहर निर्धारित तीर्थस्थल की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के तहत जिले वरिष्ठ नागरिकों को 13 नवंबर को रामेश्वर धार्मिक स्थल की यात्रा निर्धारित की गई हैं। 13 नवंबर को भोपाल से रामेश्वरम के लिए रवाना होने वाली ट्रेन में भोपाल के 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे, यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी। इसके अलावा नवंबर और दिसंबर में एक के बाद एक कई तीर्थ दर्शन ट्रेनें हैं जो अलग-अलग जिलों से चलेंगी। इसमें हजारों यात्रियों को फ्री में यात्रा का मौका मिलेगा।
आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 नवम्बर निर्धारित की गई थी
अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि वाराणसी (काशी) एवं अयोध्या की तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 नवम्बर निर्धारित की गई थी।
परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम हो
जो वरिष्ठजन 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं और परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के महत्वपूर्ण दिशा निर्देश
आवेदक को आवेदन पत्र को हिंदी में ही भरा जाना है।
आवेदन में एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लगानी है।
आपात स्थिति के लिए मोबाइल नंबर अंकित करना होगा।
आवेदन करते समय निवास का पता देना अनिवार्य है।
यात्रा के दौरान वरिष्ठजन को अच्छा आचरण रखना होगा।
यात्रा का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी
इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों को अयोध्या, वाराणसी और अन्य पवित्र स्थानों की तीर्थयात्रा के लिए ले जाया जाएगा। उनकी यात्रा का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
तीर्थ दर्शन के तहत यात्रा व डयूटी है …
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के तहत यात्रा 29 नवम्बर 2024 को प्रारंभ होगी।
इच्छुक वरिष्ठ नागरिकों से शहरी आवेदन नगरीय निकायों में जमा होंगे
ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदन जनपद पंचायत कार्यालय में लिए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के लिए लगाई गई डयूटी
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के लिए नगर पालिका परिषद मैहर के बालेन्द्र पाण्डेय, जनपद पंचायत के रामलाल रावत, नगर परिषद अमरपाटन के रामबाबू चौरसिया, जनपद पंचायत के मथुरा पटेल, नगर परिषद रामनगर के रामचन्द्र जायसवाल एवं जनपद पंचायत रामनगर के दिलीप सोनी की डयूटी लगाई गई है।
योजना की मुख्य विशेषताएं : सरकार द्वारा पूर्ण वित्त पोषित यात्रा का अवसर जिसमें सभी आवश्यक खर्चे शामिल हैं।
पात्रता: मध्य प्रदेश के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यात्रा सुविधाएं: सरकार परिवहन, भोजन, आवास और यहां तक कि गाइड सेवाओं जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करती है।
आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक नागरिकों को योजना के लिए औपचारिक आवेदन करना होगा। विस्तृत प्रक्रिया के लिए सरकारी वेबसाइट या नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें।
लाभ: यह योजना न केवल आध्यात्मिक संतुष्टि प्रदान करती है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को नए अनुभव और सामाजिक संपर्क का अवसर भी देती है।
तीर्थ स्थल का चयन: लाभार्थी देश में उपलब्ध किसी भी एक तीर्थ स्थल की यात्रा कर सकते हैं।
सहायक की अनुमति: 65 वर्ष से अधिक आयु के या 65% से ज्यादा विकलांग व्यक्ति अपने साथ एक सहायक ले जा सकते हैं।
यात्रा के नियम: यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ, मादक द्रव्य या बहुमूल्य आभूषण ले जाने पर प्रतिबंध है।
योजना का संचालन: इस योजना का संचालन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन के माध्यम से किया जाएगा।
]]>मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना
मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी "मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन" योजना का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है। आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं। उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी। मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी।
योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी।
योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी।
वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी।
सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी। छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।
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भोपाल
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना
मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी "मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन" योजना का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है। आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं। उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी। मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी।
योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी।
योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी।
सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी। छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।
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