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श्री बाबा नीब करोरी महाराज' के टीजर में क्या?
'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' के टीजर की शुरुआत नीम करोली बाबा के किरदार में सुबोध भावे से होती है। वह गहन मुद्रा में बैठे हैं, और फिर आवाज आती है- ये देख मैं आ गया हूं तेरे लिए। इसी दिन का इंतजार था ना तुझे? देख मैं तेरे सामने खड़ा हूं। वहीं, राजेश शर्मा को उनके हाथ जोड़ते हुए दिखाया जाता है। टीजर पर यूजर्स के भी रिएक्शन आ रहे हैं, और वो कास्टिंग की भी तारीफ कर रहे हैं।
सुबोध भावे कौन हैं?
सुबोध भावे एक एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उनका मराठी सिनेमा में खूब नाम है। साल 2000 में उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखे और 'गीत रामायण', 'अवंतिका' और 'कुलवधू' जैसे सीरियल्स किए। साल 2002 में उन्होंने मराठी फिल्मों में एंट्री की, और वहां भी अपने कदम जमा लिए। अपने अभी तक के करियर में सुबोध भावे ने कई यादगार फिल्में दी हैं, जिनमें 'मन पखारू पखारू' (2008), 'रणभूल' (2010), 'अनुमती' (2013), 'फुगे' (2017) और 'हृदयांतर' जैसे नाम शामिल हैं। इनके अलावा वह 'बालगंधर्व', 'लोकमान्य: एक युगपुरुष', 'अनी' और हर हर महादेव भी शामिल हैं। सुबोध भावे ने 'कट्यार कलजात घुसली' नाम की फिल्म से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की थी। यह 2015 में आई थी और मराठी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों में से एक रही। साथ ही इसके लिए सुबोध भावे को बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
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श्री बाबा नीब करोरी महाराज' की कास्ट
'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' में हितेन तेजवानी,राजेश शर्मा, स्मिता तांबे, गौरीशंकर, समीक्षा भटनागर, मिलिंद गुणाजी, मोहित गुप्ता, हेमंत पांडे, आरती नागपाल, वर्षा मानिकचंद, हरदीप कौर, अनिरुद्ध दवे और गरिमा अग्रवाल जैसे कलाकार हैं। इसे बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़ग सिंह गौड़ और नीलम सिंह ने प्रोड्यूस किया है। वहीं, शरद सिंह ठाकुर डायरेक्टर हैं।
कौन थे नीम करोली बाबा?
नीम करोली बाबा 20वीं सदी के महान संत थे और उन्हें हनुमान जी का सिद्ध अवतार माना जाता है। वह उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में पैदा हुए थे। तब उनका नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। सिर्फ 11 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया था, और फिर आध्यात्मिक खोज में लगे रहे। माना जाता है कि नीम करोली बाबा के पास दिव्य शक्तियां थीं, और वो हर श्रद्धालु की परेशानी को समझ जाते थे और सुलझा देते थे। कई सेलिब्रिटीज नीम करोली बाबा को मानते हैं और दर्शन करने उनके बनाए कैंची धाम जाते रहते हैं। इनमें अनुष्का शर्मा और विराट कोहली से लेकर सामंथा रुथ प्रभु और कैलाश खेर का भी नाम शामिल है।
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अंत में सब अच्छा ही होता है
जो भी होता है, वह ईश्वर की मर्जी से होता है और अंत में अच्छा ही होता है। इसलिए हमें हर परिस्थित में धैर्य और भरोसा बनाए रखना चाहिए।
जीवन को सही दिशा देने के लिए जरूरी हैं प्रेम और विश्वास
जीवन को सही दिशा देने के लिए प्रेम और विश्वास दोनों ही बहुत जरूरी हैं। इन्हीं से इंसान सही फैसले ले पाता है और आगे बढ़ता है।
हर मुश्किल को आसान बनाता है प्रेम
जिसके दिल में प्रेम होता है, उसके जीवन की राह खुद ब खुद उजली हो जाती है। प्रेम से भरा इंसान हर मुश्किल को आसान बना लेता है।
अगले पल की भी खबर नहीं
आप सौ साल की योजना तो बना सकते हैं लेकिन आप नहीं जानते हैं कि अगले पल क्या होगा।
एक जगह रुकना है परेशानी की जड़
चलता हुआ योगी और बहती हुई नदी, वहां कभी गंदगी, मैल या अशुद्धि नहीं टिकती। इसलिए जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहना जरूरी है।
सब कुछ अपने समय पर होता है
यह मत सोचो कि तुम्हें जीवन में देर हो गई है, हर फूल अपने समय पर खिलता है।
चिंता व्यर्थ है
सब कुछ आपके नियंत्रण में नहीं है, इसलिए चिंता करना छोड़ दें। जो आपके हाथ में नहीं है, उसे उसके हाथ में सौंप दें जो पूरे संसार को चला रहा है।
सत्य की हार कभी नहीं होती
सत्य कभी नहीं हारता। हो सकता है कि कुछ देर के लिए झूठ हावी हो जाए, लेकिन अंत में जीत हमेशा सत्य की ही होती है। इसलिए हर हाल में ईमानदारी और सच्चाई पर टिके रहें। यह आपको समाज में सम्मान और मानसिक शांति दोनों देगा।
सोच समझकर बोलें शब्द
मन खराब हो तो भी खराब शब्द ना बोलें। बाद में मन सही हो सकता है लेकिन बोले गए शब्द नहीं।
बहुत सीधा है कर्मों का गणित
कर्मों का गणित बहुत ही सीधा है, कर भला तो हो भला।
अहंकार का त्याग
नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है।
क्रोध पर नियंत्रण
नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है।
लालच से बचें
नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है।
ईर्ष्या से करें परहेज
नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है।
नकारात्मकता से रहें दूर
नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।
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